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Increasing Road Accidents In Uttarakhand - उत्तराखंड मे बढ़ती सड़क दुर्घटनायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 11, 2007, 09:02:40 PM

Do you think traveling in hill buses are safe & comfort ?

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Rajen

There are many factors responsible for increasing road accidents in Uttarakhand hills to name a few
poor road conditions;
poor maintenance of the vehicles particularly trucks and govt. buses;
over-loaded trucks;
unskilled drivers (particularly driving jeep taxies and trucks etc.)
drink-n-drive (most dangerous)  etc.

Rajen

पुलिस का वाहन खाई में गिरा, तीन की मौत  (Jagran yahoo) Dec 20, 01:02 am

दन्यां (अल्मोड़ा): चंपावत से कैदियों को अल्मोड़ा ला रहा उत्ताराखंड पुलिस का वाहन अंतर जनपदीय सीमा पर बाटुली के पास करीब डेढ़ सौ फिट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में कैदी समेत तीन पुलिस कर्मियों की मौके पर मौत हो गई जबकि तीन अन्य गम्भीर रूप से घायल हो गये। उन्हें पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसा नगर से करीब 25 किलो मीटर दूर भनोली तहसील में पड़ोसी जिले चंपावत की सीमा से लगे बाटुली क्षेत्र में हुआ। बताते हैं कि चंपावत से कैदियों को अल्मोड़ा ले जा रहा पुलिस का वाहन यूए-03-0941 बीती शनिवार शाम करीब आठ बजे अनियंत्रित होकर 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।

हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल इमर्जेसी 108 सेवा व तहसील मुख्यालय को इत्ताला दी। प्रभारी डीएम डीएस गब्र्याल, एसडीएम भनोली एनएस डांगी, एसडीएम लोहाघाट टीएस मर्तोलिया, एसपी राम शरण जयंत, सीओ कमल राम, तहसीलदार एनएस जीना, प्रभारी चिकित्साधिकारी धौलादेवी केसी पंत घटनास्थल पर पहुंचे।

घायलों को जैसे-तैसे बाहर निकाला गया। इनमें कैदी इंद्र बहादुर निवासी नेपाल, पुलिस का वाहन चालक नर सिंह धौनी व कांस्टेबिल पंकज सिंह तब तक दम तोड़ चुके थे। गंभीर रूप से घायल हेड कांस्टेबिल हेम चंद्र चौनलिया, कासटेबिल पप्पू राणा, कैदी मनोज सिंह अधिकारी इमर्जेसी 108 सेवा से पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।




विनोद सिंह गढ़िया

कपकोट में नदी में गिरी मैक्स, पांच की मौत

कपकोट। हल्द्वानी से शरण गांव लौट रही एक मैक्स जीप रविवार की रात कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग पर शरण गांव के समीप असंतुलित होकर 120 मीटर नीचे गांसू नदी में जा गिरी। मैक्स में सवार चालक समेत पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। शोक में सोमवार को कपकोट का बाजार बंद रहा।
हल्द्वानी से लौट रही मैक्स जीप (यूए 02 टीए-0067) रविवार की रात किसी समय कपकोट-कर्मी मोटर मार्ग पर शरण गांव के समीप अचानक असंतुलित होकर 120 मीटर नीचे गांसू नदी में गिर गई। रात को हुए हादसे की जानकारी सोमवार की सुबह तब हुई जब एक अन्य जीप चालक को मैक्स गिरी हुई दिखी। सूचना मिलते ही क्षेत्र में कोहराम मच गया। हादसे में जीप मालिक चखतरी (कपकोट) निवासी गोकुल सिंह बिष्ट (32) पुत्र कृपाल सिंह, भीम राम (22) पुत्र दनी राम निवासी धौलांणी (भंडारी गांव), गोविंद सिंह (25) पुत्र केशर सिंह निवासी तोली, शरण निवासी दयाल सिंह देव (25) पुत्र प्रेम सिंह, तयोरी देवाल (चमोली गढ़वाल) निवासी आनंद सिंह दानू (20) पुत्र दरवान सिंह दानू की मौत हो गई। मालिक ही जीप चला रहा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने नदी और आसपास बिखरे शवों को क्षेत्र वासियों की मदद से बड़ी मुश्किल से खाई से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही विधायक शेर सिंह गड़िया, जिला पंचायत अध्यक्ष राम सिंह कोरंगा, उपाध्यक्ष विक्रम सिंह शाही, डीएम डीएस गर्ब्याल, एसडीएम तीर्थपाल सिंह, एसपी मुख्तार मोहसिन, सीओ पीसी पंत ने मौका मुआयना किया।

आठ साल पहले भी इसी स्थान पर हुई थी दुर्घटना

कपकोट। रविवार की रात कपकोट कर्मी मोटर मार्ग के शरण गांव के जिस जगह पर मैक्स गिरी थी ठीक उसके 20 मीटर आगे आठ साल पहले एक टैंपो ट्रैक्स जीप दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। उस घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। मार्ग को तब से आज तक न तोचौड़ा किया गया है और न ही यहां पैराफिटों का ही निर्माण भी नहीं हो सका है। लोगों ने कहा कि लोनिवि ने यदि सुरक्षा के लिहाज से मार्ग पर पैराफिट बनाए होते तो जीप दुर्घटना होने से बच सकती थी।
मालूम हो कि कपकोट कर्मी मोटर मार्ग के शरण गांव में 25 मई 2002 में एक टैंपो टै्रक्स जीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। उस घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना में बुरी तरह घायल हुए डौला गांव के कै. बलवंत सिंह दानू ने बताया कि सड़क की हालत तब से नहीं सुधरी है। लोगों ने लोनिवि पर सड़क की उपेक्षा करने का आरोप मढ़ा है।


http://epaper.amarujala.com/svww_index.php

विनोद सिंह गढ़िया

डेढ़ साल में गई12 लोगों की जान

बागेश्वर। जिले की सड़कें खूनी बनती जा रही हैं। डेढ़ साल के भीतर जिले के विभिन्न हिस्सों में हुई वाहन दुर्घटनाओं में अब तक 12 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है जबकि कई लोग घायल हो चुके हैं।
सड़कों की हालत खस्ता हो गई है। टूटी दीवारें, क्षतिग्रस्त कलमठ, डामर उखड़ने से बने 10 से 20 मीटर गोलाई वाले गड्ढे तथा पैराफिटों की भारी कमी दुर्घटनाओं को दावत दे रहे ह गत एक साल पूर्व बालीघाट-धरमघर मोटर मार्ग के नारी के समीप मजदूरों को ले जा रही एक पिकप असंतुलित होकर खड्ड में गिर गई। इस घटना में एक नेपाली महिला मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 18 लोग घायल हो गए थे। गत वर्ष कपकोट कर्मी मोटर मार्ग के चीराबगड़ गांव के समीप सड़क धंसने बिजली परियोजना का टिप्पर खाई में गिर गया। इस घटना में चालक की मौत हो गई। 12 अगस्त 2009 को खड़लेख भनार में आल्टो कार के खाई में गिरने से छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। 18 अक्तूबर 2009 में ताकुला मार्ग में हुई पिकप दुघर्टना में चार लोगों की जान चली गई। 17 मई 2010 को भराड़ी टैक्सी स्टेंड के पास बारात की एक मैक्स जीप सरयू नदी के किनारे गिरी। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ बाराती घायल हो गए। छह माह पूर्व कठपुड़ियाछीना बोहाला मोटर मार्ग के असों के समीप एक ट्रक असंतुलित होकर गहरी खाई में गिर गया।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


वास्तव में जिस प्रकार से वाहन दुर्घटना ग्रस्त हो रहे है कही ना कही मानवीय त्रुटी भी इसके जिम्मेवार है! कई बार देखा गया जीप में जबरदस्ती ठूस कर सवारिय ले जाते है!

There should be strict checks conducted regularly.

Devbhoomi,Uttarakhand

जीप मैं नहीं मेहता जी,उत्तराखंड की बसों के भी यही हाल हैं ३२ सीट की जगह उन बसों में ४० -५० आदमी भरे जाते हैं और छत की बात ही अलग है लोग आजकल बस के अन्दर बैठना पसंद नहीं करते बल्कि बस और जीप के छत में बैठना ज्यादा पसंद करते है ! ये सब गलती है जीप के मालिक और बस के ड्राईवर और कंडक्टर की गलती है, इन पर सहलती बरतने की जरूरत है !

आज तक पहाड़ों में जितनी भी बस दुर्घटनाएं हुई है ,उन बसों छतों में ज्यादा सवारियां थी

विनोद सिंह गढ़िया

उपरोक्त बातों के साथ-साथ पहाड़ों में सड़क दुर्घटना का मुख्य कारण ड्राइवरों का अकुशल होना, उन्हें गाड़ी के विभिन्न कल-पुर्जो का आवश्यक ज्ञान न होना है आजकल के युवा गाड़ी को तेज रफ़्तार में चलाने के शौकीन हैं साथ ही साथ वे शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं। कल ही जो कपकोट में ये हादसा हुआ है उसका कारण ड्राइवर का शराब पीकर गाड़ी चलाना बताया जा रहा है। हम सब को इन बातों का ध्यान रखना आवश्यक होगा। इसमें जनता का भी सहयोग आवश्यक है। हमें उस गाड़ी में ही सफ़र नहीं करना चाहिए जिसका ड्राइवर अकुशल और मदिरा पान किया हुआ हो।

Devbhoomi,Uttarakhand

पहाड़ों में ड्राईवर अकुशल नहीं होते है लेकिन शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं ये बात सही लेकिन कभी कभी तो बिना शराब पिए भी कुछ लोग स्टाइल के चक्कर में दुर्घटना के शिकार हो जाते है
ये सब पुब्लिक को सोचना चाहिए की ड्राईवर किस तरह से गाडी चला रहा है तो कोई तो समझदार हो जो की ड्राईवर को समझा सके की भाई आप जरा धीरे चलिए ,ड्राईवर तो एक ही होता है लेकिन सवारियां तो बहुत होती हैं उन में से एक को तो समझ होनी चाहिए !

उत्तराखंड परिवहन निगम को ऐसे ड्राईवर पर प्रतिबन्ध लगाना चाहिए जो की परिवहन निगम के नियमों का पालन नहीं करता है ,और उसका लाइसंस रद्द कर देना चाहिए,लेकिन पब्लिक भी मानती कहाँ है पब्लिक को भी गाड़ियों के छतों में बैठने का भूत सवार होता है !

Devbhoomi,Uttarakhand

नशेड़ी वाहन चालकों पर कसें शिकंजा
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सामाजिक छात्र संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने नये साल के मौके पर नशे की हालत में वाहन चलाने वाले लोगों के खिलाफ अंकुश लगाने की मांग की। छात्र संघ उपाध्यक्ष मो. शाकिर एवं हरीश रावत के नेतृत्व मे एसडीएम एके नौटियाल को ज्ञापन सौंप कर उक्त मांग की गई है।

ज्ञापन में छात्र नेताओं ने कहा कि नये वर्ष के एक दिन पूर्व लोग शराब का सेवन करते है। शराब के नशे में ही वाहन चालक वाहनों को तेज गति से चलाता है। जिससे अक्सर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने पुलिस से नगर में इसके लिए सघन अभियान चलाने की मांग की।

ज्ञापन देने वालों में छात्र संघ हिमांशु पांडे, तेजेश्वर घुघत्याल, शाहनवाज, हरदीप, शाह फैसल, फैसुल हक, इमरान, राजीव भारती, घनश्याम, नितिन भटनागर, राजू अधिकारी, अमित सत्यवली, दिनेश चंद्र एवं पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष गुंसाई जी उपस्थित थे।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7115066.html

Devbhoomi,Uttarakhand

सड़क हादसों में दो की मौत
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राजधानी में मंगलवार को हुए अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। एक दुर्घटना में बाइक सवार ने पैदल व्यक्ति को कुचल दिया, जबकि दूसरी दुर्घटना में बाइक ट्रक की चपेट में आने के बाद खंभे से टकरा गई। हादसों में दो युवक जख्मी हो गए। घायलों का अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।

मंगलवार सुबह क्लेमनटाउन में एक तेज रफ्तार बाइक ने पैदल व्यक्ति को कुचल दिया। हादसा टर्नर रोड पर हुआ। पुलिस के मुताबिक, शिव मंदिर के निकट माजरा निवासी कमल कांत (42) पुत्र स्व. राम लोटन झील की तरफ पैदल जा रहा था। कमल ठेकेदार के साथ काम करता था। तभी सामने की ओर से आ रही बेलगाम बाइक (यूके07एबी- 7162) ने उसे टक्कर मार दी। बाइक सवार भी जख्मी हो गया। सूचना पर एसओ क्लेमनटाउन महेश चंद्र फोर्स समेत मौके पर पहुंची। पुलिस घायलों को महंत इंद्रेश अस्पताल ले गई। डॉक्टरों ने कमल कांत को मृत घोषित कर दिया। बाइक सवार का नाम नईम (26) निवासी भारूवाला क्लेमनटाउन बताया गया। नईम ऑटो चलाता है। कमल कांत के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

दूसरी दुर्घटना, देर शाम रायपुर थाना क्षेत्र में तपोवन-नालापानी रोड पर हुई। पुलिस ने बताया कि बाइक (यूके07एजी-3553) पर दो युवक नालापानी से तपोवन की ओर आ रहे थे। तभी वह आगे चल रहे एक ट्रक (एचआर58ए-9315) की चपेट में आ गए। इसके बाद बाइक एक खंभे से टकरा गई। हादसे में पीछे बैठे युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक बुरी तरह जख्मी हो गया। पुलिस ने मृतक का नाम राहुल जैन (26) पुत्र महेंद्र सिंह निवासी बड़ौत बागपत बताया। घायल का नाम पराग जैन (25) निवासी चिलकाना सहारनपुर बताया गया। राहुल, पराग की बुआ का बेटा था। दोनों सर्राफा व्यापारी हैं। उनकी सहारनपुर में दुकान है। दोनों पेमेंट लेने के लिए देहरादून आए हुए थे। इस दौरान उन्होंने नालापानी रोड पर अपने रिश्तेदार के घर से बाइक ली और घूमने निकल गए। घायल पराग को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर रिश्तेदार व उनके परिजन भी यहां पहुंच गए। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है, जबकि आरोपी चालक फरार हो गया। आरोपी के विरुद्ध रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस चालक की तलाश कर रही है।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7167470.html