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Increasing Road Accidents In Uttarakhand - उत्तराखंड मे बढ़ती सड़क दुर्घटनायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 11, 2007, 09:02:40 PM

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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

सड़क दुर्घटना में यूपी के आठ यात्रियों की मौतJul 27, 01:39 am

जोशीमठ (चमोली)। बदरीनाथ के दर्शन को जा रहे सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश के यात्रियों से भरी एक क्वालिस शनिवार को चमोली-बदरीनाथ मोटर मार्ग पर पातालगंगा के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। पत्थर गिरने से यह वाहन अलकनंदा नदी में जा समाया। इसमें सवार दस में से नौ लोगों की मौत हो गई।

शौहरतगढ़ जिला सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश के नौ यात्री हरिद्वार से क्वालिस नंबर-यूए 08सी-9574 लेकर श्री बदरीनाथ धाम की यात्रा पर रवाना हुए। पातालगंगा से गुजरते समय क्वालिस के ऊपर पत्थर गिर गया जिससे चालक का संतुलन बिगड़ गया और क्वालिस गहरी खाई के बीच बह रही अलकनंदा नदी में जा गिरी। हादसे में ब्रहमपुरी हरिद्वार निवासी चालक भगवान सिंह विष्ट पुत्र धर्म सिंह सहित आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वाले तीर्थयात्रियों में अनूप कुमार (33 वर्ष) पुत्र बद्री प्रसाद, तन्या अग्रवाल पुत्र नन्दू अग्रवाल, मनोज (33) पुत्र मिलन, जुगल (31) पुत्र नन्दराम कुंवर, आशीष वर्मा (24) पुत्र राधेश्याम वर्मा, विशाल अग्रवाल (22) पुत्र गोविन्द अग्रवाल, पिन्टू कसोधन (29) पुत्र रामजी कसोधन, बैजनाथ (28) पुत्र पंचम शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल संतोष अग्रहरि (29) पुत्र मंडल अग्रहरि का जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। उधर हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डीएस गब्र्याल, पुलिस अधीक्षक जीएन गोस्वामी फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। जिलाधिकारी ने तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। जोशीमठ पुलिस, होमगार्ड के जवान और स्थानीय लोगों का बचाव दल बड़ी मुश्किल से नदी में बहे शवों को निकालने में सफल हुआ।

पंकज सिंह महर



नैनीताल/ रामनगर : गड़प्पू बस हादसे से पुलिस ने सबक नहीं लिया। बुधवार को रामनगर के पास बस पलट गयी। इससे 13 लोग घायल हो गये। जबकि नैनीताल में कैंटर के खाई में गिरने से चालक घायल हो गया। बुधवार की सुबह करीब आठ बजे मालधनचौड़ से काशीपुर के लिए एक निजी बस यूपी- 05/0406 रवाना हुई। तेज रफ्तार होने के कारण बस कुछ दूर जाने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गई। बस को पलटते देख आस-पास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। घायलों को बस से बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों में गोपालनगर निवासी रणजीत कुमार, मोहित कुमार व राम सिंह, मालधन नंबर दो की जमोत्री देवी व गणेशलाल, पीपलपड़ाव के टीका राम व रूप सिंह, काशीपुर के ढकिया गुलाबो गांव निवासी सतपाल सिंह को संयुक्त चिकित्सालय रामनगर में भर्ती कराया गया जबकि ग्राम गांधीनगर निवासी मीना देवी व सुधा को काशीपुर अस्पताल में भर्ती कराया। इनके अलावा ग्राम देवीपुरा निवासी बिशनलाल की पुत्री सुनिश्चिता, पुत्र गौरव व कमलनयन का उपचार गांव के ही अस्पताल में कराया गया। इनमें से रणजीत, राम सिंह, सतपाल की हालत गंभीर देखते हुए काशीपुर रेफर कर दिया गया। इसके अलावा मंगलवार रात्रि करीब 10.30 बजे कैंटर यूए-04 बी, 6296 विद्युत विभाग का तार लेकर रानीखेत जा रहा था। अचानक असंतुलित होकर लगभग 70 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस दुर्घटना में चालक भुवन जोशी उर्फ विजय पुत्र लक्ष्मीदत्त जोशी निवासी दफौट जिला बागेश्र्वर गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीण व चौकी इंचार्ज पुष्पा रावत, हरिराम महर आदि की मदद से घायल चालक को खाई से बाहर निकाला गया। बाद में उसे नैनीताल बीडी पांडे चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।  

पंकज सिंह महर


देहरादून। गढ़वाल मंडल के चमोली व टिहरी जिलों में दो सड़क दुर्घटनाओं में 26 यात्रियों की मृत्यु हो गई जबकि 15 यात्रियों के नदी के तेज बहाव में बह जाने की आशंका है। आठ यात्री घायल होकर जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस सीजन की सबसे बड़ी सड़क दुर्घटना आज चमोली जिले में हुई जहां नेपाल के तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ धाम के दर्शन कराकर लौट रही एक बस अलकनंदा नदी में जा गिरी। हादसे के शिकार 21 लोगों के शव मिल गए हैं जबकि 12 के नदी के तेज बहाव में बह जाने की आशंका हैं। पांच घायल यात्री चिकित्सालय में दाखिल कराए गए हैं। दूसरी दुर्घटना टिहरी जिले के बूढ़ाकेदार-घनसाली के बीच हुई। इस दुर्घटना में पांच यात्रियों की मौत हो गई जबकि तीन लापता व तीन घायल हैं।

गोपेश्वर कार्यालय के अनुसार बदरीनाथ धाम के दर्शनों से लौट रहे नेपाल के तीर्थ यात्रियों से भरी बस अलकनंदा में गिरने से 21 यात्रियों की मौत हो गई जबकि 12 यात्रियों के नदी में बहने की आशंका जताई जा रही है। दुर्घटना के पांच घायलों को उपचारार्थ यहां जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। घटना में मारे गए 21 यात्रियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। यह बस काठमांडू से बदरी-केदार की यात्रा पर आई थी। गुरुवार को सांय 4:30 बजे के करीब श्री बदरीनाथ से ऋषिकेश जा रही बागमति अंचल, जिला काभ्र पल्लांचोक कस्बा वनेपा-पनौती की बस संख्या-बा-2 ख 2391 राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिरही के समीप अनियंत्रित होकर अलकनंदा नदी में जा गिरी। बस में कुल 38 यात्री सवार थे। बताया गया कि उक्त बस तेज गति में थी चालक के नियंत्रण खोने के बाद वह पहले पहाड़ी से जा टकराई और उसके बाद सीधे करीब तीन सौ फीट गहरी खाई से होते अलकनंदा नदी में गिर गई। राहत एवं बचाव कर्मियों के द्वारा सभी घायलों को ऊपर सड़क तक पहुंचाने के बाद उपचार के लिए उन्हें जिला चिकित्सालय भेजा। अलकनंदा नदी में समाई इस बस में कुछ यात्रियों के शव फंसे होने की भी आशंका जताई जा रही है। देर शाम तक प्रशासन द्वारा खाई से शव निकालने का काम जारी था। इधर, सेना से क्रेन भी मंगा ली गई थी ताकि पानी के अंदर बस में फंसे शवों को बाहर निकाला जा सके।

उधर, नई टिहरी कार्यालय के अनुसार सवारियों को लेकर बूढ़ाकेदार से घनसाली आ रही एक महेन्द्रा मैक्स संख्या यूए07,क्यू- 4733 गुरुवार को लालमाटी के समीप बालगंगा नदी में गिर गई। हादसे में महिला सहित पांच लोगों की मौत हो गई। चालक सहित तीन लोगों का पता नहीं चल सका है। लापता यात्रियों के नदी में बहने की आशंका जताई जा रही है। तीन अन्य घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सांय करीब साढे़ तीन बजे हुए इस हादसे में शेर सिंह सजवाण 45 वर्ष, निवासी लासी ढुंगमंदार, भरोसा प्रसाद 55, निवासी भिगुन टि.ग., नेपाली मूल का प्रभात 21 व दीपक सेमवाल 28 वर्ष, निवासी द्वारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। महिला यात्री की शिनाख्त नहीं हो पाई है। वाहन में सवार तीन अन्य लोग अभी भी लापता हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह उफनती नदी में बह गए होंगे। घायल राजेश्वरी 24, निवासी भिगुन, हिमकेश्वर 30, निवासी कोट विशन व त्रैपन सिंह सजवाण, निवासी लासी को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बेलेश्वर में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों ने शवों व घायलों को बाहर निकाला। वाहन में चालक सहित 11 लोग सवार थे।

पंकज सिंह महर


निज प्रतिनिधि, ज्योलीकोट: भवाली से गेठिया आ रही एक अल्टो कार गुरुवार सुबह गेठिया पड़ाव के पास पहाड़ से पत्थर गिरने के बाद असंतुलित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए हल्द्वानी ले जाया गया है। दोनों युवक चचेरे भाई थे और बहन से मिलने गेठिया जा रहे थे। सूर्याजाला मल्ला सातताल निवासी हरीराम का 25 वर्षीय पुत्र सोहन लाल गुरुवार को आल्टो कार संख्या यूए-04ई-5422 से चचेरे भाई प्रकाश के साथ अपनी बहन से मिलने गेठिया पड़ाव जा रहे थे। गेठिया पड़ाव के समीप पहाड़ पर से एक बड़ा पत्थर कार की अगले हिस्से पर गिर गया जिससे कार असंतुलित हो गई और गहरी खाई में जा गिरी। कार दुर्घटना में सोहन लाल की मौत हो गई जबकि प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। तुरंत मौके पर पहुंचे स्थानीय निवासी हरीश बिष्ट, नवीन पंत, भुवन जोशी, मुन्ना, कमल, मुकेश, प्रेमलाल आदि ने राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग दिया। स्थानीय लोगों व पुलिस कर्मियों की मदद से सोहन का शव बड़ी मशक्कत करके खाई से निकाला गया। दुर्घटना की जानकारी मिलने पर भवाली थाना प्रभारी ललित मोहन उप्रेती, सब इंस्पेक्टर सुन्दर सिंह, रमेश चंद्र ढौंढियाल, हरिराम महर, हर्षवर्धन व गेठिया सैनिटोरियम के कर्मचारी एम्बुलेंस सहित घटना स्थल पर पहुंचे। दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची सोहन की बहन उसका शव देखकर बेहोश हो गई।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

कालेश्वर में बस पलटी,11 घायलAug 05, 11:37 pm

कर्णप्रयाग (चमोली)। गोपेश्वर से कर्णप्रयाग आ रही यूपी 05-0557 बस के कालेश्वर के समीप पलटने से 11 लोग घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अपराह्न जैसे ही यह बस कालेश्वर के पास एक मोड़ से गुजर रही थी कि उसका आगे का टायर निकल गया और बस रोड के नीचे की ओर अनियंत्रित हो कर पलट गयी जिससे उसमें सवार 20 यात्रियों में से 11 घायल हो गए। घायलों में जयवीर लाल उम्र 36 निवासी भटियाणा, मोहन सिंह34 पुत्र दरबान सिह निवासी खेती, कमल चंद्र 60 पुत्र किशोरी लाल पनाई, सुरेन्द्र डिमरी 46 पुत्र भवानीदत्त गोपेश्वर, विपिन 17, पुत्र राकेश सिंह पनाई, भवानी देवी 58 पत्‍‌नी रघुवीर सिंह देवालीखाल, सतेश्वरी देवी 31 पत्‍‌नी अनुसूया नेगी बमोथ, भागा देवी पत्‍‌नी रतन सिंह मेहलचौंरी, डीपी सेमवाल 58 पुत्र तोता राम निवासी सेमी, मंजू देवी पत्‍‌नी चतर सिंह गैरसैंण व सोहन सिंह पुत्र दीवान सिंह अल्मोडा शामिल हैं, सभी घायल यात्रियों को 108 वाहन से सीएचसी कर्णप्रयाग लाया गया। सीएचसी अधीक्षक डा.निर्भय कुमार यादव के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं।

पंकज सिंह महर

देहरादून: अगर परिवहन विभाग की योजना रंग लाई तो भविष्य में चार धाम यात्रा में आने वालों के परिजनों को अपनों की फिक्र नहीं करनी होगी। वह घर बैठे-बैठे ही वे उनकी खैर खबर ले सकेंगे। परिवहन विभाग पहाड़ी रूटों पर चलने वाली बसों में जीपीआरएस और जीएसएम सिस्टम लगाने की योजना बना रहा है, जिससे इन वाहनों की लोकेशन मिलने के साथ ही दुर्घटना की सूरत में त्वरित मदद भी दी जा सकेगी। इसके लिए विभाग की कई नामी मोबाइल कंपनियों से बातचीत चल रही है। इस बार यात्रा सीजन के आखिरी दिनों में लगातार हुई दुर्घटनाओं ने शासन, प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए काफी मुश्किलें खड़ी कर दीं। कई जगह तो दुर्घटनाओं की सूचनाएं भी विभाग को काफी विलंब से मिली। इसको देखते हुए विभाग ने हाईटेक तरीके से निपटने के लिए योजना तैयार की है। इसके तहत यात्रा में आने वाली गाडि़यों के साथ ही यात्रियों का भी रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर जाने वाली बसों में जीपीआरएस (जनरल पाकेट रेडियो सर्विस) और जीएसएम (ग्लोबल सिस्टम फार मोबाइल कम्यूनिकेशन) सिस्टम लगाया जाएगा। इससे न केवल बसों की लोकेशन के बारे में जानकारी मिल सकेगी।। विभाग प्रत्येक बस में ड्राइवर व कंडक्टर के पास इन्हीं दो सुविधाओं से युक्त मोबाइल फोन भी रहेगा। इससे न केवल वह परिवहन अधिकारी बल्कि अपने कार्यालय से भी जुड़े रहेंगे। मोबाइल फोन के नंबर बसों के बाहर लिखे रहेंगे, जो यात्री अपने परिजनों को दे सकते हैं और यात्रियों के परिजन इन नंबरों पर फोन कर अपनों से दूर रहकर भी करीब रह सकते हैं। बस चालक भी कंपनी और विभाग को गुमराह नहीं कर पाएंगे, क्योंकि इस सिस्टम से गाड़ी कहां और कितनी देर खड़ी है, इस संबंध में सारी जानकारी मिल जाएगी। परिवहन आयुक्त एस रामास्वामी का कहना है कि इससे न केवल बसों पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि आपदा की सूरत में त्वरित मदद भी दिलाई जा सकेगी।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Quote from: Pankaj/पंकज सिंह महर on August 25, 2008, 10:57:22 AM
देहरादून: अगर परिवहन विभाग की योजना रंग लाई तो भविष्य में चार धाम यात्रा में आने वालों के परिजनों को अपनों की फिक्र नहीं करनी होगी। वह घर बैठे-बैठे ही वे उनकी खैर खबर ले सकेंगे। परिवहन विभाग पहाड़ी रूटों पर चलने वाली बसों में जीपीआरएस और जीएसएम सिस्टम लगाने की योजना बना रहा है, जिससे इन वाहनों की लोकेशन मिलने के साथ ही दुर्घटना की सूरत में त्वरित मदद भी दी जा सकेगी। इसके लिए विभाग की कई नामी मोबाइल कंपनियों से बातचीत चल रही है। इस बार यात्रा सीजन के आखिरी दिनों में लगातार हुई दुर्घटनाओं ने शासन, प्रशासन और परिवहन विभाग के लिए काफी मुश्किलें खड़ी कर दीं। कई जगह तो दुर्घटनाओं की सूचनाएं भी विभाग को काफी विलंब से मिली। इसको देखते हुए विभाग ने हाईटेक तरीके से निपटने के लिए योजना तैयार की है। इसके तहत यात्रा में आने वाली गाडि़यों के साथ ही यात्रियों का भी रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। यात्रा मार्ग पर जाने वाली बसों में जीपीआरएस (जनरल पाकेट रेडियो सर्विस) और जीएसएम (ग्लोबल सिस्टम फार मोबाइल कम्यूनिकेशन) सिस्टम लगाया जाएगा। इससे न केवल बसों की लोकेशन के बारे में जानकारी मिल सकेगी।। विभाग प्रत्येक बस में ड्राइवर व कंडक्टर के पास इन्हीं दो सुविधाओं से युक्त मोबाइल फोन भी रहेगा। इससे न केवल वह परिवहन अधिकारी बल्कि अपने कार्यालय से भी जुड़े रहेंगे। मोबाइल फोन के नंबर बसों के बाहर लिखे रहेंगे, जो यात्री अपने परिजनों को दे सकते हैं और यात्रियों के परिजन इन नंबरों पर फोन कर अपनों से दूर रहकर भी करीब रह सकते हैं। बस चालक भी कंपनी और विभाग को गुमराह नहीं कर पाएंगे, क्योंकि इस सिस्टम से गाड़ी कहां और कितनी देर खड़ी है, इस संबंध में सारी जानकारी मिल जाएगी। परिवहन आयुक्त एस रामास्वामी का कहना है कि इससे न केवल बसों पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि आपदा की सूरत में त्वरित मदद भी दिलाई जा सकेगी।


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kammu dhami

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पंकज सिंह महर



पहले मियां भली फिर खायी भांग: यह प्रचलित कहावत यहां की सड़कों पर सटीक बैठती है। फतेहपुर-बसानी मार्ग पर आजकल पैदल चलना भी दूभर हो रहा है ऐसे में इस मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों को न तो खुद की चिंता है और न ही दूसरों की जान की फिक्र। अब यह नजारा ही देखिए, जितनी सीटों पर सवारियां बैठती हैं, उतनी तो इन्होंने छत पर ही बैठा रखी हैं। ऐसे में अंदर के क्या हालात होंगे इसकी कल्पना करना शायद किसी के लिए मुश्किल नहीं होगा। अब अगर ऐसे में कोई हादसा हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। आखिर बार-बार दुर्घटनाओं के बाद भी न तो वाहन चालकों की नींद खुल रही है और न ही परिवहन व पुलिस महकमा अपनी जिम्मेदारी की ओर सुध ले रहा है।  


Rajen

पहाड़ी से बस पर गिरा पत्थर, दो की मौत तीन घायल   Nov 22, 10:07 pm

रुद्रप्रयाग। द्वाराहाट से देहरादून जा रही परिवहन निगम की बस के ऊपर शनिवार की सुबह अचानक पहाड़ी से पत्थर गिरने से दो लोगों की मौके पर मौत हो गई। तीन घायल हो गए। चालक की सूझ-बूझ से वाहन में बैठे अन्य यात्री सकुशल बच गए बस में कुल उन्नीस यात्री बैठे हुए थे।

शनिवार को सवेरे तकरीबन ग्यारह बजे द्वाराहाट से देहरादून की ओर जा रही बस रुद्रप्रयाग शहर से दो किमी पहले उस समय दुर्घटनाग्रस्त हो गई जब अचानक पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर बस के ऊपर आ गिरा। दुर्घटना में बस में बैठे सुरेन्द्र सिंह पुत्र कलम सिंह निवासी घरसारी महलचौंरी चमोली व हुकुम सिंह पुत्र मान सिंह निवासी कोलाडुगरी चमोली के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। बस चालक मोहन सिंह के सिर में भी हल्की चोट लगी। लेकिन उसने धैर्य नहीं खोया, और बस अनियंत्रित होने के बाद भी बस में बैठे अन्य यात्रियों को सकुशल बच लिया। हालांकि बस में बैठे राजेन्द्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह कुंवर, विमला देवी कुंवर को भी चोट आई हैं। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी दिलीप जावलकर व पुलिस अधीक्षक नीरू गर्ग फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था कराई। मृतक में एक राजस्व विभाग का कर्मचारी है। शवों का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय में लाया गया है।