• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Old Is Gold - सदाबहार भूले बिसरे उत्तराखन्ङी गाने

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 12, 2007, 02:43:29 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Risky Pathak

ओ मेरा मायदार स्वामी ज्यूँ
झन जाया मीके छोड़ी देशा हु

शिकारी ले गोली मारी, वाल पाला को डाना
मेरी माया धरी दिया प्राणी



एक गाना हमारे इलाके (गेवाड़ पट्टी...मासी) के बारे में
--------------------------------

के भलो छाजी रौ छौ, म्यरो मासी कौ बाजारा,
अइ हइ के भलो बसी रौ छौ, म्यरो मासी कौ बाजारा,
य त जिल छू अल्मोड़ा और पट्टी छौ गेवाड़,
अइ हइ के भलो छाजी रौ छौ, म्यरो मासी कौ बाजारा,

१.
ओऽऽऽ कन्हौणि, आदिगौं, डाँग,    मासी पारेकि फाट,
भैल्टगौं,   कौधार,     झलाँऽऽऽ,     कार्चुली  हाट...
येति बेर रंगीली छू बैराठा, मेरी पट्टी छौ गेवाड़,
अइ हइ के भलो छाजी रौ छौ, म्यरो मासी कौ बाजारा,
य त जिल छू अल्मोड़ा और पट्टी छौ गेवाड़,
अइ हइ के भलो छाजी रौ छौ, म्यरो मासी कौ बाजारा,

२.
ओऽऽऽ  रंगीली बैराठ माजी कत्युरों की थाट,
राजा मालशाई की छी  जियाराणी मात..
म्यरा सबुहें जोड़ी हाथा मेरी पट्टी छौ गेवाड़,
अइ हइ के भलो छाजी रौ छौ, म्यरो मासी कौ बाजारा,
य त जिल छू अल्मोड़ा और पट्टी छौ गेवाड़,
अइ हइ के भलो छाजी रौ छौ, म्यरो मासी कौ बाजारा,

३.
मासी कौ बाजार हैरो भारी कारोबार,
ग्यों पिसणी चक्की लैरी, दार चिरणी आर,
गोंनों-गोंनों बिजुली तारा  मेरी पट्टी छौ गेवाड़,
अइ हइ के भलो छाजी रौ छौ, म्यरो मासी कौ बाजारा,
य त जिल छू अल्मोड़ा और पट्टी छौ गेवाड़,
अइ हइ के भलो छाजी रौ छौ, म्यरो मासी कौ बाजारा,

४.
ओऽऽऽ मासी का तलटुक बारी भुमियाँ को थान,
तलपन सड़क जाँरै,      मलपन बान,
भुमियाँ मेरी धारिये माना मेरी पट्टी छौ गेवाड़,
अइ हइ के भलो छाजी रौ छौ, म्यरो मासी कौ बाजारा,
य त जिल छू अल्मोड़ा और पट्टी छौ गेवाड़,
अइ हइ के भलो छाजी रौ छौ, म्यरो मासी कौ बाजारा,



आघिना लागिरै गोपले गाड़ी, पछिने लागिरौ ठ्यलौ..
हमरो हैजो भलो गोपाला तुमरो हैजो च्यलो...
तुमरो हैजो च्यलो गोपाला तुमरो हैजो च्यलो...


गाँउली ल्हसके कमर छटके छ्योड़ा,
हाइ गंङा तीले धारो बौला.....


एक पुराना गीत...
यह जीजा (धनसिंह) जो कि जंगलात विभाग में चौकीदार है और उसकी साली (घस्यारी) जो कि अपने ब्याई हुई भैस के लिय मालू के पत्ते काट रही के बीच संवाद है.. जीजा साली को पहिले पहचानता नहीं और मालू काटने के लिए मना करता है, लेकिन साली उसे पहचान लेती है.. बाद में वह उसे पहचान लेता है और मालू काटने देता है.

चौकीदार:
पारकी भीड़ा को छै घस्यारी,
मालू ए तू मालू नि काटा, तू मालू ए...


घस्यारी:
वारकी भीड़ा मैं छूँ घस्यारी,
मालू रे तू मालू काटण दे, तू मालू रे...


चौकीदार:
मालू काटी को पाप लागोंछौ,
मालू ए तू मालू नि काटा, तू मालू ए...


घस्यारी:
भैंसी बिहै रे थोरी है रै छौ, भैंसी बिहै रे थोरी है रै छौ,
मालू रे तू मालू काटण दे, तू मालू रे...


चौकीदार:
तै भैंसीकैणी भ्योल घुर्ये दे, तै थोरी कैणी गाड़ बगे दे,
तै भैंसीकैणी भ्योल घुर्ये दे, तै थोरी कैणी गाड़ बगे दे,
मालू ए तू मालू नि काटा, तू मालू ए...


घस्यारी:
भैंसी छा भागी दीदी गें प्यारी, भैंसी छा भागी दीदी गें प्यारी
थोरी छौ भागी मिकेणि प्यारी,
भैसी बिहाली दुध पिवाली, 
मालू रे तू मालू काटण दे, तू मालू रे...


चौकीदार:
के छू ए तेरो दीदी को नामा,
के छू ए तेरो दीदी को नामा,
वीक मरदा के करों कामा,
मालू ए तू मालू नि काटा, तू मालू ए...


घस्यारी (मुस्कराते हुए):
दीदी को नामा रामदुलारी, दीदी को नामा रामदुलारी,
धनसिंगा भीना त्यरी अन्वारी,
उनकी छूं मैं साली पियारी,
मालू रे तू मालू काटण दे, तू मालू रे...


चौकीदार (हैरानी और खुशी से):
नौक नि मान्या मैंनी पछ्याणी, नौक नि मान्या मैंनी पछ्याणी,
धनसिंगा मैं छूँ तू मेरी साली.
गोरू बछा गें पन्यार नि पायुँ,
मालू ए तु मालु काटी ले, तू मालू रे...
रोज एजाये पारेकी ढई, वेती लि हैये दूध पराई.
मालू ए तु मालु काटी ले, तू मालू रे...

Girdhar Joshi

bisht jyu tumul t aj in gano le mera goru bhaisaan k gwal jani din yaad dila diya ho

bhote bhal lago in gano ke padi ber aurfir ga ber ...........

धन्यवाद जोशीज्यू.
ननछिना गोरू भैंसाक ग्वाल जाणी दिन कतुक भल छी हो महाराज. जंगल में गधेरे और डिग्गी में हमुल तैरण सिखछी.
डावा बोटी में चढ़ बेर आम, तिमिल और बेड़ु तोड़ि बेर खाछी... हिसालु और किल्मोड़ी को भुलि सकों... काश वी दिन दुबारा ए जाना...

कोई लौटा दे मेरे बचपन के दिन....
वीरेन्द्र

Quote from: girdhar joshi on August 04, 2008, 07:27:19 PM
bisht jyu tumul t aj in gano le mera goru bhaisaan k gwal jani din yaad dila diya ho

bhote bhal lago in gano ke padi ber aurfir ga ber ...........