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Old Is Gold - सदाबहार भूले बिसरे उत्तराखन्ङी गाने

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 12, 2007, 02:43:29 PM

Devbhoomi,Uttarakhand

गढ़वाली गीत जो की अब सुनाई भी नही देते हैं वो वाजे हैं (बैडों के गीत ) बैडों को बादी भी कहा जाता है और ये ही लोग हैं जिन्होंने उत्तरांचली संगीत की बुन्याद रखी है ०३ गायक शिव चरण दास व विमला दास ०१ - भाग्यान बौ ०२- भानु बुरांस फूलिजा ०३ - चंपा फूली बुरांस फूली ०४- छोटी सयाली संकरा ०५- हे मेरी मन की प्यारी ०६ -जगदम्बा माता ०७- केचुवा की खोली ०८ -मैं तैं मिली मन चांदु वर ०९ -मलका कमला १०- मेरा बाजू रंगा रंग बिचारी ११-नौनी सुरेमा १२ -पिसेतु मसालू बौजी १३- राणा जीते सिंह जी १४ -श्री देव सुमन १५ -तुमु ता होला !!!

http://www.esnips.com/doc/ffefec56-d145-48c7-a484-06fd39d927bf/Chuti-syaali-sankra

http://www.esnips.com/doc/9e8a95c2-98aa-44fb-beae-a2eaceb1e7f6/main-ten-mile-manchandu

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



प्रताप सिह बफिला का यह गाना

  ओह बादल ला... घूमी आये
  मेरी पहाडो देश में

  मेरी इजु के झन भिगाए
  होलि घस्यारी भेष मा


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Devbhoomi,Uttarakhand

उत्तरांचल के हिमालयी क्षेत्रों में ढोल नेगी जी की गूंजती आवाज वादन की बहुत पुरानी और समृद्ध परंपरा रही है लेकिन समय के साथ ढोल का शास्त्र और इसे बजानेवाले कलाकार हाशिये पर जाने लगे थे.ऐसे में कुछ संस्कृतिकर्मियों और लोककलाकारों ने ढोल और सोलह ठेठ पहाड़ी साज़ों को मिलाकर अनूठा ऑर्केस्ट्रा तैयार किया है.अब तक इन साज़ों को अलग-अलग ही बजाया जाता था या ज़्यादा से ज़्यादा दो या तीन साज की जुगलबंदी होती थी.लेकिन पहली बार एक दर्जन से अधिक लोकवाद्यों को एक साथ एक जगह रख दिया गया है
ये गाना भी काफी पुराना है
रीधी कु सुमिरो,सीधी कु सुमिरो,सुमिरो सारदा माई,
अर् सुमिरो गुरु अभिनासी को,सुमिरो किशन कनाई!
सदा अमर या धरती नि रैन्दि,मेघ पड़े शुखी जाई,
अमर नि रैंदा,चन्द्र सूरज चुचा,गर्हण लगे छुपी जाई!
माता रोये जनम-जनम को,बहिन रोये छै मासा,
तिरिया रोये डेड घडी को,आन करे घर वासा!
ना घर तेरा न घर मेरा,चिडिया रैन बसेरा,
अस्ति घोड़ा कुटुंब कबीला रै चला-चली का फेरा!
रीधी कु सुमिरो सीधी कु सुमिरो,सुमिरो सारदा माई ,
सुन ले बेटा गोपीचंद जी बात सुनों चितलाई,
झूटी तेरी माया ममता,मति कैसी भरमाई!
कागज पटरी सब कोई बांचे करम न बांचे कोई,
राज घरों को राज कुवंर चुचा करणी जोग रमाई !
रीधी कु सुमिरो सीधी कु सुमिरो सुमिरो सारदा माई.
अर् सुमिरो गुरु अभिनासी कु सुमिरो किशन कनाई !

renu rawat

jab hum chote the to humari dadi ji hi hume sambhalti thi..
hum join family mai rahe hai..
tab jab kabhi hum rote the to dadi ji gaati thi


BHANGULA DIDI THEI THA
RWATI PATHUNLA THE THA
GEET SUNOLA THE THA
NACH KARONLA THE THA
BHANGULA DIDI THE THA

renu rawat

HUM TO GHUGHUTI -BASUTI AISE GAATE THE

CHOTE BACHCHE KO DONO PAIRON MAI BITHA KE JHULA JHULATE THE OR GAATE THE



GHUGHUTI-BASUTI
TERI MAA KAKH GAYI
LAARA (KAPDE) DHUNA KHIN
TETHE KYA DE GAYI
DUDH-BHAAT
MITHE BHI DE DE
JHUTTH CH

OR DONO PEIRON KO ZOR SE JHULA KE KEHTE THE

CHYA CHILANGI

renu rawat

ye gaana bhi hum bhot gaate the..kuch galat ho to plz thik kar dena ji..


रंगीली बीन्दी घागरी काई, धोती लाल कीनार वाई
आई हाई-हाई रे मीजाता, ओहो हाई मीजाता

एक हाथ दातुली छ एक हाथ ऐना-2
नौ पटै घागरी पर, -2 रेशमीया चैना.
हाई-हाई रे मीजाता ओहो हाई मीजाता-2

पैर चुडी, पैर चरीयो, पैर झकाझोरा-2
रंगबव पराणी मैज-2 नी रहनै रोजा
हाई-हाई रे मीजाता ओहो हाई मीजाता-2,





Devbhoomi,Uttarakhand


push_singh007

rangeele changeele putayi kaisi
fool fatanga jyun jaisi
o meri krisanaa
uth suwa
ujyau hago cham chamigo ghama

push_singh007

Rum jhuma barkha laagi
barkha soon bhadave maasa

ye gana mane bachpan mein suna tha, itne bole hi yaad hain.
kya mughe koi iske gayak ka naam aur pure bol bata sakta hai.