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Delicious Recepies Of Uttarakhand - उत्तराखंड के पकवान

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 15, 2007, 09:54:18 AM

Bhishma Kukreti



उत्तराखंड का पारम्परिक  आयुर्वेदिक   बेड़म छोला पूड़ी  पकाणौ   सगोर

  उत्तराखंड का पारम्परिक  आयुर्वेदिक भोजन  बेड़म  छोला पूड़ी  पकाने की विधि (रेसिपी )   
  Recipe of  Uttarakhand, Ayurvedic Traditional Recipe of  Chhola Puri
आयुर्वेदीय  उत्तराखंडी  पारपम्परिक भोजन व्यंजन विधि /पाक विधि/ पाक कला  श्रृंखला  भाग -४१   
Recipe of Ayurvedic Traditional Food of   Garhwal, Kumaon (Uttarakhand)part- 41
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संकलन -  सरोज शर्मा   
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बेड़मी पूड़ी बणाणै विधि
2 लोगों कि खातिर
सामग्री -1,1/2 कटोरि आटु
1 उड़द दाल धुलीं 1/2 कटोरी
2 अजवैण 1/4 चाय की चम्मच
3 हींग चुटकी भर
4 लाल मर्च 1/4 चम्मच
5 नमक स्वादानुसार
दाल भिगै दयाव 2 घन्टा
फिर पाणि निथारिक
मिक्सर मा पीसिक मस्यटु मा सभि मसला डालिक आटू मा खूब गुंथिक 15 मिनट अलग धारवा, मुलायम हवै जाव,
कड़ै मा तेल डालिक, पूड़ि उतारो गर्मा गरम छोला दगड़ खावा मजेदार बेड़मि पूड़ि।
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Copyright @  सरोज शर्मा, सहारनपुर  2021
उत्तरखंड  का  आयुर्वैदिक पारम्परिक भोजन  पका कला , Recipe for Ayurvedic  Traditional Cuisine  of    Uttarakhand    , गढ़वाल  का आयुर्वेदिक   पारम्परिक पाक कला, कुमाऊं  का   आयुर्वेदीय पारम्परिक भोजन  पाक कला निरंतर ;


Bhishma Kukreti


उत्तराखंड का पारम्परिक  आयुर्वेदिक   बंसकिलै   भुज्जी   पकाणौ   सगोर

  उत्तराखंड का पारम्परिक  आयुर्वेदिक भोजन  बांस कलियों की सब्जी पकाने की विधि (रेसिपी )   
  Recipe of  Uttarakhand, Ayurvedic Traditional Recipe of Bamboo Shoot Vegetable
आयुर्वेदीय  उत्तराखंडी  पारपम्परिक भोजन व्यंजन विधि /पाक विधि/ पाक कला  श्रृंखला  भाग -  42
Recipe of Ayurvedic Traditional Food of   Garhwal, Kumaon (Uttarakhand)part- 42
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संकलन -   वीरेंद्र गौड़
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सकिलकि भुज्जि बणाणकि विधि
सामग्री.......बंसकिल
साफ करणकुन ...रंगुड़ु या लूण
छौंक कुन ...जख्या
तेल,मर्च मसल आदि स्वादकअनुसार
प्याज अर लासण ..सामान्य
बणाणक विधि...
बसकाल मा जब बांस पर नै बुट्या फुटदन त ऊंक गड़वाळ,नेपाल अर नॉर्थ ईस्ट मा भु्ज्जि बणदन.यांकुन नै नै बांसक डंडौं तै जुकि डेड द्वी फुट तक हूण पर लिये जै सकदन अर जौकुन हम बंसकिल बुल्दौ, ऊंक छिल्का उतारिक पतळ पतळ टुकडौं मा कटणन.चूंकि ऊंक स्वाद कसैला हूंद त ऊ कसैलापन निकळणकुन पतीला या परैसर मा उबळणन उ बि रगुड़ु मा,रंगुड़ु नी च त लूणक परयोग बि करै जै सकुदु च.परैसर मा उबलणा छ्या त द्वी सीटि भौत छन. वैक बाद पाणि नितारिक एक बार हौर साफ पाणिन धूणन. जब दुबरक. पाणि बि पूरू नितर जांद त कढै मा तेल डाळिक हां यु जरा बंडि तेल मा खूब लगद, जख्याक तड़काक दगड़ छौंकण. चूंकि यु उबळ्यूं खूब रैंद च चार से पांच मिनट तक पलटाण पर भुज्जि तैयार ह्वै जांदि.नास्ता या कै बि टैमक खाणक मा यु खयै जै सकुदु.
जौं भग़्यान तैं यैक स्वाद लीणक मौका नि मिल त कखि बिटिक बि जुगाड़ लगैगि कम से कम एक बार जरूर खैनि.जिंदगि भर गिच मा राल स्वाद.
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Copyright @   Virendra Gaur 2 021
उत्तरखंड  का  आयुर्वैदिक पारम्परिक भोजन  पका कला , Recipe for Ayurvedic  Traditional Cuisine  of    Uttarakhand    , गढ़वाल  का आयुर्वेदिक   पारम्परिक पाक कला, कुमाऊं  का   आयुर्वेदीय पारम्परिक भोजन  पाक कला निरंतर ;बांस कलियों से सब्जी रेसिपी


Bhishma Kukreti


उत्तराखंड का पारम्परिक  आयुर्वेदिक  मलका पराठा   पकाणौ   सगोर

  उत्तराखंड का पारम्परिक  आयुर्वेदिक भोजन  मलका परांठा  पकाने की विधि (रेसिपी )   
  Recipe of  Uttarakhand, Ayurvedic Traditional Recipe of Malka  Paratha
आयुर्वेदीय  उत्तराखंडी  पारपम्परिक भोजन व्यंजन विधि /पाक विधि/ पाक कला  श्रृंखला  भाग -  43
Recipe of Ayurvedic Traditional Food of   Garhwal, Kumaon (Uttarakhand)part- 43
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संकलन -  अनीता नैथानी ढौंडियाल
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एक कटोरी मलका लाल वोली
द्वी कटोरी आटू
द्वी तीन हैरी मर्च लोण एक चम्मच
बणौणू सगोर/ पाक विधि विधान
मलका ध्वैकी निथार द्या
कुकर मा एक चम्मच तेल गरम कैरी क दाल डाला
गैस कम कैरी एक मिनट भूटा
द्वी कटोरी पाणी डाली कि मध्यम आंच मा एक सीटी तक पकावा
अब ढक्कण खोली क थोड़ा ठंडू होण द्या
अब लोण हैरी मर्च अर एक चुटकी हल्दी पाउडर डाली कि अच्छीतरह मिलावा
ध्यान रखण कि थोड़ा गरम मा ही मिलौण
अब आटा मा आधा चम्मच लोण अर चुटकी हल्दी अर जवाण मिलै कि गूंद द्यावा
दाल भोरीक पथला पथला परोंठा बणावा अर घी मक्खन दगड़ा खावा , दगड़म गरमा गरम चाय भि
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Copyright @ अनीता नैथानी ढौंडियाल  2021
उत्तरखंड  का  आयुर्वैदिक पारम्परिक भोजन  पका कला , Recipe for Ayurvedic  Traditional Cuisine  of    Uttarakhand    , गढ़वाल  का आयुर्वेदिक   पारम्परिक पाक कला, कुमाऊं  का   आयुर्वेदीय पारम्परिक भोजन  पाक कला निरंतर ;


Bhishma Kukreti

 
       
     उत्तराखंड का पारम्परिक  आयुर्वेदिक  चणा  फाणु   पकाणौ   सगोर

  उत्तराखंड का पारम्परिक  आयुर्वेदिक भोजन  चना फाणु पकाने की विधि (रेसिपी )   
  Recipe of  Uttarakhand, Ayurvedic Traditional Recipe of
आयुर्वेदीय  उत्तराखंडी  पारपम्परिक भोजन व्यंजन विधि /पाक विधि/ पाक कला  श्रृंखला  भाग -  ४४
Recipe of Ayurvedic Traditional Food of   Garhwal, Kumaon (Uttarakhand)part- 44
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संकलन - बिमला रावत  ( यमकेश्वर )
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ला आज बणोंला साबुत चाणों कु फाणु
संकलन कर्ता --बिमला रावत
सामग्री --
साबुत चाणा (2 कट्वरी)
साफ कैरी ध्वैकी रात मा भिगै द्यावा ।

मसल -- जीरु ,
लासण (8-10 कली )
टमाटर (2 दांणी )
हर मर्च ,
लाल मर्च(पिसी )
आदु एक छुटु सि ..टुकड़ा ,(यूं सब्यूं तै पिसी द्यावा )
हींग ,
हल्दी ,
तेल ।
लूण स्वादानुसार
बणांणा ब्यूंत (विधि) --
भिगयां चाणों थैं सिलबट्टा / मिक्सि मा दरदरू सि पीसी ल्यावा । थ्वडा सि पिसी चाणा पक्वडी कुण अलग धर द्यावा । अब गैस जलै ,कडै धारा और तेल डाला और गरम हूण द्यावा । और छ्व्टी छव्टी पकौडी बणै ल्यावा ।वैकॉ बाद ऊं थै निखाली हींग ,जीरू डालीक पिस्यूं मसल डाल द्यावा और भूनणा बाद पिसी दाल भि खूब बणै पकावाऔर
जनि पकि जाव त उमल्यूं पाणी डाली थडकन द्यावा ।पाणी इतगा डलण कि उ सारु नि हो और पकणा बाद वैमा पक्वडी भि डाल द्यावा । फांणु च तैयार चला भात मा राली खौला ।

कन लगि जरुर बतांया
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Copyright @ बिमला रावत  ( यमकेश्वर )  2021
उत्तरखंड  का  आयुर्वैदिक पारम्परिक भोजन  पका कला , Recipe for Ayurvedic  Traditional Cuisine  of    Uttarakhand    , गढ़वाल  का आयुर्वेदिक   पारम्परिक पाक कला, कुमाऊं  का   आयुर्वेदीय पारम्परिक भोजन  पाक कला निरंतर ;

Bhishma Kukreti

अल्लू की थिंचोणी अर भात, अजी क्य बात!"

संकलन -  जितेन्द्र राय 

अल्लू की थिंचोणी बणाणे कि विधि/व्यून्त।
द्वी खंदेरूं वास्ता।
सामान-
लासण- 1 ढिंडी
प्याज- 1बड़ी सी दाणी
टमाटर- 1
अदरक,
हैरू धन्या,
अल्लू- 300 ग्राम
लूण,
हैरी मर्च,
लाल मर्च पाउडर,
राडू/सरसों कु तेल,
हल्दी,
सब्जी मसाला।
विधि/ व्यून्त-
सबसे पैली सिलोटा म अल्लू अच्छी तरे से थींच दियाँ।
अदरक, लहसुन, हैरी मर्च कु सिलोटा या मिक्सी म पेस्ट तैयार कर्यां। भदेली/ कढ़े म तेल गर्म कर्यां अर वे म तब बरीक कट्यां प्याज कु छौंक लगयां। एक चम्मच लूण/ नमक डाली के प्याज गुलाबी हूँण तक पकयां। एक टमाटर काटी के तब कढ़े म डाळी दियाँ अर कढ़े कै थकुला/ प्लेटन ढकी की हल्की आँच म 3 मिनट पकण दियाँ।
ढक्कण हटे कि तब वे म हल्दी, सब्जी मसाला, थोड़ा सी लाल मिर्च पाउडर मिले कि करछी ल खरोल्यां। वेक बाद थिंच्यां अल्लू बी डाली दियाँ। कुछ देर करछी चलोंदी रयाँ।
500 एम एल पाणी मिले के 15 से 20 मिनट तक हल्की झौल/आँच म पकण दियाँ। पकणा क बाद वेमा बरीक कट्यों हैरू धन्या डाली दियाँ।
सुस्वादि थिंचोणी तैयार च ।

भात दगड़ खावा अर ख़िलावा। //
जब कै फर बिजाम गुस्सा ऐ जाओ त वै दिन वे क बजाय अल्लू की थिंचोणी जरूर बणया।
Copyright @ जितेन्द्र राय

Bhishma Kukreti

मडुआ टिक्की विद कर्याल (कुमाऊंनी)

6 जना लिजी
सामग्री
100 ग्राम मडुआ पिश्यूँ
100 ग्राम बेसण
4,5 करेलाक छिल्क
1चमच लसुन अदरक पेस्ट
1 चमच शक्कर या गुड़
1 चमच हल्द, 1 चमच पिसी लाल मिर्च 1 चमच धणि पौडर
लूंण स्वादानुसार
तेल

तरीक
सब्नेहे पैली कर्याल छिल लियो। विंके नमक लगाभेर एक घण्ट लिजी छोड़ दियो। बाद में कर्यालक छिलकन कें निचोड़ भेर एक ठुल ब्याल में धर भेर। वीमें ऊपर लिखीं सप्प मश्याल खित लियो। पिश्यूँ ले खित लियो। 2 चमच तेल व पाण खित भेर सबनेकी गोल- गोल टिकी बणे लियो। अब नॉनस्टिक में तेल डालभेर टिक्की सेंक लियो द्वेनी तरफ बिटी। भलाभल खट्ट मिट्ठ पौष्टिक व स्वादिष्ट टिक्की तैयार छन।।
सुमीता प्रवीण
मुंबई

Bhishma Kukreti

रेड चिली नारियल चटनी  रेसिपी, 


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सरोज शर्मा सहारनपुर (चटनी शोधार्थी)
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लाल मर्च नारियल चटणि एक स्वादिष्ट चटणि रेसिपी च,जै थैं आप दक्षिण भारतीय भोजन या सुबेर कु नाश्ता दगड़ परोस सकदा छन ,ये मा नारियल दगड़ लाल मर्च पीसिक तड़का दिये जांद, जु स्वाद थैं और भि बड़ै दींद
चटणि खुण-एक कप नारियल छवटू छवटू काट लीण
1/2 कप छवटु छवटु कटयू प्याज
2 3 फोलि लासण
1 1/2 अदरक घिस ल्याव
5 -6 सुखीं लाल मर्च
2 चम्मच भुनया चाणा
लूण स्वादानुसार
1 बड़ू चम्मच नारियल तड़का खुण
1 छवटु चम्मच राई
1 चम्मच छवटु जीरू
थोड़ा-बहुत कड़ी पत्ता
1 छवटु चम्मच सफेद उड़द
2 सुखीं लाल मर्च
1 बड़ु चम्मच नारियल तेल
बणाण कु सगोर
एक कढ़ै मा तेल डालिक गरम कारो प्याज लासण सुनहरू हूण दयाव अब ये मा कड़ी पत्ता ,लाल मर्च ,30 सेकंड तक पकाव ये थैं चटणि मा डालिक परोसा
लाल मर्च नारियल चटणि रोस्ट डोसा इडली दगड़ सुबेर कु नाश्ता मा परोसा
सर्वाधिकार @सरोज शर्मा (चटणि शोधार्थी )


Bhishma Kukreti

आमा क भिंडी साग

द्वि जणाने लिजी
सौमान--
पौ भर भिंडी
चार - पांच हरीं मिर्च
भलोभल सरसों तेल
एक चमच जीर
लूंण स्वादानुसार
तरीक
भिंडी ध्वे भेर गोल- गोल काट लियो। सरसोंक तेल में जीर खितो फिर वीमें भिंडी, हरीं मिर्च, लूंण खित भेर तेज आग में भुड़भुड़ींन दिया। असल स्वाद चैंछ तो मश्याल जरा ले न खितण भे।जब लागोल कि पाण नी दिखिनो तो थोड़ देर लिजी ढाक धर दियो। भात दगड़ी भौते भल लागूं यो साग। असल भिंडीक स्वाद कि हूँ आज पत्त चलौल।
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सुमीता प्रवीण
मुंबई

Bhishma Kukreti

डबलरोटी सैंडविच

उषा बिज्लवाण - ,देहरादून।

समै- २० मिनट
सामग्री- २ आलू उबालिक मैश कर्यां,
२ डबलरोटी ,
१ बड़ू प्याज़ बरीक कट्यूं, थोड़ा सा हरु धणियां,
२ हरीं मिर्च,
लोण स्वाद से ,
मक्खन ३ चम्मच,
हरी चटणी ,
लाल चटणी ,
टमाटरसौस।
विधी- डबलरोटी, तेल अर चटणी छोड़ीक सब सामग्री मिलै द्या अब तीन हिस्सा करीक डबलरोटी क ऐंच फैलै द्या तवा गरम करा डबलरोटी दुया तरफ सेका हल्का भूरा होण पर प्लेट पर निकालीक तिन्या च टणी लगा तैयार छ डबलरोटी सैंडविघ सेका


Bhishma Kukreti


   
सावित्री चौधरी : एक प्रवासण  जैन  प्रवास म इंडियन कुकिंग ग्रंथ प्रकाशित कार !
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भारतम म पाक शास्त्र ग्रंथ रचना इतिहास   भाग  - 19

भारतम  स्वतंत्रता उपरान्त    कुक  बुक प्रकाशन को ब्यौरा  भाग - ४
Cookbooks after  Independent  India  - 4 
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- भीष्म कुकरेती
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सावित्री चौधरी जीवनी उत्तराखंडी महिलाओं कुण  एक प्रेरणा प्रद जीवनी च कि प्रवास म रैका बि अपण क्षेत्र की सेवा ह्वे सकद च। 
सावित्री क जनम १९०९ म मुल्तान (आज पाकिस्तान )  अर एक अध्यपक की पुत्री रूप म जन्म ह्वे।  सावित्री क चार बैणि  छे अर  एक भाई छ।  १९२८ ब्यौ से पैल  सावित्री गर्ल्स स्कूल म पढ़ांदी छे।
सावित्री १९२८ से चौधरी ह्वे  अर अपण   ससुरास मुरादपुर आयी गे।   ब्यौ  क एकदम  बाद सावित्री पति एम् इस करणो लंदन शिफ्ट ह्वे  गे अर मिस्टर चौंधरी  तै लंदन म GP याने जनरल प्रैक्टिसनर की पोस्ट  मिल अर  मिस्टर चौधरी लंदन ही बस  ह्वे गेन।  सावित्री चौधरी बि  १९३२ म लंदन ऐ गे। 
पैल पैल  सावित्री क घर यॉर्क विलाम   बिजली अर  घर से भैर  झाड़ा बाल्टी बि  नि  छे।   बाद म चौधरी परिवार डिजिबैंक  शिफ्ट ह्वे  गे।  शुरू शुरू म सावित्री तै न्य परिवेश , नई संस्कृति से परेशानी ह्वे पर धीरे धीरे सावित्री  नयो  परिवेश से जुड़न  लग गे अर  सावित्री न अपण धमेली काटी बॉब कट बाळधारी ह्वे गे अर सावित्री ज्वा भारतम शाकाहारी छे पर लंदन म वा मांशाहारी ह्वे गे।  डा चौधरी अपण काम म अत्त्याधिक प्रेमी छा।  इख तलक कि  सावित्रीन पश्चमी लिवास  बि पैरण  शुरू कर दे। 
सावित्रीन पश्चिमी भोजन पकाण  सीख अर  अंग्रेजी सिखणो प्रायवेट ट्यूटर म पढ़ाई कार।  सावित्री चौधरीन १९३५ एक नौनु व १९३८ नौनी तै जन्म दे।  एक बाद सावित्री एक पत्रकार की भूमिका म बी छे।
  सावित्री चौधरीक  ' इंडियन कुकिंग ' पुस्तक  १९५४  म छप।  दुसर संस्करण १९५७ म छप तो १९९९ म आखरी संस्करण छप।
सावित्री चौधरी  क निधन १९९४ म ह्वे।
सावित्री चौधरी पैलि प्रवासी महिला छे जैन  भारतीय पाक कला पर खोज कार अर  कूकरी पुस्तक प्रकाशित कार। 
सर्वाधिकार@ भीष्म कुकरेती
भारत में पाक शास्त्र / cookbooks  ग्रंथ इतिहास; ब्रिटिश राज में  भारत में पाक शास्त्र / cookbooks  ग्रंथ इतिहास;    ग्रंथ इतिहास;  श्रृंखला जारी रहेगी , Cookbooks in British Period in India ; भारत म ब्रिटिश युग म पाक शास्त्र  ग्रंथ प्रकाशन