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Humorous Songs Of Uttarakhand Music - उत्तराखंडी लोक संगीत के हास्य गाने

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, February 10, 2009, 01:05:08 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dosto,

उत्तराखंड के लोक संगीत की अपनी एक विशेष पहचान है ! लोक संगीत मे हास्य गानों का अपना अलग मजा है ! एक समय मे लोक ड्रामा / राम लीला आदि के हास्य गानों को विशेष दंग से प्रस्तुत करते थे !

Even today, humurous songs are being made in different ways. Be it pulling ofpolitical leaders or any system.

We will write lyrics of Humurous song of Uttarakhand here. I am sure these lyrics would remind you the old days culture also.

Regards,

M S Mehta

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


जैसे की इस गाने को देखिये :

ब्वारी तम्बाकू पीजा
ब्वारी धुवा ना उडा

ब्वारी नाम छो बल कीडी
उतर ना सकन बल सीडी

ब्वारी तम्बाकू पीजा
ब्वारी धुवा ना उडा


ब्वारी नाम छो बल कीडी
जब देखो ब्वारी बण्डल छो बीडी क

ब्वारी तम्बाकू पीजा
ब्वारी धुवा ना उडा

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


It is said that the following has been composed basically on failure of Congress Govt nin in 2000 onwards.  This song proved instrumental for BJP regaining the regime last  legislative election in the state. The song is even shown in NDTV and other channels.

The song humorous in nature. Just see the lines:

हे हे.. हो हो...हा ..............
जम्बू द्वीपे  भारतखंडे ,
भारतखंड  मा  उत्तराखंडे
उत्तराखंड  राज  की  कथा सुणादू  ,
प्रथम उ  शहीदों तें  प्रणाम करदु
जौने  उत्तराखण्ड राज का बाना
प्राण दे दिनी , शहीद हवे  गिनी
हे हे.. हो हो...हा ..............

उत्तराखण्ड मी  पहलु  राजा  tharpey gei,
भा जा पा  साह   बंशी  स्वामी शाह
अडीयूँ   का दरवारियुं  द्वि  साल   तक राज  करे 
राज क्या करे, ठाठ  करे
पूजा पाठ  करे, चार को आठ  करे
उत्तराखंड  के उतन्दंड करे 
उत्तरांचल नाम  धरे
अपणा गालों पर फूल माला पैरेनी   
अर  निचिंत हो के से  गेनी   
हे हे.. हो हो...हा ..............

द्वि हजार द्वि मा  पहलों   चुनाव को शंख  बजे,  रणसिघा गरजे
प्रजा  ने  स्वामी सा  और भगत  शाह  और भगत सा  तै सिउन  रों  दी
और भा. रा. का.   चंद्रवंशियो  ते , राजगद्दी   सौप  देई
भा. रा. का.  का  चंद्रवंशियो  ते , राजगद्दी   सौप  देई
जनता  स्वप्नु देखनी  छ
होनी  हुन्तियाली  का  स्वप्ना ,
भली भाल्यार  का स्वप्न्या
रोज़गार  का सुप्न्या
आज विकास  का सुप्न्या
रंगीला  सुप्न्या
पिंगला  सुप्न्या,
सुपन्या ही सुप्न्या
हे हे.. हो हो...हा ..............

हां तो  भाई बहिनों 
भा. रा. का.  चंद्रवंश  को पहिलो  रजा  banein  - नौछमी नारायणा
नौछमी नारायणा द्वारिकाधीश  कृषण  की अनवार  हवे  परे  ,
नौछमी नारायणा राजनीती की  पैनी  धार  हवे  परे ,
नौछमी नारायणा चार बीसी  बसंत  की  बहार  हवे  परे ,
नौछमी नारायणा जवानी  को  हुलार  हवे  परे ,
उद्मातो , धन्मातो , जोबंमातो , रूप  को  रसिया , फूलों  को  हौसिया
नौछमी नारायणा

कोरस

कलजुगी  औतारी  रे , नौछमी नारैना, उत्तराखंड  मुरारी  रे ,नौछमी नारैना-2
छल  बलि  नारैना  रे  , नौछमी नारैना, तीले  धारू  बोला  रे, नौछमी नारैना -2

गुलेरा  की गारी  नरैना, गुलेरा की गारी -3
राज विरोधी  रे  सदा  नि, पर  राज  गद्दी  प्यारी
राज गद्दी प्यारी रे, नौछमी नारैना -२

[CHORUS]

सुन तोलैयी तोल  नरैना, सुन तोलैयी तोल-3
खाजा  बुखाना  सी  बातिनी  तिन , लाल बातियुं  का डोला
लाल बातियुं  का डोला, नौछमी नारैना -2


भुजी   काटी  तरकारी  नरैना , भुजी  काटी  तरकारी  -3
द्वि हातून  लुतौन्दी  नारैना, खाजानु  सरकारी
खाजानु  सरकारी रे , नौछमी नैरैना . 2
[CHORUS]

हिसारा की गौन्दी  नारैना, हिसारा की गौन्दी -3
बियोग्राफी लिक्वारू  नारैना  तू  बैतरण  तारोंदी
बैतरण  तारोंदी , नौछमी नैरैना -2
[CHORUS]
गोर्खियों  की गोरख्यानी  नारैना, गोर्खियों  की गोरख्यानी-3
कख  लमदाली  स्य  उत्तराखंड, स्य बुधियाँ की  सयानी
बुधियाँ की  सयानी , नौछमी नारैना  -2
[CHORUS]

छम  छम छाम्म , चम्म्लेई
विरोध्युं  लडोनी ,चम्म्लेई
दरवारियो  हसोन्दी , चम्म्लेई
अफ्सरू  पुल्योंदी , चम्म्लेई
प्रजा बैल्मोडी , चम्म्लेई
राजनीती  की बासुरी   नारैना पड़ पड़ी बजौन्दी
नारैना पड़ पड़ी बजौन्दी , नौछमी नारैना  -2
[CHORUS]

छम  छम छाम्म , चम्म्लेई
देनी  देहरादून ,  चम्म्लेई
दरवार  लग्यु  छा ,  चम्म्लेई
नकली राजधानी ,  चम्म्लेई
दरवारी यु की मौज ,  चम्म्लेई
दरवारियु   की मौज,  नरैना, चक्डेतु  की फौज
चक्डेतु  की फौज रे नौछमी नरैना   



पंकज सिंह महर

इसी श्रृंखला में कुमांऊनी गायक श्री प्रकाश रावत का नाम लिया जाना भी उचित होगा, उनका एक गीत-


नै खानु-नै खानु कुंछी, नौ रवाटा खा जांछी,
नान्तिना बूढ़ा-बाड़ी चाइयां रैं जानी,

काम धन्धा का दिन आया त, ह्वै जांछी बीमार,
खान खिना सबहैं पैल्ली, खान खिना सबहैं पैली, ह्वै जांछी तैय्यार,
नै खानु.........

घी य को डलो रवाटा में, साग चट-पट,
द्वि छापरा रवाटा हो दाज्यू, द्वि मिनट में चट्ट,
नै खानु.......

पंकज सिंह महर

गजेन्द्र राणा का गाया एक गीत, जो उत्तराखण्ड के परिप्रेक्ष्य में लगभग सार्थक भी हो रहा है-


चुप्प रौ छोरो, हल्ला नी करो,
मंत्री दीदा सिणा च
उत्तराखण्ड को विकास घोषणा में हुनु च,

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


बचपन में यह गाना हमने कई कैम्पों में सुना है जैसे नेहरू युवा क्लब में ! अल्मोडा से नेहरू युवा क्लब के कलाकार इसमे नाटक पस्तुत करते थे !

देखिये कुछ लाइन :

तीले धारु बोला,
शाबाशी मेरो मोतिया बल्द (बैल)

नौ रुपया का मोतिया बल्द
सौ रुपया क सींग

शाबाशी मेरो मोतिया बल्द (बैल)

हे तीले धारु बोला,
शाबाशी मेरो मोतिया बल्द (बैल)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



एक महिला अपने शराबी पति के परेशान होकर अपना दुःख इस हास्य गाने के रूप मे कैसे बया करती है: देखिये इन ला इन को :

पी भी रून्छा रूज डून
खाली नहिगियो सार हियूंन (winter season)
तसी के रुला जियूंन

मुख मे तुमर मॉस निहा
नानतिन का झास (फिक्र) न हा

तसी के रुला जियूंन .....

खाली नहिगियो सार हियूंन (winter season)
तसी के रुला जियूंन

तुमि के के डर निहा
नानतिन के खा रेछे 

तसी के रुला जियूंन .....

खाली नहिगियो सार हियूंन (winter season)
तसी के रुला जियूंन

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


अब इस गाने को देखए :

महिला :
ओह पुरवा बाजू चपल की लाछा यस
फट नी कैनी चपल की लाछा यस

पुरूष :
ओह परुली ईजा तो कस मनिछे कस
बाजार भी लायो तो कस मनिछे कस

महिला :
ओह परुवा बाजू घाघर  की लाछा यस
फर फार नि कैनी घाघर की लाछा यस


पुरूष :
ओह परुली ईजा तो कस मनिछे कस
बागेश्वर भे लायो  तो कस मनिछे कस

महिला :
ओह परुवा बाजू नथुली  की लाछा यस
चम् चम् नि कैनी घाघर की लाछा यस


पुरूष :
ओह परुली ईजा तो कस मनिछे कस
अल्मोडा भी गदियाई  तो कस मनिछे कस

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



देखिये यह गाना जो की हास्य भी है और एक प्रकार की जुगल बंदी भी !

पुरूष :

तवे किले दियाना छा झुमुका फुना 
तवे किले दियाना छा झुमुका फुना 

महिला :

बाजू ले दियाना छा झुमुका फुना 

पुरूष :

जो तेरा बाजू, वो मेरा सौरा
तवे किले दियाना छा झुमुका फुना 

महिला :

ईजा ले दियाना छा झुमुका फुना 

पुरूष :

जो तेरी ईजा वो मेरी सासू 
तवे किले दियाना छा झुमुका फुना 

महिला :

भाई जी ले दियाना छा झुमुका फुना

पुरूष :

जो तेरी भाई वो मेरा साला 
तवे किले दियाना छा झुमुका फुना

महिला :

भौजी ले दियाना छा झुमुका फुना 

पुरूष :

जो तेरी भौजी वो बहिना 
तवे किले दियाना छा झुमुका फुना

Mukesh Joshi

चादरी यो  चादरी - पारम्परिक लोकगीत है, गांव के ग्वालों के साथ एक महिला गाय चराते हुए अपनी चादर सुखाने को डालती है. तेज हवा से सूखती हुई चादर उङ जाती है. इसी पर गाय चराने वाले लङके हंसी-मजाक करते हैं.

चदरी यो चदरी तेरी चदरी फ्वं फ्वां फ्वां
कनी भली छै चदरी तेरी चदरी फ्वं फ्वां फ्वां -२
जान्दरी रूणाई बल जन्दरी रूणाई
पल्या खोला की झुप्ली गए डांडा की वणाई 
डांडा की वणाई.......तेरी चदरी फ्वं फ्वां फ्वां
चदरी यो ..............................................

झंगोरे की घाण बल झंगोरे की घाण
धार ऐच बैठी झुपली चदरी सुखाण
चदरी सुखाण.......तेरी चदरी फ्वं फ्वां फ्वां
चदरी यो ..............................................

किन्गोडा का कांडा बल किन्गोडा का कांडा    -२
चदरी उडी -उडी पोहुची खैरालिंगा  का डांडा
खैरालिंगा  का डांडा ..............तेरी चदरी फ्वं फ्वां फ्वां
चदरी यो ..............................................

कान्गुला की घांघी बल कान्गुला की घांघी
ढाई गजे की चदरी उडी
तेरी मुंडली रेगी नांगी
तेरी मुंडली रेगी नांगी.........तेरी चदरी फ्वं फ्वां फ्वां
चदरी यो ..............................................

पाली पोडी सेड बल  पाली पोडी सेड
चदरी का किनारा झुपली बुखणो की छै गेड-2
बुखणो की छै गेड...........तेरी चदरी फ्वं फ्वां फ्वां
चदरी यो ..............................................

बाखरी का खुर बल बखरी का खुर
पैतु जन चलिगे चदरी झुपली का सैसुर
झुपली का सैसुर ...................
तेरी चदरी फ्वं फ्वां फ्वां
चदरी यो ..............................................
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