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Uttarakhand Feature Films Since 1983 - 1983 से अभी तक बनी उत्तराखंडी फीचर फिल्मे

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, April 09, 2009, 11:41:11 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

दोस्तों,

उत्तराखंड मे पहली बार बड़े परदे का फिल्म बनाने के साहस १९८३ में सबसे पहले " श्री पराशर गौर जी" ने किया था ( जो की मेरापहाड़ पोर्टल के वरिष्ठ सदस्य भी है) ! उन्होंने उत्तराखंड की पहली feature  फिल्म "जग्वाल" जो की गड़वाली भाषा में बनी थी का निर्माण किया !


हम इस थ्रेड में उत्तराखंड की कुमोअनी और गड़वाली दोनों क्षेत्रीय भाषाओ में बनी बड़े पर्दों के फिल्मो का सन १९८३ से अब तक का विवरण यहाँ पर देंगे !

एम् एस मेहता

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


उत्तराखंड में सबसे पहली feature फिल्म बनाई श्री parashar gaur जी ने ! isiliye guar जी को uttarakhandi filmo का janak भी kahaa जाता है !

अब तक bani uttarakhandi feature filmo का १९८३ से अब तक का लेखा विवरण :

सन 1983
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श्री पराशर गौर जी ने १९८३ में बड़ी हिम्मत के साथ विशुद्ध गर्वाली फिल्म "जग्वाल" बनाई! यहाँ से शुरू हुवा उत्तराखंडी feature फिल्मो का aagaaj.  tulshi धेमरे के निर्देशन में यह फिल्म को तैयार किया गया !


One of the many posters produced for the film



Still from Jagwal



Premiere of Jagwal



Playback recording with Kusum Bisht



Source: http://cinema.prayaga.org/jagwal/

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सन 1984 " कभी सुख - कभी दुःख"
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कभी सुख - कभी दुःख अगली फिल्म १९८४ में बनाई गयी लेकिन यह फिल्म काफी सफल नहीं रही ! यह फिल्म गडवाल फिल्म्स के बैनर तले बनी थी !

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सन 1985
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इस साल कोई भी feature फिल्म का निर्माण नहीं हुवा !

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सन 1986 - "घरजवे"
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http://www.youtube.com/watch?v=sGZw8FrVD2k

एक वर्ष के अंतराल के बाद १९८६ में एक और गड़वाली फिल्म "घरजवे" पर्दर्शित हुयी ! बद्री केदार फिल्म्स ने बैनर तले बनी इस फिल्म को आज गड़वाल के सबसे सफल फिल्मो में गिना जाता है! इस फिल्म के सफलता का पूरा क्षेय जाता है विश्वेसर दत्त नौटियाल और निर्देशक तरन तारण की फूल प्रूफ़ योजना को मिला !

१९८६ के इस सफल प्रोग के बाद प्रदेश में गड़वाली फिल्मो के निर्माण का दौर शुरू हो गया !

१९८६ के इस सफल प्रयोग के बाद प्रदेश में गड़वाली फिल्मो के निर्माण का दौर शुरू हो गया !

इसी बर्ष तीन और फिल्मो का निर्माण हुवा ये थीं फिल्म थी :

      -       शिव नारायण रावत और निर्देशक तुलशी धेमरे की " प्यारो रुमाल"
      -       निर्माता जयदेव्शील व निर्देशक चरण सिह चौहान की " कौथिक"
      -       निर्माता एस एस बिष्ट की " उन्द्कार"


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

1987 का वर्ष "मेघा आ"
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"मेघा आ" यह फिल्म उत्तराखंड की दूसरी क्षेत्रीय भाषा कुमोनी में यह पहली फिल्म थी! जिसका निर्माण जीवन बिष्ट और निर्देशन काका शर्मा ने क्या था !

इस फिल्म को दर्शोको ने काफी सराहा !  इस फिल्म के कलाकार थे मुकेश धस्माना, अशोक मल्ल, सपना अवस्थी और मेहमान कलाकार के रूप उत्तराखंड की आवाज और प्रसिद्ध लोक गायक स्वर्गीय श्री गोपाल बाबु गोस्वामी जी भी थे ! जिन्होंने इस फिल्म के कुछ गाने भी गाये !


http://www.youtube.com/watch?v=RkwwAzZLrJE

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१९८८ और १९८९
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१९८८ और १९८९ मे कोई निर्माता नयी फिल्म बनाने की हिम्मत नहीं कर सका! 

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१९९० का समय   -  "रैबार"
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इस साल में मूलतः गुजराती निर्माता किशन पटेल ने संतोषी माँ प्रोडक्शन के बैनर तले "रैबार बनाई ! सोनू पंवार ने निर्देशन के सजी इस फिल्म का प्रदशन से पूर्व जितना जबर्दस्त प्रचार हुवा लेकिन फिल्म को बहुत जयादा सफलता नहीं मिली. 




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१९९२
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१९९२ में एक बार फिर फिर से सीता राम भट्ट ने फिर एक प्रयास किया और "बतवारू" फिल्म बनाई! चंद स्थानों पर औसत प्रदर्शन के बाद यह फिल्म भी ज्यादे नहीं चली!