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Surkanda Devi Temple,Uttarakhand, सुरकंडा देवी मंदिर टिहरी गढ़वाल उत्तराखंड

Started by Devbhoomi,Uttarakhand, September 26, 2009, 07:02:51 AM

Devbhoomi,Uttarakhand


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

संतरा देवी मंदिर मसूरी

# संतरा देवी मंदिर उत्तराखंड की प्रकृति की गोद में बसी मसूरी के मुख्य पर्यटन स्थल में से है।
# संतरा देवी मंदिर मसूरी का प्रसिद्ध मंदिर है।
# संतरा देवी मंदिर भी लेक मिस्ट कि तरहा केम्पटी फ़ॉल से वापसी के रास्ते में स्थित है।
# पहाडियों पर कुछ सीढियाँ चढ़ने के बाद संत संतरा द्वारा स्थापित संतरा देवी के दर्शन होते हैं।
# संतरा देवी मंदिर के आस पास एक दूसरे से टकराती पहाड़ियाँ बहुत ही अनुपम दृश्य पैदा करती

(Source Bharat Discovery.com)

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गंगा दशहरे के एक दिन पहले सिद्धपीठ मां सुरकंडा मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया जो देर सांय तक जारी रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां के जयकारे के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।

गंगा दशहरे के अवसर पर विभिन्न गांव से समूह में आकर लोगों ने देवी के दर्शन किए। कई लोग ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर पहुंचे। इस दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए जो भी व्यवस्थाएं की गई थी वह मंदिर समिति ने की है। प्रशासन की ओर से खास व्यवस्था नही है।

मंदिर समिति के अध्यक्ष शिव सिंह जड़धारी, जितेंद्र नेगी ने बताया कि गुरुवार को अधिक भीड़ जुटने की संभावना है क्योंकि यह गंगा दशहरे का मुख्य दिन है। इस दिन देवी के दर्शनों का अधिक महत्व है। उन्होंने बताया कि मंदिर में पेयजल खच्चरों पानी लाकर यात्रियों को सुविधा दी जा रही है।

मंदिर समिति सीमित संसाधनों के बाद भी यात्रियों के लिए हर संभव सुविधा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले इस मेले को शासन स्तर से आर्थिक सहायता भी मिलती थी जो अब नही मिल पा रही है। सिद्धपीठ मां सुरकंडा मंदिर स्थल को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए मंदिर समिति ने पहल की है।


Dainik Jagran

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गंगा दशहरे के अंतिम दिन सिद्धपीठ मां सुरकण्डा मंदिर में विभिन्न जगहों से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव से माता के दर्शन कर धर्म लाभ अर्जित किया। सुबह से लेकर शाम तक मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही।

समिति के अनुसार इन तीन दिनों में लगभग एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन किए। गंगा दशहरे के समापन पर शुक्रवार को भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां का दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया और संपन्नता व खुशहाली की मन्नत मांगी।

इस दौरान आस-पास के गांवों समेत दूर-दराज के श्रद्धालु भी ख्रासी संख्या में मौजूद रहे। कतारों में लगे भक्त देर शाम तक माता के दर्शन करते रहे। वहीं दूसरी ओर कद्दूखाल स्थित मेले में भी भारी भीड़ देखने को मिली। देवी दर्शनों के बाद लोगों ने मेले में जमकर खरीददारी की। इस दौरान कई गांवों के लोग अपने ईष्टदेवों की डोली लेकर यहां पहुंचे।

मंदिर समिति के अनुसार शुक्रवार तक लगभग एक लाख से अधिक लोग माता के दर्शन कर चुके हैं। समिति के अध्यक्ष शिव सिंह जड़धारी, जीतेन्द्र नेगी ने बताया कि वैसे तो मंदिर में देवी दर्शनों के लिए लोगों का आना-जाना लगा रहता है। लेकिन गंगा दशहरे के अवसर पर देवी के दर्शनों का विशेष महत्व होता है।

इसलिए तीन चार दिनों तक मंदिर में अधिक भीड़ रहती है। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए पेयजल या ठहरने आदि की व्यवस्था समिति अपने संसाधनों से करती है।



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