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Currupt System in Uttarakhand - ये कैसा भ्रष्टाचार है उत्तराखण्ड में?

Started by Jai Dimri, December 02, 2009, 01:06:58 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Retd army officer duped of Rs 4.93 lakh in Uttarakhand

Dehra Dun, Jan 1 (PTI) An unidentified person has withdrawn an amount of Rs 4.93 lakh from the bank account of a retired army officer here, police said today.

A police complaint lodged by Lt Col (Retd) Devesh Chaturvedi stated that when the officer updated his Punjab National Bank pass book on December 28, he came to know that somebody has withdrawn Rs 4.93 lakh from his account.

A bank inquiry revealed that the money was withdrawn on December 11 and 12 through internet banking, police said, adding that they have launched an investigation and a case under IT Act and forgery has been lodged against unidentified person.

News source : http://www.ptinews.com/news/448952_Retd-army-officer-duped-of-Rs-4-93-lakh-in-Uttarakhand

हेम पन्त

पिछले दिनों पिथौरागढ में एक आयकर अधिकारी को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. दिनेश कुमार नाम के इस अधिकारी को एक व्यापारी से 50 हजार रुपये घूस लेते हुए सीबीआइ की विशेष टीम ने रंगे हाथों धर दबोचा.


Devbhoomi,Uttarakhand

भ्रष्टाचारियों  का भ्रष्टाचार देखो

पदक मिला, राशि नहीं



गोपेश्वर (चमोली)। एक ओर सूबे के मुख्यमंत्री और मंत्रीगण सरकारी कार्यप्रणाली में सुधार के दावे कर रहे हैं, दूसरी ओर महकमों की सुस्त कार्यप्रणाली इन दावों की हवा निकाल रही है। अन्य योजनाओं की बात तो छोड़िए शासन-प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते राष्ट्रपति से अनुमोदित जीवन रक्षा पुरस्कार की धनराशि भी चयनित व्यक्ति तक समय पर नहीं पहुंच पा रही है। आलम यह है कि गोपेश्वर निवासी एक व्यक्ति को 11 नवंबर,2008 में राष्ट्रपति से जीवन रक्षा पुरस्कार अनुमोदित हुआ, लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक उसे महज तीस हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान नहीं की है। आलम यह है कि लंबे समय से भारत सरकार के गृह सचिव का स्वीकृति पत्र लेकर सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद उसकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि गोपेश्वर गांव निवासी सुनील चौहान ने चार फरवरी 2006 को अपने गांव में एक बच्चे सचिन को आदमखोर बाघ के मुंह से छुड़ा लिया था। इसके लिए उसने जान जोखिम में डालकर बाघ के साथ करीब बीस मिनट तक संघर्ष किया। काफी मशक्कत के बाद उसने बच्चे को बाघ के जबड़े से छुड़ा लिया, लेकिन इससे पूर्व वह और बालक बुरी तरह जख्मी हो गए थे। दोनों का उपचार काफी दिनों तक जिला चिकित्सालय में चला और तब जाकर वे स्वस्थ हुए। सुनील के अदम्य साहस को आधार मानते हुए 11 नवंबर,2008 को राष्ट्रपति ने उसे जीवन रक्षा पुरस्कार से सम्मानित करने का अनुमोदन किया। भारत सरकार के तत्कालीन गृह सचिव मधुकर गुप्ता ने बाकायदा एक पत्र भेजकर सुनील को इस संबंध में अवगत कराया। पत्र में कहा गया था कि पुरस्कार का पदक, प्रमाण पत्र और पुरस्कार राशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से दो अक्टूबर वर्ष 2009 में जिला मुख्यालय में आयोजित समारोह में पदक और राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र तो सुनील को प्रदान किया, लेकिन उसे पुरस्कार राशि नहीं दी गई। तत्कालीन जिलाधिकारी ने कहा कि पुरस्कार राशि का ड्राफ्ट किन्हीं कारणों से आउटडेटेड हो चुका है, लिहाजा उसे पुनर्जीवित करने के लिए शासन को प्रेषित किया गया है, लेकिन अब तीन माह बाद भी सुनील को यह राशि नहीं दी गई है। सुनील का कहना है कि वह कई बार कलक्ट्रेट के चक्कर काट चुका है, लेकिन कोई अधिकारी उसकी सुनने को तैयार नहीं है।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6087559.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Source : http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6109951.html

Now see this News

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देहरादून। साढ़े छह लाख के बकाया बिल भुगतान की एवज में ठेकेदार से 50 प्रतिशत कमीशन मांग रहे ऊर्जा निगम उत्तरकाशी के एक अधिशासी अभियंता को विजिलेंस ने गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई उस वक्त की गई जब उक्त अभियंता अपने कार्यालय में पेशगी के तौर पर दिए गए दस हजार रुपये ले रहे थे। आरोपी मूल रूप से पंजाब के होशियारपुर का निवासी है।

शनिवार शाम देहरादून के सेक्टर आफिस में मामले की जानकारी देते हुए विजिलेंस एसपी बृजेंद्र कुमार जुयाल ने बताया कि दर्शन लाल निवासी ग्राम बडेथी पोस्ट धरासू विद्युत वितरण खंड उत्तरकाशी में ठेकेदार है। बीती 11 जनवरी को दर्शन लाल ने विजिलेंस में शिकायत की कि उसने चार माह पूर्व चिन्यालीसौड़ ब्लाक में ट्रांसफार्मर लगाने को दो ठेके लिए थे। इसका करीब साढ़े छह लाख का बिल विभाग पर बकाया है। उसका आरोप था कि विभाग के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र सिंह कुंवर भुगतान की एवज में 50 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। दोनों में दस हजार रुपये पहले तथा बाकी पेमेंट मिलने पर देना तय हुआ। एसपी जुयाल ने बताया कि शासन से अनुमति मिलने के बाद शनिवार को विजिलेंस टीम उत्तरकाशी में ऊर्जा निगम आफिस पहुंची। जैसे ही ठेकेदार दर्शन ने आरोपी अधिशासी अभियंता एसएस कुंवर पुत्र शमशेर सिंह निवासी ग्राम-बैजुहर पोस्ट- कमाई बेरी जिला होशियारपुर (पंजाब) को दस हजार रुपये दिए तभी टीम ने उन्हें रंगे-हाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस टीम आरोपी को देहरादून ला रही है। एसपी जुयाल ने बताया कि आरोपी 2002 में सर्विस में आया था और जून 09 से उत्तरकाशी में तैनात था।

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UTTARAKHAND KE VIKAS MAIN RAUDE ATKAANE WALE AISE HI GHOOSKHAUR HAIN JO KI IS DEVBHOOMI TADIKA NAMAK RAKCHHAS HAI JO IS DEVBHOOMI KO DEEMAK KI TRAH KHAATE HAI LEKIN YE LOG RISPAT LEKAR BHI KABHI SUKHI NAHIN RHA SAKTE

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EK OR BHARSHTAACHAR KHABAR

दहेज हत्या में तीन साल की सजा

नई टिहरी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को तीन साल का सश्रम कारावास एवं आठ हजार आर्थिक दंड की सजा सुनाई है।

जनपद की क्वीली पट्टी के पयाल गाव निवासी मकान सिंह ने थाना नरेन्द्रनगर में 21 अप्रैल 2008 को अपनी पुत्री की सास व पति के विरुद्ध दी तहरीर में बताया कि उसकी पुत्री के ससुराल वाले अच्छे फर्नीचर व दहेज की माग करते हुये उसके साथ मारपीट करते रहते हैं। उनके कई बार समझाने पर भी पुत्री के ससुराल वालों ने मारपीट करना नहीं छोड़ा। इसी दौरान 20 अप्रैल को अपरान्ह 1 बजे अभियुक्त रविन्द्र के पिता वीर सिंह निवासी चिडियाली गांव ने दूरभाष पर उसको सूचना दी कि उसकी पुत्री सुबह 9 बजे चिडियाली गाव से गायब है। इस पर उसने 2 बजे अपनी पुत्री के ससुराल में फोन किया तो दामाद रविन्द्र सिंह ने फोन पर बताया कि उसकी पुत्री सुबह 9 बजे से गायब है और वह दो बच्चों को छोड़कर उसे ढूढने कहा जा सकता है? आरोप है कि रविन्द्र की मा ठुमा देवी ने भी उसे गाली देते हुये कहा कि उन्हे जो कुछ करना है कर ले।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6116614.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


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56 घोटाले: धीमी पड़ सकती है जांच

देहरादून। कांग्रेस शासन में हुए कथित 56 घोटालों की जांच निकट भविष्य में धीमी पड़ सकती है। बदले हालात में सरकार को जांच आयोग में नए जस्टिस की नियुक्ति करनी है। ऐसे में जिन प्रकरणों में जांच का कार्य अंतिम चरण में है, उनकी रिपोर्ट तैयार करने में भी खासा वक्त लगना तय है।

कांग्रेस के शासन में हुए कथित 56 घोटालों की जांच के लिए भाजपा सरकार ने सत्तारूढ़ होने के बाद आयोग का गठन किया। आयोग के पहले अध्यक्ष जस्टिस वीएन वर्मा के समय जांच का कार्य गति नहीं पकड़ पाया। एक वर्ष बीतने के बावजूद भी अधिकतर मामलों में प्राइमरी जांच भी शुरू नहीं हो पाई। इसका कारण जस्टिस वर्मा का अस्वस्थ होना रहा। जांच में तेजी लाने के उद्देश्य से सरकार ने आयोग में नए अध्यक्ष जस्टिस आरए शर्मा की नियुक्ति की तो उन्होंने जांच को गति दी। इस दौरान यह सवाल भी उठते रहे कि अफसर जांच में आयोग का सहयोग नहीं कर रहे हैं। बकायदा इस मामले में जस्टिस शर्मा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी को भी वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6135136.html

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YAHI RAAJNITI HAI KANGRESH WALE BHAJPA KO DOSHI BTAATE HAIN OR BHAJPAA WALE KANGRESH KO DOSHI THAHRAATE HAIN,LEKIN JO BHI HO POORI RAAJNITI HI CHOR HAI! KURSHI PAR JO BHI BAITHTA HAI GHOTAALE HI KARNE KE LIYE BAITHATE HAIN !

Devbhoomi,Uttarakhand

AGAR JAANCH HONE KE BAAD BHI AROPI KO PAKDA JAYEGA TO,AAROPI NE ITNE PAISE BNAA RAKHE HONGE KI WO WAHAN SE BHI BARI KAR DIYA JAYEGA,AISE HI KITNE KAIS HAIN JO KI KABHI KHULE BHI NAHIN HAIN KYONKI YAHAN INKO DEKHANE KE LIYE TIME BHI NAHN HAI OR NYAAY KARNE KE LIYE KOI JUJ BHI NAHIN HAIN !