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Currupt System in Uttarakhand - ये कैसा भ्रष्टाचार है उत्तराखण्ड में?

Started by Jai Dimri, December 02, 2009, 01:06:58 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


अब इंदिरा आवास में गड़बड़ी


नई टिहरी गढ़वाल। लगता है खंड विकास अधिकारी कार्यालय भिलंगना पर इस साल ग्रहण लग गया है। पहले पारिवारिक लाभ योजना फिर जनश्री बीमा योजना में गड़बड़ी और अब इंदिरा आवास योजना में व्यापक पैमाने पर धांधली किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

उल्लेखनीय है कि भिलंगना विकासखंड में चालू वित्तीय वर्ष में इंदिरा आवास योजना के तहत कुल 270 आवास स्वीकृत किए गए। इसमें सामान्य जाति के कच्चे आवास में रहने वाले बीपीएल परिवारों को 178, अनुसूचित जाति के 73 व आवास विहीन परिवारों को 19 आवास स्वीकृत किए गए हैं। खंड विकास अधिकारी कार्यालय द्वारा आवंटित इन आवासों में दिलचस्प पहलू यह है कि इंदिरा आवास के आवास विहीन सूची में 19 में से 11 आवास एक ही ग्राम पंचायत कोठियाड़ा को आवंटित किए गए हैं, जबकि विकासखंड भिलंगना में करीब 180 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। खास बात तो यह है कि कोठियाड़ा ग्राम पंचायत के अलावा ब्लाक में और भी कई ऐसी दर्जनों ग्राम पंचायत हैं जहां पर आवास विहीन बीपीएल धारकों की अच्छी खासी तादाद मौजूद है। ऐसे में सिर्फ कोठियाड़ा ग्राम पंचायत को अकेले दर्जन भर आवास आवंटित करने के पीछे गड़बड़झाला बताया जा रहा है। इस पर तुर्रा यह है कि जिस ग्राम पंचायत कोठियाड़ा को 11 इंदिरा आवास आवंटित किए गए वह ग्राम पंचायत निर्मल ग्राम पुरस्कार प्राप्त है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिस ग्राम में सभी परिवारों के अपने शौचालय तक निर्मित हैं वहां पर कोई परिवार कैसे आवास विहीन होगा। इंदिरा आवास योजना आवंटन में खास बात तो यह है कि कच्चे आवास में रहने वाले बीपीएल धारकों का कट आफ स्कोर जहां 7-8 से लेकर 11-12 तक है, वहीं इस निर्मल ग्राम पंचायत में 15-16 से लेकर 21-22 तक अंकित है जो कि सामान्य से काफी अधिक है। इसी योजना में विभाग के कारनामे देखें तो बीपीएल आवास विहीन सूची में एक ही परिवार को दो-दो आवास अलग-अलग श्रेणी में दिखाकर स्वीकृत किए गए हैं। विकासखंड के नैलचामी पट्टी के ग्राम पंचायत धारगांव की सोना देवी को एक आवास सामान्य श्रेणी में व दूसरा अनुसूचित जाति श्रेणी में आवंटित किया गया है। ऐसे ही ग्राम पंचायत सेम बासर में गैणा देवी पत्‍‌नी प्यारी लाल को एक आवास आवंटित किया गया है, जबकि उसके पति प्यारी लाल को दूसरा आवास स्वीकृत किया गया है। ऐसे एक-एक परिवार को दो-दो आवास आवंटित के कई मामले और भी प्रकाश में आ सकते हैं। जांच के बाद इस योजना की हकीकत सामने आ पाएगी। मामले में खंड विकास अधिकारी भिलंगना हरि सिंह अधिकारी ने बताया कि उन्हें अभी इस संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि यदि गड़बड़ी की शिकायत पाई जाती है तो मामले की जांच कराई जाएगी।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6202327.html

Devbhoomi,Uttarakhand

YE LO EK OR SHEE HO GAYA HAI,YE KARNGE UTTARAKHAND KA VIKAAS JAI HO DEVBHOOMI KAISE KAISE LOGON NE JANM LIYA HAI IS DEVBHOOMI MAIN

एमएलए घूस लेते धरा!

उत्तराखंड में सत्ताधारी पार्टी के एक एमएलए धूस लेते धरे गए हैं। माननीय कुमाऊं क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। पर विजिलेंस ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ने के बाद भी मामले को दफन करने में भी ज्यादा देर नहीं लगाई।

जानकारी के अनुसार माननीय एक टेंडर के लिए ठेकेदार पर रिश्वत देने का दबाव बना रहे थे। दोनों में सौदा तय हुआ तो ठेकेदार ने जनप्रतिनिधि को रकम लेने के लिए देहरादून बुलाया। इस बीच ठेकेदार ने विजिलेंस से शिकायत कर दी। विजिलेंस ने फोन टेप कर आरोपी जनप्रतिनिधि को रंगे-हाथ धर दबोचने की रणनीति बनाई। सोमवार रात को एक होटल में उक्त जनप्रतिनिधि सौदे की रकम लेने पहुंचा। जैसे ही ठेकेदार ने उसे रकम दी तभी वहां मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे रंगे-हाथ धर दबोचा। विजिलेंस आरोपी को रेसकोर्स स्थित कार्यालय ले गई।

सूत्रों के मुताबिक, वहां जब विजिलेंस को यह पता लगा कि आरोपी सत्ताधारी दल से जुड़ा है तो अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। तत्काल ही मामले को दबा दिया गया। तभी तो देहरादून सेक्टर के एसपी बीके जुयाल भी कह रहे हैं कि ऐसा कोई मामला नहीं है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6207325.html

Himalayan Warrior /पहाड़ी योद्धा

Bus Vikas to Nahi.. Yahi sab kuch Dikhenga.

Quote from: devbhoomi on February 23, 2010, 06:05:38 AM
YE LO EK OR SHEE HO GAYA HAI,YE KARNGE UTTARAKHAND KA VIKAAS JAI HO DEVBHOOMI KAISE KAISE LOGON NE JANM LIYA HAI IS DEVBHOOMI MAIN

एमएलए घूस लेते धरा!

उत्तराखंड में सत्ताधारी पार्टी के एक एमएलए धूस लेते धरे गए हैं। माननीय कुमाऊं क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं। पर विजिलेंस ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ने के बाद भी मामले को दफन करने में भी ज्यादा देर नहीं लगाई।

जानकारी के अनुसार माननीय एक टेंडर के लिए ठेकेदार पर रिश्वत देने का दबाव बना रहे थे। दोनों में सौदा तय हुआ तो ठेकेदार ने जनप्रतिनिधि को रकम लेने के लिए देहरादून बुलाया। इस बीच ठेकेदार ने विजिलेंस से शिकायत कर दी। विजिलेंस ने फोन टेप कर आरोपी जनप्रतिनिधि को रंगे-हाथ धर दबोचने की रणनीति बनाई। सोमवार रात को एक होटल में उक्त जनप्रतिनिधि सौदे की रकम लेने पहुंचा। जैसे ही ठेकेदार ने उसे रकम दी तभी वहां मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे रंगे-हाथ धर दबोचा। विजिलेंस आरोपी को रेसकोर्स स्थित कार्यालय ले गई।

सूत्रों के मुताबिक, वहां जब विजिलेंस को यह पता लगा कि आरोपी सत्ताधारी दल से जुड़ा है तो अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। तत्काल ही मामले को दबा दिया गया। तभी तो देहरादून सेक्टर के एसपी बीके जुयाल भी कह रहे हैं कि ऐसा कोई मामला नहीं है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6207325.html


Devbhoomi,Uttarakhand

YE LO AB TO JILLA PANCHAAYAT WAALO KI BHI JAIB KHALI HO GAYI HAI READ THIS NEWS

रिश्वत लेते अवर अभियंता दबोचा




गोपेश्वर (चमोली)। बिल भुगतान की एवज में ठेकेदार से दस हजार रुपये की रिश्वत ले रहे जिला पंचायत गोपेश्वर के एक अवर अभियंता (जेई) को विजिलेंस देहरादून की टीम ने उसके आवास से रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस कार्यालय देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया है।

राकेश पंत निवासी ग्राम हिन्दोली कण्डारा तहसील कर्णप्रयाग जिला पंचायत गोपेश्वर का पंजीकृत ठेकेदार है। कुछ समय पूर्व उसने कोट कण्डाराप कालीमठ मंदिर के सौन्दर्यीकरण के लिए जिला पंचायत से 8.55 लाख का ठेका लिया। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद उसे 4.07 लाख का भुगतान किया गया।

आरोप है कि शेष धनराशि का भुगतान करने के एवज में जिला पंचायत के जेई दिलीप सिंह अधिकारी निवासी ग्राम डूंगा, अल्मोड़ा ने दस हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगे। कुछ दिन पूर्व राकेश पंत ने इसकी शिकायत विजिलेंस के प्रभारी एसपी बृजेन्द्र कुमार जुयाल से की, जिस पर इंस्पेक्टर आनन्द सिंह कठैत और बीपी शर्मा के नेतृत्व में विजिलेंस की टीम को कार्रवाई के लिए गोपेश्वर भेजा गया।

शुक्रवार को विजिलेंस टीम ने ठेकेदार राकेश पंत को जेई दिलीप अधिकारी के निवास पर दस हजार रुपये लेकर भेजा, जैसे ही जेई ने रकम हाथ में ली, विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। विजिलेंस के प्रभारी एसपी बृजेन्द्र कुमार जुयाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सेक्टर कार्यालय देहरादून में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6216629.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

रिश्वत लेते अवर अभियंता दबोचा

गोपेश्वर (चमोली)। बिल भुगतान की एवज में ठेकेदार से दस हजार रुपये की रिश्वत ले रहे जिला पंचायत गोपेश्वर के एक अवर अभियंता (जेई) को विजिलेंस देहरादून की टीम ने उसके आवास से रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ विजिलेंस कार्यालय देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया है।

राकेश पंत निवासी ग्राम हिन्दोली कण्डारा तहसील कर्णप्रयाग जिला पंचायत गोपेश्वर का पंजीकृत ठेकेदार है। कुछ समय पूर्व उसने कोट कण्डाराप कालीमठ मंदिर के सौन्दर्यीकरण के लिए जिला पंचायत से 8.55 लाख का ठेका लिया। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद उसे 4.07 लाख का भुगतान किया गया। आरोप है कि शेष धनराशि का भुगतान करने के एवज में जिला पंचायत के जेई दिलीप सिंह अधिकारी निवासी ग्राम डूंगा, अल्मोड़ा ने दस हजार रुपये बतौर रिश्वत मांगे। कुछ दिन पूर्व राकेश पंत ने इसकी शिकायत विजिलेंस के प्रभारी एसपी बृजेन्द्र कुमार जुयाल से की, जिस पर इंस्पेक्टर आनन्द सिंह कठैत और बीपी शर्मा के नेतृत्व में विजिलेंस की टीम को कार्रवाई के लिए गोपेश्वर भेजा गया। शुक्रवार को विजिलेंस टीम ने ठेकेदार राकेश पंत को जेई दिलीप अधिकारी के निवास पर दस हजार रुपये लेकर भेजा, जैसे ही जेई ने रकम हाथ में ली, विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। विजिलेंस के प्रभारी एसपी बृजेन्द्र कुमार जुयाल ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सेक्टर कार्यालय देहरादून में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


See this is the development taking place in our UK.  Shame-shame-shame

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पत्‍‌नी के कर्णफूल गिरवी रख भरी दरोगा की जेबMar 09, 10:28 pm

चम्पावत। उत्तराखंड की मित्र पुलिस अपने कृत्य को लेकर फिर सुर्खियों में आई है। तल्लादेश के एक प्रधान श्रमिक ने तामली थाने में तैनात दरोगा पर आठ हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को विभिन्न संगठनों के लोगों के साथ पुलिस प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि रुपये चुकाने के लिए उसे अपनी पत्‍‌नी के कर्णफूल गिरवी रखने पडे़ है। एसपी के व्यैक्तिक सहायक चिरंजीवी जोशी को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित माधोंसिंह ने कहा गया है कि वह मंच क्षेत्र में छोटे-मोटे निर्माण कार्यो में प्रधान श्रमिक का कार्य कर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। पिछले नवंबर माह में जब वह लोनिवि के दीवार का कार्य करवा रहा था तो तामली थाने में तैनात दरोगा ने उससे आठ हजार रुपये की मांग की और न देने पर वह उसे मजदूर चंचल सिंह, उदय सिंह, रवि, हीरा सिंह, जोगा सिंह तथा कमल सिंह के साथ थाने ले आया। बाद में विनोद सिंह दुकानदार द्वारा दरोगा को आठ हजार रुपये दिए जाने के आश्वासन पर उन्हें छोड़ दिया गया। इस मामले की शिकायत उस समय भी पुलिस अधीक्षक से की गई तो मामला शांत हो गया। लेकिन इस बीच थानाध्यक्ष एसएस दुग्ताल के पूर्णागिरि मेले में तैनाती के बाद उक्त दरोगा प्रभारी बन गया है और फिर उसने आठ हजार रुपये की मांग की तथा न देने पर बंद करने की धमकी दी। जिस पर माधोसिंह ने अपनी पत्‍‌नी के सोने के कर्णफूल गिरवी रखकर आठ हजार रुपये विनोद के माध्यम से दरोगा को भिजवाए है। मंगलवार को इस मामले पर वहां के जनप्रतिनिधियों ने आक्रोश का इजहार कर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बसपा जिलाध्यक्ष मदन महर, छात्रसंघ महासचिव महेश पुनेठा, बसपा युवा मोर्चा के लवबिष्ट व प्रकाश नाथ के साथ पीड़ित माधोसिंह ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। इधर दरोगा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बेबुनियाद बताया है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6242138.html

सत्यदेव सिंह नेगी


चर्बी से घी बनाने के गोरखधंधे का भंडाफोड़

हल्द्वानी, नैनीताल। पुलिस ने शहर में चर्बी से वनभूलपुरा में छापा मारकर मवेशियों की चर्बी से घी बनाने के गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 70 टिन घी व चर्बी भी बरामद की है। साथ ही दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, जबकि दो फरार हो गये। पुलिस ने नकली घी के नमूने लेकर जांच के लिए मथुरा लैब भेजे जा रहे हैं।

पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेन्द्र पिंचा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सोमवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे वनभूलपुरा व इंदिरानगर क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापामारी की। सीओ ने बताया कि चोरगलिया रोड लाइन नंबर 17 में रईस के घर पर चर्बी से नकली घी बनाने की फैक्ट्री चलती मिली, वहां से 70 टिन घी व चर्बी बरामद की गयी। इसमें 10 टिन तैयार घी, करीब 55 टिन प्रोसेस में लगी चर्बी व घी व शेष कच्ची चर्बी से भरे टिन हैं। इसके अलावा फैक्ट्री से कढ़ाइयां,भट्टी, कोयला व नकली घी बनाने का सामान भी मिला है। पुलिस ने मौके से रईस के बेटे नदीम व भतीजे मोबीन को गिरफ्तार किया है, जबकि रईस व उसका साथी इंदिरानगर काबुल का बगीचा निवासी कलुवा मौके से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक फरार कलुवा किच्छा का रहने वाला है और कुछ साल से उसने इंदिरानगर में मकान बनवाकर रहने लगा है। ़इसके बाद स्वास्थ्य अधिकारी डा. वीके सक्सेना व वरिष्ठ खाद्य निरीक्षक वीके फुलोरिया को मौके पर बुलाकर फैक्ट्री की अनुमति व बरामद मिलावटी घी की जांच करवायी गयी। इनकी मौजूदगी में पुलिस ने नकली घी के करीब आधा दर्जन सेंपल जांच के लिए सीज किए, जिन्हें मथुरा लैब में भेजा जायेगा। पुलिस घी व चर्बी सहित सभी सामान को जब्त कर कोतवाली ले आयी है। इसके अलावा कई अन्य स्थानों में भी पुलिस ने दबिशें दी, लेकिन तब तक भनक लगने के कारण इस कारोबार में लिप्त धंधेबाज फरार हो चुके थे। मामले की रिपोर्ट दरोगा रमेश चन्द्र तिवारी की ओर से धारा 268, 270,273,278 आईपीसी व नगर पालिका अधिनियम की धारा 265 के तहत चार लोगों के विरुद्ध दर्ज करायी गयी है। इसकी जांच दरोगा मनोज कोठारी को सौंपी गयी है।


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AB TO DAKTARO NE BHI YE KAM KARNE SHURU KAR DIYE HAIN UTTARAKHAND KE GANVON MAIN DAKTRON KA AATANK
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                     झोलाछाप डाक्टर कर रहे जीवन से खिलवाड़
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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सेजिले में झोलाछाप डाक्टरों की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। आलम यह है, कि हर गली, कस्बे में झोलाछाप डाक्टरों ने अपने ठिकाने बना लिए हैं, जो लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के नाम पर लूट के साथ उनके स्वास्थ से भी खिलवाड़ कर रहे हैं।

सरकार ने एमबीबीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस डिग्रीधारियों को डाक्टर की की मान्यता दी है, लेकिन यहां पर तो फर्जी डिग्रियां टांगकर झोलाछाप डाक्टर दुकानें खोले बैठे हैं और लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। इन झोलाछाप डाक्टरों के कारनामों की पोल खोलने के लिए कई ऐसी घटनाएं हैं, जिनमें लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। चार वर्ष पूर्व नरेन्द्रनगर ब्लाक की कुंजणी पट्टी की ग्राम पंचायत मौण, खतियार, कुड़ी आदि कई ग्राम पंचायतों में झोलाछाप डाक्टर की मेहरबानी से कुछ लोग अंधे हो गए थे।

उक्त झोलाछाप डाक्टर ने ग्रामीणों से आंख के ऑपरेशन के नाम पर हजारों की ठगी की और लोगों को अंधा कर चलता बना। इसी ब्लाक के ही सोनी ग्राम सभा के जिब्बा की भी एक झोलाछाप डाक्टर की लापरवाही से मौत हो गई थी। नरेन्द्रनगर के ही घुसाड़, चाका, गजा, पोखरी, रणाकोट, पाली, भटगांव सहित अन्य कई जगहों पर इन झोलाछाप डाक्टरों ने लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया। कुछ वर्ष पूर्व बमुण्ड पट्टी के सुदाड़ा ग्राम सभा की एक महिला की मौत झोला छाप डाक्टर के गलत इंजेक्शन लगाने से हुई थी।

इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी बीसी पाठक का कहना है कि झोलाछाप डाक्टरों को नोटिस जारी कर दिए हैं। वह शीघ्र रजिस्टर्ड नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6318691.html

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                       ऊत्ताराखंड में पटवारी भी रिस्पत लेकर करते हैं गाँव वालों के साथ अत्याचार
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विजिलेंस ने 10 हजार की रिश्वत लेते पटवारी दबोचा  DAS HJAAR RUPAYE KE LIYE APNA IMAAN BECH DIYA SAALE NE



रुद्रपुर(ऊधमसिंह नगर): विजिलेंस की टीम ने सितारगंज में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पटवारी को दबोच लिया। वह भूमि को विरासतन दर्ज कराने के नाम पर ग्रामीण से रिश्वत मांग रहा था।

जिले के नानकमत्ता के ग्राम नलई निवासी नानक सिंह ने 16 अप्रैल को सतर्कता अधिष्ठान नैनीताल सेक्टर हल्द्वानी के प्रभारी एसपी आरपी शर्मा से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। वह भूमि को विरासतन अपने नाम पर दर्ज कराना चाहता है। इसके लिए वह सारे आवश्यक कागजात हल्का पटवारी राजीव कुमार को सौंप चुका है लेकिन वह दर्ज कराने के नाम पर 10 हजार रुपये की मांग कर रहा है। शिकायत पर प्रभारी एसपी श्री शर्मा ने विजिलेंस इंस्पेक्टर अरविंद डंगवाल को मामले की जांच सौंपी

। शिकायत सही पाये जाने पर सोमवार को ट्रेप बिछाया गया। योजना के मुताबिक जैसे ही नानक सिंह ने सुबह 10.30 बजे सितारगंज में स्टेट बैंक गली स्थित आवास में बने निजी कार्यालय में रिश्वत के रूप में 10 हजार रुपये पटवारी को थमाये वैसे ही विजिलेंस की टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया। दबोचने वाली टीम में विजिलेंस इंस्पेक्टर अरविंद डंगवाल व राजन लाल आर्य, कांस्टेबल विनोद कुमार तथा ईश्वर चंद्र रजवार शामिल थे।

पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जा रहा है। इधर पटवारी को रंगेहाथ दबोचने वाली टीम को प्रदेश के निदेशक सतर्कता विजय राघव पंत ने पांच हजार व प्रभारी एसपी नैनीताल सेक्टर श्री शर्मा ने ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6350756.html