• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Don’t Mind Mahraj Holi hai - बुरा न मानो होली है

Started by dayal pandey/ दयाल पाण्डे, February 24, 2010, 05:34:57 PM

खीमसिंह रावत


                   होली
देवर  संग भाभी खेले, जीजा के संग साली /
कांव कांव कौआ बोले,  होली है भई होली //
     कान्हा संग राधा खेले, ग्वालो के संग ग्वालिन /
     श्याम श्याम मीरा बोली,  होली है भई होली //
जोगी संग जोगन खेले, खप्पर के संग काली /
जय माता दी भक्त बोले,  होली है भई होली //
     
शिव के संग गौरा खेले, गणों के संग नंदी /
       डम डम डम डमरू बोले,  होली है भई होली //
राम संग सीता खेले, तारा के संग बाली  /
राम राम बजरंगी बोले,  होली है भई होली // 
      फूलों संग तितली खेले, बगिया के संग माली  /
       कूं हूँ कूं हूँ कोयल बोले,  होली है भई होली //
सागर संग नदियाँ खेले, नालों के संग नाली /
झरझर झर झरना बोले,  होली है भई होली //
      चाँद संग चकोर खेले, मोर के संग मोरनी /
      गुटुर गुटुर कबूतर बोले,  होली है भई होली //
शराब संग बोतल हिले, प्याले के संग प्याली /
पिलाओ पिलाओ शराबी बोले,  होली है भई होली /
/

हेम पन्त

ओ बाबा हो!! दयाल ज्यू ने तो सब की रील धो दी.... होली के ऐसे कलरफुल वाले रंगों से सबको भिगाकर "छरबट्ट-बरबट्ट" करने के लिये दयाल जी धन्यवाद के पात्र हैं....

आफु सब लोगुन के होली मुबारक हो

पंकज सिंह महर

सल्ट क्षेत्र के ये निवासी,
अब हैं बुराड़ी में प्रवासी,
पहाड़ की पीड़ा मन में बसाये,
मेरा पहाड़ में मन रमाये,
सुनाते खूब पहाड़ी कहावत,
नाम है उनका खीम सिंह रावत।

खीमसिंह रावत

Thanks Mahar ji

mukh dekhi yaad aai

ha ha ha holi hai holi hai


:)  :)  :D  :D

Quote from: पंकज सिंह महर on February 25, 2010, 04:19:43 PM
सल्ट क्षेत्र के ये निवासी,
अब हैं बुराड़ी में प्रवासी,
पहाड़ की पीड़ा मन में बसाये,
मेरा पहाड़ में मन रमाये,
सुनाते खूब पहाड़ी कहावत,
नाम है उनका खीम सिंह रावत।


पंकज सिंह महर

बागेश्वर के ये हैं निवासी,
फिलहाल चंड़ीगढ़ के वासी,
पहाड़ से इनका गहरा नाता,
पंचांग देखना भी ले आता,
तकनीकी ज्ञान के खोलते फाटक,
ये हैं हमारे अनुज हिमांशु पाठक।

पंकज सिंह महर

धीर, गम्भीर, बुजुर्ग और ज्ञानी,
पहाड़ की सेवा है मन में ठानी,
रेकी और नेकी में इनका ध्यान।
हम सब को बांटते ज्ञान,
हमारे राजु दा उर्फ राजेन।

राजेंद्र बिष्ट

jogi aayo, shahar me byoupari-2
oh! is byoupari ko bhukh bahut hai
khana khilade nath waali,  jogi aayo, shahar me byopari

Holi Hai.....a........a.........a


Rajender Bisht +919873898782

Himalayan Warrior /पहाड़ी योद्धा


Barthwal

होली के रंग में रंग

रंगीन दुनिया,ढूढे फिर भी
कौन सफेद या काला है
अपनो के रंगो में भी खोजे
कौन अपना कौन पराया है
अमीरी का रंग
बस चढता जाता है
गरीबी का रंग
तो बस बिखरता जाता है


खून का रंग
अब सस्ता हुआ
आंतक का रंग
चारो ओर फैलता रहा
भय  का रंग
रोज़ मौत देता रहा
छोड हिंसा का रंग
इंसानियत को अपनाये


फूलो का रंग
फीका ना हो जाये
जंगल का रंग
सूना ना हो जाये
प्रकृति का ये रंग
कहीं उतर ना जाये
सब एक हो जाये
ले शपथ इसे बचाये

ये दोस्त (हर इंसान)
तेरे रंग का क्या कहना
मुझे तो बस
तेरा रंग ही भाया है
तेरे हर रंग में रंग जाना है
छोड नफरत का रंग,
अब स्नेह रंग में रंग जाना है

-प्रतिबिम्ब बड्थ्वाल
अबु धाबी, यूएई

sanjupahari

ooooo babbaa hoooooooooo,,,,yooo pandey to hoi main bhaagak pakood khai be BOI GOO,,,,,per rangaaa,,,,,rang to tweel zamai halooo yaaar ,,,,, HOLI HAI BHAI HOLI HAIII.....SAB BOJIYOON ko RANG LAGAOOOO,,,HOLI HAI.....