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Don’t Mind Mahraj Holi hai - बुरा न मानो होली है

Started by dayal pandey/ दयाल पाण्डे, February 24, 2010, 05:34:57 PM

dayal pandey/ दयाल पाण्डे

K G से मेरा पहाड़ तक,
गाँव गाँव से शहर शहर तक ,
उत्तराखंड की साईट बनाते
उत्तराखंड को नेट पर लाते
चुपके चुपके वचन निभाते
कभी न सबके सामने आते
अपना उत्तराखंड से म्योर पहाड़ तक
ये हैं हमारे कमल कर्नाटक


उत्तराखंड आन्दोलन के अवतारी,
युवा पीढ़ी के अग्रसारी
जन हितों से जनपक्ष कारी
उत्तराखंड की  गूढ़ जानकारी
तीखे भाषण काली दाढ़ी
ये हैं आदरणीय चारू तिवारी 


चलता रहता कभी नहीं थकता,
सुबह शाम बस लिखते रहता
देश विदेश को कालें करता
संयोजन,  करते   रहता
ज्यादा मत सोचो, अभी बता दूँ ,
ये हैं मिस्टर महिपाल सिंह मेहता


प्यारी स्माइल मोटे मोटे
बातें बोले बिन सोचे
कुमाऊं-गढ़वाल मन में ले चलते
नए नए आइडिया भी जड़ते
फोरम के द्वितीय अध्याय
ये हैं अनुभव उपाध्याय 

dayal pandey/ दयाल पाण्डे

गैरसैंण के प्रबल पक्षधर
जनहित कार्यों पर पैनी नजर
हमेशा  शब्दों  के तीर चलाते
बड़े बड़े लोग डर जाते
विरोधियों पर बरसाते हैं कहर
ये है भाई पंकज सिंह महर

dayal pandey/ दयाल पाण्डे

सादा जीवन उच्च विचार
उत्तराखंड से है बेहद प्यार
सारे कार्यक्रमों मैं आते
तन मन धन से काम निभाते
भोले भाले प्यारे प्यारे
ज्ञान के हैं बड़े पिटारे
मन मैं रहता प्रतिद्वन्द
ये है जी हेम पन्त

dayal pandey/ दयाल पाण्डे

जहाँ  कहो वहां चले आते
परहित मैं उत्तेजित हो जाते
अकेले ही सौ हो जाते
सारे काम पल मैं निपटाते
दौड़ भाग मैं समय बिताते
मैगडी स्टेट  जिनका है धाम
मोहनदा है उनका नाम

Devbhoomi,Uttarakhand

जल कैसे भरूं जमुना गहरी,

जल कैसे भरूं जमुना गहरी,

ठाड़े भरूं राजा राम देखत हैं,

बैठी  भरूं  भीजे  चुनरी.

जल कैसे भरूं जमुना गहरी.

धीरे चलूं घर सास बुरी है,   

धमकि चलूं छ्लके गगरी.

जल कैसे भरूं जमुना गहरी.

गोदी में बालक सर पर गागर,

परवत से उतरी गोरी.

जल कैसे भरूं जमुना गहरी.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Dosto,

Our Senior Member Dayal Pandey has himself composed these Holi Lyrics. He is a man of multi-skilled.

Many-congrulations Dayal G..

Happy Holi to all...

Quote from: dayal pandey/ दयाल पाण्डे on February 24, 2010, 05:34:57 PM
K G से मेरा पहाड़ तक,
गाँव गाँव से शहर शहर तक ,
उत्तराखंड की साईट बनाते
उत्तराखंड को नेट पर लाते
चुपके चुपके वचन निभाते
कभी न सबके सामने आते
अपना उत्तराखंड से म्योर पहाड़ तक
ये हैं हमारे कमल कर्नाटक


उत्तराखंड आन्दोलन के अवतारी,
युवा पीड़ी के अग्रसारी
जन हितूं से जनपक्ष कारी
उत्तराखंड की  गूड जानकारी
तीखे भाषण काली दाड़ी
ये हैं आदरणीय चारू तिवारी 


चलता रहता कभी नहीं थकता,
सुबह शाम बस लिखते रहता
देश विदेश को कालें करता
संयोजन,  करते   रहता
जादा मत सोचो, अभी बता दूँ ,
ये हैं मिस्टर महिपाल सिंह मेहता


प्यारी स्माइल मोटे मोटे
बातें बोले बिन सोचे
कुमाओं -गडवाल मन मैं ले चलते
नए नए इडिया भी जड़ते
फोरम के 2nd अध्याय
ये हैं अनुभव उप्पाध्याय 


Devbhoomi,Uttarakhand

पाण्डेय जी क्या लिखते हो आप आपका जबाब नहीं,
हम हैं गैरसैण राजधानी के प्रवलदारी
यही है प्रतिनज्ञा हमारी
यही होना चाहिए सबका ख्याल
कोंगराचुलेसन  मिस्टर दयाल

होली की हार्दिक शुभ कामनाएं


dayal pandey/ दयाल पाण्डे

देवभूमि जी नमस्कार और धन्यबाद , आपको भी होली की बहुत बहुत शुभ कामनायें

Lalit Mohan Pandey

Dayal da sabhi ke bare mai aapne bilkul sahi vivran diya hai.


Holi ki bahut bahut Subhkamnaye aapko.


Quote from: dayal pandey/ दयाल पाण्डे on February 24, 2010, 05:34:57 PM
K G से मेरा पहाड़ तक,
गाँव गाँव से शहर शहर तक ,
उत्तराखंड की साईट बनाते
उत्तराखंड को नेट पर लाते
चुपके चुपके वचन निभाते
कभी न सबके सामने आते
अपना उत्तराखंड से म्योर पहाड़ तक
ये हैं हमारे कमल कर्नाटक


उत्तराखंड आन्दोलन के अवतारी,
युवा पीड़ी के अग्रसारी
जन हितूं से जनपक्ष कारी
उत्तराखंड की  गूड जानकारी
तीखे भाषण काली दाड़ी
ये हैं आदरणीय चारू तिवारी 


चलता रहता कभी नहीं थकता,
सुबह शाम बस लिखते रहता
देश विदेश को कालें करता
संयोजन,  करते   रहता
जादा मत सोचो, अभी बता दूँ ,
ये हैं मिस्टर महिपाल सिंह मेहता


प्यारी स्माइल मोटे मोटे
बातें बोले बिन सोचे
कुमाओं -गडवाल मन मैं ले चलते
नए नए इडिया भी जड़ते
फोरम के 2nd अध्याय
ये हैं अनुभव उप्पाध्याय 


dajyu/दाज्यू

सीयू संयोजक कहलाते
हर फंक्शन में छा जाते
माइक पकड़ लोगों को बुलाते
माइक ढो कर घर ले जाते
अच्छी अच्छी कविता करते
सबको टाइटल देकर जाते
जोड़े सबको करके फोन
पहचानो आखिर ये कौन??