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Should Gairsain Be Capital? - क्या उत्तराखंड की राजधानी गैरसैण होनी चाहिए?

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 05, 2007, 12:23:04 PM

Do you feel that the Capital of Uttarakhand should be shifted Gairsain ?

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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

अल्मोड़ा : राज्य सरकार को जनभावनाओं के अनुरूप शीघ्र उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करनी चाहिए। जनसमस्याओं के निराकरण के लिए संघर्ष अभियान जारी रहेगा। यह बात उत्तराखंड क्रांति दल (पी) के केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पवार ने यहां एक रेस्तरां में पत्रकारों से बातचीत में कही।

केंद्रीय अध्यक्ष पवार ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन को आगामी 9 नवंबर को 14 साल पूरे होने को हैं, लेकिन अब तक राज्य की स्थायी राजधानी घोषित नहीं हो पाई है। उनका कहना था कि उत्तराखंड के कुछ जिलों में छठ पर्व का अवकाश घोषित किया जाना सरकार की तुष्टिकरण की नीति को ही दर्शाता है। इसलिए दल इस प्रकार के अवकाशों का विरोध करता है। उन्होंने पिछले वर्ष आई आपदा से प्रभावित परिवारों को किच्छा में बसाने के लिए सरकार से विधान सभा में पारित करवाए जाने की भी बात कही। कहा कि गैरसैंण में राजधानी निर्माण के लिए विधानसभा भवन, सचिवालय व मुख्यमंत्री आवास बनाने को सरकार शीघ्र कार्रवाई करें। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्र में स्वैच्छिक चकबंदी लागू किए जाने पर भी जोर दिया। केंद्रीय अध्यक्ष ने बताया कि उत्तराखंड क्रांति दल का वार्षिक अधिवेशन 24 व 25 दिसंबर को अल्मोड़ा में आयोजित किया जाएगा।

http://www.jagran.com/uttarakhand/almora-adsdf-11734624.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

'गैरसैंण स्थायी राजधानी के नाम पर नौटंकी न हो'

नेता प्रतिपक्ष और रानीखेत के विधायक अजय भट्ट ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने पर भाजपा को कोई एतराज नहीं है। भाजपा के दबाव में ही भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन और अन्य निर्माण कार्यों में तेजी आई है।

बुधवार को अमर उजाला संवाददाता से विशेष बातचीत में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजधानी का मुद्दा आम जनता की भावनाओं से जुड़ा है। जनता जो चाहती है, वह होना चाहिए लेकिन जनभावनाओं को भुनाकर नौटंकी नहीं होनी चाहिए।

स्वास्थ्य केंद्रों को पीपीपी मोड पर देने के नाम पर जनता के साथ धोखा किया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन करने वालों के पास अनुबंध के अनुसार डॉक्टर नहीं हैं। कुछ डॉक्टरों को सभी अस्पतालों में दर्शाकर भारी घोटाला कर सरकारी धन की बर्बादी की जा रही है। वार्ता के दौरान द्वाराहाट मंडल भाजपा अध्यक्ष त्रिलोक बजेठा और कैलाश भट्ट भी मौजूद थे।

दुर्गापाल की सदस्यता समाप्त हो
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने लालकुआं के विधायक और मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह निर्दलीय तौर पर चुनाव जीते थे। लिहाजा नियमानुसार कांग्रेस की सदस्यता लेने से उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई। इस बाबत विधानसभा अध्यक्ष को प्रतिवेदन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नौ हजार शासनादेश जारी कर चुके हैं जबकि क्रियान्वयन पांच प्रतिशत पर भी नहीं हो पा रहा है।
http://www.dehradun.amarujala.com/.../gairsain-will-be-perma.../

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Mahi Singh Mehta
December 24 at 10:38pm

'गैरसैंण स्थायी राजधानी के नाम पर नौटंकी न हो'

नेता प्रतिपक्ष और रानीखेत के विधायक अजय भट्ट ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने पर भाजपा को कोई एतराज नहीं है। भाजपा के दबाव में ही भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन और अन्य निर्माण कार्यों में तेजी आई है।

बुधवार को अमर उजाला संवाददाता से विशेष बातचीत में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजधानी का मुद्दा आम जनता की भावनाओं से जुड़ा है। जनता जो चाहती है, वह होना चाहिए लेकिन जनभावनाओं को भुनाकर नौटंकी नहीं होनी चाहिए।

स्वास्थ्य केंद्रों को पीपीपी मोड पर देने के नाम पर जनता के साथ धोखा किया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन करने वालों के पास अनुबंध के अनुसार डॉक्टर नहीं हैं। कुछ डॉक्टरों को सभी अस्पतालों में दर्शाकर भारी घोटाला कर सरकारी धन की बर्बादी की जा रही है। वार्ता के दौरान द्वाराहाट मंडल भाजपा अध्यक्ष त्रिलोक बजेठा और कैलाश भट्ट भी मौजूद थे।

दुर्गापाल की सदस्यता समाप्त हो
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने लालकुआं के विधायक और मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वह निर्दलीय तौर पर चुनाव जीते थे। लिहाजा नियमानुसार कांग्रेस की सदस्यता लेने से उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई। इस बाबत विधानसभा अध्यक्ष को प्रतिवेदन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नौ हजार शासनादेश जारी कर चुके हैं जबकि क्रियान्वयन पांच प्रतिशत पर भी नहीं हो पा रहा है। http://www.dehradun.amarujala.com/news/politics-dun/gairsain-will-be-permanent-capital-of-uttarakhand-hindi-news/



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


We need another big agitation to resolve the capital issue of Uttarakhand... There is assembly building under constructions in Gairsain but even after 2 yrs of its foundation stone day, there is no desirable result..

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

एक बार फिर टेंट में चलेगी उत्तराखंड विधानसभा
गैरसैंण में एक और सत्र टेंट में चलेगा। सरकार इस बार सितंबर माह में वहां विधानसभा सत्र आयोजित करेगी। विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के निर्देश पर सत्र के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

गैरसैंण में निर्माणाधीन विधान भवन सहित अन्य इमारतें अभी पूरी तरह से नहीं बनी हैं। जून 2016 तक विधानभवन का निर्माण हो जाएगा जिसके बाद अगले वर्ष सत्र वहां हो पाएगा। इससे पहले मई 2014 में भी गैरसैंण में टेंट में सत्र का आयोजन किया गया था।

तीन से पांच दिन का सत्र
18 मई को राष्ट्रपति के विधानसभा संबोधन के बाद अगला सत्र सितंबर में गैरसैंण में होगा। यह सत्र तीन से पांच दिन का होगा। गैरसैंण में इस समय चल रहे भवन निर्माण कार्यों की प्रगति तेज है, लेकिन वह अगले वर्ष पूरी होगी।

पेयजल सप्लाई के लिए चार करोड़ रुपये की नई योजना शुरू हो चुकी है। वहीं गैरसैंण तक चौड़ी सड़क का निर्माण अंतिम चरण में है।

2016 तक पूरे होंगे निर्माण
विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने बताया कि गैरसैंण में विधानभवन सहित अन्य निर्माण कार्य तेजी से हो रहे हैं, जिसके लिए बजट की कोई समस्या नहीं है। अधिकांश भवन का दो तल का निर्माण हो चुका है। भवन में हेलीपैड की सुविधा भी रखी गई है।

विधानसभा सचिवालय के लिए भवन निर्माण का कार्य तेजी पर है। संभव है कि जून 2016 तक सभी निर्माण पूरे हो जाएंगे। सितंबर में होने वाले सत्र से वहां निर्माण की रफ्तार भी सामने आएगी। इस बार व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।

तीन विभाग के बनेंगे डाक बंगले
गैरसैंण में तीन सरकारी महकमों के डाक बंगले भी बनाए जा रहे हैं। विद्युत, वन एवं लोक निर्माण विभाग वहां अपने विश्राम गृह बनाएंगे। इसके लिए सरकार ने संबंधित विभागों को दिशानिर्देश दे दिए हैं।

सचिवालय का निर्माण जल्द शुरू
अध्यक्ष कुंजवाल ने बताया कि सरकार ने गैरसैंण में सचिवालय निर्माण के लिए स्वीकृति दे दी है। इसके लिए राज्य संपत्ति विभाग नोडल एजेंसी है, जिसने कार्यदायी निर्माण संस्था तय कर दी है। विधानभवन के लिए स्वीकृत भूमि से अलग भूमि इसके लिए चिन्हित की गई है।

http://www.dehradun.amarujala.com/news/politics-dun/uttarakhand-assembly-session-in-gairsain-hindi-news/