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Lyrics Of Uttarakhandi Songs - कुमाऊंनी एवं गढ़वाली गीतों के बोल

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 17, 2007, 11:18:07 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This is one my one of the favourite song of Negi ji.

Quote from: mukesh joshi on September 16, 2008, 11:37:01 AM

Narendra singh negi
khud



ओटूवा वेलेणा ओटूवा वेलेणा
मेरु रेशमी रुमैला ओटूवा वेलेणा ओटूवा वेलेणा-२
जायान बागीता ऐजाणु खेलेणा
मेरी रेशमी रुमैला ...................

ताकुलू ऊनी कु  ताकुलू ऊनी कु
मेरु रश्मि रूमेला ताकुलू ऊनी कु
कनु भालू लगदु उज्यालू जुनीकू
मेरी रश्मि ..........................

बेडू पक्या बोरू -बेडू पक्या बोरू
मेरु रश्मि रूमेला बेडू पक्या बोरू
उज्यालू जुनीकू मै याखुल्या डोरू
मेरु रश्मि रूमेला मै याखुल्या डोरू

चीने इ भड़ेती, चीने इ भड़ेती
मेरु रश्मि रूमेला चीने इ भड़ेती -2
तू याखुल्या डोरू मी दियुलू आडेती
मेरु रश्मि रूमेला मी दियुलू आडेती

पाणी को गाजर पाणी को गागर
मेरी रश्मि रूमेला पाणी को गागर
कन भालू लगादु नोगाऊ बाजार -2
मेरु रश्मि रूमेला नोगाऊ बाजार 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Bindi Na Baith Charkhi Ma


Na baith, na baith, Bindi na baith charkhi ma -2
Bolyunn maan mero, Bindi na baith charkhi ma
Na baith, na baith, Bindi na baith charkhi ma

Banja ko achhano Bindi, banja ko achhano -2
Charkhi walo mero bhai ji
Teru lagda jithanu, Bindi na baith charkhi ma -2
Na baith, na baith, Bindi na baith charkhi ma

Dahi ki parothi Bindi, dahi ki parothi -2
Charkhi tooti jaali Bindi, Tu che bhari moti
Bindi na baith charkhi na
Na baith, na baith, Bindi na baith charkhi ma
Bolyunn maan mero, Bindi na baith charkhi ma

Dyebton ku bhog bindi, dyebtonku ku bhog -2
Ujiya sarela tero,
Kya bolala log, Bindi na baith charkhi na-2
Na baith, na baith, Bindi na baith charkhi ma


Roti ko phaphudo Bindi, roti ko phaphudo -2
Bideshi muluk chori,
Kwi ni ch apuno, Bindi na baith charkhi ma -2
Bolyun maan mero, Bindi na baith charkhi ma
Na baith charkhi ma
Hey na baith charkhi ma

पंकज सिंह महर

खेत में धान की रोपाई करते समय गाया जाने वाला गीत
भूमि के देवता भूमिया से उपहार स्वीकार करने की प्रार्थना की जा रही है-

ए जिमि का जिमिदार,
भूमि का भूमिदार,
तुमरि सेरि बौल, होलो,
तुमि दैणा होया हो।
धरती धरम राजा तुमि,
सुफल है जाया हो॥
यो गगन की सेरि होली,
रोपार-तोपारा हो,
हलिया-बल्द आया,
हे भूमि-भूमियां हो।
श्येला बिदौ दिन दिए,
हाथ दिये छाया हो॥

हेम पन्त

कुमाऊंनी गायक प्रकाश रावत का गाया यह गाना मुझे बहुत प्रिय है... इसके बोल आप लोगों के लिये..शीघ्र ही इसे डाउनलोड करने का लिंक भी उपलब्ध कराउंगा..

दूर परदेश में सुआ तेरि याद उंछि, आंखि डब-डब भरी उंछि
गावा घुट-घुट बाटुली लांगे, हिया भकुरी-भकुरी रै उंछि...

दिनी रये घर कुशल पाति, आस लगा रौंलो मैं दिन राति..
गौं घर का सारा हाल लेखिये, मेरि प्यारी चिट्ठी झट भेजिये...
आंखि चिट्ठीन का बाट चारौंछी...हिया भकुरी-भकुरी रै उंछि...

क्वै दगङ्या घर आलो त कुशल दी हाललो, ऊका हाथ तेहिन खर्च दी हाललो
ऊका हाथ भेजे प्यारि नौधान च्यूङा, चार दाना भेजि दिये दांति अखौङा
तेरा हाथ च्यूङा जतन लै रुंछी... हिया भकुरी-भकुरी रै उंछि...

मेरि फिकर ना कर, धरे अपणु ख्याल, मैं घर छुट्टी ऊंलो अघिल साल..
गौं घर सब दगङि मिल जुली रये.. सासु-ससुर जी की भलि सेवा करे...
सासु ससुर आशिर्वाद दगाङा रूंछि... हिया भकुरी-भकुरी रै उंछि...

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बिंदी  ना   बैठ  चरखी  माँ 


ना बैठ, ना बैठ, बिन्दी ना बैठ चरखी मा -2
बोल्युन्न मा    मेरो , बिंदी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ, ना बैठ, बिन्दी ना बैठ चरखी मा -2

बनजा  को अछानो  बिंदी, बनजा को अछानो -2
चरखी वालों  मेरो भाई जी
तेरु  लगदा  जिठानू , बिंदी ना बैठ चरखी मा -2
ना बैठ, ना बैठ, बिन्दी ना बैठ चरखी मा -2

दही की परोठी  बिंदी, दही की परोठी -2
चरखी टूटी जाली बिंदी, तू छे  भारी मोटी
बिंदी ना बैठ चरखी ना
ना बैठ, ना बैठ, बिंदी ना बैठ चरखी मा
बोल्युन्न मां मेरो, बिंदी ना बैठ चरखी मा

दयेबतों  कु  भोग बिंदी, दयेबतों कु भोग -2
उजिया  सरेला  तेरो ,
क्या बोलला लोग  , बिंदी ना बैठ चरखी ना-2
क्या बोलला लोग  , बिंदी ना बैठ चरखी ना-2


रोटी  को फाफु दो बिंदी, रोटी को फाफु दो -2
बिदेशी  मुलुक   चोरी,
कवी  नि  च  अपुनो , बिंदी ना बैठ चरखी मा -2
बोल्युं  मान मेरो, बिंदी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ चरखी मा
हे ना बैठ चरखी मा

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



पहाड़ सवारने का संकल्प

तारा रम - पम, तारा रम पम, तारा रम - पम, तारा रम पम,
हम भी कै से हम नि छावा, कम नि छावा हम

तारा रम - पम, तारा रम पम, तारा रम - पम, तारा रम पम,
.................................

स्कूल छन धारु मा, बाणु मा, लैट नि च घरु मा, घरु मा
पड़ लिखे मा फिर भी कै से कम नि छावा हम!

तारा रम - पम, तारा रम पम, तारा रम - पम, तारा रम पम,
.................................

घास नि छ बाणू मा...  बाणु माँ, पाणि नि छ गौउ मा ... गौउ मा ...
डाल्यू येंच डानडियो बीच, डाली - बौटी लागुला हम

तारा रम - पम, तारा रम पम, तारा रम - पम, तारा रम पम,
.................................

पहाड़ मा बेकारी च ... बेकारी छ .. भैर जाण लाचारी छ .. लाचारी छ
काम धंदा कुछ भी नि , कनकी इखी रुला हम

तारा रम - पम, तारा रम पम, तारा रम - पम, तारा रम पम,
.................................

जवानी की उमंग मा.. .उमंग मा, सौजडियो को संग मा ... संग मा.
अपनी माटी- अपनी धरती.. स्वर्ग बनौला हम..

तारा रम - पम, तारा रम पम, तारा रम - पम, तारा रम पम,


( मेरी प्यारी बोई फ़िल्म का यह गीत )
.................................


KAILASH PANDEY/THET PAHADI

म्यार उत्तराखंड......

दु बेनियो जस् छिं कुमो- गडवाल
इष्टो की भूमि छु घर- घर देवी थान
देश को उत्तरी भाग सुनछो हिमाल
म्यार उत्तराखंड म्यार उत्तराखंड!

धार माझी माठु- माठु जा संध्या झुली ऐ छो
घुर घुर उज्याव जा दांड- कांदु बे चा छो
वीकी सेवा लिजी यो हमर छो प्रयास
म्यार उत्तराखंड म्यार उत्तराखंड

मिल बेर भै-बेनियो गीत नई ग्युलो
आन्दोलन चिपको जा एक और ल्युलो
अपनी भूमि लिजी तो लगे दयोल जान
म्यार उत्तराखंड म्यार उत्तराखंड!

दातुले की धार होली हुडुकी को थापा
गरीबी बेकारी को न रोलो नाम
गो-गो खुशहाली क देखु तो स्वेणा
म्यार उत्तराखंड म्यार उत्तराखंड!

शिक्षा को झोड होलो विकास ऐ छ्पेली
सबन थे स्कूल होलो च्यल हो या चेली
मेहनतकश लोगो की हिम्मत बणुलो
म्यार उत्तराखंड म्यार उत्तराखंड!

उत्तरांचल राज बनो आजादी आई
नई आस मन मे अब नई छो यो लड़ाई
नशा मुक्त होल पहाड़ हमरो छो नारा
म्यार उत्तराखंड म्यार उत्तराखंड!

खेती बाडी फल फुलली हर भर जंगला
दोफरी को घाम मे जस् बुरासी को फुला
धन्य धन्य राज हमार धन्य संस्कृति हमारी
म्यार उत्तराखंड म्यार उत्तराखंड!


JAI UTTARAKHAND

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

उत्तराखंड आन्दोलन के दोरान पहाड़ का एक परिदृश्य नेगी जी के शब्दों में

मथि पहाड़ बटी , निस गंगाडू बटी
स्कूल ,दफतर , गोऊ , बाज़ार बटी
मन्खियु की डार धारू-धारू बटी 
हिटण लगिया छन , हिटण लगिया
हिटण लगिया छन  बैठण लगा नि
बाटा भरा छन सड़क यु मा जगा नि
हे जी कख जाणा छा तुम लोग
.co.......उत्तराखंड आन्दोलन मा
सभी कख जाणा छा तुम लोग
co ........उत्तराखंड आन्दोलन मा
दीदी कख जाणा छा तुम लोग
co ........उत्तराखंड आन्दोलन मा
(provided by Mukesh Joshi )

हेम पन्त

Listen online or Download Prakash Rawat's this nice song from following link..

http://www.esnips.com/doc/c19694e4-d104-44e0-b4d8-aa1739c332fd/1DOOR-PARDESH-MEIN

Quote from: H.Pant on September 18, 2008, 12:57:54 PM
कुमाऊंनी गायक प्रकाश रावत का गाया यह गाना मुझे बहुत प्रिय है... इसके बोल आप लोगों के लिये..शीघ्र ही इसे डाउनलोड करने का लिंक भी उपलब्ध कराउंगा..

दूर परदेश में सुआ तेरि याद उंछि, आंखि डब-डब भरी उंछि
गावा घुट-घुट बाटुली लांगे, हिया भकुरी-भकुरी रै उंछि...

दिनी रये घर कुशल पाति, आस लगा रौंलो मैं दिन राति..
गौं घर का सारा हाल लेखिये, मेरि प्यारी चिट्ठी झट भेजिये...
आंखि चिट्ठीन का बाट चारौंछी...हिया भकुरी-भकुरी रै उंछि...

क्वै दगङ्या घर आलो त कुशल दी हाललो, ऊका हाथ तेहिन खर्च दी हाललो
ऊका हाथ भेजे प्यारि नौधान च्यूङा, चार दाना भेजि दिये दांति अखौङा
तेरा हाथ च्यूङा जतन लै रुंछी... हिया भकुरी-भकुरी रै उंछि...

मेरि फिकर ना कर, धरे अपणु ख्याल, मैं घर छुट्टी ऊंलो अघिल साल..
गौं घर सब दगङि मिल जुली रये.. सासु-ससुर जी की भलि सेवा करे...
सासु ससुर आशिर्वाद दगाङा रूंछि... हिया भकुरी-भकुरी रै उंछि...