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Lyrics Of Uttarakhandi Songs - कुमाऊंनी एवं गढ़वाली गीतों के बोल

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, November 17, 2007, 11:18:07 AM

हेम पन्त

महंगाई से त्रस्त आम जनता का दर्द दर्शाता नेगी जी का गाना, उनकी नयी एल्बम "मायाकु मुन्दार" से

कन क्वै खेचण अब भारी गरि ह्वै गै जिन्दगी.
ना भै हमारा बसै नि इथगा महंगि जिन्दगी..

आटो,चौंल मैंगो हैगे मैंगि दाल तेल,
चाहा, चिनी, दारु महंगि कन क्वै बचोलु सरैल
कै दिन सूणी लिया बल फांस खैगे जिन्दगि
ना भै हमारा बसै नि रै या महंगि जिन्दगी..
कन क्वै खेचण अब भारी गरि ह्वै गै जिन्दगी.

आवत जावत महंगि, महंगि झगुलि टोपलि खीस
निखानि निसैणि करणा छि गरिबों कि, मैंगै का ये झीस
झीस तुमरो बिरान्दि झणान्दि रैगे जिन्दगी
ना भै हमारा बसै नि रै या महंगि जिन्दगी..
कन क्वै खेचण अब भारी गरि ह्वै गै जिन्दगी.

सैरा बजार बणाग लांगीछ, चीज-वस्तु मां करन्ट
जों पर जनता को भारी भरोसो छो, वों भि हुया छन सन्ट
यूं नेतों की झूटी बातों में ऐगे जिन्दगी
ना भै हमारा बसै नि रै या महंगि जिन्दगी..
कन क्वै खेचण अब भारी गरि ह्वै गै जिन्दगी.

जमाखोर, मुनाफाखोर चलोणा मनमर्जी सरकार
जनता बिचारि कन कणि सौणि, मैंगै की ई मार
सस्ता जमाना को बाटो हैरदि रैगी जिन्दगी
ना भै हमारा बसै नि रै या महंगि जिन्दगी..
कन क्वै खेचण अब भारी गरि ह्वै गै जिन्दगी.

हेम पन्त

नरेन्द्र नेगी जी की नई एलबम "मायाकु मुन्दार" का एक और गाना...

देवभूमि को नौं बदलि, बिजली भूमि कर्याली जी
उत्तराखण्ड कि धरती यून डामुन डाम्यालि जी
डामुन डाम्यालि जी, सुरंगुन खैण्यालि जी
उत्तराखण्ड कि धरती यून डामुन डाम्यालि जी.....

नदि-नयाल, खाल, धार, हवा-पानि बेच्यालि जी
जल जंगल जमीनु का पुश्तैनी हक छिन्यालि जी...
उत्तराखण्ड कि धरती यून डामुन डाम्यालि जी.....

व्योपारि ह्वै गैनि नेता सरकार सौकार जी
कर्ज कि झीलों मां यूं न जनता डुबा ह्यालि जी
उत्तराखण्ड कि धरती यून डामुन डाम्यालि जी.....

गंगा, जमुना गोमति कोसी जीवन देण वालि जी
बिजली का तारो मां हमरो जीवन टांगि हालि जी
उत्तराखण्ड कि धरती यून डामुन डाम्यालि जी.....

हमारा घर, कुङि-पुंगङि, बणों मां बिजलि घर बणालि जी
जनता बेघरबार होलि सरकार रुपया कमालि जी
उत्तराखण्ड कि धरती यून डामुन डाम्यालि जी.....

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



This is latest song of Heera Singh Rana's album " Hasani Mukhim"

हीरा सिंह राणा जी हसनी मुखिम से यह गाना.

हसनी मुखिम कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई

कैकी बाटी चा रेछे
आखी आयी वाई !!!!

हसनी मुखिम कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई

जोड़.. 

कैकी लीजी फूली रेछो
होठो मा बुराश
तू घटिया धिकायी मा
हिरज क पास

हा .. हिय की तय मे कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई

हसनी मुखिम कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई
..............
जोड़.

हाँ... ह. लुट्पुती पीठा मा
यो बटिया धमेली
धमेली का संग हुना
कैकी हिया धर की

हा.. को छो तेरो दार
जैकी रूप लियो बलाई

कैकी रूप लियो बलाई . -२

हसनी मुखिम कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई

जोड़..

पिगली रसली मुखी
रस को भानार ..  २.

कैकी दियो अनवार मुखी
यो यदि रंग्वार
त मुखी देखी पूरब उजाई
पूरब उजाई सुवा, सुवा पूरब उजाई

हसनी मुखिम कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई

जोड़.

पकिया हिसालू जसी
कै है रे उमर .. २
नान बाड लागुछी
की कुंछी नि कर
उनकी हिय मे कैले  छो यो बात दबाई .

किले छू यो बात दबाई.. २.

हसनी मुखिम कैकी लागी रे नराई
कैकी लागी रे नराई, कैकी लागी रे नराई

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


नरेन्द्र सिह नेगी जी का यह गाना जो की शादी पर आधारित है ! इस गाने मे उनका साथ दिया है अनुराधा निराला ने. .

हेय जी कैवै(जल्दी ) ना करा
हेय  कैवैना करा
मठु मठु जौला
नयो नयो ब्यो  च , मीठि मीठि छवी लागोला -2

हिटी ले  दी घमा घम -2
सारा सारी जौला
फूक तौं लोली छवीयुँ, डेरे मा लागोला -2
नयो नयो बियो छो, मीठि मीठि छवी लागोला -2

कन कवे हिटना मिन, उचा सैंडल  छीन  -2
उकली को  बाटू   उनी, उनी रूडीयूँ का दिन
चला द्वे जणा हे जी 
चला द्वी जणा डाला छेलू बैठी जौला
नयो नयो बियो छो, मीठि मीठि छवी लागोला -2

बंडी हौस न  कर -2
हिट  ले दि  सारा सर
नंगा खोटों हीट, संडील बटुआ मा धार
यूँ गनियों यखी -2
भूखी मोरी जौला
फूक तौन लोली छवीयुँ, डेरे मा लागोला -2
नयो नयो बियो छो, मीठि मीठि छवी लागोला -2

पैदली का बटा लया , बाक़ी बातां का छाया -2
बंडी कमचूस नवा, सुना ज़रा बैठा भयां 
मोटोर मा पैथ रकी 
मोटोर मा पैथ रकी  सीट मा बैठिया रोला 
नायू नायू बयो छा, मीठि मीठि छवी लागोला -2
फूक तौन लोली छवीयुँ, डेरे मा लागोला -2

भोल परसूयू बिटिन, पुंगडीयो  जाण तीन -2
कानू कवे खेली  छुचि, कुंगली  हाथ खुटियुं
हाल ये  छीन  ज्वानी मा -2
बूढें -दा  क्या होला
फूक तौन लोली छुइउ, डेरे मा लागोला -2
नयो नयो बियो छो, मीठि मीठि छवी लागोला -2

फूक तौन लोली छुइउ, डेरे मा लागोला -2
नयो नयो बियो छो, मीठि मीठि छवी लागोला -2

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Superhit Album of Narendra singh negi Nauchami Narayana. See the lines of this famous song.

भलु लगदु बनुली

Singer : Narendra Singh Negi
                  &
            Meena Rana


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नेगी जी :

भलु लगदु भानुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु । -२

हिटणु ऐथर हेरणु पैथर, हरकणु-फ़रकणु भलु लगदु भलु लगदु ।

मीना राणा :
भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु । -२

हैसणु-हैसणु मयालु बच्याणु छुंयुँ मा अलझ्याणु भलु लगदु भलु लगदु ।
भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।

भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।


Negi Ji

हाथ थमाली-थमाली कु बेंडुं , हाथ थमाली-थमाली कु बेंडु ।

तेरी कराली हिटायी बनुली , करिगे कोरी जिकुड़ी मा छेंडुं ।-२

हिटणु ऐथर हेरणु पैथर, हरकणु-फ़रकणु भलु लगदु भलु लगदु ।

भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।

भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।


Meena Raana:

खायी काखड़ी-काखड़ी मा लोण, खायी काखड़ी-काखड़ी मा लोण ।

मोहना तेरी छुंयुँ मा उलझी, मिन न घर न बण की रौण ।-२

हैसणु-हैसणु मयालु बच्याणु छुंयुँ मा अलझ्याणु भलु लगदु भलु लगदु ।

भलु लगदु Bhanuli तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।

भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।


नेगी जी :

स्योन्दु सिंदुर-सिंदुर की बेंदी, स्योन्दु सिंदुर-सिंदुर की बेंदी ।

बनुली ब्याली तिन सेवा नि लायी, बनुली आज हुंगुरु नि दियेन्दी ।-२

हिटणु ऐथर हेरणु पैथर, हरकणु-फ़रकणु भलु लगदु भलु लगदु ।

भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।

भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।


Meena Rana Ji:

भरी गागरी-गागरी मा पाणी, भरी गागरी-गागरी मा पाणी ।

गौं का बाटा-घाटो मा मोहना, लम्बी-लम्बी धवड़ी नि लाणी ।-२

हैसणु-हैसणु मयालु बच्याणु छुंयुँ मा अलझ्याणु भलु लगदु भलु लगदु ।

भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।

भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।


नेगी जी :

खाय़ी नारंगी-नारंगी की दाणी, खाय़ी नारंगी-नारंगी की दाणी ।

बनुली मेरा हिया मा तू छैयी , तेरा हिया मा कु होलु कु जाणी । -२

हिटणु ऐथर हेरणु पैथर, हरकणु-फ़रकणु भलु लगदु भलु लगदु ।

भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।

भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।


Meena Rana:

हौल निसुण-निसुण कु बाणु, हौल निसुण-निसुण कु बाणु ।

मेरी बिन्सरी की धाण छुटद , मोहना रात सुंया मि नि आणु । -२

हैसणु-हैसणु मयालु बच्याणु छुंयुँ मा अलझ्याणु भलु लगदु भलु लगदु ।

भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।

भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।

भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।

भलु लगदु मोहना तेरु हैंसी-हैंसी बच्याणु रे भलु लगदु ।

भलु लगदु बनुली तेरु माठु-माठु हिटणु हे भलु लगदु ।

खीमसिंह रावत


Mukesh Joshi

भरतवाण जी का एक जागर का कुछ अंश समुद्र मंथन पर रचित "राजुली " एल्बम से

हां आ ...ssss आ
देवता भगवान विष्णु जी मा जादन.......न ..ह ..आsssssss ऐ

दया का भण्डा र, अन्तर्यामी नारे ण जी
शेष नाग की सय्या मा बैठी बोल्ण ले गे न
हे ..दे व् तो जा वा दानवो का दगड मा
करा तुम  समोदर... मन sssथने ss .......आ ...हा ....aa......
देवतों उ दानवो मा कनु मंथन होंदो
कोरस - समोद्र मा समोद्रा मा
मदिरा चल पर्वत सुर - असुरो ल ल्याए
कोरस - समोद्र मा समोद्रा मा
वासुगी नागा की नेतण  बणे याले 
कोरस - समोद्र मा समोद्रा मा
मंदिरा चल पर्वत को भार नि थामिदो 
कोरस - समोद्र मा समोद्रा मा
तब दयालु हरी जी लेन्दा कश्चप्पा को रूप
कोरस - समोद्र मा समोद्रा मा
तब कश्च्प्पना पीठी मा थामे पर्वत
कोरस - समोद्र मा समोद्रा मा
हा ssss आ ssss ऐ sssssssssssssss
सहस्त्रो भुजो रची ऐच बटी थामे पर्वत
कोरस - समोद्र मा समोद्रा मा
होली रत्नों की खाण ऐनी चौदह रतन
कोरस - समोद्र मा समोद्रा मा


Mukesh Joshi

नेगी जी एक  बहुत सुंदर रचना

न दोड़sss - न दोड़ तै उन्दरी का बाटा
उन्दारीयु का बाटाssssss

उन्दरी कु सुख द्वि -चार घड़ी को
उकळी को दुःख सदनी को सुख लाटाsssss

सौन्गु (आसन ) चितेंद अर दोडे भी जांद
पर उन्दरी को बाटा उन्द जांद मनखी
खैरी त आन्द पर उत्याडू (ठोकर) नि लगदु
उबू (उपर) उठ्द मनखी उकाल चडी की

न दोड़sss - न दोड़ तै उन्दरी का बाटा
उन्दारीयु का बाटाssssss

ऍच गोंउ मुख मा ज्वा गंगा पवित्र
उन्दरियो मा दनकीक कोजाल ह्वे गे

गदनीयू मा मिलगे जो हियूं उन्द बौगीssss
जो रेगे हिमालय म वी चमकणुच आsssss

न दोड़sss - न दोड़ तै उन्दरी का बाटा
उन्दारीयु का बाटाssssss

बरखा बातोणियो मा भी उन्द नी रडनी जू
तुक पहुची गनी खैरी खै-खै की
जोल नी बोटी धरती माँ पर अंग्वाल
उन्द बौगी गनी अपणी खुशीयून

न दोड़sss - न दोड़ तै उन्दरी का बाटा
उन्दारीयु का बाटाssssss

Mukesh Joshi

एक युगल गीत फ़िल्म - घस्यारी का
स्वर दिया है नरेंद्र सिंह नेगी और शशि जोशी ने

ऐजा -ऐजा   ऐजा हे ,न जा नजा नजा हे !
तेरु गोंउ गौला अब छुटी जाण
तिन भी मेरी माया अब भूली जाण -2
भूली जाण ...भूली जाण ...भूली जाणssssssssss


माया की ज्योति जगीं बुझी जाण
सुपन्यो की माला अब टूटी जाण -2
टूटी जाण ..  टूटी जाण ...टूटी जाणssssssssssssss

तेरु गैल -छैल मैथे प्यारु लगदु छो
तेरु घोर -वोण मैथे न्यारु लगदु छो -2
वो हेसणु -हंसाणु वो नाचणु -नचाणु
सज -धजी की आणु तेरु प्यारु लगदु छो
ऐजा -ऐजा   ऐजा हे ,न जा नजा नजा हे !


आँखी यू न बचियाणु तेरु कनु कै भूली जों
छवी बथा लगाणु तेरु कन कै बिसरी जो
वो रूठणु- रुसाणु वो सुपनियु मा आणु 
गुस्सा मा मनाणु तेरु कनु कै भूली जो
ऐजा -ऐजा   ऐजा हे ,न जा नजा नजा हे !

तेरा खातिर कनी- कनी गाणी करी छै
अब क्या बतोऊ क्या -क्या स्याणी करी छै


तेरा खातिर कनी- कनी गाणी करी छै
अब क्या बतोऊ क्या -क्या स्याणी करी छै
वो लुकुणु -लुकाणु वो खेलणु- खेलाणु

सैरी दुनिया ल सब पाणी फेरी हे !

ऐजा -ऐजा   ऐजा हे ,न जा नजा नजा हे !

ऐजा -ऐजा   ऐजा हे ,न जा नजा नजा हे !