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Kumaoni-Garwali Words Getting Extinct-कुमाउनी एव गढ़वाली के विलुप्त होते शब्द

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 27, 2011, 03:56:06 AM

खीमसिंह रावत

कुछ शब्द तो वास्तु के नहीं होने से भी गायब हो रहे हैं जैसे
कोहडि
हड़पी
मस्दै

;)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


ठौर -   मतलब - जगह

शायद ठौर आजकल कम ही बोल चाल में प्रयुक्त होता है!  मुझे आज रहने के लिए ठौर (जगह) मिलेगी!

गिज - यह शब्द सामने के दातो के लिए प्रयुत होता है!




एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


निमुझी - उदास लगना, किसी कार्य पर दिल नहीं लगना


ईजा - माँ
बाजू - पिता

शायद ये शब्द आजकल

मम्मी एव पापा में बदल गए है!

और अडवांस जाए तो

मोंम एव डैड

दीपक पनेरू

तसेरा = ज्योड़ बनाने वाला उपकरण
ज्योड़ = गाय और भैष को बाँधकर रखने वाली रस्सी


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


ओड़ - 

ओड़ का मतलब होता है मिस्त्री, मकान बनाने वाले कारीगर. अब यह शब्द धीरे गायब हो रहा है आम बोल चाल की भाषा से !

झरफर - 
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झरफर - इस शब्द को लोक किसी शादी विवाह, काम आज आदि और हाल चाल जानने के लिए प्रयोग करते थे !

"की है रेई झरफर " -   क्या हाल चाल है ?


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


घरु
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घरु पुराने समय में मकाने में बनाये गए दीवाल के अन्दर एक खिड़की के लिए है! जिसे घरु कहते है!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720