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MeraPahad.com Supports Anna Hajare - मेरा पहाड का अन्ना हजारे को समर्थन

Started by पंकज सिंह महर, April 07, 2011, 08:05:16 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

सारे देश से अन्ना हजारे के समर्थन में लाखो लोग समर्थन में आगे आ रहे है ! वार या पार की लडाई शुरू !


हेम पन्त

अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे द्वारा प्रभावी लोकपाल बिल लाने की मांग को लेकर मंगलवार से दिल्ली में प्रस्तावित आमरण अनशन से पूर्व गिरफ्तारी के विरोध में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और धरना दिया।
मंगलवार को तीर्थनगरी में विभिन्न संस्थाओं से जुड़े कार्यकर्ता अन्ना हजारे की गिरफ्तारी के विरोध में सड़काें पर उतर आए। उन्होंने केंद्र और दिल्ली सरकार के इस कृत्य की भर्त्सना की। वंदेमातरम् संस्था के बैनर तले लोगों ने त्रिवेणीघाट स्थित गांधी स्तम्भ पर नारेबाजी के साथ जोरदार प्रदर्शन किया।
संस्था संयोजक राजेंद्र सेठी, प्रेम गौनियाल, चेतन शर्मा, सीएस शर्मा, स्नेहलता शर्मा, राजकुमार अग्रवाल, राहुल मनमीत, सरोज डिमरी आदि ने अन्ना हजारे की गिरफ्तारी की निंदा की।
हिंदू जागरण मंच कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष सत्यवीर तोमर, महामंत्री विवेक गोस्वामी और नगर अध्यक्ष जितेंद्र वर्मा के नेतृत्व में अन्ना हजारे के समर्थन में जुलूस निकाला और हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे पर जाम लगाया। मंच ने कहा कि केंद्र सरकार की मनमानी का हरसंभव विरोध किया जाएगा। उधर, मुनिकीरेती क्षेत्र में विभिन्न संगठनों से जुड़े नागरिकों ने जनजागरण अभियान के तहत शीशमझाड़ी, कैलासगेट, चौदहबीघा क्षेत्र में रैली निकाली। उन्होंने कहा कि कोई सरकार देश के किसी भी नागरिक को उसके संवैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं कर सकती।
मौके पर राज्यमंत्री ज्ञान सिंह नेगी, कार्यक्रम संयोजक दिनेश कोटियाल, संजय बडोला, भूपेंद्र नौटियाल, शिवमूर्ति, गणेश जोशी आदि शामिल थे। इसके अलावा विभिन्न संस्थाओं से जुड़े नागरिकों ने अन्ना के समर्थन में ढालवाला और मुनिकीरेती क्षेत्र में जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को भ्रष्टाचार के विरोध में लामबंद होने का आह्वान किया।


बरसात की नहीं की परवाह
ऋषिकेश। भ्रष्टाचार विरोधियों और अन्ना समर्थकों ने नगर में लगातार जारी रिमझिम बरसात की परवाह किए बिना भीगते हुए सड़काें पर जुलूस निकाला। उन्होंने अन्ना को भ्रष्टाचार से त्रस्त देश के जनमानस की आवाज बताया। कहा कि इस आवाज को देश की कोई सरकार नहीं दबा सकती। आरोप है कि भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को बढ़ावा देने वाली केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के विरोध में आवाज बुलंद करने वाले लोगाें को गिरफ्तार कर और जेलों में बंद कर प्रताडि़त कर रही है। कहा कि उसके मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।

हेम पन्त

HARDWAR, 14 Aug: Right from a simple SMS to thought provoking posters, everything in the city suddenly seems to be supporting Anna Hazare in his fight against corruption. The drizzle of support for Hazare's protest, after the common man's direct involvement in it, is raining cats and dogs now. City walls are getting covered with Anna's posters as the deadline 16 August approaches.

Corruption has become the common man's favourite subject for discussion,  the reason behind which is clear - they have seen a glimmer of hope in Anna. Strange though it may seem, the posters don't carry any political party's name. Thousands of supporters are propagating the message through SMS, e-mails and other means according to their convenience.


Source - Garhwal Post

हेम पन्त

Haldwani me Sarkari Lokpal ki pratiyan jalate Anna samarthak


Photo by - Deepak Mehta

विनोद सिंह गढ़िया

सिर्फ मैं ही नहीं, सिर्फ मेरा पहाड़ पोर्टल ही नहीं; बल्कि उत्तराखण्ड के समस्त लोग भी अन्ना जी का भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाये जा रहे  इस मुहिम में उनके साथ हैं।

जय हिन्द

Ravinder Rawat


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

दर्द होता रहा छटपटाते रहे, आईने॒से सदा चोट खाते रहे, वो वतन बेचकर मुस्कुराते रहे
हम वतन के लिए॒सिर कटाते रहे"

280 लाख करोड़ का सवाल है ...
भारतीय गरीब है लेकिन भारत देश कभी गरीब नहीं रहा"* ये कहना है स्विस बैंक के डाइरेक्टर का. स्विस बैंक के डाइरेक्टर ने यह भी कहा है कि भारत का लगभग 280 लाख करोड़ रुपये उनके स्विस बैंक में जमा है. ये रकम इतनी है कि भारत का आने वाले 30 सालों का बजट बिना टैक्स के बनाया जा सकता है.


या यूँ कहें कि 60 करोड़ रोजगार के अवसर दिए जा सकते है. या यूँ भी कह सकते है कि भारत के किसी भी गाँव से दिल्ली तक 4 लेन रोड बनाया जा सकता है.

ऐसा भी कह सकते है कि 500 से ज्यादा सामाजिक प्रोजेक्ट पूर्ण किये जा सकते है. ये रकम इतनी ज्यादा है कि अगर हर भारतीय को 2000 रुपये हर महीने भी दिए जाये तो 60 साल तक ख़त्म ना हो. यानी भारत को किसी वर्ल्ड बैंक से लोन लेने कि कोई जरुरत नहीं है. जरा सोचिये ... हमारे भ्रष्ट राजनेताओं और नोकरशाहों ने कैसे देश को

लूटा है और ये लूट का सिलसिला अभी तक 2011 तक जारी है.

इस सिलसिले को अब रोकना बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है. अंग्रेजो ने हमारे भारत पर करीब 200 सालो तक राज करके करीब 1 लाख करोड़ रुपये लूटा.
मगर आजादी के केवल 64 सालों में हमारे भ्रस्टाचार ने 280 लाख करोड़ लूटा है. एक तरफ 200 साल में 1 लाख करोड़ है और दूसरी तरफ केवल 64 सालों में 280 लाख करोड़ है. यानि हर साल लगभग 4.37 लाख करोड़, या हर महीने करीब 36 हजार करोड़ भारतीय मुद्रा स्विस बैंक में इन भ्रष्ट लोगों द्वारा जमा करवाई गई है.

भारत को किसी वर्ल्ड बैंक के लोन की कोई दरकार नहीं है. सोचो की कितना पैसा हमारे भ्रष्ट राजनेताओं और उच्च अधिकारीयों ने ब्लाक करके रखा हुआ है.

हमे भ्रस्ट राजनेताओं और भ्रष्ट अधिकारीयों के खिलाफ जाने का पूर्ण अधिकार है.हाल ही में हुवे घोटालों का आप सभी को पता ही है - CWG घोटाला, २ जी स्पेक्ट्रुम घोटाला , आदर्श होउसिंग घोटाला ... और ना जाने कौन कौन से घोटाले अभी उजागर होने वाले है ........


आप लोग जोक्स फॉरवर्ड करते ही हो.

इसे भी इतना फॉरवर्ड करो की पूरा भारत इसे पढ़े ... और एक आन्दोलन बन जाये

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

धोनी का परिवार भी अन्ना के साथ उतरा

रांची।। गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के समर्थन में बुधवार को यहां भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी के भाई और अन्य परिजन भी सड़क पर उतर आए और उन्होंने जन लोकपाल विधेयक पारित किये जाने की मांग की।

महेन्द्र सिंह धोनी के पिता पान सिंह ने अन्ना हजारे के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि देश से भ्रष्टाचार तो मिटना ही चाहिए और यदि इसकी मांग अन्ना हजारे कर रहे हैं तो इसमें क्या गलत है।

धोनी के भाई नरेन्द्र सिंह धोनी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सिविल सोसाइटी के लोगों के मांग पत्र पर मंगलवार रात हस्ताक्षर किए। उन्होंनें पत्रकारों से कहा कि वह और उनका परिवार पूरी तरह अन्ना हजारे के साथ है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरन्त देश में जन लोकपाल विधेयक पारित कर इस कानून को लागू करना चाहिए।

नरेन्द्र धोनी ने कहा, 'इस ढंग के कानून से न सिर्फ देश की शासन व्यवस्था बल्कि विभिन्न खेलों में भी व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म होगा।'

http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/9633585.cms

Devbhoomi,Uttarakhand

              अन्ना के अनशन के चलते 'गांधी टोपी' के दिन बहुरे

गांधी टोपी पहने अन्‍ना हजारे



भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर अनशन पर बैठे 72 साल के गांधीवादी अन्ना हजारे ने देश की आजादी के 64 साल बाद 'गांधी टोपी' को फिर राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बना दिया है. इसे उनके जादू के अलावा क्या कहा जा सकता है कि स्थानीय बाजारों में इन टोपियों की धूम मची हुई है.

शहर की कृष्णपुरा छत्री के पास झंडे और प्रचार सामग्री बेचने वाले सौरभ जैन ने को बताया, 'गांधी टोपियों की बिक्री यहां आमतौर पर चुनावों और मराठी समुदाय में होने वाली शादियों के मौसम में रफ्तार पकड़ती है. फिलहाल यह मौसम नहीं है. बावजूद इसके बाद टोपियों की मांग खासी बढ़ गयी है.'


जैन बताते हैं कि इन दिनों अन्ना समर्थक युवा जमकर 'गांधी टोपी' खरीद रहे हैं. वे खासकर उन गांधी टोपियों की मांग कर रहे हैं, जिन पर 'मैं हूं अन्ना' और 'आई एम अन्ना' जैसे नारे लिखे हों.


स्थानीय बाजारों में 'गांधी टोपी' की खेरची कीमत पांच रुपये से 10 रुपये के बीच है. राजनीतिक इतिहास के जानकारों के मुताबिक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौर में 'गांधी टोपी' एक तरह से कांग्रेस की ठेठ पहचान से जु़ड़ गयी थी, लेकिन आजादी मिलने के बाद देश के प्रमुख सियासी दल के भीतर इसका चलन लगातार कम होता चला गया.



http://aajtak.intoday.in/story.php/content/view/62134/9/209/Gandhi-Topi-and-Movement-of-Anna-Hazare.html

Devbhoomi,Uttarakhand

भ्रष्टाचारी झुक गए हैं रामलीला मैदान मैं होगा अनसन वो सात दिन तक की इजाजत मिली है,अन्ना हजारे जिन्दा बाद