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Garhwali Poems by Balkrishan D Dhyani-बालकृष्ण डी ध्यानी की कवितायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 03, 2011, 12:06:15 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बालकृष्ण डी ध्यानी
12 minutes ago
वो डाक ना आया

आज बहना तेरी याद बहुत आयी
रह गई इस परदेश में इस दूर देश में
मेरी सुनी कलाई
वो डाक ना आया

आँखों ने देख रंगोली सजायी
चिठ्ठी के भेस ने लगा दी ठेस मुझे
ना डाकिया आया ना कोई डाक
मेरी सुनी कलाई
वो डाक ना आया

कुछ तो कारण होगा
ये मेरा और उसका निर्धारण होगा
ऐसा भी ना गया कोई साल जैसा इस साल
मेरी सुनी कलाई
वो डाक ना आया

रहे जंहा तू खुश रहे
मेरे दिल की हर एक एक साँस कहे
तेरा धाग इस दिल से बंधा है हर दिन हर बार
मेरी सुनी कलाई
वो डाक ना आया

चमकी है कलाई दो बूंदों से
अश्रूं के इन टिप टिप फूलों से
रक्षा का कर वादा प्यार मेरा तेरे साथ मेरा वादा
मेरी सुनी कलाई और
वो डाक ना आया

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार सुरक्षित

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बालकृष्ण डी ध्यानी
Yesterday
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो
चला जो गया मै ऐसे फिर मेरा लौटना मुश्किल है
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

दे दो मुझे इन दो नर्गिसी आँखों का सहारा
देख छूटा ना जाये मुझसे वो मेरा किनारा
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

गले लगा लो मुझे अपने से तुम ना दूर करो
एक शब्द का वो हर्प है बस तुम उसे काबुल करो
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो
चला जो गया मै ऐसे फिर मेरा लौटना मुश्किल है
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बालकृष्ण डी ध्यानी
August 8
देख ना

देख ना
मोड़ मोड़ पीछे
कोई ना आयेगा देख ना देख ना
कोई ना आयेगा

आयेगा कोई दौड़ दौड़ मेरा
रूठा हूँ उन से मै वो ही
आके मुझे मनायेगा वापस ले जायेगा
देख ना मोड़ मोड़ पीछे
कोई ना आयेगा

कोशिश की थी
देख ना पाया गुस्से को काबू ना लाया
किस अकड़ तड़क से उठा था गुजरा वक्त अब पछताया
देख ना मोड़ मोड़ पीछे
कोई ना आयेगा

युग बिता बस अहम को खींचा
उस पेड़ तले गिराये मैंने अपने वो अश्रु
जिस ने कभी कोई ना फल फूल सींचा
देख ना मोड़ मोड़ पीछे
कोई ना आयेगा

देख ना
मोड़ मोड़ पीछे
कोई ना आयेगा देख ना देख ना
कोई ना आयेगा

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
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बालकृष्ण डी ध्यानी
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    बालकृष्ण डी ध्यानी
    14 minutes ago
    वो डाक ना आया

    आज बहना तेरी याद बहुत आयी
    रह गई इस परदेश में इस दूर देश में
    मेरी सुनी कलाई
    वो डाक ना आया ... See More
    — with Geeta Chandola and 109 others.
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    Photo: वो डाक ना आया आज बहना तेरी याद बहुत आयी रह गई इस परदेश में इस दूर देश में मेरी सुनी कलाई वो डाक ना आया आँखों ने देख रंगोली सजायी चिठ्ठी के भेस ने लगा दी ठेस मुझे ना डाकिया आया ना कोई डाक मेरी सुनी कलाई वो डाक ना आया कुछ तो कारण होगा ये मेरा और उसका निर्धारण होगा ऐसा भी ना गया कोई साल जैसा इस साल मेरी सुनी कलाई वो डाक ना आया रहे जंहा तू खुश रहे मेरे दिल की हर एक एक साँस कहे तेरा धाग इस दिल से बंधा है हर दिन हर बार मेरी सुनी कलाई वो डाक ना आया चमकी है कलाई दो बूंदों से अश्रूं के इन टिप टिप फूलों से रक्षा का कर वादा प्यार मेरा तेरे साथ मेरा वादा मेरी सुनी कलाई और वो डाक ना आया एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार सुरक्षित
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        Pradeep Negi, Atul BhaNdari AB and 24 others like this.
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        Nandan Rana बहुत सुन्दर।See Translation
        5 minutes ago · Like
        Laxmi Rana happy rakshabandan
        2 minutes ago · Like
        Yogambar Rawat शुभकामना ।See Translation
        about a minute ago · Like
        Mukesh Tiwari रक्षाबंधन की ढेरों शुभकामनाएँ........
        a few seconds ago · Like
        Mahi Singh Mehta
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    बालकृष्ण डी ध्यानी
    Yesterday
    अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

    अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो
    चला जो गया मै ऐसे फिर मेरा लौटना मुश्किल है
    अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

    दे दो मुझे इन दो नर्गिसी आँखों का सहारा
    देख छूटा ना जाये मुझसे वो मेरा किनारा
    अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

    गले लगा लो मुझे अपने से तुम ना दूर करो
    एक शब्द का वो हर्प है बस तुम उसे काबुल करो
    अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

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    एक उत्तराखंडी

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    Photo: अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो चला जो गया मै ऐसे फिर मेरा लौटना मुश्किल है अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो दे दो मुझे इन दो नर्गिसी आँखों का सहारा देख छूटा ना जाये मुझसे वो मेरा किनारा अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो गले लगा लो मुझे अपने से तुम ना दूर करो एक शब्द का वो हर्प है बस तुम उसे काबुल करो अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो चला जो गया मै ऐसे फिर मेरा लौटना मुश्किल है अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार सुरक्षित
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        Bhishma Kukreti, Kiran Kainthola, Mahipal Negi and 43 others like this.
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        छवाडा गढ़वाल कु जी हां म्यार उत्तराखंडी दगरियो आप लोगु कु अपणु पहाड़ कु पेज ते लाइक करा
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        म्यार उत्तराखंडी दगरियो आप लोग बी अपणु पहाड़ कु सये पेज ते लाइक करया .ता की हमार पहाड़ की छवि सदा रोशन रहे ... ...See MoreSee Translation
        आई जया अपणु पहाड़ माँ
        """"घूमी अओला अपणु पहाड़ माँ """
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        13 hours ago · Like
        Pancham Singh Rawat bahut hi khoobsurat pangtian ji.
        12 hours ago · Like
        Manoj Sharma हो कर मायूस न यूँ शाम से ढलते रहिये;
        ज़िन्दगी भोर है सूरज से निकलते रहिये;
        एक ही पाँव पर ठहरोगे तो थक जाओगे;
        ...See MoreSee Translation
        11 hours ago · Like · 1
        Rajesh Kumar Nauriyal sundar bahut sundar sir. sada ki tarah.. & thanks a lot.See Translation
        2 hours ago · Like
        Mahi Singh Mehta
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    राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी'
    Yesterday
    भूल कर मातृभाषा को हम,
    देश भक्त बनते जा रहे हैँ ।
    समेट रहे हैँ पश्चिम को हर ओर
    और तिरंगा खुद का लहरा रहे हैँ ।
    लेटी हुई है शय्या पर भाषा,
    और हम हिन्द के गुण गा रहे हैँ ।
    लेकर अग्नि हम हाथों मे,
    हिन्दी को रोज जला रहे हैँ ।
    भूल कर मातृभाषा को हम,
    देश भक्त बनते जा रहे हैँ ।... See More
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        बालकृष्ण डी ध्यानी, देवसिंह रावत, राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी' and 38 others like this.
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        Umed Mehra मातृ भाषा के प्रति प्रेम की सुन्दर अभिव्यक्ति
        Yesterday at 11:18am · Like · 1
        Aman Kumar Tyagi लेटी हुई है शय्या पर भाषा,See Translation
        15 hours ago · Like · 1
        बालकृष्ण डी ध्यानी भाई जी प्रणाम और सुंदर रचना हिंदी के प्रति प्रेम छलकता है जो दर्द बनकर उभरा हैSee Translation
        14 hours ago · Like · 1
        राजेन्द्र सिंह कुँवर 'फरियादी' आप सभी मित्रों का हार्दिक धन्यवाद मेरी कलम से अंकुरित शब्दों को अपना स्नेह और आशीर्वाद देने के लिए ।See Translation
        53 minutes ago · Like
        Mahi Singh Mehta
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    बालकृष्ण डी ध्यानी
    August 8 · Edited
    आ हा सोना रे सोना रे सोना (6 photos)
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    बालकृष्ण डी ध्यानी's photo.
    बालकृष्ण डी ध्यानी's photo.
    बालकृष्ण डी ध्यानी's photo.
    बालकृष्ण डी ध्यानी's photo.
    बालकृष्ण डी ध्यानी's photo.
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        Mahi Singh Mehta God Bless.
        Yesterday at 8:19am · Like · 1
        Sandeep Pujari Congratulations to u & God bless baby
        23 hours ago · Like · 1
        Brij Mohan Naithani Mera Subhaasheesh
        22 hours ago · Like · 1
        बालकृष्ण डी ध्यानी आप सब भाई- बहनों और मित्रों बंधू के स्नेह भरे आशीष वचन का बर्थवाल और ध्यानी परिवार सदा ऋणी रहेगा आशा है आप सब का आशीर्वाद हमारे साथ साथ रहे

        आप सब के स्नेह का धन्यवादSee Translation
        14 hours ago · Like
        Mahi Singh Mehta
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    बालकृष्ण डी ध्यानी
    August 8 · Edited
    मेरे साले प्रदीप ओमप्रकाश बर्थवाल और भूली राजेश्वरी प्रदीप बर्थवाल को आज कन्या रत्न प्राप्ता हुआ है उनको मेरी तरफ से बधाई और छोटी जिसको मैंने नाम दिया संजीवनी प्रदीप बर्थवाल को बहुत सारा आशीर्वाद और ढेर सारा प्यार — with Geeta Chandola and 43 others.
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    Photo: मेरे साले प्रदीप ओमप्रकाश बर्थवाल और भूली राजेश्वरी प्रदीप बर्थवाल को आज कन्या रत्न प्राप्ता हुआ है उनको मेरी तरफ से बधाई और छोटी जिसको मैंने नाम दिया संजीवनी प्रदीप बर्थवाल को बहुत सारा आशीर्वाद और ढेर सारा प्यार
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        Netra Dhyani Bhaiji aapko aur cute Angel kay pariwar ko hardik badhai
        18 hours ago · Like · 1
        बालकृष्ण डी ध्यानी आप सब भाई- बहनों और मित्रों बंधू के स्नेह भरे आशीष वचन का बर्थवाल और ध्यानी परिवार सदा ऋणी रहेगा आशा है आप सब का आशीर्वाद हमारे साथ साथ रहे

        आप सब के स्नेह का धन्यवादSee Translation
        14 hours ago · Like · 3
        Ashish Negi Ashu Ladli gudiya ko..dher sara pyar...See Translation
        about an hour ago · Like
        Praveen Barthwal HARDIK BADHAI
        52 minutes ago · Like
        Mahi Singh Mehta
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    बालकृष्ण डी ध्यानी
    August 8
    देख ना

    देख ना
    मोड़ मोड़ पीछे
    कोई ना आयेगा देख ना देख ना
    कोई ना आयेगा

    आयेगा कोई दौड़ दौड़ मेरा
    रूठा हूँ उन से मै वो ही
    आके मुझे मनायेगा वापस ले जायेगा
    देख ना मोड़ मोड़ पीछे
    कोई ना आयेगा

    कोशिश की थी
    देख ना पाया गुस्से को काबू ना लाया
    किस अकड़ तड़क से उठा था गुजरा वक्त अब पछताया
    देख ना मोड़ मोड़ पीछे
    कोई ना आयेगा

    युग बिता बस अहम को खींचा
    उस पेड़ तले गिराये मैंने अपने वो अश्रु
    जिस ने कभी कोई ना फल फूल सींचा
    देख ना मोड़ मोड़ पीछे
    कोई ना आयेगा

    देख ना
    मोड़ मोड़ पीछे
    कोई ना आयेगा देख ना देख ना
    कोई ना आयेगा

    एक उत्तराखंडी

    बालकृष्ण डी ध्यानी
    देवभूमि बद्री-केदारनाथ
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    Photo: देख ना देख ना मोड़ मोड़ पीछे कोई ना आयेगा देख ना देख ना कोई ना आयेगा आयेगा कोई दौड़ दौड़ मेरा रूठा हूँ उन से मै वो ही आके मुझे मनायेगा वापस ले जायेगा देख ना मोड़ मोड़ पीछे कोई ना आयेगा कोशिश की थी देख ना पाया गुस्से को काबू ना लाया किस अकड़ तड़क से उठा था गुजरा वक्त अब पछताया देख ना मोड़ मोड़ पीछे कोई ना आयेगा युग बिता बस अहम को खींचा उस पेड़ तले गिराये मैंने अपने वो अश्रु जिस ने कभी कोई ना फल फूल सींचा देख ना मोड़ मोड़ पीछे कोई ना आयेगा देख ना मोड़ मोड़ पीछे कोई ना आयेगा देख ना देख ना कोई ना आयेगा एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार सुरक्षित
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        Anand Singh Rawat bahut sunder dhyani jiSee Translation
        August 8 at 5:56pm · Like
        Praveen Chand Very nice...
        August 8 at 6:41pm · Like
        Anshu Negi GM
        Yesterday at 7:53am · Like
        Brij Mohan Naithani Meethai waastav patta Ni kilai Aapaki Kavita Sundar Lagadan Wah........
        21 hours ago · Like
        Mahi Singh Mehta
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    बालकृष्ण डी ध्यानी
    August 7
    जीवन अनमोल है पर अपना मोल ना लगाओ

    ध्यानी प्रणाम
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        Vijaya Pant Tuli Mountaineer, Arun Sharma and 32 others like this.
        Anshu Negi NYC ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,GM
        Yesterday at 7:53am · Like
        Mahi Singh Mehta
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    बालकृष्ण डी ध्यानी
    August 7
    फिर मिलेंगे ये वादा कर ले

    फिर मिलेंगे ये वादा कर ले
    गुल खिलेंगे ये वादा कर ले
    देख किनारे खड़ा हूँ पहाड़ों के मै
    एक हल्का सा तू इशारा कर दे
    फिर मिलेंगे ये वादा कर ले

    जाती भागती राहों से कभी तू
    छूटी राहों को भी कभी देख ले आगे से पीछे मोड़ के
    एक आधार मुझे तेरा मिल जायेगा
    देख मेरा भी एक दिन कोई लौट आयेगा
    एक हल्का सा तू इशारा कर दे
    फिर मिलेंगे ये वादा कर ले

    बाँध कर रखेगा ये दिल उन पलों को
    छोड़कर जा रहे हो जब तुम आगे बढे के
    आँखें बह रही दिल पसीजा जा रहा मेरा
    बंधा लुंगी तेरे उस वादे इशारे इस दिल तब खुंठा
    एक हल्का सा तू इशारा कर दे
    फिर मिलेंगे ये वादा कर ले

    फिर मिलेंगे ये वादा कर ले
    गुल खिलेंगे ये वादा कर ले
    देख किनारे खड़ा हूँ पहाड़ों के मै
    एक हल्का सा तू इशारा कर दे
    फिर मिलेंगे ये वादा कर ले

    एक उत्तराखंडी

    बालकृष्ण डी ध्यानी
    देवभूमि बद्री-केदारनाथ
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बालकृष्ण डी ध्यानी
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अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो
चला जो गया मै ऐसे फिर मेरा लौटना मुश्किल है
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

दे दो मुझे इन दो नर्गिसी आँखों का सहारा
देख छूटा ना जाये मुझसे वो मेरा किनारा
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

गले लगा लो मुझे अपने से तुम ना दूर करो
एक शब्द का वो हर्प है बस तुम उसे काबुल करो
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो
चला जो गया मै ऐसे फिर मेरा लौटना मुश्किल है
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
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बालकृष्ण डी ध्यानी
8 hrs

Allowed on Timeline

कुछ तो अपने आप से निकलेगा

कुछ तो अपने आप से निकलेगा
एक दिन ये समय सबका बाप निकलेगा
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

रहे मदहोशी में अक्सर मेरे बहके कदम राहों पर
बहुत तकलीफ होगी मुझे जब ये मेरा दम निकलेगा
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

काफी दुश्मनी निभा दी अपने आप से हमने इस कदर
जब दोस्ती होगी खुद से ही तब अब हम से शक ना निकलेगा
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

रहे अपने आप में खोये हम यूँ ही उम्रभर सपनों में
जब नींद टूटी जागे हम पर लगता है अब ये भ्रम ना गुजरेगा
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

करते रहे मनमानी अपने जीवन से सुबह शाम
आखरी रातों के सफर में उन संग तेरा संग ना निकलेगा
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

कुछ तो अपने आप से निकलेगा
एक दिन ये समय सबका बाप निकलेगा
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
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बालकृष्ण डी ध्यानी
August 10
वो डाक ना आया

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वो डाक ना आया

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मेरे दिल की हर एक एक साँस कहे
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August 9
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो
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अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

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देख छूटा ना जाये मुझसे वो मेरा किनारा
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

गले लगा लो मुझे अपने से तुम ना दूर करो
एक शब्द का वो हर्प है बस तुम उसे काबुल करो
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो
चला जो गया मै ऐसे फिर मेरा लौटना मुश्किल है
अभी रोको मुझे ना तुम ऐसे जाने दो

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बालकृष्ण डी ध्यानी

अपना या पराया समझा जब तूने जग इसे समझा
फिजूल जीना तेरा ध्यानी तूने बस अपने को देखा

ध्यानी प्रणाम

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बालकृष्ण डी ध्यानी
August 11
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

कुछ तो अपने आप से निकलेगा
एक दिन ये समय सबका बाप निकलेगा
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

रहे मदहोशी में अक्सर मेरे बहके कदम राहों पर
बहुत तकलीफ होगी मुझे जब ये मेरा दम निकलेगा
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

काफी दुश्मनी निभा दी अपने आप से हमने इस कदर
जब दोस्ती होगी खुद से ही तब अब हम से शक ना निकलेगा
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

रहे अपने आप में खोये हम यूँ ही उम्रभर सपनों में
जब नींद टूटी जागे हम पर लगता है अब ये भ्रम ना गुजरेगा
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

करते रहे मनमानी अपने जीवन से सुबह शाम
आखरी रातों के सफर में उन संग तेरा संग ना निकलेगा
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

कुछ तो अपने आप से निकलेगा
एक दिन ये समय सबका बाप निकलेगा
कुछ तो अपने आप से निकलेगा

एक उत्तराखंडी

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