• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Garhwali Poems by Balkrishan D Dhyani-बालकृष्ण डी ध्यानी की कवितायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 03, 2011, 12:06:15 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बालकृष्ण डी ध्यानीSaturdayछोटी जांदी यख

ऐक ऐकाकी
एकांकी यख
जिकोडी की
ऐक रेखंकी यख

उधेड़ बूंदी
ऊना की रूंडी
सरकै जांदी
वा फुंडा फुंदी यख

ऐक ऐकाकी
एकांकी यख
आंखी की बस
ह्स्न्दी रुलान्दी यख

बिच्कै बीचानदी
पासा वो बोलान्दी
फुंडा वा रौड़ी जांदी
माया वा लगान्दी यख

ऐक ऐकाकी
एकांकी यख
बरसों पैली गेली
किले छोटी जांदी यख

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Bhuwan Pandey and 49 others. Photo: छोटी जांदी यख ऐक ऐकाकी एकांकी यख जिकोडी की ऐक रेखंकी यख उधेड़ बूंदी ऊना की रूंडी सरकै जांदी वा फुंडा फुंदी यख ऐक ऐकाकी एकांकी यख आंखी की बस ह्स्न्दी रुलान्दी यख बिच्कै बीचानदी पासा वो बोलान्दी फुंडा वा रौड़ी जांदी माया वा लगान्दी यख ऐक ऐकाकी एकांकी यख बरसों पैली गेली किले छोटी जांदी यख एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीतLike ·  · Share

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बालकृष्ण डी ध्यानी एक खूठो तेरु

ऐ साल की पैली कबीता च
पड़ी लियां ऐ तुम्हरी कबिता च
पसंद ऐगे लाईक कर दियां
ना ऐ  मन का भाव लिख दयां
ऐ साल  के पैली कबीता च ..................

पुराणो गै अब नऊ ऐगै
सुप्नीयुं का नयो सरू ऐगै
गगरी अब भी गैरी च दीदा
ऐगै तू गढ़देश अब हल्कू वहैगे
ऐ साल  के पैली कबीता च ..................

विपदा खैरी ना लगा मीथै
आब आपरी कथा ना सुना मीथै
गढ़देश के गीता लगा मीथै
थोडा तू झूम थोड़ा झुमा मीथै   
ऐ साल  के पैली कबीता च ..................

दूर दूर भतेक तक तू उड़ा मीथै
सेवा सोंली सब थै अब तू लगा मेरी 
बिता दिन कण बोड़ी नी ऐन्दा यख
दीदा तू एक खूठो त बड़ा ईथै
ऐ साल  के पैली कबीता च ..................

ऐ साल की पैली कबीता च
पड़ी लियां ऐ तुम्हरी कबिता च
पसंद ऐगे लाईक कर दियां
ना ऐ  मन का भाव लिख दयां
ऐ साल  के पैली कबीता च ..................
 
एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Manoj Singh Rawat and 49 others.
एक खूठो तेरु ऐ साल की पैली कबीता च पड़ी लियां ऐ तुम्हरी कबिता च पसंद ऐगे लाईक कर दियां ना ऐ  मन का भाव लिख दयां ऐ साल  के पैली कबीता च .................. पुराणो गै अब नऊ ऐगै सुप्नीयुं का नयो सरू ऐगै गगरी अब भी गैरी च दीदा ऐगै तू गढ़देश अब हल्कू वहैगे ऐ साल  के पैली कबीता च .................. विपदा खैरी ना लगा मीथै आब आपरी कथा ना सुना मीथै गढ़देश के गीता लगा मीथै थोडा तू झूम थोड़ा झुमा मीथै ऐ साल  के पैली कबीता च .................. दूर दूर भतेक तक तू उड़ा मीथै सेवा सोंली सब थै अब तू लगा मेरी बिता दिन कण बोड़ी नी ऐन्दा यख दीदा तू एक खूठो त बड़ा ईथै ऐ साल  के पैली कबीता च .................. ऐ साल की पैली कबीता च पड़ी लियां ऐ तुम्हरी कबिता च पसंद ऐगे लाईक कर दियां ना ऐ  मन का भाव लिख दयां ऐ साल  के पैली कबीता च .................. एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बालकृष्ण डी ध्यानी10 hours agoऐ बेल 

ऐ  बेल ही च 
और कुछ ना ...३   
ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना

सब ऐमा ही दड़यूँ च  ..२ 
सब ऐमा ही  मिलयूँ च 
और कुछ ना 
ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना

गांठी गांठी जुडी च बेल की   ..२
एक गांठी खुली सब गांठी खुलींच बेल की
और कुछ ना 
ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना

खैरी बेल विपदा भी बेल च  ..२ 
हैसुणु दूर भातैक ,वो रुणों वहालो भी बेल च 
और कुछ ना 
ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना

आनु वालो बेल ,जणो वालो भी बेल च  ..२
बीच मा भी खड़यूँ वो भी बेल च 
और कुछ ना 
ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना

ऐ  बेल ही च 
और कुछ ना 
ऐ बेल ही च , (और  कुछ  ना) ...........3


एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Mahi Singh Mehta and 48 others. Photo: ऐ बेल ऐ  बेल ही च और कुछ ना ...३ ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना सब ऐमा ही दड़यूँ च  ..२ सब ऐमा ही  मिलयूँ च और कुछ ना ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना गांठी गांठी जुडी च बेल की   ..२ एक गांठी खुली सब गांठी खुलींच बेल की और कुछ ना ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना खैरी बेल विपदा भी बेल च  ..२ हैसुणु दूर भातैक ,वो रुणों वहालो भी बेल च और कुछ ना ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना आनु वालो बेल ,जणो वालो भी बेल च  ..२ बीच मा भी खड़यूँ वो भी बेल च और कुछ ना ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना ऐ  बेल ही च और कुछ ना ऐ बेल ही च , (और  कुछ  ना) ...........3 एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीतLike ·  · Share

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बालकृष्ण डी ध्यानीDecember 29, 2012छोटी जांदी यख

ऐक ऐकाकी
एकांकी यख
जिकोडी की
ऐक रेखंकी यख

उधेड़ बूंदी
ऊना की रूंडी
सरकै जांदी
वा फुंडा फुंदी यख

ऐक ऐकाकी
एकांकी यख
आंखी की बस
ह्स्न्दी रुलान्दी यख

बिच्कै बीचानदी
पासा वो बोलान्दी
फुंडा वा रौड़ी जांदी
माया वा लगान्दी यख

ऐक ऐकाकी
एकांकी यख
बरसों पैली गेली
किले छोटी जांदी यख

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Bhuwan Pandey and 48 others. Photo: छोटी जांदी यख ऐक ऐकाकी एकांकी यख जिकोडी की ऐक रेखंकी यख उधेड़ बूंदी ऊना की रूंडी सरकै जांदी वा फुंडा फुंदी यख ऐक ऐकाकी एकांकी यख आंखी की बस ह्स्न्दी रुलान्दी यख बिच्कै बीचानदी पासा वो बोलान्दी फुंडा वा रौड़ी जांदी माया वा लगान्दी यख ऐक ऐकाकी एकांकी यख बरसों पैली गेली किले छोटी जांदी यख एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीतLike ·  · Share

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

देव भूमि बद्री-केदार नाथ21 hours agoह्युंद

ह्युंद कू गूंद
चिप चिपेली धुंद

चौमास बूंद
गिर गीरी सूंण

ठिथ्रणू जडू
हाथ का होंयाँ लडू

तप तपेली दूध
चूल्हों की गूंज

लक्डों का चर र र
धुंयें की धुंण सूंघ

गरम् चै का सुरका
गुड धेली का चूरका

माटा कू वो कूड़ा
खटेली व रजै दूरका

बेटी ब्वारी दुख्दा
कोई नी सुन्दा कोई नी सुन्दा

ह्युंद कू गूंद
चिप चिपेली धुंद

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Jyoti Rana and 49 others. Photo: ह्युंद ह्युंद कू गूंद चिप चिपेली धुंद चौमास बूंद गिर गीरी सूंण ठिथ्रणू जडू हाथ का होंयाँ लडू तप तपेली दूध चूल्हों की गूंज लक्डों का चर र र धुंयें की धुंण सूंघ गरम् चै का सुरका गुड धेली का चूरका माटा कू वो कूड़ा खटेली व रजै दूरका बेटी ब्वारी दुख्दा कोई नी सुन्दा कोई नी सुन्दा ह्युंद कू गूंद चिप चिपेली धुंद एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

देव भूमि बद्री-केदार नाथFridayगंगा बोगी की गै कै

कंन छयूँ च दिन राती कू उमाल अ ..
कंन म्च्युं च ऐ पहाडा मा उबाल अ...

बलबलणु लग्युं मन कू गुअब्बार अ .
कोई नी च एको खैर खबर दार अ ..

अहम होग्या यख अब पहरेदार अ ...
टाक्कों पिछने छिपेगे रीती रिवाज अ..

कोई नी खडयूँ अब यख अपरो पार अ ..
बच्यां छन जो वोंकी जामा मार अ ...

रीटा रीटा मनख्यूं का अब वो द्वार अ ...
रीटा होग्या मेरु सारु अब पहाडा अ ...

सीमेंट माटा मा पहाडी अब हार अ ...
देवभूमी गंगा बोगी कैगै दूर कै घार अ....   

कंन छयूँ च दिन राती कू उमाल अ ..
कंन म्च्युं च ऐ पहाडा मा उबाल अ...

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Mahendra Nautiyal and 48 others. Photo: गंगा बोगी की गै कै कंन छयूँ च दिन राती कू उमाल अ .. कंन म्च्युं च ऐ पहाडा मा उबाल अ... बलबलणु लग्युं मन कू गुअब्बार अ . कोई नी च एको खैर खबर दार अ .. अहम होग्या यख अब पहरेदार अ ... टाक्कों पिछने छिपेगे रीती रिवाज अ.. कोई नी खडयूँ अब यख अपरो पार अ .. बच्यां छन जो वोंकी जामा मार अ ... रीटा रीटा मनख्यूं का अब वो द्वार अ ... रीटा होग्या मेरु सारु अब पहाडा अ ... सीमेंट माटा मा पहाडी अब हार अ ... देवभूमी गंगा बोगी कैगै दूर कै घार अ.... कंन छयूँ च दिन राती कू उमाल अ .. कंन म्च्युं च ऐ पहाडा मा उबाल अ... एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

देव भूमि बद्री-केदार नाथThursdayसरला मै दगडी

नौना :सरला मै दगडी दगडी तू आज हिट दे जरा  ...२
अपरा प्रिती की रीत निभै दे जरा 
सरला मै दगडी दगडी तू आज हिट दे जरा  ...२

नॉनी :सरला तै दगडी दगडी  सरला आज हिटे  च  ना  ..आ 

तेरी अन्ख्युं का अन्ख्युं का गोला  अ अ अ अ अ ..
तेरी अन्ख्युं का अन्ख्युं का गोला 
मै बिसरी जांदू बिसरी जानू  दिन राती ऐ भोल   अ अ अ ...
सरला  टैम लगे ना जलदी ऐ वो सड़की का मोड़ा

सरला मै दगडी दगडी तू आज हिट दे जरा  ...२
अपरा प्रिती की रीत निभै दे जरा 
सरला मै दगडी दगडी तू आज हिट दे जरा  ...२

सरला तै दगडी दगडी  सरला आज हिटे  च  ना  ..आ 

तेरी मीठी मीठी छुंई मा लगी शोर  अ अ अ अ अ ..
तेरी मीठी मीठी छुंई मा लगी शोर
तै थै आज बताणु चा मी तॆ थै ब्योली बनोलू भोल  अ अ अ
सरला  सज धज  की  रै बाजा  बजैकी लाणु  दामू  ढोल   

सरला मै दगडी दगडी तू आज हिट दे जरा  ...२
अपरा प्रिती की रीत निभै दे जरा 
सरला मै दगडी दगडी तू आज हिट दे जरा  ...२

सरला तै दगडी दगडी  सरला  आज  हिटने  च  आज  हाँ   ........

एक मराठी गीत है गुमो संगती ना मजाशी ऐशील काय
उस की धुन पर ऐ गढ़वाली गीत तैयार किया है 


एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Dharmendra Mamgain and 47 others. Photo: सरला मै दगडी नौना :सरला मै दगडी दगडी तू आज हिट दे जरा  ...२ अपरा प्रिती की रीत निभै दे जरा सरला मै दगडी दगडी तू आज हिट दे जरा  ...२ नॉनी :सरला तै दगडी दगडी  सरला आज हिटे  च  ना  ..आ तेरी अन्ख्युं का अन्ख्युं का गोला  अ अ अ अ अ .. तेरी अन्ख्युं का अन्ख्युं का गोला मै बिसरी जांदू बिसरी जानू  दिन राती ऐ भोल   अ अ अ ... सरला  टैम लगे ना जलदी ऐ वो सड़की का मोड़ा सरला मै दगडी दगडी तू आज हिट दे जरा  ...२ अपरा प्रिती की रीत निभै दे जरा सरला मै दगडी दगडी तू आज हिट दे जरा  ...२ सरला तै दगडी दगडी  सरला आज हिटे  च  ना  ..आ तेरी मीठी मीठी छुंई मा लगी शोर  अ अ अ अ अ .. तेरी मीठी मीठी छुंई मा लगी शोर तै थै आज बताणु चा मी तॆ थै ब्योली बनोलू भोल  अ अ अ सरला  सज धज  की  रै बाजा  बजैकी लाणु  दामू  ढोल सरला मै दगडी दगडी तू आज हिट दे जरा  ...२ अपरा प्रिती की रीत निभै दे जरा सरला मै दगडी दगडी तू आज हिट दे जरा  ...२ सरला तै दगडी दगडी  सरला  आज  हिटने  च  आज  हाँ   ........ एक मराठी गीत है गुमो संगती ना मजाशी ऐशील काय उस की धुन पर ऐ गढ़वाली गीत तैयार किया है एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत1Like ·  · Share

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

देव भूमि बद्री-केदार नाथJanuary 2ऐ बेल 

ऐ  बेल ही च 
और कुछ ना ...३   
ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना

सब ऐमा ही दड़यूँ च  ..२ 
सब ऐमा ही  मिलयूँ च 
और कुछ ना 
ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना

गांठी गांठी जुडी च बेल की   ..२
एक गांठी खुली सब गांठी खुलींच बेल की
और कुछ ना 
ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना

खैरी बेल विपदा भी बेल च  ..२ 
हैसुणु दूर भातैक ,वो रुणों वहालो भी बेल च 
और कुछ ना 
ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना

आनु वालो बेल ,जणो वालो भी बेल च  ..२
बीच मा भी खड़यूँ वो भी बेल च 
और कुछ ना 
ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना

ऐ  बेल ही च 
और कुछ ना 
ऐ बेल ही च , (और  कुछ  ना) ...........3


एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Kailash Upreti and 46 others. Photo: ऐ बेल ऐ  बेल ही च और कुछ ना ...३ ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना सब ऐमा ही दड़यूँ च  ..२ सब ऐमा ही  मिलयूँ च और कुछ ना ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना गांठी गांठी जुडी च बेल की   ..२ एक गांठी खुली सब गांठी खुलींच बेल की और कुछ ना ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना खैरी बेल विपदा भी बेल च  ..२ हैसुणु दूर भातैक ,वो रुणों वहालो भी बेल च और कुछ ना ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना आनु वालो बेल ,जणो वालो भी बेल च  ..२ बीच मा भी खड़यूँ वो भी बेल च और कुछ ना ऐ बेल ही च , और  कुछ  ना ऐ  बेल ही च और कुछ ना ऐ बेल ही च , (और  कुछ  ना) ...........3 एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीतLike ·  · Share

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

देव भूमि बद्री-केदार नाथJanuary 1एक खूठो तेरु

ऐ साल की पैली कबीता च
पड़ी लियां ऐ तुम्हरी कबिता च
पसंद ऐगे लाईक कर दियां
ना ऐ  मन का भाव लिख दयां
ऐ साल  के पैली कबीता च ..................

पुराणो गै अब नऊ ऐगै
सुप्नीयुं का नयो सरू ऐगै
गगरी अब भी गैरी च दीदा
ऐगै तू गढ़देश अब हल्कू वहैगे
ऐ साल  के पैली कबीता च ..................

विपदा खैरी ना लगा मीथै
आब आपरी कथा ना सुना मीथै
गढ़देश के गीता लगा मीथै
थोडा तू झूम थोड़ा झुमा मीथै   
ऐ साल  के पैली कबीता च ..................

दूर दूर भतेक तक तू उड़ा मीथै
सेवा सोंली सब थै अब तू लगा मेरी 
बिता दिन कण बोड़ी नी ऐन्दा यख
दीदा तू एक खूठो त बड़ा ईथै
ऐ साल  के पैली कबीता च ..................

ऐ साल की पैली कबीता च
पड़ी लियां ऐ तुम्हरी कबिता च
पसंद ऐगे लाईक कर दियां
ना ऐ  मन का भाव लिख दयां
ऐ साल  के पैली कबीता च ..................
 
एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with देवसिंह रावत and 47 others. Photo: एक खूठो तेरु ऐ साल की पैली कबीता च पड़ी लियां ऐ तुम्हरी कबिता च पसंद ऐगे लाईक कर दियां ना ऐ  मन का भाव लिख दयां ऐ साल  के पैली कबीता च .................. पुराणो गै अब नऊ ऐगै सुप्नीयुं का नयो सरू ऐगै गगरी अब भी गैरी च दीदा ऐगै तू गढ़देश अब हल्कू वहैगे ऐ साल  के पैली कबीता च .................. विपदा खैरी ना लगा मीथै आब आपरी कथा ना सुना मीथै गढ़देश के गीता लगा मीथै थोडा तू झूम थोड़ा झुमा मीथै ऐ साल  के पैली कबीता च .................. दूर दूर भतेक तक तू उड़ा मीथै सेवा सोंली सब थै अब तू लगा मेरी बिता दिन कण बोड़ी नी ऐन्दा यख दीदा तू एक खूठो त बड़ा ईथै ऐ साल  के पैली कबीता च .................. ऐ साल की पैली कबीता च पड़ी लियां ऐ तुम्हरी कबिता च पसंद ऐगे लाईक कर दियां ना ऐ  मन का भाव लिख दयां ऐ साल  के पैली कबीता च .................. एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीतLike ·  · Share

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

आस थी

आब-ए-आईना दमक थी
अब आब-ए-चश्म में वो बहा गयी
आब-ए-तल्ख़ का जल वो
आबरू पर वो ऐसे बिलख गयी

दामिनी की आवाज़ह भी वो
आह में बस वो गुम हो गयी
निर्भय थी वो भी मोहतरमा
अकस्मात ही वो गुजर गयी
आबरू पर वो ऐसे बिलख गयी

इक़बाल इक़रार इक़्तिज़ा किया था उसने
इख्लास इज़्ज़त इज़्हार ना वो कर सकी
इजाज़ इजाज़त इत्माम इत्लाफ़ था इतना
इत्तिफ़ाक़ से इत्तिका वो बन गयी
आबरू पर वो ऐसे बिलख गयी

इन्तज़ार है इन्तिक़ाम उस रूह को भी
इब्तिला इबादत की इबारत इमान ढाह गयी
उक़ूबत का हर्ष उबाल की उरियां का उरूज है
उफ़्क पर वो इन्सानियत का अब सबब बन गयी
आबरू पर वो ऐसे बिलख गयी

आब-ए-आईना दमक थी
अब आब-ए-चश्म में वो बहा गयी
आब-ए-तल्ख़ का जल वो
आबरू पर वो ऐसे बिलख गयी

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत — with Dinesh Khanduri and 48 others. Photo: आस थी आब-ए-आईना दमक थी अब आब-ए-चश्म में वो बहा गयी आब-ए-तल्ख़ का जल वो आबरू पर वो ऐसे बिलख गयी दामिनी की आवाज़ह भी वो आह में बस वो गुम हो गयी निर्भय थी वो भी मोहतरमा अकस्मात ही वो गुजर गयी आबरू पर वो ऐसे बिलख गयी इक़बाल इक़रार इक़्तिज़ा किया था उसने इख्लास इज़्ज़त इज़्हार ना वो कर सकी इजाज़ इजाज़त इत्माम इत्लाफ़ था इतना इत्तिफ़ाक़ से इत्तिका वो बन गयी आबरू पर वो ऐसे बिलख गयी इन्तज़ार है इन्तिक़ाम उस रूह को भी इब्तिला इबादत की इबारत इमान ढाह गयी उक़ूबत का हर्ष उबाल की उरियां का उरूज है उफ़्क पर वो इन्सानियत का अब सबब बन गयी आबरू पर वो ऐसे बिलख गयी आब-ए-आईना दमक थी अब आब-ए-चश्म में वो बहा गयी आब-ए-तल्ख़ का जल वो आबरू पर वो ऐसे बिलख गयी एक उत्तराखंडी बालकृष्ण डी ध्यानी देवभूमि बद्री-केदारनाथ मेरा ब्लोग्स http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com मै पूर्व प्रकाशीत हैं -सर्वाधिकार सुरक्षीत1Like ·  · Share