• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Natural Disaster:Cloud Burst in Uttarkashi Chamoli & Other parts of Uttarakhand

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, August 04, 2012, 03:50:17 PM


हेम पन्त


हेम पन्त

बारिश के रुकने के कई घंटे बाद भी पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और चमिली जिले की कई महत्वपूर्ण सडके अभी तक बंद हैं..



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



गंगा माई के हवाले की पिता की देह
उत्तरकाशी
कुदरत इस कदर क्रूर होगी। यह तो सोचा भी न था। बाढ़ से तबाह उत्तरकाशी में दो भाइयों को ऐसा निर्णय लेना पड़ा, जिसकी कल्पना से भी रूह सिहर उठे। पिता की चिता के लिए लकड़ियों का इंतजामनहीं हो सका तो शव को बोरे में बांधकर गंगा माई को समर्पित कर दिया।
यह नजारा था उत्तरकाशीके जड़ भरत घाट का। बीस वर्षीय राजेश और उसका छोटा भाई सत्रह वर्षीयराजेंद्र हाथ में एक बोरा पकड़े


Devbhoomi,Uttarakhand

उत्तरकाशी आपदा की मार,रवांई मेले पर भी



    उत्तरकाशी :  कुदरत के कहर से सहमे उत्तरकाशी के गंगोरी में प्रशासन अभी तक कोई मदद नहीं पहुंचा पाया है। पुल ध्वस्त होने के बाद गंगोरी का सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।

इधर, राहत शिविरों में अव्यवस्थाओं का आलम है। यहां न पेयजल की व्यवस्था है और न ही शौचालय की। यहां तक कि एक-एक कमरे में बीस-बीस लोगों ने किसी तरह शनिवार की रात काटी।
शुक्रवार की आधी रात को भागीरथी व असी गंगा में आई बाढ़ के बाद अपने आशियाने खो चुके लोग दर-दर ठोकरें खाने को मजबूर हो गए हैं। प्रभावित वाल्मिकी समाज के लोगों को राजकीय कीर्ति इंटर कालेज और बालिका इंटर कालेज में ठहराया गया है।

इन विद्यालयों में प्रभावित परिवारों को पेयजल व शौचालय की व्यवस्था ना होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावितों के लिए भोजन की व्यवस्था जिला पूर्ति विभाग की ओर से की जा रही है, लेकिन आवासीय व्यवस्थाओं में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरी ओर गंगोरी में पुल बहने के बाद अपने आवासीय भवन खो चुके परिवार अपने परिजनों के घरों में शरण लिए हुए हैं। पुल के टूटने के बाद बीस से तीस प्रभावित परिवार पुल की दूसरी ओर फंसे हैं। यहां प्रशासन भी कोई राहत पहुंचाने में सफल नहीं हो सका है।
    Jagran

Devbhoomi,Uttarakhand

असी गंगा घाटी का संपर्क अभी नही जुड़ा देश से








    उत्तरकाशी : असी गंगा घाटी में भारी बाढ़ आने से तबाह  मोटर मार्ग, संचार सेवाएं व विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने से घाटी के दर्जनों गांव का अभी भी  देश और दुनिया से संपर्क कटा हुआ है। इससे क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को चलाने तथा जरूरी कार्यों में करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला मुख्यालय से मात्र सोलह किमी दूर स्थित कल्दी गाड में बादल फटने से असी गंगा में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। इससे घाटी के केलूस, भंकोली, संगमचट्टी, रवाड़ा, अगोड़ा आदि गांव के संपर्क मार्ग, मोटर मार्ग, पुलिया,संचार व विद्युत लाइनें पूरी बाढ़ की भेंट चढ़ने से घाटी के इन समस्त गांव का बीते एक सप्ताह से जिला मुख्यालय से सपंर्क कटा हुआ है।

बाढ़ की भेंट विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में अंधेरा पसरा हुआ है यहां खाद्यन्न संकट भी गहरा गया है। गंगोरी-संगमचट्टी मोटर मार्ग का रवाड़ा व संगमचट्टी के बीच का सौ मीटर हिस्सा बाढ़ की भेंट चढ़ने से क्षेत्र वाहनों का आवाजाही विराम लगा हुआ है। इससे संगमचट्टी में कई वाहन फंसे है।
  Sabhar Dainik Jagran