• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Poems Written by Shailendra Joshi- शैलेन्द्र जोशी की कवितायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 25, 2013, 10:21:23 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

घुघुती बासुती खेलि जा
माया मा छोरी
मिठु दूध भात खैजा
माया मा छोरी......।शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मायादारो के पावन पर्व वैलैनटाईन डे की शुभकामना मित्रो
उसकी भोली सूरत् सा हो
आपका वैलैटायींन
पर किसकी
जिसको देख
आपके मन बसन्त खिलता हो
पर भोली सूरत किसकी भाई
जो आपको भोली भाली
भली लगती हो
जिसको देख भला
लगे तब तो वो ही है संसार
आपका वैलैंटाइन यार ।........शैलेंद्र जोशी
फोटो क्लिक शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नरेन्द्र सिंह नेगी का गीत
जिकुड़ी मा झप कै बैजादिन
कन्दुडी धन हवे जादीन
गीत गीत सुणी सुणी
पौड़ी गौं कु नरु भैका
गीत सुणि धित नि भोरदी कबि भि
मिसरी सा गीत मीठा मीठा गीत
हिसर सा रसीला गीत विका
जत्गा बार सुणा उत्गा कम चा
वू भि कन्न भग्यान ब्वे बबा रै होला
जौन जल्मी नरेन्द्र सिंह नेगी / ............. शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

अंतरास्ट्रीय विश्वा महिला दिवस पर सभी महिलाओ और खासतौर पर उत्तराखंडी महिलाओ और सामजिक कार्यकर्त्ता अनिल कुमार पंत जी और हिमालय न्यूज़ DPMI और हिमालय न्यूज़ को समर्पित ये रचना
गौरा गैल्या छा
सुषमा हेमा कमला
उषा लक्ष्मी सरिता
अनुराधा चंद्रिका मंजरी छा
हम पाड़ की नारी छा
आज हम कख कख नि छा
देस दुनी मा सब्बी जगा
हमरि बीरता शौर्य
काम धाण की च चर्चा
डालों का मायादार छा
भेटी जौला बण जंगलो
मारला डालो मा अंग्वाल
दीदी भुली हम छा रे
तेज दथुडी की पैणि धार
जैकी पडली बुरी नजर
मेरा डालो पर
वी पर करला वार
डाला मेरु प्यार
डाला मेरु मायादार
डाला धर्ती सिंगार
डाला धर्ती कु पहरेदार
गौरा गैल्या छा
सुषमा हेमा कमला
उषा लक्ष्मी सरिता
अनुराधा चंद्रिका मंजरी छा
हम पाड़ की नारी छा ..................शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट जगेश्वर जोशी जी का धन्यवाद आभार मैनै उनको इस फोटो का कार्टून बनाने का आग्रह किया था इस पर मैंने कविता भी लिखी है उन्होंने व्यस्तम समय से ट्रैवेल दौरान ही ये कविता कार्टून बनाया है ये फोटो वैसै उत्तरखण्ड मशहूर गायिका दीपा पंत जी की है . जागेश्वर जोशी जी वो कार्टूनिस्ट है जिनके कार्टून इण्डिया सभी बडी बड़ी मैगजीन न्यूज़ पेपर में छपते
फ्लाइंग डांस स्टेप कर
और उड़े दीवारों का
सहारा लेकर
स्पाइडरमेन बनकर
कल्पनाओ की उड़ान में
वो बच्चा नकलची नहीं
वो सिख रहा आप जैसे
क्रेटर पर्सन से स्टेप
क्रियेशन से भरे
वो आप जैसी बार्बी डॉल के साथ
उड़ रहा है रंगीली
कलरफूल दीवारों मे स्पाइडरमैन बन
पर जो भी है आप दोनों बच्चे
ऐसे लग रहे हो
जैसे तितली प्यारी
सजी हो ड्राइंग रूम में । .......शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Shailendra Joshi updated his cover photo.
March 3 at 8:41pm ·
इस फोटो मा सबसे
उंच्चु डांडा दिखणू
वू खैट परबत चा
खैट वू ही डांडू च
जख भरणा का प्यार मा
जित्तू बग्ड्वाल मुरली
बजान्दू अछरियो हरली छौ

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

माया उपाध्य जी के गीत यु छोरों तै समझेल्या हिटना बाटा सिटी नि मारा गीत पर वाल पोस्ट रचा तो मैने भी सीटियो की महत्वता को समझ ये रचना रची
ज्वानी बथो मा भित्रे हवा खिंची
ज्यू सुरीली भौण निकलदी
विथे बोल्दा सिटी सुलकारी
क्वी गोल करी ओंथड़ी भित्र खिची बजान्दू
क्वी ऊँगला गिच्चा ले जैकी बजांदु
अपणु अपणु स्टायल च छोरों कु
सिटी सुलकारी बजाणु
जब क्वी जवान जवानी उमंग मा
रंगमत बनी वि फरे रौंस चढ़दी
इन्नी उन्नी मा सिटी बज ही जांदी
अर क्वी बांद स्वाणी दिख जौ
बाटा चलदा त सिटी भौंण
हौर जी सुरीली निकल दिल बिटी
क्वी बांद मूल हैस जांदी
माया का चिफ्ला बाटो रडी जांदी
अर सिटी भौंण सुणी
कै फरे भगबती नाच जांदी
सिटी मारन वल्ला छोरों
कु वू बांद पित्र पूजे दिंदी
पर ज्यू भि च
स्यु सीटियो मा कत्गा मायादार
माया फेर बंद गिनी
सिटी हर्ष उलार उमंग संगीत च
स्यु माध्यम च अपणी बात बिंगाणा कु
एक सुरीली भौंण दगड़ी
अगर सिटी नि होंदी
स्या गीत कन्न बणदा
यु छोरों तै समझेल्या हिटना बाटा सिटी नि मारा..............शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Shailendra Joshi updated his cover photo.

मुरत पत्थर की सही हो गयी आँखे चार
मैं उसका बीमार हु वो मेरा उपचार
जीवन संगीतमय गूँजे उसके गीत
उससे ही है दोस्ती उससे ही प्रीत ।...नवोदित

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मिल करी याद त्वैकु
सांकी मा लगी
क्या बडुळि त्वैकु
मै लगी खुद तेरी
खुटियु पत्त्वल्यु
क्या लगी पराज त्वैकु
न ननन इन्न कुछ नि ह्वै
तेरी याद मा ही मिलावट चा
मेरा न गौला बडुळि लगी
न खुटियु पराज
इन्न्न कन्नू ह्वै सकदु
मिल त याद करि छौ
त्वैकु दिन राति
तुम कै डांडा बैठी बात
करना छौ क्या वख नेट नि चलद
या तुमरु नेट पैक खत्म हवेगी
अब यी जमाना लोग याद् करना रैंदा
कभी वाट्सअप कभी मैसेंजर मा
अब लोली याद छोटी चीज हवेगी
याद अब सुधि लगदी
या वे आदिम तुम कुछ काम का हो
तभी याद लगलि
अब तुम भलु माना च बुरु
मीथै न बडुळि लगी न पराज
अब तुमरु याद नेटवर्क कख
खराब चा अब तुम
अपणु मन टटोल ल्या।...........शैलेन्द्र जोशी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

अगर मै नारी होता
तो किसी की प्यारी होता
अगर मै नारी होता
कमसिन बदन मे मेरे साड़ी होता
अगर मै नारी होता
तो रसोई का काम होता
अगर मै नारी होता
बंदिस होती वो सब जिस के लिये मर्द आजाद है
अगर मै नारी होता
तो दोष नज़र का तुमरा होता
अगर नारी होता
तो मै भी सृष्टी निर्माता होता
तब किसी नारी ने कहा
तुम नर नारी मे भेद कर रहे हो
ये जीवन के सिक्के के दो पहलु
एक मिट जाये तो कोई मोल नहीं नर नारी का
नर हो या नारी फरक क्या है प्राणी
ना मेन ना वोमेन ह्यूमन बनो
ना नारी ना नर मानव बनो
रचना शैलेन्द्र जोशी