• Welcome to MeraPahad Community Of Uttarakhand Lovers.
 

Garhwali Poem by Sudesh Bhatt- फौजी सुदेश भट्ट की गढ़वाली कवितायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, August 02, 2015, 11:53:06 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बीजेपी मंगणी दुबट की पुजा
कांग्रेस मंगणी तिबट मा
युकेडी अर छुट मुट दल सी
सार लग्यां छन चौबट मा
बीजेपी की घात घतयीं
उल्ट तवा मा कांग्रेस कु
द्वास लगीं च पुजा मगणी
टंगडी अब घ्वाडा की
युकेडी क भी किरै किरै की
खुब घड्यली मिसयीं च
परगट ह्वा हे चुनौ देवता
खुब रट लगयीं च
छुट मुट दल पर पौन छाया
डमाटकडी तौंकी लगयीं च
कबी कैंडिल मार्च मा कबी
धरना प्रदर्शनों मा पुज्यांणा छन
हरदा कुन हरक सिंग
काल भैरों बंण्यु च
उल्ट तवा कु नाच नचै दे
बिजय बहुगुंणा भुनु च
शैला रांणी चैंपियन जी भी
डौंड्या नारसिंग बंण्या छन
गणेश जोशी दा हपार द्याखो
सतों द्वार मा फंस्या छन
नयी नयी दुकान राजनिति की
जगजगा खुल्यां छन
घाम अछल्याल सरकार फुकेली
जयद्रथ की आश लग्यां छन
अब 28 मा जलकट्या कु
दिन जगरी कु कर्युं च
राजनिति की जैंती ड्यारदूंण
सरा मल्सु फुल्युं च
बीजेपी मंगणी दुबट की पुजा
कांग्रेस मंगणी तिबट मा
छुट मुट दल.....
सर्वाधिकार @लेख सुदेश भट्ट "दगडया"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

तीरें हुंणी च सरकार की
मुंड्यांण कुन बीजेपी बैठीं च
युकेडी भी क्रिया क्रम मा
पितर्रवड क बाट लगीं च
एक ही मुंडित छ सब्युं की
नाती नतंणा नयी दल बंण्या छन
हरदा कुन ज्युंदी युंकी
रुणी कांणी खुब करीं च
बैंकुठ पार जैली सरकार
तीरें बरखी जब कट्ठी होली
सार लग्यां छन 28 की
लमंडी सरकार की पेंसन मिलली
गौ दान मुकदान कुन
मुंड्यांण कुन भी तैय्यार हुयां छन
हंत्या कु भी जुगाड च हुंयुं
पिंड दान कुन दारुवाला कर्युं च
हरदा क रुप मा युंकी
सरकार हपार भ्युं धरीं च
तीरें बरखी त हुंणा रैली
पोस्टमार्टम कु जुगाड हुयुं च
यीं नरबै कुर्सी क बाना
कन खवा खौ हुंयी च
हरदा की रात की नींद
दिन निसंणी खाणी हुंयी च
राजनिति की नेतों कुन
बर्जात हपार कन पडीं च
तीरें हुंणी सरकार की
28 को दिन कर्युं च
ताजा राजनिति भैंचुल पर@लेख..सुदेश भट्ट"दगडया"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

सबेर बिटी लग्युं छौं
होली की रस्यांण मा
रंगमत हुयुं छौं दीदों
दिल्ली की घिमसांण मा
सौंली मुखडी दगडयों न
मेरी कै द्या नीली पीली
लुरका तुरकों मा ड्रैक्लिन
जंग्या भी नी छोडी
उठे की प्यार से
जनके की ली गेन
कलच्वंणी की तौली सी
मीतै धोली की यैगेन
सुबेर बिटी लग्युं छौं
होली की ......
होली की शुभकामनाओं की दगड@सुदेश भट्ट "दगडया"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Sudesh Bhatt
10 hrs ·
राज्य की बर्बादी कु
जश्न आज मन्युं च
कांग्रेस कुन शोक
बीजेपी युकेडी की बग्वाल हुंयी च
जुंग मुछ सब फुकैगी
नरबै हथ तपांणा छन
हमकुन लगै गेन 144
अफू दिल्ली लुक्यां छन
अफसोस नी च नरबैग्युं तै
लोकतंत्र की खत्ता खंणी च
यीं खत्ता की श्रेय लींण कुन
हपार छौंपा दौड लगीं च
जु भुना छन हमन लगवै
यख राष्ट्रपति शाशन
अजैन नरबैग्युं तुम भोटु कुन
कल्दी भीगैकी धरीं च तुमकुन
हपार द्याखो तुम्ही फोटु मा
कन छरमल्याट हुयुं च
अरे म्वाड निखली ग्या सरकार कु
युंकी रस्यांण अयीं च
ग्वाई लगांणा छन दल जु
बसकल्या छ्वाया सी हुयां छन
तीरें बर्सी ह्वै ग्या सरकार की
मुयली क सार लग्यां छन
राज्य की बर्बादी कु
जश्न आज मन्युं च
कांग्रेस कुन शोक
बीजेपी युकेडी......
आज क ताजा घटनाक्रम पर यु लेख@लेखक...सुदेश भट्ट "दगडया"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Sudesh Bhatt with Hema Negi Karasi Hemu and 89 others.
Yesterday at 7:43am ·
ढडुवा बिरलु की लडै मा
चोर मुसु की रसांण अयीं च
गुत्थम गुत्था हुंणी लगीं
दुंली की मुसी भैर अयीं च
गाड गदनु क मुस बिरल
सौब पौंछी गेन ड्यारदूंण
मलै खांण कुन यीं कुर्सी पर
चोर मुसु की टक लगीं च
सरा कुडी खुमडोली तौंन
बिधानसभा भी बांजी करीं च
ढडुवा बिरलु की लडै मा
चौर मुसुक भी रसांण अयीं च
चंट मुस चलगैन दिल्ली
ढडुवा बिरलु की यख लडै मचीं च
गाजा बाजों क दगडी आल
मुस बिरल जब सरकार बंणाल
ढडुवा बिरलु की लडै मा
चोर मुसुक भी रसांण.....
सर्वाधिकार सुरक्षित @लेख..सुदेश भट्ट "दगडया" बुरा ना मानो तो होली है

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

त्वै बिना खुदीं च
मेरी छाली आंखी
जिकुडी मा बडुली तेरी
मेरी उबईं सांकी
दिन भर ड्यूटी मा
रात सुपिन मा गौं जांदु
जनम भूमि तेरी कुखली मा
माटु मा लपोड्यांणा रांदु
कबी सुपन्यु मा दीदों मी
गुंण्युं तै ढुंगादु
कभी आम की डाल्युं की
फौंट्यूं तै हिलांदु
सुपन्युं मा ही सरा गौं की
ककडी मुंगरी चुरांदु
डुंग पडल तुमर गैर्युं मा
गाली भी खुब खांदु
सुपिन म्यार सच ह्वै गेन
आंख्यूं मा च पांणी
अपण प्यारु ब्वांग बिना
जिकुडी च खुद्यांणी
त्वै बिना खुदीं च
मेरी छाली....
सुपिन मा गौं की यात्रा कु वर्णन क दगडी सर्वाधिकार @लेख सुदेश भट्ट"दगडया"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

खुद लगीं च
आज मीतै दुर
कनक्वै की जांण
मीन यखुली घर
ताल लग्यां छन
बंद द्वार म्वार
बांजी हुंयी कुडी
जम्यां छन डाल
जंदर्युं क नी च
सुंण्यांणु घुंघ्याट
छींच्वड भी सुखी गेन
कखी नी सुंस्याट
घस्यांद बल्दु की
नी बजणी घंडुली
पांणी म दीदी भूल्युं क
नी हुंणु गुमणाट
अग्यर पछ्यर दीदों
मल्सु फूलीं च
वबर की पस्युंण भी
लडबडी हुंयी च
ज्यू त भुनु च
जौं मी भी घर
पर बांजी हुंयी कुडी
अर बंद द्वार म्वार
खुद लगीं च
आज मीतै......
सर्वाधिकार सुरक्षित@लेख सुदेश भट्ट"दगडया"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

खुद लगीं च
आज मीतै दुर
कनक्वै की जांण
मीन यखुली घर
ताल लग्यां छन
बंद द्वार म्वार
बांजी हुंयी कुडी
जम्यां छन डाल
जंदर्युं क नी च
सुंण्यांणु घुंघ्याट
छींच्वड भी सुखी गेन
कखी नी सुंस्याट
घस्यांद बल्दु की
नी बजणी घंडुली
पांणी म दीदी भूल्युं क
नी हुंणु गुमणाट
अग्यर पछ्यर दीदों
मल्सु फूलीं च
वबर की पस्युंण भी
लडबडी हुंयी च
ज्यू त भुनु च
जौं मी भी घर
पर बांजी हुंयी कुडी
अर बंद द्वार म्वार
खुद लगीं च
आज मीतै......
सर्वाधिकार सुरक्षित@लेख सुदेश भट्ट"दगडया"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नशामुक्ति का अभियान चलाना
बुझता दीप जलाना है
यमकेस्वर के घर घर मे
खुशहाली फिर से लाना है
जो भटक गये हैं पथ से अपने
उनको राह दिखाना है
सुरम्य सुंदर स्वस्थ साक्षर
यमकेस्वर हमे बनाना है
शराब नही संस्कार सजाना
घर घर मे जोत जलानी है
नशामुक्त यमकेस्वर का हमको
गांव गांव मे बिगुल बजाना है
ईस पथ पर कांटे बहुत हैं
संयम को ढाल बनाना है
यमकेस्वर का घर आंगन दगड्यों
खुशहाल तुम्हे बनाना है
नशामुक्ति का अभियान चलाकर
बुझता दीप जलाना है
मां बहिनों के मुरझे चेहरे
कलीयों की तरह खिलाने है
पिता पूत्र को नशामुक्त कर
खोई खुशियां लौटाना है
अगर कर्ज चुकाना है माटी का
फिर सब संग संकल्प करो
यमकेस्वर से जड सहित
नशा का बिनास करो
नशामुक्ति का अभियान चलाकर
बुझता दीप.....
नशामुक्त यमकेस्वर अभियान पर दगड्या परिवार की ओर से समर्पित..लेख सर्वाधिकार सुरक्षित@सुदेश भट्ट"दगडया"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

खुद्यांणु छौं खुज्यांणु छौं
यैकी मी ये माटु मा
बचपन खत्युं म्यारु
दीदों ये माटु मा
दिख्यांणा नी छन गैल्या म्यार
बचपन क स्कूल्या
समलोंण खुज्यांणु छौं मी
धार गाड डाल्यूं मा
खुज्यांणु छौं गल्यों की दौंली
यैकी अपणी छान्युं मा
हल जूवा नीसुड गैल्यों
सब दब्यां छन माट मा
बुये की मेरी कुटी दाथी
जंक लगीं च धरीं पस्युंणों मा
छील्लु की बिठकी धरीं च
सुखांण चुलख्यांदों मा
भ्यूंल की डाली मा बैठीं
घुघती यखुली घुरांणी
भौल जांण ड्यूटी दगड्यों
जिकुडी झुर झुर झुरांणी
खुज्यांणु छौं खुद्यांणु छौं
यैकी मी ये माटु....
सर्वाधिकार सुरक्षित@सुदेश भट्ट दगड्या