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Garhwali Poem by Sudesh Bhatt- फौजी सुदेश भट्ट की गढ़वाली कवितायें

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, August 02, 2015, 11:53:06 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

फ्वां फ्वां बथौं चुनौ की
अर घुघतु सी हुंयु छौं
बगदी हवा चलंणी चुनौ की
अर घंगतौल मी हुंयुं छौं
कुई फूफा ममा कुई सुसरसी
छन चुनावी मैदान मा
कौरव पांडव सी खयांणा छन यी
अर भीष्म मी बंण्यु छौ
कुई भाजपा कांग्रेस क च्वाला पैरीक
कुई युकेडी की कुर्सी लेकी अयुं च
अब कैकुन जी बुलंण ना बरै
अर कन घंगतोल हुंयु छौं
यीं लडै मा सबी अपंण
उपरी पर्या कुई नी
वोट की चोट कैपन जी करु
कन घंगतोल हुयुं छौं
ना कैन उजाड खलै
ना वाड कांठ की लडै च
युंकी आपस की खव्वा खौ मा
घंगतोल मेकु हुंयु च
फ्वां फ्वां बथौं चुनौ की
अर घुगतु सी हुंयु.....
सर्वाधिकार @सुदेश भट्ट"दगड्या"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

जौंन कभी पाड नी देखी
आज पड्यां छन धार गाडों मा
बंद फ्लैट एस्युं मा लमतंण
आज चुनौ कुन यैगेन पाडों मा
जौंन कभी खैरी नी खैनी
दुर धारों मा कबी नी गेनी
फ्लैटु क मुसदुल्युं बिटी
चुनौ क बान पाड मा यैनी
युंकी बोली भाषा मा द्याखो
खैरी पीडा पाड की जतांणा छन
कार बंगला छोडी छाडी की
आज उबर्युं उबर्युं मा बैठ्यां छन
चुनौ की हंत्या मा
बोतल मुर्गा सिरयां छन
बड नेतों क अंग्रेजी बोतल
छुट बुगल्यों कंटर भरीक धर्यां छन
गडवली ब्वन मा शर्मांणा रैन
अजकली गड्वली मा बच्यांणा छन
रिंग टोन भी मोबेल मा अजकली
तौंक गडवली मा लगयां छन
जौंन कबी पाड नी देखी
आज गरड सी रगर्यांणा छन
चुनौ क खातिर बिचर
अनाथ सी देली देल्यूं मा ठोकर खांणा छन
जौंन कबी पाड नी देखी
आज पड्यां छन धार.....
चुनौ पर खास रचना @लेख.. सुदेश भट्ट"दगड्या"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

चुनो की यन बथौं अयीं
दीदों म्यार पाड मा
बीजेपी कांग्रेस युकेडी क
छन सभी रगर्याट मा
निर्दल्युं की भी नींद हर्चीं
बाग्युं क सिंग पलयां छन
जु कबी नी दिखेन पाड
सी आज रोज दिख्यांणा छन
बाग क सी बौंफर युंका
कबी डाडमंडल कबी ढांगु मा
रिस्तेदरी भी छन खुज्यांणा
भग्यान यैंसु क चुनाौवु मां
आंखु मा छन आंसु युंका
छन रुवांणा नोटबंदी कुन
वोटर तै छन रुझ्यांणा
खैरी जतांणा छन पाड कुन
बुकठ्या मुलयां रै गेन युंका
लाणु धर्युं रै ग्यायी
नोटबंदी की यीं बंथौं मा
नेतों की कज्या बिगडी क यै ग्यायी
बैड टी क बदलम जु खुज्यांद छ्या पक्की
आज कच्ची कुन रगर्यांणा छन
चुनौ की चनी बथौं पाड मा
नोटबंदी कुन रुवांणा छन
चुनौ की यन बथौं अयीं
दीदों म्यार पाड.....
लेख@सुदेश भट्ट"दगड्या"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

दिल्ली बंबई मा खुब मिस्यां छन
अपंण पाड बचांण मा
गौं अयां अफु सालों ह्वैगेन
अर भुना छन चलो पाड मा
अफु छन अपण्यांणा अंग्रेजी
बैराखडी पढांणा छन हमतै ऊ
कमेंट मा छन दुख पाड क जतांणा
अर लमतंण हुयां छन फ्लैटु मा
अपड ईष्ट सी भीतर ग्वड्यां छन
अर पंडो नचांणा छन बंबई मा
गौं क ख्याल म्याल बांज पोड्यां छन
अर कोथिग उर्यांणा छन बंबई दिल्ली मा
सालों साल बिटी जौंन गौं नी द्याखी
वी राजधानी कुन ममलांणा छन
कभी राजधानी ड्यारदूंण मा
कबी गैरसैंण बंणाणा छन
जु प्रधनु क चुनौ मा गौं नी यैन
आज वी सरकार बंणाणा छन
जौंकु भाग द्वी मा भी नाम नी कखी
वी प्रत्यास्युं तै डरांणा छन
खैरी पीडा सरा फेस बुक मा
गुगल मा गांव अपण खुज्यांणा छन
मोबेल मा देखी पाड अपुंण
अर बियंयी गौडी सी हुंगरांणा छन
दिल्ली बंबई मा खुब मिस्यां छन
अपण पाड बचांण....
मेरी खैरी पाड की @लेख सुदेश भट्ट"दगड्या"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

आज फिर से अपणी वा ताल बजै दे भैजी
देवी क धुंयाल आज खुब बजै दे भैजी
उकाली ऊंदारी कु बाज बजै दे भैजी
पंचनाम द्यवतों की ताल लगै दे भैजी
ताल ही ताल मा आज छुंई लगै दे भैजी
पोखरखाल स्कूल मा आज पंडो नचै दे भैजी
हरचदी लमडदी हमरी संस्कृति बचै दे भैजी
ढोल दमौ आज अपणी खुब घमकै दे भैजी
मंगल ताल आज जमकै की बजै दे भैजी
घुंड्या रांसु लगै आज सब्युं तै नचै दे भैजी
कुल क ईष्ट देवी द्यवता सब्युं क सुमिरण करै दे भैजी
नागरजा नरसिंग आज यखी नचै दे भैजी
ढौल दमौ की ताल आज खुब गजै दे भैजी
देवी क धुयांल आज खुब बजै दे......
दगड्या द्वारा आयोजित ढोल दमाऊ प्रतियोगिता को समर्पित@लेख..सुदेश भट्ट "दगड्या"ब्हाटसप 8576931840

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

नया साल हो ओर आप साहसिक अभियान पर हो तो यात्रा का आनंद दुगुना बढ जाता है वो भी तब जब आप बर्फ से जमी नदी को अपने साहसिक मार्ग के रुप मे अपनाते हो हिमालय की वादियों मे सफर करते हुये फूर्सत के पलों मे समस्त हिमालयी पर्यावरण प्रेमी व शुभचिंतकों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें ..जय हिमालय
तु रगों मे बसा हिमालय
तु ही मेरी धडकन है
तुझ बिन हे हिमालय
नीरस अपना जीवन है
खेलता हुं गोदी मे तेरी
सुख पिता का पाता हुं
तेरी निर्मल जल धारा मे
प्यार मां का पाता हुं
आशीर्वाद मिला जिसको भी
नैय्या पार लगाई है
तेरे पावन चरण हिमालय
सुखमय जीवन कर देता है
समस्त हिमालय प्रेमियों को नव वर्ष मे समर्पित @लेख. सुदेश भट्ट "दगड्या"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

धरों धार गडों गाड बिटी
फिर चुनौ यैगे भैजी
छुट बड कन कनु की
नींद उडगे भैजी
हल्या ग्वैर अर कन कन
लग्यां छन टिगट क सार
समर्थंकों तै छन बतांणा
म्यार पक्कु च ईं बार
जौंक बंध्या छ्या बुकठ्या खाडु
अर लांणु धर्युं छ्या भौरी की
स्यू बी चितै गेनी अब
कुई फैदा नी दौडी की
कत्युंक त जुत खपगेन
टिकट कुन दौड दौडी की
कैते बुबा की समलौंण मिली ग्या
एसी मा पौड पडी की
जु छ्या भूयां हिटंणा
वु खौंल्या रैगेन
पैरासूट क छाताधारी
कती पैदा ह्वैगेन
अब आली रस्यांण जब
कती बागी मैस्वाग ह्वाल
अपण ही अपणुं की जब
कन पतली बिटाल
धरों धार गडों गाड बिटी
फिर चुनौ येगे...
चुनौवी बथौं पर @लेख सुदेश भट्ट"दगड्या"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

चम्मचों की मौज अयीं च
ये चुनौ क मौसम मा
नेतों की सांकी सुकीं च
ये चुनौ क मौसम मा
जौंते टिगट मिली ग्या पैली
उंतै जरसी आराम मिल्युं च
जु लग्यां छन अज्यूं भी सार
उंकुन स्वील पीडा सी हुंयी च
कैकी जौंल्या टिगटों की राड घलीं त
कैते यखुली बी नी मिनु च
आला कमान बंण्यु डाक्टर
अपरेशन कुन तैय्यार बैठ्यूं च
यीं स्वीली पीडा तै लेकी
कती पैली भर्ती हुयां छन
क्वी दिल्ली दरबार मा क्वी
ड्यारदूंण ही पौड्यां छन
ब्यखन सबेर कबरी बी ह्वै सकद
डिलीवरी टिगट बतांणा छन
समर्थक भी द्यु धुपंण लेकी
पुजंण कुन खड हुयां छन
आला कमान बिनार हुयुं
प्रत्यासी बिमार हुयां छन
ब्यखन सबेर बोली बोली की
प्रत्यास्युं तै टर्कांणा छन
चम्मचों की मौज अयीं च
ये चुनौ क मौसम....
चुनौवी बथौं मा ल्या फिर ध्वलुं छौं@लेख सुदेश भट्ट"दगड्या

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Sudesh Bhatt 

खोजा खोज हुंयी च
उत्तराखंड क ग्वाठ मा
मुख्यमंत्री कुन चिंतन मंथन
दिल्ली कबी ड्यारदूंण मा
बन बन की मुखडी दीदों
दिखेंणी छन टीवी अखबारों मा
मुख्यमंत्री कु नयी नयी नौ
सुण्याण लग्यां समाचारों मा
सिंग पलै की बैठ्यां ह्वाल कती
कती लग्यां ह्वाल जुगाड मा
उबर मज्युल सी दून अर दिल्ली
भग्यान कना ह्वाल जहाज मा
अकाल सी पडी ग्या दीदों
गुठ्यल नी मिनु पाड मा
तंद्यल पनन सी फूच हुयां छन
तबरी बिधायक पाड मा
ख्वाजो रे ख्वाजो हरच्यां गोर सी
पिंपरी बजावा धार मा
पास हुयां सी हप्ता ह्वै ग्या
फिर भी अकाल पड्युं च पाड मा
कुई भुनु च देशी आंणु
कुई भुनु की घर्या च
बिधान सभा की कुर्सी भग्यनी
नयी गोसी खुज्यांणी च
खोजा खोज हुंयी च
उत्तराखंड क ग्वाठ मा
मुख्यमंत्री कुन चिंतन मंथन
दिल्ली कबी ड्यारदूंण....
राजनितिक उठापटक पर मुख्यमंत्री की तलास पर मेरी या नयी रचना @लेख सुदेश भट्ट"दगड्या"

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

कंपनी हवलदार मेजर
पलटन मा रावा तुम
पेशावर क नायक
आज बी अमर तुम
निहत्थों पर जब तुमन
गोळी नी चलाई
अंग्रेजु न तब तुमतै
काळु पाणी लखाई
नरसिंग काल भैरव
अंग्रेजों कुन रावा तुम
गडवळी सिपैयुं क जोश
खुन की उमाल तुम
गडवळी कन हुंद सिपै
अंग्रेजों तै जताई
गडवळी खुन की उमाल
बैर्युं तै दिखाई
हैट पैरी छाती चौडी
कैरिक रावा तुम
देश की अजादी मा
सबसे यैथर सिपै तुम
अंग्रेजु की नींद मा बी
सुपन्यों मा काल तुम
गडवळी सिपैयुं की सांस
आज बी छ्यावा तुम
सौ सैल्यूट सौ सलाम
लखांणा तुमकुन हम
हे बीर गडवळी तुमथैं
शत शत नमनम
पेशावर कांड के नायक बीर चंद्र सिंह गडवाऴी जी के नाम आज का दिन बिशेष रुप से प्रशिद्ध है यैसे योद्धा के लिये समर्पित ये पंक्तिया@लेख सुदेश भट्ट"दगड्या"