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Surnames Of People In Uttarakhand - उत्तराखंड के लोगो की जाति के नाम

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 07, 2007, 08:16:12 PM

C.S.Mehta

गाड़िया जी कुछ जातियों के नाम ये भी है .
३४ :रौतेला
३५ :रावत
३६ :ताकुली
३७ : पाठक
३८ : धर्मसक्तु
३८ : त्रिपाठी

विनोद सिंह गढ़िया

धन्यवाद मेहता जी...
'टाकुली' जाति को तो मैं भूल ही गया था, 'टाकुली' लोग मुख्यतः कपकोट के दानपुर क्षेत्र में रहते हैं.
Quote from: C.S.Mehta on February 19, 2011, 12:53:53 PM
गाड़िया जी कुछ जातियों के नाम ये भी है .
३४ :रौतेला
३५ :रावत
३६ :ताकुली
३७ : पाठक
३८ : धर्मसक्तु
३८ : त्रिपाठी


kundan singh kulyal

हमारे यहाँ अलग -अलग जाती के लोगों को ढोग मैं अलग-अलग शब्दों का प्रयोग करते हैं|
जैसे -: जो राजपूत ६ पल्लों की जनेऊ पहनते हैं(कुल्याल,कुंवर,चंद अदि) लोग आपस मैं  "जय देव" बोलते हैं,
          बाकी सरे राजपूत लोगों के साथ "पैलग-ज्युजाग"
          सभी ब्राह्मणों को  "पैलग -ज्युजाग"
          नाथ(महंत)लोगों के साथ "नाथ जी आदेश"
          गिरी(गोस्वामी)लोगों के साथ "नमो नारायण"
          सुनार लोगों के साथ  "राम-राम"
          हरिजनों के साथ "जय हिंद" 
          ये प्रथा अज भी जीवित हैं हम लोग जब भी गाँव जाते हैं तो इन शदों का प्रयोग करर्ते हैं|
                                                                                                                                kundan singh kulyal
                                                                                                                                ladhiya ghati (champawat)




         
         

विनोद सिंह गढ़िया

कुन्दन कुल्याल जी इस जानकारी के लिए धन्यवाद.

आपने सही कहा है कि हमारे यहाँ "ढोग
" (प्रणाम) करते समय अलग-अलग शब्दों का प्रयोग करते हैं. जैसे 'गड़िया' जाति के लोग "ढोग" देते समय "जय देव" बोलते हैं और उनकी जनेऊ भी छ्ह पल्लों की होती है, परन्तु अन्य जाति के लोग "पैलाग" बोलते हैं. इसका क्या कारण ? मेरे मन में इस प्रकार के सवाल उठते हैं. मुझे जवाब भी मिले हैं, फिर भी मुझे कोई सही सा जवाब  नहीं मिला है. कृपया आपके पास इससे सम्बंधित कोई जवाब/कारण है तो मुझे बताने का कष्ट कीजियेगा, आपका आभारी रहूँगा.

Quote from: kundan singh kulyal on February 19, 2011, 01:11:18 PM
हमारे यहाँ अलग -अलग जाती के लोगों को ढोग मैं अलग-अलग शब्दों का प्रयोग करते हैं|
जैसे -: जो राजपूत ६ पल्लों की जनेऊ पहनते हैं(कुल्याल,कुंवर,चंद अदि) लोग आपस मैं  "जय देव" बोलते हैं,
          बाकी सरे राजपूत लोगों के साथ "पैलग-ज्युजाग"
          सभी ब्राह्मणों को  "पैलग -ज्युजाग"
          नाथ(महंत)लोगों के साथ "नाथ जी आदेश"
          गिरी(गोस्वामी)लोगों के साथ "नमो नारायण"
          सुनार लोगों के साथ  "राम-राम"
          हरिजनों के साथ "जय हिंद" 
          ये प्रथा अज भी जीवित हैं हम लोग जब भी गाँव जाते हैं तो इन शदों का प्रयोग करर्ते हैं|
                                                                                                                                kundan singh kulyal
                                                                                                                                ladhiya ghati (champawat)




         
         

मनोज भौर्याल

मेहता जी  आपन े" भौर्याल" के बारे नही लिखा   


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


-   कोटोला
-   धपोला
-   घुगतीयाल
-   चौना
-   कनवाल
-   बलिया
-   भाट
-  जन्ताल
-  सौन
-  जलाल
-   चम्पाल

mohankanti

that one remaining sir name is my sir name that is
KANTI - Chamoli, kadakot patti. village chirkhon.
thats the only sir name which i didn't find any where...
add this also to you list..
best regards from Mohan prasad Kanti/

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Mohan Ji.. Additing this surname also -


  -     Kanti
  -     Miya
   -    Almiya
   -    Jalandhari
   -    kapityal
   -    Gurang