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Good Work(Keep It Up) - शाबास

Started by हलिया, April 01, 2008, 03:58:34 PM

हेम पन्त

श्रोत : दैनिक जागरण

जवान ने बचाई नौ लोगों की जान

हरिद्वार। हरकी पैड़ी पर जल पुलिस के जवान ने चंदौसी मुरादाबाद के एक ही परिवार के तीन लोगों को डूबने से बचा लिया। इससे एक दिन पूर्व भी इस जवान ने दिल्ली, फरीदाबाद व सोनीपत के यात्रियों को डूबने से बचाया था। मंगलवार की सुबह हरकी पैड़ी पर जैसे ही यह परिवार गंगा में नहाने गया, उनमें से पवन नाम के युवक का पैर पानी में फिसल गया और वह बहने लगा। उसे बचाने के प्रयास में उसके पिता व मौसी भी पानी में बहने लगे। सूचना पर जल पुलिस का जवान जानू पाल मौके पर पहुंचा। पहले उसने पिता अमित व मौसी ज्योति को बचाया और फिर काफी दूर जा पहुंचे पवन को भी पानी से बाहर निकालने में वह कामयाब हो गया। इसके एक दिन पहले भी दिल्ली, सोनीपत, फरीदाबाद के छह यात्रियों को भी उक्त जवान ने डूबने से बचाया था, जिसमें सोनीपत के धर्मपाल व उसकी पत्‍‌नी राजवीर कौर, दिल्ली से आए सुनील शर्मा व भनेश शर्मा के अलावा फरीदाबाद के विक्की शामिल हैं।

Meena Rawat


Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Great job by our Police.

Quote from: हेम पन्त on July 01, 2009, 11:22:44 AM
श्रोत : दैनिक जागरण

जवान ने बचाई नौ लोगों की जान

हरिद्वार। हरकी पैड़ी पर जल पुलिस के जवान ने चंदौसी मुरादाबाद के एक ही परिवार के तीन लोगों को डूबने से बचा लिया। इससे एक दिन पूर्व भी इस जवान ने दिल्ली, फरीदाबाद व सोनीपत के यात्रियों को डूबने से बचाया था। मंगलवार की सुबह हरकी पैड़ी पर जैसे ही यह परिवार गंगा में नहाने गया, उनमें से पवन नाम के युवक का पैर पानी में फिसल गया और वह बहने लगा। उसे बचाने के प्रयास में उसके पिता व मौसी भी पानी में बहने लगे। सूचना पर जल पुलिस का जवान जानू पाल मौके पर पहुंचा। पहले उसने पिता अमित व मौसी ज्योति को बचाया और फिर काफी दूर जा पहुंचे पवन को भी पानी से बाहर निकालने में वह कामयाब हो गया। इसके एक दिन पहले भी दिल्ली, सोनीपत, फरीदाबाद के छह यात्रियों को भी उक्त जवान ने डूबने से बचाया था, जिसमें सोनीपत के धर्मपाल व उसकी पत्‍‌नी राजवीर कौर, दिल्ली से आए सुनील शर्मा व भनेश शर्मा के अलावा फरीदाबाद के विक्की शामिल हैं।


Tanuj Joshi

Quote from: Lalit Mohan Pandey on May 26, 2009, 12:18:22 PM
आईआईटी में पिथौरागढ़ के चार छात्रों का चयनपिथौरागढ़: सीमांत जिले पिथौरागढ़ को इस वर्ष आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में जबर्दस्त सफलता मिली है। जिले के चार युवाओं ने आईआईटी की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। आईआईटी प्रवेश परीक्षा के परिणाम सोमवार को घोषित हुए। इस वर्ष सीमांत जिले के छात्र मोहित नेगी, भूपेश पुनेड़ा, गौरव पंत, योगेश भट्ट ने आईआईटी में सफलता पाई है। जिले में पहली बार चार छात्रों का आईआईटी में चयन हुआ है।

That's brilliant. I wish more people from Uttarakhand get into such prestigious institutes.

हेम पन्त

Source : Dainik Jagran

जागरण कार्यालय,पिथौरागढ़: सीमांत जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र गर्खा के युवक मनोज जोशी भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र में वैज्ञानिक पद के लिए चुने गये है। बेहद पिछड़े क्षेत्र से परमाणु संस्थान में वैज्ञानिक पद को हासिल करने वाले मनोज की इस उपलब्धि से सीमांत जिला गौरवान्वित हुआ है।

गर्खा क्षेत्र के बाराकोट गांव के रहने वाले युवक मनोज जोशी बचपन से ही मेधावी विद्यार्थी रहे है। सरकारी स्कूलों से शिक्षा ग्रहण करने वाले मनोज जोशी ने राजकीय इण्टर कालेज गर्खा से हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा से उन्होंने बीएससी की डिग्री प्रथम श्रेणी में प्राप्त की। पंतनगर विश्वविद्यालय से उन्होंने भौतिकी में एमएससी किया। एमएससी में भी उन्होंने प्रथम श्रेणी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र में वैज्ञानिक पद की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफल रहे। मेधावी मनोज इसी माह संस्थान में ज्वाइन करेगे। मनोज के पिता दिनेश जोशी बाराकोट गांव में दुकान चलाते है, उनका माता श्रीमती माया जोशी गृहिणी है। मनोज की इस उपलब्धि पर गर्खा क्षेत्र में खुशी का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने कहा है मनोज ने पूरे गर्खा क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

bahut hi achchi khabar sunai hemu bhai... aapne hame manoj per garv hai aur aage bhi hum inke ujawal vhavishya ki  kamna karte hai... namankarte hai yese buddhi jeevi apne manoj bhai ko ...

Quote from: हेम पन्त on August 25, 2009, 02:32:49 PM
Source : Dainik Jagran

जागरण कार्यालय,पिथौरागढ़: सीमांत जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र गर्खा के युवक मनोज जोशी भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र में वैज्ञानिक पद के लिए चुने गये है। बेहद पिछड़े क्षेत्र से परमाणु संस्थान में वैज्ञानिक पद को हासिल करने वाले मनोज की इस उपलब्धि से सीमांत जिला गौरवान्वित हुआ है।

गर्खा क्षेत्र के बाराकोट गांव के रहने वाले युवक मनोज जोशी बचपन से ही मेधावी विद्यार्थी रहे है। सरकारी स्कूलों से शिक्षा ग्रहण करने वाले मनोज जोशी ने राजकीय इण्टर कालेज गर्खा से हाईस्कूल और इण्टरमीडिएट की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा से उन्होंने बीएससी की डिग्री प्रथम श्रेणी में प्राप्त की। पंतनगर विश्वविद्यालय से उन्होंने भौतिकी में एमएससी किया। एमएससी में भी उन्होंने प्रथम श्रेणी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र में वैज्ञानिक पद की परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफल रहे। मेधावी मनोज इसी माह संस्थान में ज्वाइन करेगे। मनोज के पिता दिनेश जोशी बाराकोट गांव में दुकान चलाते है, उनका माता श्रीमती माया जोशी गृहिणी है। मनोज की इस उपलब्धि पर गर्खा क्षेत्र में खुशी का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने कहा है मनोज ने पूरे गर्खा क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।


पंकज सिंह महर

गंगोलीहाट(पिथौरागढ): खिरमांडे से गणाई को जोड़ने वाला पन्द्रह किमी पैदल मार्ग ध्वस्त हो गया है। इसके चलते एक दर्जन ग्राम सभाओं का संपर्क भंग पड़ा है। मार्ग ध्वस्त होने से क्षेत्र में खाद्यान्न संकट भी गहरा गया है। खड़किबज्यूड़ा के समीप ध्वस्त मार्ग को स्थानीय युवा श्रमदान कर बना रहे है।

विगत दिनों हुई वर्षा से खिरमांडे से गणाई तक जाने वाला प्रमुख पैदल मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। पूर्व में बनाये गये सीसी मार्ग का अधिकांश स्थानों पर नामोनिशान तक शेष नहीं है। इसके चलते खड़किबज्यूड़ा, रिठायत, नैनोली, मातोली, पिलखी, ग्वासीकोट, नैनी, अनोली, ग्वाल और नाकोट सहित दर्जन भर ग्राम सभाओं के लोगों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन गांवों के लिये खच्चरों से इसी मार्ग से खाद्यान्न ढुलान किया जाता है। परंतु मार्ग के चलने योग्य नहीं होने से राशन सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति ठप पड़ी है। स्थिति को देखते हुये खड़किबज्यूड़ा के युवकों ने श्रमदान से ध्वस्त मार्ग का सुधार शुरू कर दिया है।

Devbhoomi,Uttarakhand

चित्रकार बी. मोहन नेगी का किया नागरिक अभिनंदन

पौड़ी गढ़वाल। प्रसिद्ध चित्रकार बी. मोहन नेगी के डाक विभाग से सेवानिवृत्त होने पर व कला के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान को देखते हुए नगरवासियों ने उनका नागरिक अभिनंदन किया।

संस्कृति भवन के प्रेक्षागृह में आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह में नगरवासियों सहित तमाम साहित्यकर्मियों, रंगकर्मियों व विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने चित्रकार बी.मोहन नेगी को फूलमालाएं पहनाकर व उपहार भेंट कर उनका सम्मान किया। प्रसिद्ध लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी ने चित्रकार बी. मोहन को शाल भेंट कर सम्मानित किया। अभिनंदन समारोह में लोक गायक श्री नेगी ने कहा कि बी. मोहन नेगी ने लम्बा समय चित्रकला को दिया। उन्होंने हर विद्या पर चित्रों को कैनवास पर उकेरा।

इस मौके पर आकाशवाणी पौड़ी के पूर्व केंद्र प्रभारी चक्रधर कण्डवाल, खबरसार के संपादक विमल नेगी, जिला पंचायत सदस्य त्रिभुवन उनियाल, वरिष्ठ पत्रकार जीपी सेमवाल, जिला सूचना अधिकारी डीएस पुण्डीर, रंगकर्मी वीरेन्द्र कश्यप, भगवान वर्मा, मालश्री चंदोला, डा. वीपी बलोदी, अनिल बिष्ट उपस्थित थे।

Devbhoomi,Uttarakhand

उत्कर्ष ने रोशन किया देश में उत्तराखण्ड का नाम


जैंती (अल्मोड़ा) : पूरे भारत वर्ष में उत्तराखण्ड का नाम रोशन करने वाले कक्षा 7 वीं के नन्हे से छात्र उत्कर्ष को मुम्बई में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा सम्मानित किए जाने से इस बात को बल मिलता है कि आज भी प्रतिभा गांव में मौजूद है। एक सामान्य परिवार में पैदा हुए 10 वर्षीय इस बालक ने छोटी सी उम्र में जो कारनामा कर दिखाया है उसके लिए वैज्ञानिकों को वर्षो तक साधना करनी पड़ती है।

राजकीय इंटर कालेज लमगड़ा में अध्ययनरत 10 वर्षीय उत्कर्ष उपाध्याय राष्ट्रीय भारत ज्ञान विज्ञान प्रतियोगिता में 28 अगस्त 2009 को उत्तरकाशी में आयोजित उत्तराखण्ड स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। तत्पश्चात उन्हें 26 सितंबर 2009 को मुम्बई में राष्ट्रीय सेमिनार में देश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। उत्कर्ष को पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम एवं चन्द्रयान-1 एवं चन्द्रयान-2 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एम.अन्नादुरई द्वारा उनकी इस उपलब्धि पर प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किया गया।

इस प्रतियोगिता में देशभर से 34 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। जिसमें अरुणाचल प्रदेश की छात्रा सोनम लाम्बूमुथयं्या ने प्रथम व नागालैंड के किनेरिया बेनू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसरो द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं चन्द्रयान-1 एवं चन्द्रयान-2 के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एम.अन्नादुरई, नेहरू साइंस सेंटर कोलकाता के महानिदेशक गंगा सिंह रौतेला, इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक पदनाभन की देखरेख में संपन्न हु
ई।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_5861772.html

Devbhoomi,Uttarakhand

इस हौसले को करें सलाम!

हल्द्वानी(नैनीताल)। घरेलू व खेती के कामकाज में प्राय: पुरुषों को 'आईना' दिखाने वाली पहाड़ की महिलाओं ने अब समाज को भी 'आईना' दिखाने की ठान ली है। जिसे लगता है कि महिलाएं सिर्फ घर की चौखट तक के लिये हैं,वह अपनी सोच बदल कर जोगीपुरा की गुड्डी या नई बस्ती की कमला के हौसले को देखे। दोनों समाज के लिए मिसाल बन गयी हैं, ये समूह बनाकर न केवल जड़ी बूटी की बागवानी कर रही हैं बल्कि किसी दक्ष वैद्य की तरह कैंसर से लेकर मधुमेह की दवायें भी तैयार कर रही हैं। आज इनके हौसले को सभी सलाम कर रहे हैं।

नैनीताल जिले के रामपुर क्षेत्र अ‌र्न्तगत जोगीपुरा, जस्सा गांजा, शिवलालपुर, चूना खान, बेलपोखरा, कमोला तथा चोरगलिया के धर्मपुर, बिहारीनगर, धौला बाजपुर, काठ बांस व बिहारीनगर गांव के दर्जनों घरों के सामने अब जड़ी बूटी की बागवानी लहरा रही है। इन पौधों से कैसंर, मधुमेह, रक्तचाप से लेकर मामूली सर्दी-जुकाम व बुखार की दवायें तो तैयार ही हो रही हैं साथ ही टूटी हड्डी को जोड़ देने का चमत्कार रखने वाली निरगुण्डी पौधे के पेस्ट भी बनाये जा रहे हैं।

यह सब ऐसे ही एक दिन में सम्भव नहीं हो गया बल्कि एक संस्था की प्रेरणा व कुछ जागरुक स्थानीय महिलाओं की प्रभावी पहल से सम्भव हो सका है। इन महिलाओं को संसाधन देकर प्रेरित करने वाली सुचेतना समाज सेवा संस्था के फादर पायस की मानें तो यहां की महिलाओं के जज्बे से ही यह सब सम्भव हो सका है। रामनगर के जोगीपुरा गांव निवासी साधारण किसान सलीम की पत्नी गुड्डी की तरह ही कमला, चम्पा,मधू, सुनीता, भावना ऐसे ही हौसले से लबरेज हैं। इन्हें कोई सरकारी प्रोत्साहन या मदद नहीं मिल रही है और न ही ये लोग मदद की आस ही लगाये हैं। इन महिलाओं का कहना है कि सरकारी मदद या होहल्ला के लिये इन्होंने इस काम को नहीं चुना है।

इनका मकसद बस इतना ही है कि भारतीय पुरातन चिकित्सा संस्कृति जिंदा रहे। विलुप्त हो रही जीवन रक्षक औषधियों की प्रजाति को संरक्षित रखा जा सके। इन महिलाओं ने जिले के एक दर्जन गांवों तक अपनी पैठ बना कर जागरुकता के जो बीज रोपित किये हैं वे अब औषधियों की खेती व दवाओं के निमार्ण के रुप में सबके सामने हैं।

दवा बनाने की प्रेरणा इन्हें संस्था के लोगों ने सिखाये हैं। इस कार्य की मानीटरिंग करने वाली सिस्टर अनूपा, सिस्टर थियोफिन तथा गिरिराज की मानें तो इस तरह के हर्बल दवाओं के निमार्ण के पीछे कोई व्यावसायिक लाभ की मंशा निहित नहीं है अपितु पौधों के संरक्षण को बढावा देना ही सभी का मकसद है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_5911032.html