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Nanda Raj Jat Story - नंदा राज जात की कहानी

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, April 25, 2008, 03:46:03 PM

Devbhoomi,Uttarakhand

नंदा देवी राज-जात की कुछ झलकियाँ नीती गाँव से



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                     नंदादेवी मेले की तैयारियां शुरू
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ऐतिहासिक, धार्मिक, लोक संस्कृति व परंपरा का वाहक नंदादेवी कौतिक की व्यापक तैयारियां चल रही हैं। इस बावत मां नंदादेवी मंदिर एवं नंदा गीता भवन समिति की एक बैठक आहूत की गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 13 सितंबर को छानी-ल्वेशाल से कदली वृक्ष लाने के लिए दल रवाना होगा। दूसरे दिन ब्रह्ममुहूर्त में कदली वृक्ष अल्मोड़ा लाए जाएंगे।

कदली वृक्षों को लाने के लिए निर्धारित मार्ग चनौदा, माला, सोमेश्वर, मनान, रनमन, भगतोला व कोसी आदि स्थानों में स्वागत की तैयारियां की गई हैं। छानी गांव के लाटू मंदिर से हीरा सिंह के बगीचे से कदली वृक्ष लाए जाएंगे।

इधर 12 सितंबर को भारत ज्ञान विज्ञान समिति व बालप्रहरी के संयुक्त तत्वावधान में कुमाऊंनी भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। 15 को बच्चों की कुमाऊंनी काव्य गोष्ठी होगी। जिसमें 8 से 16 वर्ष तक के बच्चे प्रतिभाग कर सकेंगे।

नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष शोभा जोशी ने कहा है कि इस वर्ष मेले को भव्य स्वरूप व परंपरा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए 6 सितंबर को नगरपालिका सभागार में बैठक आहूत की गई है।

Jagrn news

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माणा और नीती के गांवों से कुच्छ नंदा देवी की  जात यात्रा

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नंदादेवी राजजात का आयोजन कुंभ तर्ज पर
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मेहलचौरी, निज प्रतिनिधि : गैरसैंण कृषि विकास मेले के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि गैरसैंण मेरा घर ही नही मेरी कर्मस्थली भी है और यहां के विकास के लिए बहुत कुछ करना शेष है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में आयोजित होने वाली नंदादेवी राजजात का कुंभ तर्ज पर आयोजन होगा, जिसकी तैयारियां शुरू कर दी गयी है।

तीन दिवसीय मेले के उद्घाटन अवसर पर सीएम ने कहा कि ऐसे आयोजनों से काश्तकारों में स्वावलंबन की भावना पैदा होती है साथ ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। इस मौके पर राइंका बछुवाबाण भवन का शिलान्यास के साथ, गैरसैंण जीआईसी मैदान विस्तारीकरण के लिए 20 लाख व मेहलचौरी विद्यामंदिर के नये भवन के लिए 5 लाख दिये जाने की घोषणा की, जबकि पंचाली हाईस्कूल व कुंणखेत जूनियर हाईस्कूल के उच्चीकरण के लिए मानकों के अनुरूप कार्यवाही करने का आश्वासन दिया। साथ ही मेहलचौरी में पूर्व सीएम की घोषणा के अनुरूप मिनी स्टेडियम व ढोल-दमाऊं केन्द्र पर अविलंब कार्य प्रारंभ करने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में प्रमुख जानकी रावत व अन्य जनप्रतिनिधियों ने उन्हें सरस्वती की अष्टधातु की प्रतिमा व शॉल भेंट कर सम्मानित किया। मेला कमेटी द्वारा विशिष्ट अतिथि जीएमवीएन अध्यक्ष अनिल नौटियाल व प्रदेश प्रवक्ता भाजपा सतीश लखेड़ा को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इससे पूर्व स्थानीय शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

वहीं मेला पंडाल में लगे उद्यान, कृषि, समाजकल्याण, उद्योग विभाग, स्वास्थ्य, जलागम स्टालों का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण कर स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली। इस अवसर पर मेलाध्यक्ष प्रमुख जानकी रावत ने अतिथियों का स्वागत किया और विभिन्न समस्याओं के संबंध में मांग पत्र सौंपा।

इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद डिमरी, मंडल अध्यक्ष बाग सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह नेगी, धन सिंह नेगी, जगमोहन कठैत, खिलाफ सिंह, गणेश गिरी, गंगा सिंह, ऊषा कनवासी, रामचंद्र गौड, गोविन्द सिंह नेगी, महेश जुयाल, शेर सिह, पुष्कर सिंह रावत, सुरेश बिष्ट, दिनेश गौड़, प्रेम टमटा आदि उपस्थित थे।

राजधानी पर सीएम की चुप्पी से लोग खफा

कर्णप्रयाग : वर्ष 1990 से अपने राजनैतिक जीवन की शुरूआत करने वाले मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक के दौरे से राजधानी गैरसैंण समर्थकों सहित क्षेत्र की जनता को खासी उम्मीदें थी, लेकिन राजधानी मुद्दे पर मुख्यमंत्री की खामोशी व अन्य किसी बड़ी योजना पर चुप्पी लोगों को निराश कर गयी।


Source Dainik jagran

पंकज सिंह महर



नन्दा राज जात २००० का एक चित्र

साभार- श्री रमाकान्त बेंजवाल

पंकज सिंह महर



रुपकुंड की चढ़ाई पर यात्री

फोटो साभार- करन सिंह