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Today's Thought - पहाड़ के मुहावरों/कथाओं एवं लोक गीतों पर आधारित: आज का विचार

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, May 08, 2008, 02:02:13 PM

पंकज सिंह महर

नरेन्द्र सिंह नेगी जी का एक गीत-

जाग-जाग हे उत्तराखण्डि, हे नरसिंग, भैंरो बजरंग,
जाग-जाग हे पर्वत नारि, धर कालि को रुप प्रचण्ड,
जय भारत, जै उत्तराखण्ड।

Ajay Tripathi (Pahari Boy)

आज का विचार ..........
" आप के पास एक रुपया हें,
और मेरे पास भी एक रुपया हें,
अगर हम इनको बदल दे ,
आपका रुपया मेरे पास वह मेरा रुपया आपके पास
तो हम दोनों के पास एक एक रुपया ही होगा ,
लेकिन मेरे पास कोई अच्छा विचार हें...........
और आप के पास कोई अच्छा विचार हें
हम उनको आपस में बदल दे तो हम दोनों के पास दो अच्छे विचार हो जायंगे ............."

Ajay Tripathi (Pahari Boy)


Ajay Tripathi (Pahari Boy)


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


दातुल आपुन तरफ काटो

यानि
दराती अपनी ओर ही काटती है !

(अपने लोगो की अपने ओर झुकाव होता है !

dayal pandey/ दयाल पाण्डे


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


एक  बखत मरी चाण
आपाण पराय देखि चाण
(एक बार मरना, अपनों को पहचानना)

यानी  ( मुश्किल वकत में अपनों की पहचान)
 

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


ये एक गाने पर आधरित है, जोड़

आसमानी जहाज उड़ पछील घुराट
चेली ले सौरस जानो, चेला ले परदेश.


Ajay Tripathi (Pahari Boy)


Ajay Tripathi (Pahari Boy)