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Today's Thought - पहाड़ के मुहावरों/कथाओं एवं लोक गीतों पर आधारित: आज का विचार

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, May 08, 2008, 02:02:13 PM

Mukesh Joshi

मेरा औण से हर्ष - हो कै त ह्वे ल्यो...
ना हो मेरा जाना को दुःख- कै ना हो.. दुःख कै ना हो...

mere aane se agar kisi ko khusi hoti ho, to hoye...
mere jane ka dukh kisi ko na ho.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Exellent Joshi Ji..

This song has very good line.


Quote from: mukesh joshi on February 06, 2009, 03:55:15 PM
मेरा औण से हर्ष - हो कै त ह्वे ल्यो...
ना हो मेरा जाना को दुःख- कै ना हो.. दुःख कै ना हो...

mere aane se agar kisi ko khusi hoti ho, to ho
mere jane ka dukh kisi ko na ho.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


गोस्वामी जी यह गाना पलायन रोकने पर आधारित

पी जाओ मेरो पहाड़ को ठंडो पानी
ठंडो पानी

बीरो की जनम भूमि
देवो की हिमाला
देखो re देखो रे फूल बुरशी फूली रैछो

ठंडो पानी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


अपणि-बोली-भाषा का बगैर न त अपणि उन्नति हवै कद और न ही समाज की।
जु समाज अपणि-बोली भाषा-अर-रिती-रिवाज से शर्म करदू ऊ वैकू पतन कू सबसे बडू कारण छ।

पंकज सिंह महर

शेर दा "अनपढ़" के वचन-

गुणों में सौ गुण भरिया, म्यारा पहाड़्क नान्तिनो, ये दुनी में गुणै चानी, म्यारा पहाड़्क नान्तिनो...!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


आज का विचार :

देखिये इस गाने के लाइन : पहाड़ के लिए एक सपथ

धन मेरो पहाड़ मे तेरी बलाई लियोन
जनम जनम मेरी तेरी सेवा में रूना


तेरी माटी चंदन में
माथि लगुना रूना

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


आज का विचार

"पंछी उडी जानी, घोल उस रूछ
यो माया को जाल, द्वी दिनों का होन्छ"

दुनिया में यह मायाजाल कुछ की दिनों का है

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


आज विचार यह लोक्क्ति पर

पहाड़ चेला, देश क जति (भैसा)
जीवन एक सा छो 

मतलब :

पहाड़ के नवजवान जिसे रोजगार की तलाश में पहाड़ से बहार जाना होता है और उसकी जिन्दगी मे जो कष्ट आते है और शहरों मे भैसा जैसे किसी cart को दिन भर pull करना होता है, उसके बराबर है !

बहुत हद तक बात सही है ! लेकिन अभी कुछ बदलाव है !

Lalit Mohan Pandey

मेहता जी हमारे यहाँ इसे थोड़ा दूसरी तरह से कहते है, हलाकि meaning same है.
"पहाड़ जन जन्मो चेलो, भाबर जन जन्मो बल्द" (मतलब पहाड़ मै जो लड़का पैदा होता है उसकी लाइफ मै बहुत कठिनाई और भाबर (planes) मै जो बैल की लाइफ मै)
Quote from: एम् एस मेहता /M S Mehta on March 04, 2009, 10:12:50 AM

आज विचार यह लोक्क्ति पर

पहाड़ चेला, देश क जति (भैसा)
जीवन एक सा छो 

मतलब :

पहाड़ के नवजवान जिसे रोजगार की तलाश में पहाड़ से बहार जाना होता है और उसकी जिन्दगी मे जो कष्ट आते है और शहरों मे भैसा जैसे किसी cart को दिन भर pull करना होता है, उसके बराबर है !

बहुत हद तक बात सही है ! लेकिन अभी कुछ बदलाव है !


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


आज का विचार

गोपाल बाबु गोस्वामी गाने के ये लाइन जो कि भाईचारा और आपसी सदभाव पर है:

    कौन छे हरिजन, कौन छे ठाकुर, क्या छे या जनजाति
  यो जाति पाती ले करी हाली मेरो भारत बर्वार्दी

  आपुन स्वार्थ लीजी, मैसे ले यो जात बनाई
  ईश्वर घर बे कोई जात नी बनी आयी !