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Who, Where, Why In Uttarakhand? - उत्तराखंड मे कौन, कहाँ, क्यो?

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, June 11, 2008, 01:44:01 PM

हेम पन्त


हेम पन्त

Baad mein Chand raja ne apni Rajdhani Alomra shift kar li thi..

Quote from: Sudhir Chaturvedi on February 23, 2009, 11:31:30 AM
Mehta Ji ......... Champawat
Quote from: एम् एस मेहता /M S Mehta on February 21, 2009, 04:02:27 PM
उत्तराखंड में चंद्र राजाओ की राजधानी कहाँ थी ?

पंकज सिंह महर

फूलों की घाटी का उत्तराखण्डी स्थानीय नाम क्या है?

**फूलों की घाटी नाम १९३१ में फ्रैंक स्मिथ द्वारा लिखी गई पुस्तक the vally of flowers का हिन्दी अनुवाद है, जो कि पसिद्ध हो गया।


पंकज सिंह महर

Quote from: पंकज सिंह महर on March 31, 2009, 03:20:10 PM
फूलों की घाटी का उत्तराखण्डी स्थानीय नाम क्या है?

**फूलों की घाटी नाम १९३१ में फ्रैंक स्मिथ द्वारा लिखी गई पुस्तक the vally of flowers का हिन्दी अनुवाद है, जो कि पसिद्ध हो गया।

फूलों की घाटी का स्थानीय एवं प्राचीन प्रचलित नाम "भ्यूंडार घाटी" है।


पंकज सिंह महर

Quote from: एम.एस. मेहता /M S Mehta on April 03, 2009, 10:00:25 AM

Twaghat Uttarakhand ke is area mai aata hai ?

तवाघाट पिथौरागढ जिले में आता है, यह कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग का मुख्य पड़ाव है, पहले यहीं तक ही सड़का मार्ग था, इससे आगे की यात्रा पैदल की जाती थी, परन्तु अब इससे आगे भी सड़क मार्ग का निर्माण हो चुका है।

पंकज सिंह महर

Quote from: एम.एस. मेहता /M S Mehta on March 14, 2009, 11:08:03 AM

Why was RAm Singh Dhoni famous for ?

Quote from: umeshbani on March 31, 2009, 12:59:08 PM
Shri  Ram  Singh  Dhoni  was a freedom fighter from lwali village almora

Quote from: हेम पन्त on March 31, 2009, 01:27:09 PM
Lwali gaon se hi MS Dhoni bhi belong karte hain...


अल्मोड़ा जिले के जैंती क्षेत्र के गांव तल्ला बिनौला के रहने वाले प्रसिद्ध क्रांतिकारी राम सिंह धौनी सालम के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। इन्होने "जै हिन्द" का प्रसिद्ध नारा दिया था।


पंकज सिंह महर

Quote from: एम.एस. मेहता /M S Mehta on May 25, 2009, 02:25:05 PM

Who was Sarala Bahan and what was her connection with Uttarkahand ?


सरला बहन का वास्तविक नाम हैनी कैथरीन मैरी हायलामन था, उनका जन्म 1901 में इंग्लैण्ड में हुआ था। महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित होअर 1935 में वह भारत आ गई, 1941  में महात्मा गांधी जी ने उन्हें रचनात्मक कार्य करने के लिये चनौंदा आश्रम, अल्मोड़ा भेज दिया। यहां पर रहकर उन्होंने स्थानीय लोगों के लिये अनेक कार्य किये 1944 में भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में भाग लेने पर उन्हें २ माह की सजा भी हुई। 1945 में उन्होंने कौसानी में कस्तूरबा महिला उत्थान मंड्ल आश्रम की स्थापना की, जिसे अब लक्ष्मी आश्रम कहा जाता है।