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Prahlad Singh Mehra - प्रहलाद सिह मेहरा उत्तराखंड का प्रसिद्ध लोक गायक

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, July 15, 2008, 12:57:39 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


दोस्तों,

यू तो उत्तराखंड के लोक संगीत मे कई गायक एव गायिका दिन प्रतिदिन आते है लेकिन उनमे से बहुत ही कम गायक एव गायिका एक लंबे समय इस क्षेत्र मे टिके रहते है ! 

प्रहलाद सिह मेहरा उन गयाको मे से है जिनके गाने सामाजिक समस्याओ पर आधारित होते है और नियोली गायन मे भी इनका बहुत अच्छा ज्ञान है !  प्रहलाद सिह मेहरा जी लगभग १० सालो से गाने गा रहे है !

उनके प्रमुख गानों मे से है

  -   पहाड़ की चेली ले , कैबे ना खाया द्वि रुवाटा सुख ले
  -   चाँदी बटाना, कुर्ती कलार मे

इनके बहुत सारे गानों के बारे मे हम चर्चा करंगे

एम् एस मेहता


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


प्रहलाद सिह मेहरा ने उत्तराखंड के शाशन मे कुछ साल पहले ये गाने लिखा था :-

  नारायणा यो कस है रो अतियाचार यो उत्तराखंड मे
नारायणा शासन है रो बीमार यो उत्तराखंड मे
 
घूसखोरी लूट-पात, सब है आपनी -२
महंगाई , बेरोजगारी दिन दुगनी रात चौगुनी
नारायणा फर्जी है गयी अखबार यो उत्तराखंड मे

नारायणा यो कस है रो अतियाचार यो उत्तराखंड मे
नारायणा शासन है रो बीमार यो उत्तराखंड मे

  कस चेछे राज हिमाना, कसो बनो राम शिव यो
नारायणा चमचो की  है  रे बहार  यो उत्तराखंड मे

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


मेहरा जी एक और सुपर हिट गाना :

काछो तेरो जलेबी को डाब
ओह हिमा जाग,
अकेली किले खांछे
जारा हाली दे मेरा खाब
ओह हिमा जाग,


हेम पन्त

प्रहलाद महरा वर्तमान कुमाऊंनी गायकों में शीर्ष स्थान पर हैं. उनकी "जलेबी डाब" कैसेट का यह गाना बहुत ही मधुर है...

चन्दना म्यारा पहाड आये,
ऊंचा डाना देखलि ठण्डो पानि पी जाले.......

Risky Pathak


Prhlaad sing Rana Jee ke Is Gaane ko sune.
Or Download Kare.
http://www.esnips.com/doc/2bc13281-e69a-40b2-8b68-b314adf5ba70/Jalebi


O Hima Jaag, Kaasu Tero Jalebi Ko Daab.


Quote from: M S Mehta on July 15, 2008, 01:23:35 PM

मेहरा जी एक और सुपर हिट गाना :

काछो तेरो जलेबी को डाब
ओह हिमा जाग,
अकेली किले खांछे
जारा हाली दे मेरा खाब
ओह हिमा जाग,


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



  बड़ी है रे गजब यो १०० रुपे की रम
  बड़ी है रे गजब यो १०० रुपे की रम

प्रहलाद सिह मेहरा ने इस गाने मे शराब बेचने वाले भूत पूर्व सैनिको की खूब खिचाई की है !

   बड़ी है रे गजब यो १०० रुपे की रम
  बड़ी है रे गजब यो १०० रुपे की रम

  पहली तारिख नजदीग की आयी
  हल्दारो ले दौड़ लागई
  एक बोतल बाट पी आयी
  द्वी बोतल घर ले आयी
  सियानी कौने रेछो रम क्या लाछा कम ..

बड़ी है रे गजब यो १०० रुपे की रम
  बड़ी है रे गजब यो १०० रुपे की रम
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पंकज सिंह महर

Quote from: H.Pant on July 15, 2008, 01:38:20 PM
प्रहलाद महरा वर्तमान कुमाऊंनी गायकों में शीर्ष स्थान पर हैं. उनकी "जलेबी डाब" कैसेट का यह गाना बहुत ही मधुर है...

चन्दना म्यारा पहाड आये,
ऊंचा डाना देखलि ठण्डो पानि पी जाले.......

लियो सुनो पैं


http://www.esnips.com/doc/7fafc4e8-f5b0-400f-a50f-49ec24719bdc/SONG-0

Anubhav / अनुभव उपाध्याय


एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


प्रहलाद सिह महरा द्वारा गया गया पहाड़ में महिलाओं के कठिन जीवन पर यह गाना :

पहाड़ की छेली ले
पहाड़ की ब्वारी ले
कैभे नी खाया
द्वि रुवाटा सुख ले ....

राती उठी, पोश गाड़ना
फिर भाना माजना
भाना माजी भे ब्वारी
फिर जंगल जाण
सुख लाकडा तोडी लाई
सासु की गाली पाई

पहाड़ की छेली ले
पहाड़ की ब्वारी ले
कैभे नी खाया
द्वि रुवाटा सुख ले ....

अशौज मे धान काटना ...