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TRANSLATION OF KUMAONI-GARWALI LANGUAGE - कुमाऊंनी गढ़वाली भाषा का अनुवाद

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, September 26, 2008, 01:30:31 PM

Bhishma Kukreti


मध्य हिमालयी कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -45

Comparative Comparative Study of Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-45


                                                      सम्पादन : भीष्म कुकरेती


                                      Edited by Bhishm Kukreti




                          कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 6

                          Kumauni and Garhwali Agriculture Related Words - 4 


हिंदी ------------------------कुमाउंनी ------------------------गढ़वाली

खाद -------------------------परशो /पोश --------------------मोंsळ

पुआल -----------------------पराल /पराव -----------------पराळ

उसतरफ ---------------------पच्याला ---------------------उनै

धान कूटने के पर निकला

पशुओं  का चारा  ----------------पिठो--------------------बूसू (भूसा )

अनाज रखने का पात्र---------------पुतकी ---------------

जो मालू के पत्तों  से बनता है -------पुतकी------------------पितकी/पितक

जो बांस /भेंवळ/मिटटी  से बनता है --??  -------------------पथ्वड़/पथोड़ी

गट्ठर ------------------------------   पुलों --------------------पूळ

लौटना -----------------------------फरकण /फर्कनो-------- फरकण  (गढ़वाली में उलटने से तात्पर्य

------------------------------------------------------------------व चलने में लौटने के लिए 'बौड़ण'

हल में लगने वाला लोहे का फल ----फालो ----------------??

---------------------------------------------------------------निसुड़ पर लगने वाला लोहे को 'बंदळ' कहते हैं   

फैलाना (खाद  आदि) ---------------फिजनो/फिजण --------फुळण

खोलना -------------------------फूनों --------------------------खुलण

फड़वा  --------------------------फौड़ो --------------------------फाळु   

सन्दर्भ -
- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)


२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Frammar book by Dr Bhavani Datt Upreti



Comparative Study of Kumauni Grammar , Garhwali Grammar and Nepali Grammar (Grammar of , Mid Himalayan Languages ) to be continued ........

. @ मध्य हिमालयी भाषा संरक्षण समिति

Bhishma Kukreti

  मध्य हिमालयी कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -47

  Comparative Comparative Study of Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-47



                                                             सम्पादन : भीष्म कुकरेती


                                                Edited by Bhishm Kukreti





                              कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 8

                            Kumauni and Garhwali Agriculture Related Words - 6


हिंदी --------------------------------कुमाउंनी -----------------------गढ़वाली

अनाज को पौधों से अलग

करने के बाद  बचा वशेष

जिसमे कुछ अन्न भी बचा रहता है --भूडा ------------------------??

मूषा  -----------------------------------मूश ---------------------------मूस

अनाज को पुआल से अलग करना ----माणनॉ-----------------  मांडण

नाली के नाप का ----------------------मानो /माणो ----------------माणु

उड़द ------------------------------------मांश ------------------------उड़द

मुट्ठी की नाप -------------------------मुट्ठी -------------------------मुट्ठी

शुरुवात -------------------------------मैशो-------------------------मिसाण/पवाण लगाण

मोल (बैलो के  मुहं पर लगाये जाने वाला ) -मोल/म्वाल  ------------------म्वाळ   

वर्षा में सिर पर ओढ़ने वाला

मालू/बांस से बना उपकरण ---------मौंनो ----------------------------मुणक/मुणकि 

सुखा मौसम --------------------------रूड़ -----------------------------रुडि

रोपाई --------------------------------रोपै -----------------------------रूपणि /रोपै

बरसाती नाला -----------------------रौड़ो-----------------------------रौड़  (रौड़ का दूसरा अर्थ भूतकाल में  फिसलना भी है )

पशुओं द्वारा फसल चरना----------वलान/शर -----------------------------उज्याड़ खाण   

संभलना-----------------------------शपड़तो----------------------------- संबाळण 

एक जगह से दूसरी

जगह ल़े जाना----------------------शारनो/शारण--------------------------सरण /सारण 

तिनका -------------------------------शिन्को/शिणुक----------------------सिणुक /सिणिकि 

छीमी --------------------------- -------शिमि -----------------------------छीमि

कीचड़ वाली जगह --------------------शिमार  -------------------------सिमलु/सिमार/ सीमंद

भुने धान से निकले चावल--------------शिरौला -----------------------चूड़ा

सींग -------------------------------------शींग --------------------------सिंग

सूप  ---------------------------------------सुप्पो -----------------------सुप्प /सुप्पो

छाया----------------------------------------शेल /श्योव -----------------छैल /छैलू

बेंत से मारना -----------------------------शोट्ट्यूनों /शोट्युण  ----------सूटक्याण /चुटण   

काई---------------------------------------श्यांलो--------------------------सिंवळ 

हांकना ------------------------------------ हकूनो/हकूण -----------------हकाण 

वर्फ---------------------------------------ह्यूं --------------------------ह्यूं

हलवाहा -----------------------------------हलिया/हइया -------------हळया 

हल - ---------------------------------------हलो/हव -----------------हौळ   

सन्दर्भ -
1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)


२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti



. @ मध्य हिमालयी भाषा संरक्षण समिति

Bhishma Kukreti

मध्य हिमालयी कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -48

Comparative Comparative Study of Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-48



                                             सम्पादन : भीष्म कुकरेती


                                           Edited by Bhishm Kukreti





                कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- ९

                   घर सम्बन्धी शब्दावली



           

हिंदी --------------------------------कुमाउंनी -----------------------गढ़वाली

श्रृंखला --------------------------------शांगलो/शान्गोव

सीढियां --------------------------------खुटकुनो/खुटकण -----------सीडि

देहरी -----------------------------------देलि  -------------------------देळि   

दरवाजे का चौखटा -------------------मोल ---------------------------म्वsर /म्वार

बैठने के लिए बना

चौड़ा स्थान --------------------------चौथार ------------------------चौंतरा

दीवार -----------------------------------शै ---------------------------दिवाल/दिवलि

बल्ली -----------------------------------भरानो ---------------------बौळि 

गौशाला ---------------------------------गोठ /छन -----------------छन /शनि /शन

------------------------------------------गढ़वाली में गोठ= जब पशुओं को खेतों में रखा जाता है

गोठ के ऊपर वाली मंजिल --------------मंज्याल-----------------मंज्यूळ 

मंजिल के ऊपर की मंजिल ----------------पाड़-------------------तिपुर 

छतों के  स्लेटी पत्थर-------------------पाथर ---------------------पथर

आँगन के चारों की दीवार--------------भीड़ -----------------------भीड़

खलियान -------------------------------खलो /खव----------------खल्याण   

घर के पीछे का स्थान ------------------कर्यडि -------------------कुलण/कुलिण   

छत की प्रमुख लकड़ी ------------------घूर ------------------------पसूण



सन्दर्भ -
1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)


२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti



. @ मध्य हिमालयी भाषा संरक्षण समिति

Bhishma Kukreti

मध्य हिमालयी कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -49

Comparative ComparativeStudy of Kumaoni Grammar,GarhwaliGrammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-49

                                              सम्पादन : भीष्म कुकरेती
                                  Edited by Bhishm Kukreti

                                             कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 10                     

                          भोज्य पदार्थ

हिंदी -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली

पतला भोजन जो दालों खासकर गहथों

को भिगाकर पीसकर बनाया जाता है -- फाणो/फाण  ------------------फाणु

भट्ट नामक  की पदार्थ से बना खाद्य ------भट्ट्या----------------------भट्वणि 

कढ़ी (बिन मसाले, नमक आदि का) --------पल्यौ----------------------पळयौ

कढ़ी (मसलादी मिलकर )-------------------झोली --------------------झुळि 

चावल पीसकर या  आटे का मिश्रण 

झोंळी/ साग बनाने हेतु प्रयुक्त ------------बिश्वार-------------------आलण 

सुखा साग या शिकार ----------------------- भुटवा------------------  भुटवा

अरबी ----------------------------------------पिणौ/पिनालू-----------पिंडळु



सन्दर्भ-

1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Bhishma Kukreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-50

                          कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -50



                                                            सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                                Edited by Bhishm Kukreti


                                        कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 11


                                कुमाउंनी और गढ़वाली में क्रायक अंग 


हिंदी -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली

मुख के अन्दर का भाग -----------------खाप ------------------------------गिच्चु , मुख भितर , खबाड़/खब्वड़   

मुख ---------------------------------------मुख ------------------------------मूक

मुख का वह भाग जो होंठों से युक्त है -----थोल --------------------------थुबड़/थोबडु /थोबड

पैर -------------------------------------------खुट्टा /खुट-----------------------खुट्टा /खुट   

पिंडलियाँ -------------------------------------गोद/नल्यो----------------------फिफन

बांह --------------------------------------------पांखुड़   ----------------------बौंळ  /बौंळा  /बौंळु

आंतें -------------------------------------------अनाड़---------------------------अंदड़ 

हड्डियां -----------------------------------------भांटी ------------------------हडक  /हडका

हड्डी ----------------------------------------------हांड़ -------------------------हाड



                             कुमाउंनी और गढ़वाली में अंग क्रियाएं

  हिंदी -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली 

  छींक ------------------------------------छिय्याँ /छीं -----------------------छींक/छिंकण 

स्फुरण --------------------------------------फुरनो/फुरण --------------------कंपण

एक प्रकार की कंपकंपी-----------------------जकुरनो/जकुरण ---------------- कंपण

नासिका स्राव --------------------------------शिकान----------------------------सीम्प /सिंघान

कफ्फ ------------------------------------------खंकार ----------------------------खंकार

कान का मैल  ----------------------------------कनगु ------------------------------कनsगू   

दांतों का खट्टा होना ----------------------------कुणीनो ---------------------------दांत सिल्याण   

                               


सन्दर्भ-

1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

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Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-51

                                     कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -51



                                                                  सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                                               
                                Edited by Bhishm Kukreti



                                              कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 12



                                                          कुमाउंनी और गढ़वाली में घरेलु वर्तन





हिंदी -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली
कटोरा ----------------------------------ब्याला -----------------------------कट्वर, कटोरा , कटोरी , कट्वरि 

भदेली-----------------------------------जाम ---------------------------------भदेली

कढाई ------------------------------------कढ़े  (ऐ  पढ़ें )  -----------------------   कढ़े (ऐ पढ़ें )

बड़ा गहरा चम्मच ------------------------------डाडु ----------------------------------डाडु

करछी --------------------------------------पंड्योऊलो (औ ) ---------------------------कड़छुल/कड़छि/करछी   

ताम्बे की गगरी ------------------------------फौन्लो -----------------------------गागर

ताम्बे/धातु की छोटी  गगरी ------------------कुम्भि-----------------------------तमोळी   

लोटा ------------------------------------------किशिणि/घंटि--------------------लुट्या/घंटि

  लोटे के आकार का पात्र ---------------------गडुवा ---------------------------गडुवा  (दोनो में ड़ पढ़ें )

दाल बनाने का कांसे का पात्र ---------------भडडू ---------------------------भडडू



सन्दर्भ-

1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....


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Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-52


                              कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -52



                                                       सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                              Edited by Bhishm Kukreti



                                               कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 13

           

                                                  वस्त्र -नामों में समानता व वैशिष्ठ्य

हिंदी -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली   

अंगरखा ----------------------------------अंगोड़ो/आंगोड़--------------------अंगुड़

लंहगा -------------------------------------घागरि/घागोर ---------------------घगुर/घगरि

वास्कट ----------------------------------भोट्टि/भोटि-------------------------फत्वी

धोती ---------------------------------------धोति ------------------------------धोति/धुतड़ा 

पैजामा --------------------------------------शुरवाल------------------------------सुलार

कंधे से लेकर नीचे तक

पहना जाने वाला लडकों का पहनावा -------------संतराश----------------------संतराज

फ्राक --------------------------------------------झगुलि--------------------------- झगुलि 

जनेऊ ------------------------------------------जने --------------------------------जंद्यौ         

                 


सन्दर्भ-

1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....

Bhishma Kukreti

   Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-53


                       कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -53



                                                                        सम्पादन : भीष्म कुकरेती


                                        Edited by Bhishm Kukreti



                                   कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 14


                   

                                        आभूषण नामों में   समानता और वैशिष्ठ्य           




हिंदी -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली

हंसुली ------------------------------------सुत्ती /सुत-----------------------खग्वळि 

पैरो का चांदी  का बजने वाला आभूषण -- झांवर --------------------------झंवरि

हाथ का कड़ा जैसा आभूषण ----------------धागुलो -----------------------धगुल/धगुलि /धागुलो

हाथ का एक आभूषण -------------------------पौंछि ------------------------पौंछि

करघनी -----------------------------------------कमर-ज्योडि

नथ ---------------------------------------------नत्थ /नथ -------------------नथुलि

नासिका  का आभूषण ------------------------बुलाक -------------------------बुलाक

अंगूठी ----------------------------------------अंगूठी ---------------------------अंगूठी



सन्दर्भ-

1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....

Bhishma Kukreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-54


                                        कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -54



                                                                                                    सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                                                       Edited by Bhishm Kukreti





                                                                   कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 15









                                                                                         

                                          कुमाउंनी और गढ़वाळी में संस्कृत तत्सम रूप 

दोनों भाषाओँ में कुछ संस्कृत शब्द तत्सम रूप  में ही मिलते हैं - जैसे

अन्न, अति, अर्थ , इति, इष्ट , इश्वर, उद्धार, उत्पात, उदय, एकांत, क्रम, कंठ, काल, कुल, गीत,

गोत्र, गति, जन, तप, दुष्ट, दैव, धार, नाग, नाम, प्रबध, प्रेम, पाल, मौन, मृत्यु, ज्ञान आड़.



                                    कुमाउंनी और गढ़वाळी में संस्कृत तद्भव रूप



संस्कृत  -------------------------------------कुमाउंनी -------------------------गढ़वाली   

अक्षोट ---------------------------------------अखरोट ----------------------------अखरोट

अर्गला ---------------------------------------आगोलो

अंकमाल --------------------------------------अंग्वाल ---------------------------अंग्वाळ

कल्यवर्त----------------------------------------कल्यौ ---------------------------कल्यौ

कुक्षि----------------------------------------------कोख --------------------------कोख

गोष्ठ-----------------------------------------------गोठ --------------------------गोठ

गोमूत्र ---------------------------------------------गौंत ---------------------------गौंत

गोस्वामी ------------------------------------------गुशें ------------------------------गुशें  (आई की मात्रा)

ग्राहक ----------------------------------------------गहाक  --------------------------गाक /गाहक

तुम्ब ------------------------------------------------तुमोड़ो----------------------------तुमुड़ 

तप्त -----------------------------------------------तातो -------------------------------तातो

तिथि ------------------------------------------------तीथ -------------------------------तिथि

तृषा --------------------------------------------------तीश --------------------------------तीस

दर्भ --------------------------------------------------दाबो

देहली ----------------------------------------------देलि --------------------------------देळि 

नतहिं---------------------------------------------नंतर

पक्ष -----------------------------------------------पाखो ---------------------------------पाखो

मुद्गरी -------------------------------------------मुंगोरो--------------------------------मुंगुर 

नाल --------------------------------------------------नलौ-----------------------------नळौ   

लिक्षा ---------------------------------------------लिखा -----------------------------लिखल

वलिवर्द-------------------------------------------बल्द ----------------------------------बल्द

     



सन्दर्भ-
1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....

Bhishma Kukreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages-Part-55


                                     कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -55



                                                              सम्पादन : भीष्म कुकरेती

                                              Edited by Bhishm Kukreti





                                             कुमाउंनी और गढ़वाळी शब्दों में समानता और वैशिष्ठ्य -भाग- 16


                                                        कुमाउंनी व गढ़वाली में कारक भेद

कारक ----------------------------------गढ़वाली ---------------------कुमाउंनी -----------------------हिंदी

कर्ता -------------------------------- न, ल-----------------------------ले -------------------------------ने

कर्म------------------------------  सणि, कु, को, कुणि ---------------कणि,कन, कैं , श -------------को

करण ------------------------------तै, न , से  ,   ----------------------ले, पिति, कयल, कयां---------से, द्वारा

सम्प्रदान ----------------------खुण, कुण, सणि, कू -----------हीं, हिन, हूँ , हुणि, खीं , खिन, लिज्या -------------के लिए

अपादान --------------------------ते, बिटेन , बटि----------------------हैं,बटि , बटे, बै ------------------ से

सम्बन्ध -------------------------को, क, का, कि------------------------को, का, कि -------------------का, के, की

अधिकरण -------------------------मां , पर, तलक ----------------------में, माझ ----------------------में, पर   

सन्दर्भ-


1- अबंधु बहुगुणा , १९६० , गढ़वाली व्याकरण की रूप रेखा, गढ़वाल साहित्य मंडल , दिल्ली ( Structure of Garhwali Grammar)

२- बाल कृष्ण बाल , स्ट्रक्चर ऑफ़ नेपाली ग्रैमर , मदन पुरूस्कार, पुस्तकालय , नेपाल (Structure of Nepali Grammar)

३- डा. भवानी दत्त उप्रेती , १९७६, कुमाउंनी भाषा अध्ययन, कुमाउंनी समिति, इलाहाबाद (Study of Kumauni Language Grammar)

४- रजनी कुकरेती, २०१०, गढ़वाली भाषा का व्याकरण, विनसर पब्लिशिंग कं. देहरादून ( Grammar of Garhwali Language)

५- कन्हयालाल डंड़रियाल , गढ़वाली शब्दकोश, २०११-२०१२ , शैलवाणी साप्ताहिक, कोटद्वार, में लम्बी लेखमाला (Garhwali- Hindi Dcitionary)

६- अरविन्द पुरोहित , बीना बेंजवाल , २००७, गढ़वाली -हिंदी शब्दकोश , विनसर प्रकाशन, देहरादून (Garhwali hindi Dictionary )

७- श्री एम्'एस. मेहता (मेरा पहाड़ ) से बातचीत

८- श्रीमती हीरा देवी नयाल (पालूड़ी, बेलधार , अल्मोड़ा) , मुंबई से कुमाउंनी शब्दों के बारे में बातचीत

९- श्रीमती शकुंतला देवी , अछ्ब, पन्द्र-बीस क्षेत्र, , नेपाल, नेपाली भाषा सम्बन्धित पूछताछ

१० - भूपति ढकाल , १९८७ , नेपाली व्याकरण को संक्षिप्त दिग्दर्शन , रत्न पुस्तक , भण्डार, नेपाल (Briefs on Nepali Grammar)

११- कृष्ण प्रसाद पराजुली , १९८४, राम्रो रचना , मीठो नेपाली, सहयोगी प्रेस, नेपाल (Nepali Grammar)

१२- चन्द्र मोहन रतूड़ी , गढ़वाली कवितावली ( सं. तारा दत्त गैरोला, प्र. विश्वम्बर दत्त चंदोला) , १९३४, १९८९

13- Notes of Dr Achla Nand Jakhmola on Grammar book by Dr Bhavani Datt Upreti

Kumaoni Grammar,Garhwali Grammar,Uttarakhandi Grammar,Nepali Grammar ,Grammar of Himalayan Languages to be continued .....