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TRANSLATION OF KUMAONI-GARWALI LANGUAGE - कुमाऊंनी गढ़वाली भाषा का अनुवाद

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, September 26, 2008, 01:30:31 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मी उत्तराखंडी छौ!!!!
(facebook Community)
(नरेंद्र सिंह नेगी जी जन्मदिन मुबारक हो .. सन्देश गढ़वाली / कुमाऊँनी में )
गढ़वाली:
उत्तराखंड का सुप्रसिद्ध लोकगायक श्री नरेंद्र सिंह नेगी जी क जन्मदिन पर हम सब उते बधेई अर शुभाकांना दीणा छवाँ। श्री नेगी जी न अपर गीतूँ अर गायकी क दगड़ी उत्तराखंडे की संस्कृति तै जन जन तक पौंछाई और उंकी आवाजन देश विदेश मे बस्या सबी उत्तराखंडियो क मन मा हमेशा अपनी मातृभूमि /जन्मभूमि क प्रति लगाव पैदा करि। आज हर उत्तराखंडी उंकों आभारी च और जन्मदिन पर उंकी लंबी उमर और स्वस्थता की कामना करदू।

कुमाऊँनी:
उत्तराखंडाक सुप्रसिद्ध लोकगायक श्री नरेंद्र सिंह नेगी ज्यूक जन्मदिन पर हम सबै उनु कै बधाई एवं शुभाकांनाए दिनु । श्री नेगी ज्यू ली अपन गीतो और गायकी ल उत्तराखंडेकी संस्कृति कै जन जन तक पौंचा और उनेरी आवाजेली देश विदेश मे बसी सबै उत्तराखंडियो क मन मे हमेशा अपनी मातृभूमि /जन्मभूमि क प्रति लगाव पैदा करि रा। आज हर उत्तराखंडी उनर आभारी छ और जन्मदिन हुनी उनेरी लंबी उमर और स्वस्थता की कामना करों।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मी उत्तराखंडी छौ!!!!  आपके लिए ... अगर आप अपनी भाषा कुमाऊँनी गढ़वाली से प्रेम करते है तो आये पढ़े लिखे सीखे और सिखाये [ यहाँ कुमाऊँनी गढ़वाली  हिन्दी अंग्रेजी में पोस्ट एक साथ मिलेगी ]https://www.facebook.com/meeuttarakhandi
उदाहरण :
Do you Speak Garhwali / Kumauni ?
क्या तुम गढ़वाली/कुमाऊँनी बोल सकते हो?
क्या आप/ तुम गढवली मा बोलि/बात' कर सकदा ?
के तुम कुमाऊँनी बुले लिच्छा?
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No, but I can understand.
ना, लेकिन मै समझ सकता हूँ।
ना लेकिन गढवली समझ जांदू।
ना, लेकिन कुमाऊँनी सम्झ लीनु।
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Yes I want to learn Garhwali/kumauni.
हाँ, मै गढ़वाली/कुमाऊँनी सीखना चाहता हूँ।
हाँ, मी गढ़वली सीखण चाहणू छौ[चान्दु]।
होई, मी कुमाऊँनी सीखेन चानू।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


मी उत्तराखंडी छौ!!!!
आव उत्तराखंडी भाषा ते सिखला ..... सिखौला
शब्द  [गढ़ - कुमौ का  ] 
~अध्याय १९ मुहावरे व लोकक्तियाँ - भाग ३~
गढ़वाली व कुमाऊँनी मे बहुत सी है यहाँ तीसरे भाग मे भी १० -१० मुहावरे व लोकक्तियों को बताया जा रहा है - हिन्दी अर्थ या भावार्थ के साथ [ इससे पहले के भाग १ को इस लिंक मे देखिये http://uttarakhandiwords.blogspot.com/2012/10/blog-post_29.html]  व् भाग २ [http://uttarakhandiwords.blogspot.com/2012/11/blog-post.html]

गढवाली

२१. घी ख्त्यो बोड्यु मा।
घी गिरा पर बर्तन में।
[भावार्थ- हानि जैसा होने पर भी हानि ना होना]
 
२२. जुवों कि डारा घाघरू नि छोड़ेन्दो। 
जुवों कि डर से घाघरा नहीं छौड़ा जाता।
[भावार्थ- सभी कुछ अनुकूल नहीं होता, कुछ प्रतिकूल होने पर भी त्याग नहीं किया जाता]
 
२३. कितुला कु नाग अर बिरला को बाघ।
केंचुवे को नाग और बिल्ली को बाघ।
[भावार्थ- भारी भरम हो जाना]
 
२४. नाक-कटी हाथ मा धरयुंच। 
नाक काट के हाथ में रखा हुवा है।
[भावार्थ- मान-सम्मान ताक पर रखकर बेशर्म हो जाना]
 
२५. पैले बूड गितांग छै अब नाती जि होयुंच। 
पहले से बूढ़ा गायाकर था अब पोता जो हो रखा है।
[भावार्थ- विशेष खुशी प्राप्त होने पर अति उत्साह प्रदर्शित करना]
 
२६. ढूगा मा धैर्याल। 
पत्थर में रख दिया।
[भावार्थ- त्याग देना]
 
२७. तातो दूध न घुटेन्द न थूकेंन्द. 
गर्म दूध न पिया जाता न थूका जाता।
[भावार्थ- असमंजस में या अस्थिर रहना]
 
२८. घुन्डू घुन्डू फुकेगे, कुतराण अब आयी। 
घुटनों तक जल गया बदबू अब आयी।
[भावार्थ- नितांत लापरवाह होना]
 
२९. भ्वीं मा खुटो नि धरेन्दा। 
जमीन पर पांव नहीं रखा जाता।
[भावार्थ - अत्यंत हर्षित होना]
 
३०. जाण न पछ्याँण, भक्क अग्वाड़।
जान न पहचान सीधे गले मिलना।
[भावार्थ - बिना सोचे समझे किसी से अधिक परिचय नहीं बढ़ाना चाहिए]


कुमाऊँनी

२१. बाण बाणणे बल्द हराण.
[भावार्थ- देखते देखते मौका निकल जाना]
 
२२. बुड़ो कई बाल नि मानौ बुड़ो कई लाख।
[भावार्थ- अनुभव बहुत महत्वपूर्ण होता है।]

२३. दूधयाल गोरुक लात लै सौनी।
दुधारू गाय की लात भी भली
[भावार्थ- गुणवान व्यक्ति के गुस्से को भी सहन कर लेना चाहिए।]
 
२४. गाय न बाच्छी नीने अच्छी।
गाय और बछिया नही तो नींद अच्छी
[भावार्थ- अर्थात करने के लिए कोई काम न हो उसे सोते रहना ही अच्छा लगता है।]

२५. सासूल बुआरी थें कौ, बुआरिल नौकर थें कौ, नौकरल कुकुर थें कौ , और कुकुरल पुछड़ हिले दे।
सास ने बहू से कहा, बहू ने नौकर से, नौकर ने कुत्ते से कहा और कुत्ते ने खाली पूंछ हिला दी
[भावार्थ- अर्थात जून तक नहीं रेंगी, काम कुछ भी नहीं हुआ।]

२६. सास थें कुन ब्वारीस सुणुन।
सास के माध्यम से बहू को सुनाना
[भावार्थ- किसी के माध्यम से किसी की चुगली करना।]

२७. अति बिरालु मूस न मरण।
अधिक बिल्लियाँ चूहा नही मार सकती
[भावार्थ- बहुत अधिक व्यक्ति हों तो काम नहीं हो पाता।]

२८. कै बखत खिमू कड़कड़, कै बखत खिमूलि कड़कड़ि।
कभी पति नाराज तो कभी पत्नी
[भावार्थ-  दंपति में हर समय मनमुटाव रहना।]
 
२९. आलसी एकै घांत।
[भावार्थ- आलसी व्यक्ति एक बार में ही सारे काम निपटा लेना चाहता है।]

३०. कुआँ क भेकान कुआमें राय।
कुएं के मेढक कुएं में ही रहते हैं
[भावार्थ- सीमित दायरे में रहना]

सहयोगकर्ता - महेंद्र सिंह राणा / रामचंद्र पन्त / हिमांशु करगेती
उत्तराखंड की भाषा आप ते अपना संस्कृति क दगड़ जुडदी!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मी उत्तराखंडी छौ!!!!  सलाम  photos)एक सन्देश [ गढ़वाली - कुमाऊँनी - हिन्दी ]

(गढवाली ) उत्तराखंड मा ईन भयंकर आपदा मा कुजाण कथका नुक्सान हवे हवालो - गौ क गौ बोगी गीन, कथका जीवन चली गीन ...  यी घड़ी मा लोग तन मन से सेवा मा जुट्या छन. उत्तराखंडी त एक मिसाल बनी गीन... सेना त सदेनी अपर  कर्तव्य निभांद. कुछ लोग अर संस्था भी तन मन धन से सेवा कारज मा लग्या छन. 'मी उत्तराखंडी छौं' पन्ना आप सबी लुखो ते सलाम कर दू.

(कुमाऊँनी ) - उत्तराखंड मा यस भयानक आपदा मा पत्तो नै कतुकाक नुकसान भ्यो ह्वालो. गौँआक गौँ बगि ग्याइ, कतुका जीवन न्है ग्याइ - यस घड़ी मा लोग तन मन बठे सेवा मा जुट्या छन, उत्तराखंडी यक मिसाल बणि ग्यान. सेना अपण कर्तव्य हमेसा निभैछी... क्वे लुख अर संस्था ले तन मन धन बठे यस सेवा काम मा लग्या छन - 'मी उत्तराखंडी छौं' पेज इन सबन कै सलाम करछ। [ अनुवाद - हिमांशु करगेती ]
(हिन्दी) - उत्तराखंड में इस भयंकर आपदा में न जाने कितना नुकसान हुआ होगा. गाँव के गाँव बह गए, कितने जीवन चले गए - इस घड़ी में लोग तन मन से सेवा में जुटे है, उत्तराखंडी एक मिसाल बन गए है. सेना अपना कर्तव्य सदा निभाती है... कुछ लोग और संस्थाएं भी तन मन धन से इस सेवा कार्य में लगे है - 'मी उत्तराखंडी छौं' पेज इन सभी को सलाम करता है.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मी उत्तराखंडी छौ!!!! बसंत पंचमी की सुबकमाना [गढवाली - कुमाऊँनी -हिन्दी मा]

गढवाली [ अनुवाद - निखिल उत्तराखंडी ]
हमरा सब्बी उत्तराखंडी भै-भुल्ल्यो ते बसंत पंचमी की भोत भोत बधै ! बसंत को आगमन को ये रंगीलो त्यौहार मा आवा हम सब्बी मीलिक रितु बसंत को अभिनन्दन करला ! अर माँ सरस्वती की किरपा सब्यूं पर बणि राव

कुमाऊँनी [अनुवाद- हिमांशु करगेती]
हमार सबै उत्तराखंडी भै बैणिन कै बसंत पंचमीक भौत भौत सुबकामना। बसंताक आगमनको प्रतीक यस रंगिल त्यार मा आया हम सब मिलिबेर बसंत ऋतुक स्वागत करुंल।अर माँ सरस्वतीकि किरपा सबै हुन बणी रौ।

हिन्दी
हमारे सभी उत्तराखंडी भाई बहनों को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ . बसंत के आगमन के इस रंगीले त्यौहार में आयें हम सभी मिल कर बसंत ऋतु का अभिनन्दन करें ! और माँ सरस्वती की कृपा सब पर बनी रहे.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मी उत्तराखंडी छौ!!!!

गणतंत्र दिवस शुभकामना [गढवाली - कुमाऊँनी - हिन्दी ]
गढवाली:
सब्बी भै- बैणों ते भारतक गणतंत्र दिवसे की बधै . हमते गर्व च हमर संविधान बणाण वलों पर, जौकी मेहनतक कारण आज हमरू देस, अचकालाक सबसे सफल गणतंत्रो मधे एक च !.
कुमाऊँनी:
सबै भै-बैणिन कै भारताक गणतन्त्र दिवसाकि भौत भौत सुबकामना. हमस गर्व छ हमारो संविधान बणून वालान पर जिनारि मेहनताक कारण हमर देश अच्यालाक सबहै सफल गणतन्त्रन मा यक छ।
हिन्दी:
सभी भाई - बहनों को भारत के गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. हमें गर्व है हमारे संविधान निर्माताओं पर जिनके परिश्रम के फलस्वरूप हमारा देश वर्तमान के सफलतम गणतंत्रो में से एक है.
[अनुवाद क्रमश: निखिल उत्तराखंडी एवं हिमांशु करगेती ]

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

पहाड़ी रंग..
Black - काव पट्ट
White - सफ़ेद पट्ट
Red - लाल पट्ट
Green - हरियाँ जाणी
Yellow - पिंगौव
Blue - निल
Brown - भुर
Pink - गुलाबि
Orange - नारिंग

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

रोजाना बोलचाल में उपयोग हुणी कुछ शब्द.. कोशिश कर बेर देखो भल लागोल

रात्ती पर - Early Morning
ब्याव / सांस - Evening
आ - Today
बेई - Yesterday
भोव - Tomorrow
पोरु - Day before Yesterday / Tomorrow
नेरु - Day before पोरु
अल बेर - This Year
पुर बेर- Last Year
पराड़े बेर - Before Last Year

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अब यो पोस्ट उनर लीजी छु जो कुणी हमको पहाड़ी बोलनी नि आने वाली ठहरी | अब कां ब्टी आल हो, घर फ़ना कोय बुलाने नि भे, भयार गयी ताले hi o माई god है जाँ | अब महाराज जब कोशिश करला तभते के हॉल ने | आजकल के है गो ने इज बाबू ले कथां बुलानी पहाड़ी मजि, अब इज बाबू नि बुलाल पे नान-तिन काँ बटी सिखल यार |

पे अघिल बटी कोशिश करिया हाँ | अब आज लिजी मणि चीज़ बतौर्ण लाग रुई पे, याद रखिया हाँ :

१) what is your name?
     -- १) त्यर नाम के छु / त्यर नाम के भे  [ ये छोटों से पूछने ने लिए]
     -- २) तुमर नाम के छू / तुमर नाम के भे [ अपने से बड़ो या बराबर वालों से ]


आज लिजी इतु काफी होई पे | बाकी बादम बतूल पे हाँ |

नमस्कार

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

अब सर्दियों का मौसम आ गया।

कुमाउनी :

अब जाड क मौसम आ गियो।

हिंदी  : गरम कपडे पहनो !

कुमाउनी :

गरम ख्ताड पैनो।