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TRANSLATION OF KUMAONI-GARWALI LANGUAGE - कुमाऊंनी गढ़वाली भाषा का अनुवाद

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, September 26, 2008, 01:30:31 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


अब ये वार्तालाप जो रावत जी एव बिष्ट जी के बच्चे हिंदी मे उनका पहाडी रूपांतरण ! रोहन बिष्ट एव मुकुल रावत जो दिल्ली शहर मे उनके बीच पहाड़ के बारे मे ये वार्तालाप :
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रोहन :  मुकुल तुम अपने पापा के साथ पहाड़ कितने बार गए हो !

कुमाउनी :  मुकुल तुमि आपुन बाबु दगा पहाड़ कदी बार जा रैछा !


गढ़वाली-मुकुल तुमु अफ्डा बाबजी दगडी पहाड़  कती बार गैन !

मुकुल  :  मै वचपन मे एक बार जब गाव मे पूजा थी तब गया था !

कुमाउनी : मी वचपन मे एक बार जब गौ में पूजा छि तब गियो !


गढ़वाली-मैं बचपन मा तब गयी थौ जब हमारा घर मा पूजा थै !


रोहन   :  आपको पहाड़ कैसा लगा ?

कुमाउनी : तुमिन के पहाड़ कस लगो ?


गढ़वाली-तुमु साणी पहाड़ कन्नू लगी !

मुकुल   :   बहुत अच्छा लगा, लेकिन कुछ परेशानी हुयी पहाड़ मे चड़ने मे!  वहां तब गर्मियों मे काफल पके हुए थे, बहुत अच्छा लगा ! लेकिन उसके बाद मे पहाड़ जा नहीं पाया अब जरुर कोशिश करूँगा कि गर्मियों से सीज़न मे जाऊंगा !  शायद अब बहुत कुछ बदल गया होगा !

कुमाउनी :  भौत भाल लागो यार. लेकिन पहाड़ का चडाई चलन मे परेशानी भै! वहां तब गर्मियों मे काफल पाकी रैछी! भौत भाल लागो! लेकिन वीक बाद मी पहाड़ नि जा पायु अब जरुर कोशिश करूँन कि गर्मियों क छुट्टी मे पहाड़ जाऊ! शायद अब तौ बहुत कुछ बदल गियो होल वहां !


गढ़वाली-भोत अछू लगी,पर कुछ परिशानी ह्वेन चलन मा,पहाड़ मा गर्मी मा काफल पक्याँ थाया,बहुत अछू लगी,पर तैका बाद मैं पहाड़ नि जैसक्यों,पर अब जरूर कोशिया कोलू,की गर्मियों मा,अब ता काफी कुछु बदलिगी होलू !



रोहन  : मेरा घर पौडी रानीखेत मे है और हम हर साल घर जाते रहते है !

कुमाउनी : म्यार घर रानीखेत मे छो और हम हर साल घर जाने रूनू !


गढ़वाली-मेरु घर पोडी,रानीखेत मा छ,मैं हर साल घर जांदू !

मुकुल :  रानीखेत के बारे मे और कुछ बताये !

कुमाउनी :  रानीखेत क बार मे और कुछ बताओ पै!


गढ़वाली- रानी खेत का बारा मा कुछ बतावा!

रोहन   :  रानीखेत एक सुंदर हिल स्टेशन है जहाँ से हिमालय के पर्वत दिखाई देते है! यहाँ पर कुमाओं रेजिमेंट सेंटर भी है!  घूमने लायक जगहों मे है, झूला देवी मंदिर, हेडा खान बाबा मंदिर, कलिका मंदिर, गोल्फ ग्राउंड, चौबटिया आदि ! यहाँ यहाँ बहुत हिंदी फिल्मो की शूटिंग भी हुयी है !

कुमाउनी : रानीखेत एक बहुत सुंदर हिल स्टेशन छू जहाँ बटी हिमालय क पर्वत दिखाई दीने! याह छु  पर कुमाओं रेजिमेंट सेंटर भी है!  घूमने लायक जगहों मे है, झूला देवी मंदिर, हेडा खान बाबा मंदिर, कलिका मंदिर, गोल्फ ग्राउंड, चौबटिया आदि! और यहाँ बहुत हिंदी फिल्मो क शूटिंग ले हैयू छो !


गढ़वाली-रानीखेत भोत बढ़िया जगह च ,जख बीटी हिमालय पर्वत भी दिखेंदु,और यख कुमाउनी रेजीमेंट सेंटर भी छ,रानीखेत मा घुमण वाली जगह छान झूला देवी कु मंदिर,हेडा खान बाबा मंदिर,कलंका मंदिर, गोल्फ ग्राउंड,और चौबटिया,यख ता भोत हिंदी फिल्मों की शूटिंग भी वेही !

मुकुल : तब तो मे भी यहाँ घूमे जाऊंगा !

कुमाउनी : तब तू मी ले यहाँ घुमण लीजी जूँन ! धन्यवाद !


गढ़वाली-अब ता मैन भी यख घुमण जाण !

Hari Lakhera

Bahut sunder prayash !

यो भौते भल प्रयास छो भाषा सिखण लीजी !

Lakhera

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



पारवारिक वार्तालाप : SEE THIS FAMILY CONVERSATION
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माँ        :   मीना तुम आज स्कूल नहीं जावोगे, जल्दी उठो !

कुमाउनी में :  मीना तू आज स्कूल नी जान रैछे, जल्दी उठ!


गढ़वाली- मीना तुमु आज स्कूल नि गैन !

मीना       :  मम्मी मुझे थोडी देर और सोने दो please.

कुमाउनी में  :   ईजा,  मीके थोडा देर और सीण दे ना .please


गढ़वाली-माँ मैं तैं थोडा और स्यान दी !

माँ  :  अरे .. स्कूल का टाइम हो गया है, बस निकल जायेगी !

कुमाउनी में :  अरे स्कूल क टाइम हूनी वाल छो. बस निकल जाली !


गढ़वाली-माँ  अरे स्कूल  कु टाइम होण वालू छ बस चली जाली !


माँ        :   अरे  रोहन तुम भी तैयार हो जाओ !

कुमाउनी में :   अरे . रोहन तू तैयार हैजा जल्दी !


गढ़वाली-माँ- रोहण तुमु भी तैयार वेह्जा वा!

रोहन     :     मम्मी .. मै तो तैयार हो  पहले से..

कुमाउनी में :  ईजा मी तो पैली बटी तैयार छियो !



गढ़वाली -माँ- मैं ता तैयार छों पीली बिटिन !


माँ        :      मीना को भी बुलाओ राहुल नाश्ता तैयार है !

कुमाउनी में :   राहुल मीना कै ले बुला पै नाश्ता तैयार छु !


गढ़वाली-माँ-मीना साणी भी बुलावा नास्ता तैयार छ!

माँ      :      अच्छा बच्चो अब तुम्हारा स्कूल का टाइम हो गया है बैग पकडो और अच्छी दंग से जाना रास्ते मे शरारत मत करना !

कुमाउनी में :   अच्छा नन्तिनो अब तुमार स्कूल क समय हैगियो अपुन बैग पकडो और बाट बैने भल कै जाया, उछियात (शरारत) नि करिया !


गढ़वाली-माँ-चला अब तुमारु स्कूल कु टाइम ह्वेगी अफ्डा बसता पकडा और बाटा मा जाक नि करया,आराम सी स्कूल जावा !

बच्चे  :  बाय मम्मी

कुमाउनी में :  अच्छा ईजा .. बाय .


गढ़वाली-बच्चे -अच्छा मांजी टाटा !


माँ अपने पति से :   आपने ने नहा लिया है क्या आपका नाश्ता भी तैयार है !

कुमाउनी में  :  आपुन नै हेछो की, तुमार नाश्ता ले तैयार छु
.

गढ़वाली-तुमु न नहेगिन, तुमारु नास्ता तैयार छ !

पति      :  बस थोडी देर मे आ रहा हूँ.

कुमाउनी में :  बस थवाड़ देर मी ऊंण रियो !


गढ़वाली-हाँ थ्वाडा देर मा ओंदु !

पति  :  चलो मे भी चलता हो !

कुमाउनी में  : अच्छा मी ले हिटो.. बाय
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गढ़वाली-अच्छा मैं भी चलदुं !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

रेलवे स्टेशन पर यह वार्तालाप रावत जी और बिष्ट जी के बीच
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बिष्ट जी  :     नमस्कार मेरा नाम उमेश बिष्ट है और मे रानीखेत का रहने वाला हूँ !

कुमाउनी में  :    नमस्कार म्यार नाम उमेश बिष्ट छु और मी रानीखेत का रुणी वाल छियो.


गढ़वाली में-नमस्कार मेरु नों उमेश बिष्ट च और मैं रानीखेत कु राण वालू छों !

रावत जी  :  मेरा नाम मोहन रावत है और मे पिथोरागढ़ जिले का रहने वाला हूँ !

कुमाउनी में  :  म्यार नाम मोहन रावत छु और मी पिथोरागढ़ जिल क रुणी छियो.


गढ़वाली में-मेरु नों मोहन रावत च और मैं पिथौरागढ़ जिला कु राण  वालू छों !

बिष्ट जी   :   आप कहाँ सर्विस करते है !

कुमाउनी में :  तुमि कहाँ नौकरी कर छा ?


गढ़वाली में-आप कख नौकरी करदन !

रावत जी  :   मै फौज मे नौकरी करता हूँ और अभी जम्मू कश्मीर मे मेरी पोस्टिंग है !

कुमाउनी में :  मी फौज मे नौकरी करू और आल मे जम कश्मीर मे पोस्टिंग छियो
!

गढ़वाली में-में फोज मा नौकरी करदू और आजकल मेरी पोस्टिंग जम्बू कश्मीर मा छ !

बिष्ट जी   :   मै दिल्ली मे सर्विस करता हूँ !

कुमाउनी में  :  मी दिल्ली मे सर्विस करू ?


गढ़वाली में-मैं दिल्ली मा नौकरी करदूं !

रावत जी   :    आपके परिवार मे और कौन-२ है ?

कुमाउनी में :   तुमार परिवार मे और कौ-२ लोग छन?


गढ़वाली में-और सुनवा तुमारा परिवार मा और कुकु छन!


बिष्ट जी :   मेरे परिवार मे माता -पिता और हम दो भाई है! मेरा बड़ा भाई भी फौज मे है !

कुमाउनी में  : म्यार परिवार मे इज बाजू और हम द्विवी भाई छियो ! म्यार ठुल भाई ले फौज मे सर्विस करू !


गढ़वाली में-म्यारा परिवार मा,मांजी-बाबाजी छन और हमू द्वि भाई छन, मेरु बडू भाई भी फोज मा छ !

रावत  :     अच्छा बहुत अच्छी बात है ! लेकिन मेरी ट्रेन आ गयी है! चलता हूँ बाय

कुमाउनी में  :  अच्छा  महराज भली बात, लेकिन मेरी ट्रेन आ गिये ! चलू पै!


गढ़वाली में-भोत ख़ुशी की बात च पर मेरी ट्रेन ऐगी अब मैं चल्दु छों, बाय !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This is the discussion between two college going freinds
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१.   महेश तुम घर अब जा रहे हो तुम्हारा बस आने का टाइम हो गया है ?
    Mahesh.. it is your bus time when are you going home ?  

     कुमाउनी :  महेश घर अब जाण रैछे यार, तयार बस उनक टाइम है गियो ?


गढ़वाली में- महेश तुमु घर कब छन जाणा,तुमारी बस कु टाइम ह्वेगी !

२.  यार मै अपने दोस्त के साथ बाईक मे जा रहा हूँ !
     Today i am going with my friend's bike.

कुमाउनी :  यार मै अपुन दोस्त क दगा बाईक मे जाण रैयो!


गढ़वाली में-यार में अफ्डा दगडीया की गाडी मा छों जाणु !


३.  लेकिन घर पहुच के मुझे फ़ोन करना क्योकि मौसम ख़राब है !

    But please call me back when you reach at home as weather is not good today.

कुमाउनी :  घर पुजी भै मीके फ़ोन करिए यार आज मौसम ख़राब छू !


गढ़वाली में-पर गहर पोंछना का बाद मैंक तैं फोन करी दयान, आज मौसम खराब च !

४.  कल कालेज मे function है, जल्दी आना है !
    There is function in college, come early.

कुमाउनी :  भोव कालेज मे function है जल्दी आये


गढ़वाली में-भोल कोलेज मा कुछ नाच-गाणा कु कार्यक्रम छ जल्दी जाण पड़लू  !

५.   मै इस function मे गाना गा रहा हूँ !
     I would be singing a song in this functoin.

कुमाउनी : मी यो function मे गाना गैन रैयो
!

गढ़वाली में-मैं ये कार्यक्रम मा गाणु छों गाणु कु !

६.  यो बहुत बढ़िया तब तो मे जल्दी आऊंगा !
   Oh nice. Then i will surely come soon.

कुमाउनी : वो तब तो मी जल्दी उन
!


गढ़वाली मैं-ये तो अच्छी बात छ तब ता मैं जल्दी ओलू !



Vidya D. Joshi

 !मेहता जी ! मेरे गवं  कि बोलि  ऐसि है  है, निचे लाल रंग मे  !

मुकुल तुमि आपुना बाबु दगा पहाड़ कदी बार जा रैछा !

मी बचपन मे एक बार जब गौ मे पुजा छि तब गियो !

तुमिन के पहाड़ कस लागो !

(मुकुल तम आफना बाबा दगडा़ पहाड़ कती फेरा झाइ रैछौ !)

(मुइ नानछ्ना एक फेरा जब गौ माइ पुजा थ्यो तब गियो !)

(तम लाइ पहाड़ कसो लाग्यो   

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Now see Present, Past & Future Tense Sentences
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Present :Sentence 1
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रेल गाडी चलने वाली है !
The train is about to start !
कुमाउनी : रेल गाडी चलणी वाली छू !


गढ़वाली मैं-रेल गाडी चलन वाली च !

Past Tense
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रेल चलनी वाली थी !
The Train was about to start
कुमाउनी :  रेल चलणी वाल छि


गढ़वाली मैं-रेल गाडी चलन वाली थै !

Future Tense
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रेल गाडी चलने वाली होगी !
The train will be about to start.
कुमाउनी में : रेल गाडी चलणी होलि!


गढ़वाली मैं-रेल गाडी चलन वाली व्हली !

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   SENTENCE 2
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Present Tense
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२.  वर्षा होने वाली है !
   It is about to rain.
 कुमाउनी :  बरख हुणी वाली छ !


गढ़वाली मैं-बरखा होण वाली च!


Past Tense
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बारिश होने वाली थी!
It was about to rain!
कुमाउनी मे : देयो हुणी छि


गढ़वाली मैं-बरखा होण वाली थै !


Future Tense  
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बारिश होने वाली होगी
The rain will be about to start.
कुमाउनी मे : देयो हुणी वाल हवल


गढ़वाली मैं-बरखा होण वाली व्हली

Vidya D. Joshi


भौत भल लागो !, लेकिन पहाड़ का चडाई चलन मे परेशानी भै ! वहा गर्मि मे काफल पाकि रैछि ! भौत भल लागो ! लेकिन वी बाद मे पहाड़ नि जा पायु अब जरुर कोशीश करुंन के गर्मियों क छुट्टी मे पहा़ड जाऊ ! शायद अब तौ बहुत कुछ बदल गियो होल वहां !

भौत निको लाग्यो ! लेकिन पहाड़ का उकाला माइ परेशानी भै ! वहां गर्मि माइ (मुण) काफल पाकि रैथि ! निको लाग्यो ! लेकिन उइ बाद माइ (उइ पैतिर) पहाड़ नाइ झान पाया अब जरुड कोशिश गाद्दु (गरदु) की गर्मि का छुट्टी माइ पहा़ड झौ ! शायद अब त भौत कुछ बदल ग्यो होलो वहां !

Vidya D. Joshi

(इसे आशा भोंसले की मादक आवाज के तिलिस्म के सिवाय क्या कहा जा सकता है कि इंदौर में एक शख्स ने चालीस बरसों की दौड़—धूप के बाद उनके गीतों वाले करीब दो हजार दुर्लभ ग्रामोफोन रिकार्ड संजोने में सफलता हासिल की है। आशा के इस अलबेले प्रशंसक का नाम है— सुमन चौरसिया। 60 साल के चौरसिया इंदौर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर खाने—पीने की चीजों का छोटा—सा स्टाल चलाते हैं।)

ये  थाई आशा भोंसले की मादक आवाज को  तिलिस्म का  सिवाय के  भुंडू सकिन छ कि   इंदौर माई  एक मांस   ले  चालीस बरसून  कि दौड़—धूप  पैतिर उनरो गीतुन को  करीब दुई  हजार दुर्लभ ग्रामोफोन रिकार्ड संजोन माई  सफलता हासिल गरि राखी  छ । आशा का  यो  अलबेले प्रशंसक को नाम  हो—  सुमन चौरसिया। 60 साल का चौरसिया इंदौर रेलवे स्टेशन को  प्लेटफार्म नंबर पांच माई  खाने—पीने की चीजुन   का नान-नानो  स्टाल चलौन छ ।