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TRANSLATION OF KUMAONI-GARWALI LANGUAGE - कुमाऊंनी गढ़वाली भाषा का अनुवाद

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, September 26, 2008, 01:30:31 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Discussoin Between Rawat Ji and Bisht Ji on Navratri
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१.   बिष्ट जी : दुर्गा नव नवरात्री आरम्भ गए है !

कुमाउनी में : दुर्गा नव नवरात्री शुरू हे गयी !


१-  गढ़वाली में-बिष्ट जी : दुर्गा की नवरात्रा शुरू ह्वेगिन !

२.  रावत जी : हां बिष्ट जी दुर्गा नव नवरात्री शुरू हो गए है बच्चो की स्कूल की छुटिया हो गयी है, पहाड़ जाने की सोच रहे है!

कुमाउनी में  :  हां बिष्ट जी, दुर्गा नव नवरात्री शुरू हे गयी पै और बच्च ना क स्कूल क छुट्टी पड़ रैयी और पहाड़ जाण क सोच रैयो!


२- गढ़वाली में -रौत जी :हाँ बिष्ट जी नवरात्रा शुरू ह्वेगिन ,और अभ ता नौनियालू का स्कूल बांध ह्वेगिन,गाँव जाणे की सोचणा छाँ !

३.   बिष्ट जी :  बहुत अच्छी बात है रावत जी इस बहाने घर परिवार के साथ घर जाने का मौका मिल जाता है वैसे बच्चो के स्कूल के वजह से घर नहीं जाना जा पाते है !

कुमाउनी में : बहुत भल बात रावत जी यो बहान ले परिवार क दगाड घर जाण क मौक ले मिल जा नतीक बच्च क स्कूल वील घर जाण नि जा सकीन!


३-गढ़वाली में - बिष्ट जी : बहुत अच्छी बात छ रौत जी चला ये बाना परिवार दगडी  गौं जाण कु मोका ता मिलगी,वनु भी बच्चों का स्कूल का वजह सी जाण कु मोका नि मिलदु !


४.  रावत जी :  आपने भी नवरात्री में व्रत रखा होगा !

कुमाउनी में : आपने नवरात्री में व्रत धर राखि होल !


४-गढ़वाली में -रौत जी : तुमु भी नवरात्री कु वर्त छाँ रक्याँ !

५. बिष्ट जी :  व्रत रखा है! परिवार में अधिक लोगो का व्रत रहता है!

कुमाउनी में : व्रत रखा है रावत जी.  परिवार मी अधिक लोग ना क व्रत रू पै !


४-गढ़वाली में -बिष्ट जी : वर्त रख्युं च परिवार मा सभु कु छ वर्त !

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Some Common Sentences
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१. तुम कहाँ जा रहे हो ?

कुमाउनी में : तुमि का जाण रेछा ?


गढ़वाली में-  तुमु कख छान जाणा


२.  क्या तुम मेरे साथ बाजार चलोगे !

कुमाउनी में :  क्या तुमि म्यार दगाड बाजार हिटला !


गढ़वाली में - क्या तुमु मैं दगडी बाजार चालला

३.  क्या तुम गड़वाली फिल्मे देखते है ?

कुमाउनी में : क्या तुमि गड़ वाली फिल्म देख्छा ?


गढ़वाली में-क्या तुमु गढ़वाली पिक्चर देखदा छन

४.  हमारे घर में गाव से कुछ मेहमान लोग आगे है !

कुमाउनी में : हमर घर में पहाड़ बाटी कुछ मेहमान लोग आ रैये !


गढ़वाली में -म्यार घर मा,गौं बीटी कुछ महेमान छन आयां


५.  आप उत्तराखंड में कितने बार गए हो !

कुमाउनी में : तुमि उत्तराखंड कदी बार जा रेछा !


गढ़वाली में -आप उत्तराखंड कती बार गैना

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



जाण पछाणी  (जान पहचान)
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१. शीला  -  नमस्कार चाची, पहचाना क्या ?

कुमाउनी में : नमस्कार काखी (चाची) पछाणी छे ?



२. चाची :  नमस्ते बेटा, पहले आपको देखा जैसे तो लग रहा है लेकिन नहीं पहचान पा रही हूँ !

कुमाउनी में : जी रैये चेली, त्वीके देखि जस तो लागुन रो लेकिन पछायण ना रैयो !



३.  शीला : चाची, मै मोहन सिह जी लड़की हूँ द्वाराहाट की! हम वहाँ एक शादी में मिले थे !

कुमाउनी में  : चाची मी द्वारहाट क मोहन सिह क चेली छियो, हमी वह एक बया में मिल्छी !



४. चाची : ओह तो शीला है मोहन सिह के लड़की, इतनी बड़ी यो गयी है पहचान नहीं पायी ?

कुमाउनी में :  ओह तू मोहन सिह क चेली छे, इदो ठुली हे गेछे, मी पहचान नी पायु?



५. शीला :  चाची - और सुनाईये घर में सब ठीक ठाक है ?

कुमाउनी में :  चाची और सुनाओ पै घर में सब ठीक ठाक छी !



६.  चाची : बेटा सब ठीक बस बुडापा है, हाथ पाँव काम नहीं करते ! तू सुना बेटा तुम्हारे घर में सब ठीक है ?

कुमाउनी में : बेटा सब ठीक छु, बुडापा छू . हाथ पाँव काम नी करन! तू सुना तुमार घर में सब ठीक छने!

Risky Pathak

Some Phrases From Sher Daa

शेरदा शेरदा है गे भैर भिदेर ==> अन्दर बाहर शेरदा शेरदा होने लग गयी है
म्येर च्येल ले धाल लगु नो शेरदा कैबेर ==> मेरा बेटा भी शेरदा कहके पुकारने लग गया है
होती हुनी मै ले कुणी अन्होती ले हूँ फ़ेगे ==> होनी होती तो मैं भी कहता, अनहोनी भी होने लग गयी है
बैन नॉन कुनेर भे सैन रानि ले कुनेर भैगे ==> छोटी बहिन तो कहती ही थी, मेरी पत्नी भी कहने लग गयी है



Risky Pathak


२ पैसेक दूदुल पेलि, दैल फ़ैल है जासि ==> २ पैसे के दूध से पहले दैल-फ़ैल(पर्याप्त से अधिक) हो जाती थी
मणि ठेकन हाल्दये, मणि टटऐ  खान्सी ==> थोडा ठेक(लकडी का बर्तन) में डाल देते, थोडा गरम करके खा लेते थे
त्येर म्येरि देखना शेरदा, अन्कसी है गे ==> तेरे मेरे देखते अजीब(अनहोनी) हो गया
५ किलो घ्यु म्येरी बुडी आम खै गए ==> ५ किलो घी तो मेरी बुडी अम्मा खा गयी

Risky Pathak


Sherdaa's Line on Todays Mean World

च्योल  कुणा मी बाब कै  चूटूल ==> बेटा कह रहा है मै बाप को  मारूंगा

गढ़वाली में -नौनियाल छ बोलणु की मैन बाबा  मान !

ब्वारि कुणे मी सास को कुटूल ==> बहु कह रही मैं सास को मारूंगी

गढ़वाली में-ब्वारी छ बोलणी मैन ता सासु मान !

भाई कूणी मी भाई कै लूटूल ==> भाई कह रहा है मैं भाई को लूटूँगा

गढ़वाली में -भुल्ला बोलणु की मैन भेजी लूटण

और दुनि कुणे मी ठूल रे मी ठूल ==> और दुनिया कह रही है मै बड़ी रे मै बड़ी

गढ़वाली में- दुनिया छ बोलणी कि में बड़ी रै मैं बड़ी  !




Risky Pathak

Translation Of Heera Rana Jee's Poem "Tyer Pahad Myer Pahad"



त्यर पहाड़ म्येर पहाड़, रोय दुखो को ड्येर पहाड़ ==> तेरा पहाड़ मेरा पहाड़, दुखो का डेरा(घर) पहाड़
बुजुर्गो ले जोड़ पहाड़, राजनीति ले तोड़ पहाड़ ==> बुजुर्गो ने जोड़ा पहाड़, राजनीति ने तोडा पहाड़
ठेक्दारो ले फोड़ पहाड़, नान्तिनो ले छोड़ पहाड़ ==> ठेकेदारो ने फोड़ा पहाड़, बच्चो ने छोडा पहाड़

ग्वाव नै गुसाई घ्येर नै बाड़ ==> न ग्वाव(गाय-बकरी) , न मालिक, न घेरा, न बाड़

सब ल्हे गयी सहरो में, ठुला छ्वटा नगरो में ==> सब शहरों में चलें गये है, छोटे बड़े नगरो में
पेट पाँवनो चक्करों में, किराव दीनी कमरों में ==> पेट पालने के चक्करों में, किराया दे रहे है कमरों में
बांज कुडो में जम गो झाड़ ==> बांज(खाली छोडे, बंजर) मकानों में घास जम गयी है

क्येकी तराकी क्येक विकास ==> कैसी(किसकी) तरक्की कैसा विकास
हर आँखों में आंसा आंस ==> हर आँखों में आंसू ही आंसू है
जे. ई. कै जा बी कै पास ==> जे. ई.(जूनियर इंजिनियर) कहता है उसके पास जाओ
ऐ. ई. मारू पैसो गाज ==> ऐ. ई.(अस्सिटेंट इंजिनियर) पैसो की गाज(झाग) मारता है
अटैचियों में भर पहाड़ ==> अटैचियों में भर पहाड़

Risky Pathak

Some lines from Heera Singh Jee's Poem "Sharaab ki Thaili"


बाट म्जा पूलिस रै छौ तू को बटा ए छै ==> बाट(रास्ते) में तो पुलिस रहती है तू किस रास्ते आई
मन्त्री सन्तरी नी छोडा तु छुट कछी जै छै ==> मंत्री संतरी नहीं छूटते तू कैसे छुट गयी
त्येरि चुननी छै धमेली शराबे की थैलि ==> तेरी धमेली(बालो का गुन्छा) खींचनी है शराब की थैली

अब कतुक दिन तक तले तु यो पहाड मे रौली ==> अब कितने दिन तक तू इस पहाड़ में रहेगी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

The following information has been taken from Shree B D Pandey's Book "Kumaon Ka Itihas"

English :Once upon a time, there were two brave men. One lived in Eastern side and another in Western wing. When one heard another name, he used to become very angry / jealous. It took almost 12 yrs to reach from one person house to another house

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हिंदी में :  एक समय में दो विख्यात शूरवीर थे, एक पूर्व के कोने में, दूसरा पश्चिम दिशा के कोने में रहता था! एक का नाम सुनकर दूसरा जल भुन जाता था ! एक के घर से दूसरे के घर जाने में १२ वर्ष का मार्ग चलना पड़ता था !
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1) अल्मोडिया बोली में :  कै समय में द्वी नामि पैक एक पूरब दिशा का कुण में, दोहरो पछो का कुण में रौछिया! याक को नाम सुणिभेर दोहरो रीस में भरी रौछियो, हौर एक का घर बटी दोहरा को घर १२ वर्ष को बाटो ताड़ छियो !

2)  गंगोली बोली में: एक टैम मे द्वि नामि पैग छी, एक पुरबक कूण म, दुहर पश्चिम दिशा रूछी। एकक नाम सुन बेर दुहर रीशैल भर जाछी। एकक घर बति दुहरक घर जान मे १२ बर्सक बाट हिटन पणछी।

3)  काली कुमाउ में :  कै वकत में द्विजन बड़ा वीर छ्या ! एक जन पूर्व का कुना में, दोसरो पश्चिम का कुनो में रैछो ! एक का नाम सुनबेर दोसरो भारी रीस में जल्छो! एक का घर बटी दोसरा का घर बार वर्ष का बाटा दूर छो! ( इनकी बोली में,खन, ग्यान शब्द की काम आते है)

4)  शोर की बोली में :  कै बखत में में द्वी बड़ा जोधा छ्या, एक पूर्व का कोन दोसरो पश्चिम का कोन में रैछियो,एक को नाम सुनबेर दूसरो जलछियो! एक को घर दुसरा का घर बटी १२ वर्ष को बाटो छयो!

5) पाली पछाऊ की बोली में : कै दिना में द्वी गाहिन पैक छिया ! येक पूर्व का कूँण में रह छियो, दूसरो पश्चिम का कूँण में रह छियो! एक क नौ सुनी बेर जल छियो ! येक क ध्याल दुहरक ध्याल है बेर १२ वर्ष क बट में छि !


6) जोहार  भोट :  कै दिनन या द्वी बड़ा हामदार भाआड़ छिया! एक पूर्व का काण मा दुहरो पश्चिम काण मा रौ थी ! एक क नौ सुनी बेर दुहरो जल थी ! हौर एक क कुडो बटी दुहरा को कुडो बारे वर्ष टार थी !

7)  दानपुर को बोली में : पेल बखत मा इ दो देख्वा भड़ छिलो! एक हाड़ी पूर्व दिशाक छोड़ मा दूसरो पश्चिम दिशाक मा रोनिलो ! याकक नाम सुण बेर लो दूसरो आग भी लागी जानी हाड़ी! याका क घर लो दुसराक घर बटी बार वर्ष का बाट छिलो !

-8)  गोरखाली बोली में : कसैई दिन मा द्वीबटा बलिया जोधा छे ! ये बटा पूर्व दिशा मा अको पश्चिम मा रहन्थ्ये! ये घटा पूर्व दिशा मा अको पश्चिम मा रहन्थ्ये ! एक को नाम सुनी अको रशी गरध्यो! येवटा का घर अको का घर बाट बार वर्ष मा पुग्ध्यो !

9) डोटीयाली में  : कोई एक जुग मई दुये पैकेला नाउ चल्याका ध्या! एक पूरब दिशा का कोना थ्यो ! दूसरो पैक्यालो पश्चिम का कोना मा रहन्थ्यो! एक का नाऊ सुनीबेर दूसरो बहुत रीस अरनथ्यो क्या ! एक को घर हैबेर को घर बार बर्ष बातो ध्यो क्या !

10) अल्मोडा के शिल्पकारों की बोली में : कै जमाना माजी दुई नामबर पैक जनू थीनी भड़ कौनी छिया! एक पूर्व का दिशा कूँण माजी दूसरो पश्चिम का कूँण माजी रौछियो ! एक क नाम सुणीबेर दुहरो रीस मरो जलन छियो ! एक को घर बटी दुहरो को घर बार वर्ष का बाटा दूर माजी छियो !

11)  श्रीनगर गड़वाल की बोली में : पहला ज़माना मा द्वीनामी वीर छ्या! एक पूर्व का दिशा का कोण, दूसरो पश्चिम दिशा का कोण  मा रहन्दो छयो! एक को नाम सुणीक, दूसरो जल्दो छयो! एक को घर बटी दूसरा का घर ते बारा बर्ष का बाटो छयो ! 

12 ) टेहरी गडवाल की बोली में : पला एक जमाना मा द्वी ख्यात भड़ थया! एक पूरब का दिशा का कोण मा और दूसरो पश्चिम दिशा का कोण मा रहन्दो थयो! एक का नउ सुणीक दूसरो जल्दो थयो! एक को घर दूसरा का घर ते बार वर्ष का रास्ता पर दूर थया!

13)  लोहाबा गड़वाल  परगना  चांदपुर की बोली में : कै जमाना में दुई आदिम बड़ा नामि भड़ छ्या ! येक पूर्व दिशा का कोण मा रहन्यो ! दोशरो पश्चिम दिशा का कोण में रनछियो ! येकाकौ नौ सुणी किन दुशरो जलछियो येका ते दोशारो डेरो बार बरश का रास्ता प्रछ्यो

14) बोग्सा (तराई) बोली में - किशही जबानी मे दो यशाहर पैक अयानी वीर थे  ! येक पोरब दीसा के कौने में दुसरा पछिम दीसा के कोने में रह्हो ! एको नाम सुनकर दुसर जर हो ! येक के घर से दुसरे का घर बार वरस राहों दुरे पर था

15) थाडू बोली में : एक समय में दो नाम देवता है ! एक (ससुर) अगार की दिशा के कोने में रहात हो और एक पछार की दिशा के कोने में राहत हो !  एक को नाम सुन कै दुसरो गुस्सा हैजात राहे! एक के घर से दुसरे के घर को बार वर्ष की राह मै हो !


16) भाबर कुमाउ की बोली में  : एक तकम द्वी पर्ख्यात पैक छिय! एक पूरब दिशा का कुनम, दुसरो पश्चिम का कुनम रन छिया ! येक को नौ सुणी दुसरो पाकी राछियो ! येक का घर है दुसरो को कुडो बार वर्ष को बाटो छियो !



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


FREQUENTLY AND COMMONLY ASKED QUESTIONS :
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१. आपके गाव का नाम क्या है ?

कुमाउनी में : तुमार गौ नाम की छू ?


२. आपके घर में कौन -२ है ?

कुमाउनी में :  तुमार घर में को-२ छिई ?


३. आपने अपनी पढाई लिखाई कहाँ से की ?

कुमाउनी में :  तुमिल अपुन पढाई लिखाई कै बटी करी ?


४.  आपके पिताजी कहाँ सर्विस करते है ?

कुमाउनी में : तुमार बाबु (बाजू) का सर्विस करनी !


५.  आप कितने भाई बहिन हो ?

कुमाउनी में : तुमि कदी भाई बैनी छि ?