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Tough Life of Women In Uttarakhand - पहाड़ की नारी का कष्ट भरा जीवन

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 17, 2007, 11:42:20 AM

पहाड़ी महिलाओ के दयनीय जीवन के लिए कौन जिम्मेवार ?

Conservative Rules of Society
4 (57.1%)
Geographical Condition
3 (42.9%)
Education
3 (42.9%)
Can't say
1 (14.3%)

Total Members Voted: 7

Voting closed: January 15, 2008, 11:42:20 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

पहाड़ को महिलाओं के कष्ट से भरा जीवन के लिए यह गाना समर्पित है।

पहाड़ की चेली लै
पहाड़ की ब्वारी के
कभे नि खाया द्वि रूवाटा सुख ले।
पहाड़ की चेली लै
पहाड़ की ब्वारी के
कभे नि खाया द्वि रूवाटा सुख ले। ..

राति उठी पोश गाडना ...२
पानी ले भरी लियोना ..२
बिना कलेवा रूवाट खाया
तवील जान घास कटना ..२
१२ बाजी घर आयी
सासू की गाली पायी।

पहाड़ की चेली लै
पहाड़ की ब्वारी के
कभे नि खाया द्वि रूवाटा सुख ले।


अषौज में धान काटना,
चैत में गियु टिपणा ..२
मंगशीर में जाण ब्वारी तवील
घासों क मागन
बारो मास बित गयी
तेरी बुति (काम) पुर नि भैई

Pahad kee cheli le kabhe ni khaya dwi ruwat sukh le www.merapahadforum.com

देव भूमि बद्री-केदार नाथ

Apr 15, 2013 10:24am
पहाडू की ब्वारी - गढ़वाली विडियो गीत
पहाड़ों की बेटी-ब्वारी को समर्पित गीत है -जय उत्तराखंड जय पहाड़ की बेटी-ब्वारी
बस ऐसे गीतों को अपलोड करूँ जो यथार्थ,इतिहस और उत्तरखंड की संस्कर्ती से हम सबको जोड़े — with Geeta Chandola and 29 others.
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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

जय हो भारत की नारी बदल दो दुनिया सारी
नारीशक्ति दिवस की अनेको अनेक शुभकामनाएँ !!

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Quote from: एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720 on April 13, 2013, 04:19:13 PM
पहाड़ को महिलाओं के कष्ट से भरा जीवन के लिए यह गाना समर्पित है।

पहाड़ की चेली लै
पहाड़ की ब्वारी के
कभे नि खाया द्वि रूवाटा सुख ले।
पहाड़ की चेली लै
पहाड़ की ब्वारी के
कभे नि खाया द्वि रूवाटा सुख ले। ..

राति उठी पोश गाडना ...२
पानी ले भरी लियोना ..२
बिना कलेवा रूवाट खाया
तवील जान घास कटना ..२
१२ बाजी घर आयी
सासू की गाली पायी।

पहाड़ की चेली लै
पहाड़ की ब्वारी के
कभे नि खाया द्वि रूवाटा सुख ले।


अषौज में धान काटना,
चैत में गियु टिपणा ..२
मंगशीर में जाण ब्वारी तवील
घासों क मागन
बारो मास बित गयी
तेरी बुति (काम) पुर नि भैई

Pahad kee cheli le kabhe ni khaya dwi ruwat sukh le [url=http://www.merapahadforum.com]www.merapahadforum.com[/url]

I like this song dedicated to uttarkahandi women

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

अडिग पहाडै नारी
रचना -- राकेश खन्तवाल बबीना
घास लखुडू
कटदा कटदा
डाँड गाड़
आंदा जादा
पल्युन्थुरौ मां
दाथी पल्यांन्दा
वा ढुग्गी घुसेगे
दाथी ख्वीडेगे
पर वीका
हथ खुटा नि घुसे
वा रमकट
बेटी ब्वारी
मेरा पहाड़ की
पहाड़ जन रैगे
सर्वाधिकार - राकेश खन्तवाल बबीना

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

सुनील थपल्याल घंजीर न लगा हे हिमाला ....धै ,न लगा
बैरा ह्वे ग्यूं मी जम्माजात बैरा , सुदि आस मी जनै न लमडा !
हे हिमाला ! उंचै मा छै तु ,
सैर सिकासैर ना अपंणी करा !
न लगा हे हिमाला ....धै ,न लगा ।।