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Wild Animal Menace In Uttarakhand-उत्तराखण्ड में जंगली जानवरों का आतंक

Started by Devbhoomi,Uttarakhand, August 16, 2009, 06:12:20 AM

Devbhoomi,Uttarakhand

थम नहीं रही गजराज की आमद

गजराज के आतंक से तीर्थनगरी को निजात मिलती नहीं दिख रही है। सोमवार देर रात गंगानगर आबादी क्षेत्र तो मंगलवार सायं देहरादून मार्ग पर आ धमके गजराज ने लोगों को दहशत में डाल दिया। सोमवार रात करीब दो बजे एक हाथी गंगानगर के आबादी क्षेत्र में जा पहुंचा। यहां हाथी ने गली संख्या तीन निवासी हरिराम गुप्ता के घर पर धावा बोला और उनके घर का गेट तोड़ दिया। गेट टूटने की आवाज सुनकर लोग बाहर आए तो सामने विशालकाय हाथी खड़ा था। उन्होंने घर के छत पर चढ़कर पटाखे की जलाए, मगर हाथी पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। हाथी ने उनके घर की चारदीवारी को तीन जगह से तोड़ दिया। वहीं घर के पास ही खाली भूखंड का गेट व चारदीवारी भी हाथी ने तोड़ दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने हाथी को खदेड़ा।



वहीं, मंगलवार सायं करीब पौने पांच बजे एक हाथी ऋषिकेश-देहरादून मार्ग पर सौफुटी के समीप मार्ग पर आ डटा। हाथी के मार्ग पर आने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब पंद्रह मिनट तक हाथी मौके पर ही डटा रहा। गनीमत रही कि हाथी वाहनों की ओर नहीं आया। इस बीच लोगों की सांसे अटकी रही। बाद में हाथी टहलता हुआ जंगल की ओर चला गया।


करीब पंद्रह मिनट बाद दोनों ओर से यातायात सुचारु हो पाया। इस बीच वनकर्मी भी मौके पर पहुंच गए थे। वन क्षेत्राधिकारी गंगाशरण नौटियाल ने बताया कि सोमवार रात्रि व मंगलवार सायं मार्ग पर आया हाथी ढालवाला क्षेत्र में सक्रिय टस्कर नहीं था।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8496504.html

Devbhoomi,Uttarakhand

भालू के हमले में वृद्धा घायल



   जाका,मुनस्यारी: सरमोली गांव में भालू ने घास काटने गई एक वृद्धा पर हमला कर दिया। वृद्धा और भालू के बीच लगभग बीस मिनट का संघर्ष हुआ। लहूलुहान होने के बावजूद 60 वर्ष की इस वृद्धा ने साहस का परिचय देते हुए दराती से वार कर न केवल भालू को भागने पर मजबूर कर दिया बल्कि स्वयं आधा किमी की पैदल दूरी तय कर घायल अवस्था में गांव पहुंची।
सरमोली के शंखधूरा गांव निवासी हयात सिंह राणा की पत्‍‌नी जयंती देवी मंगलवार को मवेशियों के लिए चारा लाने गांव से आधा किमी दूरी पर स्थित जंगल में गई। जब वह चारा काट रही थी तभी झाड़ियों से निकले भालू ने उस पर हमला कर दिया।


विशालकाय भालू ने जयंती को अपने जबड़ों से गंभीर रूप से घायल कर दिया। जयंती देवी ने साहस का परिचय देते हुए दराती से भालू पर वार करने शुरू कर दिए। यह संघर्ष लगभग बीस मिनट चला। आखिरकार जयंती के साहस के आगे खूंखार भालू की एक नहीं चली और वह भाग गया।



लहूलुहान होने के बावजूद जयंती देवी ने आधा किमी की दूरी पैदल चलकर इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। जिस पर ग्रामीणों ने 108 चिकित्सा वाहन से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुनस्यारी पहुंचाया। जहां पर डा.रेनी पांगती ने घायल वृद्धा का प्राथमिक उपचार किया।


बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। भालू के हमले के बाद सरमोली में ग्रामीण भयभीत हैं। महिलाएं मवेशियों के लिए चारा लाने के लिए जंगलं जाने में भय महसूस कर रही हैं।
   
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal

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एक बार फिर हिम तेंदुए की तलाश
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गढ़वाल हिमालय में दुर्लभ हिम तेंदुए से चल रही आंख मिचौनी के बीच वन विभाग अब उसे गंगोत्री नेशनल पार्क के कोल्ड डेजर्ट (समुद्रतल से साढ़े तीन हजार मीटर ऊपर) में तलाश करने जा रहा है। महकमे के अफसरों का दावा है कि इस इलाके में हिम तेंदुए के पद चिह्न मिले हैं। इन सकेंतों को पुख्ता मानते हुए पार्क क्षेत्र में चार अत्याधुनिक कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है। खास बात यह है कि अप्रैल में चमोली जिले के मलारी क्षेत्र में भारतीय वन्य जीव संस्थान द्वारा लगाए गए कैमरे में एक हिम तेंदुए को कैद किया गया था। इसके बाद से यह दुर्लभ जीव नजर नहीं आया।

इसी माह के पहले सप्ताह में प्रमुख वन संरक्षक आरबीएस रावत ने गंगोत्री नेशनल पार्क का भ्रमण किया। इसी दौरान सोनम से करीब पांच किमी दूर सड़क के किनारे मिट्टी में हिम तेंदुओं के पंजों के निशान देखे गये। बताया जा रहा है कि दो हिम तेंदुए वहां से गुजरे थे। निशानों से उत्साहित पार्क प्रशासन और वन विभाग ने इलाके में स्वचालित कैमरे लगाने का निर्णय लिया। इसी के बाद यहां चार अत्याधुनिक कैमरे भेजे गए हैं। इनमें से दो कैमरे गोमुख रूट और दो सोनम व जादुंग के निकट लगाए जाएंगे। कैमरों में फोटो व वीडियो दोनों तरह के विकल्प हैं। अब अगले साल बर्फ पिघलने पर यानी अप्रैल में ही इन कैमरों के नतीजे देखे जाएंगे।

'गंगोत्री नेशनल पार्क में हिम तेंदुए के होने की पूरी संभावना है, इसीलिये कैमरे लगा कर उन्हें ट्रैप करने की कोशिश की जा रही है।'-

डा.आईपी सिंह, डीएफओ/वार्डन गंगोत्री नेशनल पार्क

'सोनम और तिरपानी के बीच हमें हिम तेंदुए के पद चिह्न दिखाई दिये, जो उसकी मौजूदगी को को दर्शाता है। यह काफी दुर्लभ प्रजाति है उसका गंगोत्री नेशनल पार्क में होना शुभ संकेत है'-आरबीएस रावत, प्रमुख वन संरक्षक

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8513921.html

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बाघ का ग्रामीण का पर जानलेवा हमला
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द्वाराहाट: तहसील अंतर्गत सलना सहित इससे लगे गावों में लंबे समय से बाघ का आतंक बना हुआ है। गत शुक्रवार की सायं बाघ ने सलना में ग्रामीण पर जानलेवा हमला करके उसे घायल कर दिया। घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार सलना निवासी प्रेम सिंह नेगी (63) पुत्र स्व. बिशन सिंह गत शुक्रवार सायं गौचर से अपनी दुकान बंद करने के बाद गांव की ओर जा रहे थे। गांव के पास पहुंचते ही पुल के समीप पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर जानलेवा हमला बोला दिया।

हो-हल्ला मचाने के बाद बाघ वहां से भाग गया। हमले से उनके सिर पर चोट आ गई। बाद में ग्रामीणों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उनका उनका उपचार किया गया।

प्रेम सिंह बीपीएल परिवार के हैं। ग्रामीणों ने उन्हें मुआवजा देने की मांग की है। मालूम हो कि सलना सहित इससे लगे असगोली, तल्ली कहाली, छतगुल्ला, बसेरा, कुई, मैनोली आदि क्षेत्रों में लंबे समय बाघ का आतंक बना है। बाघ अब तक दर्जन भर मवेशियां को निवाला बना चुका है। क्षेत्रवासियों ने बाघ के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8547755.html

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घात लगाकर बैठे गुलदार का ग्रामीण पर हमला
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जाका, गंगोलीहाट: विकासखंड के डमडे गांव में घात लगाकर बैठे गुलदार ने ग्रामीण पर हमला कर दिया। हादसे में ग्रामीण जख्मी हो गया, अलबत्ता हो-हल्ला मचने से ग्रामीणों के पहुंचने पर गुलदार भाग खड़ा हुआ। ग्रामीण का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गंगोलीहाट में उपचार करने के बाद छुट्टी दे दी गई है।

डमडे गांव निवासी हंसराम सोमवार की शाम घर में प्रवेश करने के लिए सीढ़ी चढ़ रहा था। इसी दौरान आंगन के कोने में घात लगाए बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। चीख सुनकर आसपास के लोगों ने शोर मचाया तो गुलदार खेतों की ओर भाग गया। इस हमले में गुलदार के पंजों से हंसराम के हाथ बुरी तरह जख्मी हो गए। जबकि आंगन में गिरने से शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें पहुंची। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल 108 चिकित्सा वाहन को दी। बाद में गांव के ही अशोक कुमार, प्रेमचन्द्र, प्रकाश, डिगर राम और सुरेश आदि ग्रामीणों ने घायल हंसराम को सड़क तक पहुंचाया। जहां से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया। गुलदार द्वारा हमले की सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी केसी कफल्टिया ने डमडे पहुंचकर स्थिति को देखा। बाद में एक हजार रुपए की अग्रिम सहायता राशि हंसराम को दी। आंगन में गुलदार द्वारा हमला करने से ग्रामीण भयभीत हैं। लोग घरों से बाहर निकलने में भय महसूस कर रहे हैं।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8561409.html

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जंगली सुअर का हमला, तीन घायल
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कर्णप्रयाग: गुरुवार देर सांय ब्लाक के ग्वालखेत कोटी गांव के समीप जंगली सुअर के हमले में दो महिलाओं समेत तीन लोग घायल हो गए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव के पास के जंगल में यशोदा देवी पत्‍‌नी प्रेम प्रकाश व लक्ष्मी देवी पत्‍‌नी विनोद घास लेने गई थी। इतने में जंगली सुअर ने दोनों पर हमला कर दिया। हमले से घबराई महिलाओं के शोर मचाने पर गांव के कमलेश्वर प्रसाद पुत्र विशंबर दत्त सहायता के लिए पहुंचा। तभी जंगली सुअर ने उस पर भी हमला कर घायल कर दिया। घायल दोनों महिलाओं को प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी कर्णप्रयाग से छुट्टी दे दी, जबकि घायल कमलेश्वर का उपचार सीएचसी कर्णप्रयाग में चल रहा है।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8881915.html

Devbhoomi,Uttarakhand

दिन में बंदर, तो रात में गुलदार की दस्तक
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रुद्रप्रयाग : जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों जंगली जानवरों के आतंक ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। जहां दिन भर बंदरों का आतंक रहता है, वहीं शाम ढलते ही गुलदार सक्रिय हो जाते हैं। वन विभाग से शिकायत करने के बाद भी ग्रामीणों की सुनने वाला कोई नहीं है।

रानीगढ़ पट्टी के नौला गांव में भी हालत कुछ इस कदर ही हैं। यहां पिछले एक माह से बंदर व गुलदार का आतंक बना हुआ है। दिन भर ग्रामीण अपने फसलों को बचाने के लिए परेशान हैं, तो रात में मवेशियों की सुरक्षा भी उनकी चिंता का कारण बनी हुई है। खेतों में खड़ी फसल हो या फिर सब्जियों की खेती सभी को बंदर नुकसान पहुंचा रहे हैं। शाम के सात बजते ही गुलदार बस्तियों के आसपास दिखाई पड़ रहा है।


युवक मंगल दल अध्यक्ष संदीप थपलियाल, रोशन लाल, शांता देवी, सिंदरु लाल व विजयपाल ने बताया कि बंदर व बाघ के आतंक से लोग खासे परेशान हैं। वन विभाग को सूचित किया जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8972458.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

जंगली सुअरों ने की 60 नाली फसल बर्बाद
Story Update : Tuesday, October 09, 2012    12:01 AM

रुद्रप्रयाग। विकास खंड अगस्त्यमुनि के बच्छणस्यूं, धनपुर और तल्ला नागपुर क्षेत्र में जंगली सुअरों के आतंक से लोग परेशान हो गए हैं। जंगली सुअरों का झुंड धान, मंडुआ और सावा (झंगोरा) की फसल तहस-नहस कर रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुअरों को मारने और मुआवजा देने की मांग की है।
पहाड़ में इन दिनों फसल पककर तैयार हो चुकी है। कुछ स्थानों पर फसल कटनी भी शुरू हो गई है। काश्तकारों के समक्ष बड़ी समस्या जंगली सुअरों से निपटने की हो गई है। अलग-अलग झुंडों में आ रहे सुअर फसल को बर्बाद कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान नरकोटा सुरेंद्र जोशी ने बताया कि सुअरों ने लगभग 60 नाली खेतों में धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीण चंडी प्रसाद बहुगुणा ने बताया कि बच्छणस्यूं के नवासू और खेड़ाखाल सहित अन्य क्षेत्रों में जंगली सुअरों ने धान और मंडुुवे की फसल बर्बाद कर दी है। प्रधान संगठन के जिला महामंत्री विनोद डिमरी ने बताया कि स्यूंड गांव में जंगली सुअर उजाले में ही धमक रहे हैं और लोगों की फसल को चौपट कर रहे हैं।

(Source amar Ujala)

Hisalu

Yeh badi chinta ka vishay hota ja rha hai. Har din akhbaar me tenduye, bhalu dwara hamle ki khabre aa rhi hai

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

भालू के हमले से दादी और पोती घायल

Tehri | Last updated on: November 27, 2012 12:00 PM IST
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार प्रखंड के ग्राम डांडाचली में भालू के हमले से एक बुजुर्ग और बच्ची बुरी तरह से घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है। इस हमले के बाद ग्रामीण दहशत में है।
गांव के रामदयाल कुकरेती ने बताया कि रविवार शाम जुपला देवी और उसकी पोती प्रकाशी घर से थोड़ी दूर खेतों में आलू, बंदगोभी की फसल की निराई-गुड़ाई कर रहे थे, कि अचानक झाड़ियों में छिपे भालू ने उन पर हमला बोल दिया। दोनों ने शोर मचाकर भागते हुए जान बचाई, इस दौरान गिरने से भी उन्हें काफी चोट पहुंची। घायलों की चीख-पुकार सुनकर गांव के और लोग वहां दौड़ पड़े, उनके हल्ला मचाने पर भालू भाग गया। घायल दादी और पोती को ग्रामीणों ने मसूरी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है। ग्रामीणों ने भालू के हमले से घायल लोगों के उपचार के लिए आर्थिक मदद देने की मांग की है।


गुलदार ने बछिया पर किया हमला
लंबगांव (टिहरी)। प्रतापनगर प्रखंड के भदूरा पट्टी में पोखरियालगांव के ग्रामीणों को गुलदार की दहशत से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। आतंक का पर्याय बने गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से लगाया गया पिंजरा भी अब तक खाली है। गांव के जगदीश पोखरियाल ने बताया कि गुलदार का भय बना हुआ है। रविवार शाम सवा छह बजे गुलदार ने गांव के प्रेम सिंह की बछिया पर हमला कर दिया। उनके शोर मचाने के बाद ही गुलदार भाग निकला। उन्होंने बताया कि ग्रामीण शाम ढलते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। वन विभाग के कर्मियों का कहना है, कि गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है, बावजूद गांव के आस-पास निगरानी भी की जा रही है, लेकिन वह अब भी पकड़ में नहीं आ पाया है। उन्होंने कहा कि विभागीय टीम चौबीसों घंटे गश्त कर रही है, उम्मीद है, वह जल्द ही पकड़ में आ जाएगा।



गुलदार ने तोड़ी गोशाला, मवेशी मारे
रुद्रप्रयाग। तहसील ऊखीमठ के समीपवर्ती गांव पैंज में गुलदार ने गोशाला तोड़कर तीन मवेशी मार डाले। गुलदार के आंतक से क्षेत्रवासी दहशत में हैं। जानकारी के अनुसार, रविवार रात गुलदार बचन सिंह कोटवाल की गोशाला के दरवाजे तोड़कर अंदर घुस गया। उसने अंदर बंधी दुधारु गाय और दो बछड़ों को मार डाला।

(amar ujala)