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Wild Animal Menace In Uttarakhand-उत्तराखण्ड में जंगली जानवरों का आतंक

Started by Devbhoomi,Uttarakhand, August 16, 2009, 06:12:20 AM

Devbhoomi,Uttarakhand

छत तोड़कर बाघ ने तीन जोड़ी बैल मारी
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जखोली(रुद्रप्रयाग) : ग्राम पंचायत घरियांज और किरोडा में शुक्रवार देर रात्रि को बाघ ने गौशाला की छत तोड़कर अंदर घुस कर तीन जोड़ी बैलों को मार डाला। जिससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

विकास खंड जखोली के अन्तर्गत ग्राम पंचायत घरियांज व किरोड़ा में बाघ का आतंक बना हुआ है। शुक्रवार की रात्रि को बाघ ने गौशाला की छत तोड़कर देवेन्द्र रावत, मगन सिंह रावत, मगन सिंह की तीन जोड़ी बैलों को मार डाला। जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नागेन्द्र पंवार तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य प्रदीप थपलियाल ने वन विभाग को बाघ पकड़ने के लिए शीघ्र पिंजरा लगाने की मांग की है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7437444.html

Anil Arya / अनिल आर्य

बाघ और तेंदुए ने दो को मार डाला
अल्मोड़ा/रामनगर (ब्यूरो)। रौन गांव में शनिवार शाम तेंदुआ बालिका को उठा ले गया, वहीं रामनगर में बाघ ने एक व्यक्ति को मार डाला।
शनिवार शाम करीब सात बजे रौन गांव निवासी भूपेंद्र राम की बेटी रूपा (11) शौच के लिए बाहर आई थी। तभी वहां छिपा तेंदुआ उसे उठाकर ले गया। बहुत खोजने पर भी उसका पता नहीं चल सका। इससे पहले भी रौन गांव में 16 जनवरी को भी तेंदुए ने एक बच्ची को मार डाला था।
उधर, शनिवार सुबह सर्पदुली रेंज के जंगल में ग्रामीणों को खून से सना बिस्तर और कपड़े मिले। वन कर्मियों ने कांबिंग की तो उन्हें जंगल में एक व्यक्ति का क्षत विक्षत शव मिला। आशंका है कि विक्षिप्त रमाशंकर रात में सोया था। उसी समय बाघ उसे मारकर जंगल में ले गया होगा।
http://epaper.amarujala.com//svww_index.php

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Animal menace has increased in Uttarakhand during the few years. There have been many cases where people have been killed by Animals.

May be deforestation is one of the reasons.

Devbhoomi,Uttarakhand

गुलदार ने बालिका को मार डाला
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चाका: उप तहसील गजा के अंतर्गत धार अक्रिया पट्टी के पलाम गांव में गुलदार ने एक बालिका को मार दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे परिजनों को सौंप दिया।

बीते सोमवार सायं करीब छह बजे पलाम गांव निवासी 11 वर्षीय कुमारी मोनिका पुत्री बुद्धि सिंह को गुलदार आंगन से उठा ले गया। रातभर परिजन व ग्रामीण बालिका की खोज में जुटे रहे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। मंगलवार सुबह जब ग्रामीण फिर से बालिका की खोज में निकले तो घर से करीब आधा किमी दूर तैला के समीप उसका शव मिला। सूचना नायब तहसीलदार गजा जगत सिंह धनोला मंगलवार गांव पहुंचे तथा शव का पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया। वन विभाग ने पीड़ित परिवार को त्वरित सहायता के रूप में 5 हजार रुपये दिए। इस दौरान डीएफओ मुकुल जोशी को लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगा दिया है। साथ ही चार गार्डो की तैनाती भी की गई है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7474957.html

Devbhoomi,Uttarakhand

दिन में बंदर रात में सुअरों की मौज
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अगस्त्यमुनि ब्लॉक के अंतर्गत आधा दर्जन से अधिक गांवों में जंगली जानवरों के आतंक के आगे काश्तकार बेबस नजर आ रहे हैं। कड़ी मेहनत के बाद उगाई गई फसलों व सब्जियों को जंगली जानवर पूरी तरह बर्बाद कर रहे हैं। वहीं, कई बार शिकायत के बावजूद भी वन महकमा अभी तक चुप्पी साधे हुए है।

मौसम की मार के साथ ही अगस्त्यमुनि क्षेत्र के काश्तकारों को जंगली जानवरों के आतंक का भी भारी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। विगत तीन सप्ताह से क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में जंगली सुअर व बंदरों का जबर्दस्त आतंक है। जहां दिन भर खेतों में बंदरों के झुंड नुकसान कर रहे हैं, वहीं रात को सुअर बची हुई फसलों व सब्जियों का चट कर जा रहे हैं।

क्षेत्र के अंतर्गत नारी, खतेणा, सतेरा, स्यूंड, दरम्वाड़ी, कमेड़ा में जंगली जानवरों का सबसे अधिक आतंक बना हुआ है। जानवर जहां गेहूं फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा रहे हैं, वहीं आलू, मटर, गाजर, मूली व हरी सब्जियों को चट कर जा रहे हैं।

हालांकि जानवरों के आतंक से बचाव के लिए क्षेत्रीय लोगों द्वारा प्रत्येक गांव में एक-एक व्यक्ति देखरेख के लिए रखा गया है, परंतु इसके बावजूद भी जानवर खेतों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7493904.html

Devbhoomi,Uttarakhand

पेड़ पर चढे़ गुलदार ने छुड़ाए छक्के, दहशत




   मंगलवार को भेल सेक्टर-चार में गुलदार के घुसने से अफरा-तफरी मच गई। सुबह आठ बजे के करीब एक गुलदार का बच्चा यूकेलिप्टिस के पेड़ पर जा बैठा। गुलदार को देखते ही लोगों में दहशत फैल गई। आनन-फानन में पहुंची वन विभाग की टीम भीगुलदार को भगाने के चक्कर में पसीने-पसीने हो गई।



मंगलवार को गुलदार जंगल से भटक कर भेल सेक्टर-चार में सुबह आठ बजे से प्रवेश कर गया। यहां लोगों को देखकर गुलदार यूकेलिप्टिस के पेड़ पर चढ़ गया। लगभग आधा घंटे बाद मौके से गुजर रहे लोगों ने देखा कि गुलदार पेड़ पर आराम से बैठा हुआ है।


इससे आसपास मौजूद घर में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। क्षेत्रवासियों ने इसकी सूचना वन विभाग एवं रानीपुर पुलिस को दी गई। सूचना पर राजाजी पार्क प्रशासन, वन दरोगा ओपी सिंह के नेतृत्व में पहुंची वन विभाग की टीम एवं पुलिस ने आसपास मौजूद भीड़ को तितर-बितर किया गया। वनकर्मियों के मुताबिक गुलदार की उम्र दो-तीन वर्ष के बीच है।



वन विभाग ने गुलदार के भागने का इंतजार किया गया, लेकिन कई घंटे तक गुलदार नीचे नहीं उतरा। इससे अधिकारियों के पसीने छूट गये। समाचार लिखे जाने तक गुलदार पेड़ से नीचे नहीं उतरा था। राजाजी प्रशासन, पुलिस एवं वन विभाग की टीम गुलदार पर नजर रखे हुए है।


'गुलदार को भगाने के लिए राजाजी प्रशासन एवं वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है। गुलदार का बच्चा शायद जंगल से भटककर आ गया होगा। गुलदार को भगाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।'


source dainik jagran

Devbhoomi,Uttarakhand

गुलदार से बचा तो जख्मों ने ली जान]
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छह माह के एक मादा चीतल की गुलदार के हमले से मौत हो गई। मुंह से छूटकर भागने के कारण गुलदार चीतल को नही खा पाया और उसने जंगल व आबादी के बीच दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंचे प्रभागीय वनाधिकारी निशांत वर्मा ने पोस्टमार्टम के बाद चीतल के शव को मौके पर ही जला दिया।

शुक्रवार को आमपोखरा रेंज के जंगल में गुलदार ने एक चीतल के

बच्चे पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए घायल चीतल किसी तरह गुलदार के मुंह से भाग निकला। और वह भागकर जंगल से सटी आबादी की ओर आ गया। चौसठ गेट नरसरी के समीप घायल चीतल के बच्चे ने दम तोड़ दिया। वन कर्मियों को जानकारी मिलने पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

सूचना पर पहुंचे प्रभागीय वनाधिकारी श्री वर्मा ने मृत चीतल का पोस्टमार्टम कराकर उसे मौके पर ही जला दिया। श्री वर्मा ने बताया कि चीतल के शरीर पर गुलदार के पंजों व दांत के काफी निशान पाए गए हैं।
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7588433.html

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

तेंदुए ने बालक को निवाला बनाया


भाषा ॥ देहरादून : उत्तराखंड के पौड़ी जिले के द्वारीखाल प्रखंड के मंजोखी गांव में एक तेंदुए ने हमला कर एक बालक को अपना निवाला बना लिया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 14 साल का प्रीतम बुधवार को अपने स्कूल से घर लौटते समय शौच के लिए जंगल चला गया, जहां पहले से घात लगाये तेंदुए ने उस पर हमला कर उसे अपना निवाला बना लिया। प्रीतम जब देर तक घर नहीं लौटा तो उसके अन्य साथी उसे ढूंढने के लिए जंगल मंे गए जहां उसका अध खाया शव मिला।


http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/8049110.cms

Devbhoomi,Uttarakhand

महिलाओं के झुंड पर बाघ का हमला
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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे गांव व आसपास का वन क्षेत्र आदमखोर के खौफ से पूरी तरह उबरा भी न था कि बाघ ने दिनदहाड़े हमला बोल दो महिलाओं व एक बच्ची को बुरी तरह घायल कर दिया। हालांकि अन्य महिलाओं के शोर मचाने पर बाघ उन्हें छोड़ गया। घायलों में एक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना रामनगर वन प्रभाग के टेड़ा गांव की है। यहां की 55 वर्षीय झूपा देवी पत्‍ि‌न धन सिंह, कमला देवी (40) पत्‍ि‌न जगध्यानी व अंजलि (10) पुत्री तारा दत्त गांव की अन्य महिलाओं के साथ बैलगढ़ बीट कोसी रेंज के सूखा स्रोत के जंगल में महुआ लेने गई थीं। तभी बाघ ने तीनों पर बारी-बारी हमला कर दिया। झूपा देवी के सिर पर दांत व नाखून गड़ाने के साथ ही बाघ ने उसका जबड़ा तोड़ डाला।
फिर फूर्ती से दूसरी महिला के सीने पर पंजे से प्रहार कर बच्ची पर भी झपट पड़ा। यह मंजर देख साथ गई अन्य महिलाओं ने शोर मचाया तो बाघ तीनों को छोड़ जंगल की ओर निकल गया। बाद में इमर्जेसी 108 से घायलों को संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को एसटीएच हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। डीएफओ रवींद्र जुयाल ने चिकित्सालय पहुंच घटना की जानकारी ली। साथ ही घायलों के उपचार में हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।



http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7621139.html

Anil Arya / अनिल आर्य

शिकारी दल ने नरभक्षी गुलदार को मार गिराया
कोटद्वार/द्वारीखाल। नरभक्षी गुलदार से प्रभावित बिचला ढांगू के मंजोखी (द्वारीखाल) में तैनात शिकारी दल ने सोमवार को क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने गुलदार को मार गिराया। यह गुलदार जाने-माने शिकारी लखपत सिंह रावत की गोली का निशाना बना।
मजोखी में गत 20 अप्रैल को स्कूल से घर लौटते वक्त 12 वर्षीय छात्र को गुलदार द्वारा अपना शिकार बना लिया था। घटना के बाद तैनात किए शिकारी दल को गुलदार को मारने में कामयाबी सोमवार सुबह के वक्त मिली। मंजोखी के इर्द-गिर्द मंडरा रहा गुलदार सोमवार प्रात: साढे़ पांच बजे के गांव के निकट आ धमका। इससे पहले की गुलदार भाग निकलता शूटर लखपत सिंह रावत की अगुवाई में शिकारी दल ने उसे मार गिराया। एसडीओ नरेश चंद्र गोयल ने बताया कि मारा गया गुलदार मादा थी। पोस्टमार्टम के बाद डा. अरोड़ा ने बताया कि गुलदार भूखी थी, उसके नाखून-दांत घिसे हुए मिले। डीएफओ नरेंद्र के अनुसार, मारा गया गुलदार नरभक्षी था। शिकारी दल में वन दारोगा विलोचन राणा, फारेस्ट गार्ड अर्जुन सिंह रावत, चंडी प्रसाद और कुलदीप शामिल थे।
आंगन से बच्ची को उठा ले गया गुलदार
लंबगाव (टिहरी)। प्रतापनगर क्षेत्र के पट्टी उपली रमोली के दूरस्थ गांव ग्राम रैंका के राजस्व ग्राम किमखेत गांव की कुलदीप सिंह की दस वर्षीय बालिका अंजलि को गुलदार देर शाम साढ़े सात बजे घर के आंगन से उठा ले गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर गुलदार उसे कुछ दूर छोड़ भाग गया। बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। वन रेंजर राजेंद्र नौटियाल ने बताया कि किमखेत गांव को चिन्यालीसौड़ वन विभाग की टीम रवाना कर दी गई है। ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।
सांभर मारने की पुष्टि
देवाल। प्रखंड के दियारखेत में मारे सांभर प्रकरण में उसका शिकार करने की पुष्टि के बाद भी वन विभाग के उच्चाधिकारी चुप्पी साधे हैं।
21 अप्रैल को कुछ लोगों ने दियारखेत में श्रेणी 3 के जानवर को गोली मारकर मौत के घाट उतारे के बाद मांस की बदंरबांट करने की शिकायत की थी। जांच अधिकारी वन दरोगा डीसी तिवाड़ी ने कहा कि चोटिंग के चार व्यक्तियों के जानवर को मारने की पुष्टि हुई है।
शूटर लखपत की गोली का निशाना बना नरभक्षी
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