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Wild Animal Menace In Uttarakhand-उत्तराखण्ड में जंगली जानवरों का आतंक

Started by Devbhoomi,Uttarakhand, August 16, 2009, 06:12:20 AM

Devbhoomi,Uttarakhand

गुलदार ने किया युवती पर हमला, गंभीर घायल
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रुद्रप्रयाग: तहसील ऊखीमठ के अंतर्गत ककोला परकंडी गांव में गत देर शाम गुलदार ने एक युवती पर जानलेवा हमला कर उसे घायल कर दिया। ग्रामीणों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अगस्त्यमुनि में भर्ती कराया है।

बुधवार देर शाम ककोला गांव निवासी रेणुका (21 वर्ष) अपने भाभी के साथ घर के पास ही खेतों में घास लेने गई थी। इस दौरान गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। गुलदार को देख युवती की भाभी ने शोर मचाया। इस पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे गए और किसी तरह गुलदार को वहां भगा दिया। ग्रामीणों व परिजनों ने घायल युवती को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अगस्त्यमुनि में भर्ती कराया है।

गांव के उप प्रधान सतेंद्र राणा, दीनबंधु राणा व शैलेन्द्र राणा ने बताया कि एक सप्ताह से गांव में गुलदार का आतंक बना हुआ है, लेकिन गत दिवस की घटना के बाद ग्रामीण अत्यधिक भयभीत हैं। उन्होंने घायल को उचित मुआवजा देने के साथ ही गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7977055.html

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पल-पल दहशत में काटते जिंदगी


अगस्त्यमुनि (रुद्रप्रयाग), निज प्रतिनिधि : प्रतिवर्ष गुलदार के हमलों से जनता में दहशत बनी ही रहती है, लेकिन लगातार बढ़ते जा रहे गुलदार के हमलों और वन विभाग की उदासीनता लोगों में दहशत को और भी गहरा कर रही है। गुलदार के खौफ से यहां पल-पल दहशत में लोग जिंदगी काट रहे हैं।

पिछले एक सप्ताह से गुलदार पांच लोगों पर हमला कर चुका है। खौफजदा स्थानीय निवासी वन विभाग को लगातार घटनाओं की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन विभाग ने इस ओर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
  ऊखीमठ ब्लॉक के परकंडी क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से गुलदार का आतंक बना हुआ है। गुलदार के बढ़ते खौफ ने स्थानीय निवासियों की दिनचर्या को ही बदल दिया है। लोग समूह में निकलने को मजबूर हैं। लकड़ी लाने, जंगल की ओर जाने में भी ग्रामीण कतरा रहे हैं।

लगातार हो रहे हमलों से दहशत का माहौल व्याप्त है। एक सप्ताह के भीतर बाघ अभी तक पांच लोगों पर प्राणघातक हमला कर चुका है, जिसमें लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे हैं।
वहीं, वन विभाग अभी तक सुरक्षा के कोई उपाय नहीं कर पाया है। ग्रामीण गुलदार के आतंक से निजात दिलाने के लिए लगातार पिंजरा लगाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।

अब तक हुए गुलदार के हमले
- एक जुलाई को ओरिंग निवासी चन्द्र सिंह व उसके बेटे राकेश सिंह पर हमला
- तीन जुलाई को परकंडी के समीप नेपाली भगत बहादुर पर हमला
- पांच जुलाई को कुसुमगाड़ पुल के समीप यतेन्द्र सेमवाल पर हमला
- छह जुलाई को ककोला तोक में कुमारी रेनू पर हमला
बढ़ रही है दहशत
क्षेत्र में लगातार बाघ के हमले बढ़ते जा रहे हैं, जिससे लोगों को खतरा बढ़ गया है। इस संबंध में वन विभाग व जिला प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक सुरक्षा के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। गुलदार को पकड़ने के लिए जल्द से जल्द पिंजरा लगाया जाना चाहिए।
नरेन्द्र सिंह कंडारी व राजेन्द्र सिंह भण्डारी क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता।
बोले अधिकारी-
वन विभाग घटनाओं को देखते हुए शीघ्र उचित कार्रवाई करेगा।
अजय कुमार शर्मा
उप प्रभागीय वनाधिकारी, रुद्रप्रयाग



http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_7996123.html

   

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

More more incident.

गुलदार ने बनाया 12 वर्षीय बालिका को निवालाJul 21, 09:07 pmबताएं
Twitter Delicious Facebook देवप्रयाग : भरपूर पट्टी के मरोड़ा गांव में गुलदार ने बारह वर्षीय बालिका को शिकार बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह मरोड़ा गांव निवासी कु. राखी, पुत्री गोविंद दास, घास लेने जंगल की ओर गई थी। देर शाम तक वापस न आने पर परिजनों ने राखी की तलाश की, मरोड़ा के निकट गदेरे में कु. राखी का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। गुलदार ने राखी के सिर व ऊपरी भाग को खा डाला। देर शाम सूचना मिलने पर तहसील देवप्रयाग वीर सिंह रावत, नायब तहसीलदार जेएस राणा, एसआइ दीपक कठैत व रेंजर विक्रम सिंह बिष्ट घटना स्थल पर पहुंचे। समाचार लिखे जाने तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा गया था।

(Source Dainik Jagran)


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खुली विभाग की पोल,पिंजरे में भी झोल

भरपूर पट्टी के किरोड़ गांव में वन विभाग की लापरवाही से आदमखोर गुलदार पिंजरा तोड़कर भाग निकला। घटना के बाद क्षेत्र में जहां खासा रोष बना हुआ है, वहीं आदमखोर की दहशत भी बढ़ गई है।  मौके पर पहुंचे रेंजर विक्रम सिंह बिष्ट को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। गुस्साए लोगों ने उन्हें चार घंटे तक बंधक भी बनाए रखा। मंगलवार को भौंट क्षेत्र में आदमखोर की दहशत में जी रहे लोगों को वन विभाग की लापरवाही भारी पड़ी। 21 जुलाई को मरोड़ा गांव में गोबिंद दास की 13 वर्षीय पुत्री राखी को गुलदार ने निवाला बना दिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने शूटर व पिंजरा लगाने की मांग की थी।



डीएफओ आरडी पाठक ने मरोड़ा सहित किरोड़ में सड़क से लगे दनेड़ तोक में सोमवार रात पिंजरा रखा गया। उप प्रधान किरोड़ कमल सिंह निवाड़ी के अनुसार उन्होंने अपना पालतू कुत्ता पिंजरे में बांध दिया था। दो बजे रात गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। पांच बजे सुबह वन विभाग को इसकी सूचना दी गई। इसके करीब साढ़े तीन घंटे बाद दो वनरक्षक पहुंचे।



इस बीच गुलदार बाहर निकलने के लिए जोर लगाने लगा। कैद हुए आदमखोर गुलदार को देखने को मौके पर भीड़ भी जुट गई। सुबह नौ बजे के करीब गुलदार ने पिंजरे की दो सरिया व जाली तोड़ी डाली और बाहर निकल कर पास के जंगल की ओर भाग गया। साथ ही लोगों में भी भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने बंदूक के साथ पहुंचे वनरक्षक को जब उस पर गोली चलाने को कहा तो उसने यह कहकर इन्कार कर दिया कि उसे इसकी इजाजत नहीं है।



पिंजरे से आदमखोर के निकल भागने की सूचना से पूरे वन विभाग में हड़कंप मच गया। घटनास्थल पर पहुंचे रेंजर विक्रम सिंह बिष्ट को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। उन्हें लोगों ने वहीं बंधक बना लिया। प्रभारी थानाध्यक्ष दीपक कठैत पुलिस बल के साथ किरोड़ गांव पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि पिंजरे का एक लोक खराब था। साथ ही एक सरिया भी टूटा हुआ था। इस पर रेंजर बिष्ट ने कहा कि पिंजरा पूरी तरह से मजबूत था और गुलदार के ताकतवर होने से पिंजरा टूट गया।



उधर,  जिला पंचायत सदस्य कृष्णकांत कोटियाल ने तहसीलदार देवप्रयाग को ज्ञापन देकर कहा कि यदि बुधवार तक यहां  शिकारी दल तैनात नहीं किया गया तो ग्रामीण राजमार्ग पर चक्काजाम करेंगे।
वन विभाग के अनुसार मौके पर चौबीस घंटे के भीतर मुरादाबाद व हिंडोलाखाल से दो शिकारी पहुंच जाएगें। उधर एडीएम जीएस रावत ने कहा कि इस संबंध में डीएफओ के माध्यम से मुख्य वन्य जीव पालक श्रीकांत चंदोला से लगातार संपर्क बनाया जा रहा है।
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8076308.html

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गुलदार ने वन कर्मी को किया घायल
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गंगोलीहाट: कोठेरा के जंगल में शिकारियों द्वारा जंगली सुअर को मारने के लिये लगाये गए तार के फंदे में एक गुलदार फंस गया। झाड़ियों में घुसकर देखने का प्रयास कर रहे एक वन रक्षक पर इस गुलदार ने हमला कर घायल कर दिया। इससे अफरा तफरी मच गई। वन विभाग गुलदार के फंदे से छूटने का दावा कर रहा है, वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अब भी गुलदार फंदे में फंसा है। एसडीएम ने वन विभाग को काम्बिंग के निर्देश दिये हैं।

शुक्रवार की सुबह घास लेने गई कोठेरा की महिलाओं को समीपवर्ती वन्य क्षेत्र में किसी जानवर को फंदे में फंसा देखा। इसकी सूचना वन विभाग और तहसील प्रशासन को दी। जिस पर उपजिलाधिकारी पीसी दुम्का और वन क्षेत्राधिकारी केसी कफल्टिया के नेतृत्व में वन कर्मी मौके पर पहुंचे। इस दौरान ऊपर पहाड़ी पर लोगों का हुजूम लग गया। घनी झाड़ियां होने के कारण गुलदार को स्पष्ट नहीं देखने से असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद झाड़ियों में घुसने का प्रयास कर रहे एक वन कर्मी पर फंदे में फंसे गुलदार ने छलांग लगाकर हमला कर दिया। वन कर्मी के हाथ में खरोंचे आई। गुलदार द्वारा जोरदार दहाड़ के साथ हमला कर दिये जाने से वहां पर अफरा तफरी मच गई। लोग भयभीत होकर मुख्य मोटर मार्ग की ओर भाग गए। इस घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने गुलदार के फंदे से मुक्त होकर जंगल में जाने का दावा किया।

जबकि ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार तीन चार मीटर लंबे तार में फंसा हुआ है। छलांग लगाने के बाद वह झाड़ियों में ही छुपा हुआ है। ग्रामीणों की शिकायत पर उपजिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को दुबारा कांबिंग करने के निर्देश दिये हैं।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8089842.html

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मुख्यालय से सटे गांवों में गुलदार का आतंक
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नई टिहरी : जिला मुख्यालय के समीपवर्ती गांवों में इन दिनों गुलदार का आतंक बना हुआ है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाए जाने की मांग की है। आलम यह है कि यहां कभी-कभी गुलदार दिन में भी दिखाई दे रहा है।

शहर के समीप के गांवों बुडोगी, पांगर, पैन्यूली आदि गांवों में एक माह से गुलदार का आतंक बना हुआ है। कुछ दिन ग्राम पैन्यूला में एक व्यक्ति पर गुलदार ने हमला कर दिया। वहीं, गुलदार ने डाइजर में भी दिनदहाड़े गाय पर हमला कर दिया।


बुडोगी निवासी लखवीर चौहान ने बताया कि शाम के समय अक्सर क्षेत्र में गुलदार दिखाई देता है। उन्होंने गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग से पिंजरा लगाने की मांग की है।
   
Jagran news Tehri

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भालू के हमले से युवती घायल, भर्ती
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घनसाली: ब्लाक के कपोल गांव में भालू ने युवती पर हमला कर उसे बुरी तरह से घायल कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पट्टी बासर के कपोल गांव की ललिता (20) पुत्री जोत सिंह बुधवार को गांव के ऊपर पुरिला नामे तोक में घास काटने गयी थी कि अचानक भालू ने जानलेवा हमला कर उसे बुरी तरह से घायल कर दिया। किसी तरह से साथ में गयी अन्य महिलाओं के शोर मचाने पर उक्त युवती की जान बच पाई। घायल को ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बेलेश्वर में भर्ती कर दिया गया है। क्षेपं सदस्य धूम सिंह जखेड़ी ने उक्त परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6267655.html

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रामनगर व भीमताल में बाघ का आतंक
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भीमताल: आबादी क्षेत्रों में बाघों की घुसपैठ से दहशत फैल गई है। बैलपड़ाव रेंज के बैलपोखरा में बाघ ने गोशाला में घुस बकरी तो पांडेगांव में एक अन्य बाघ ने गाय को निवाला बना डाला।

रामनगर क्षेत्र के धनपुर बैलपोखरा निवासी पुष्कर सांगुड़ी के घर से सटी गौशाला में गुरुवार की रात बाघ घुस गया। उसने बकरी को मार दिया। पीडि़त ने वन विभाग से उचित मुआवजे की मांग की है।

भीमताल: निकटवर्ती पांडे गांव में बाघ के आतंक से दहशत व्याप्त है। अब तक वह कई मवेशियों को मार चुका है। शुक्रवार को बाघ ने मोहन नयाल की गाय मार डाली। ग्रामीण के अनुसार बाघ अब दिन में भी आबादी की ओर रुख करने लगा है। आलम यह है कि शाम होते ही गांव में सुनसानी छा जाती है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6280040.html

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बाघ के आतंक से दहशत में हैं ग्रामीण
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सरयू घाटी के अन्तर्गत कई गांवों में बाघ का जबर्दस्त आतंक छाया हुआ है। विभिन्न गांवों में अब तक आधा दर्जन मवेशियों को बाघ अपना निवाला बना चुका है। क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों ने वन विभाग से प्रभावित पशु पालकों को मुआवजा प्रदान करने की मांग की है।

सरयू घाटी में स्थित बिबड़ी, द्योलीबगड़, कुनगड़ा, कोटबिबड़ी आदि गांवों में बाघ 5 बकरियों और एक गाय को मार चुका है। सरयू घाटी के जन प्रतिनिधियों ने बताया कि बिबड़ी निवासी हरीदत्त की 2 बकरियां और एक गाय, कुनगड़ा निवासी हरीश की तीन बकरियों को बाघ अब तक मार चुका है।

उन्होंने बताया कि गत रात्रि कोट बिबड़ी निवासी गंगा दत्त की पोती पर बाघ ने घात लगा कर हमला किया लेकिन वह बाल बाल बच गई। क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य व पूर्व ब्लाक प्रमुख पीताम्बर पाण्डे ने प्रभावित पशुपालकों को उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग वन विभाग से की है।

Source Dainik jagran

Anil Arya / अनिल आर्य

गुलदार ने आंगन से उठाकर बालिका को मारा
पिथौरागढ़। नेपाल सीमा से सटे पिथौरागढ़ तहसील के तड़ेमिया गांव में शनिवार शाम करीब सात बजे गुलदार ने एक बालिका को घर के आंगन से उठाकर मारा डाला। शव घर से करीब 300 मीटर की दूरी पर क्षत-विक्षत हालत में बरामद हुआ। इस इलाके में एक माह के भीतर गुलदार दो बालिकाओं को मौत के घाट उतार चुका है। सूचना मिलते ही वन रेंजर बीएस अलमिया के नेतृत्व में वनकर्मियों की एक टीम देर शाम घटनास्थल को रवाना हो गई है। बताया गया है कि तड़ेमिया गांव निवासी लक्ष्मण सिंह की 12 वर्षीय बेटी सुमन आज शाम के समय आंगन के पास खेल रही थी। तभी घात लगाकर बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया और उसे ले गया। गांव वाले गुलदार के पीछे भागे। उन्हें करीब 300 मीटर की दूरी पर एक जगह बालिका का क्षत-विक्षत पड़ा मिला।
•शव घर से 300 मीटर दूरी पर मिला. epaper.amarujala