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Wild Animal Menace In Uttarakhand-उत्तराखण्ड में जंगली जानवरों का आतंक

Started by Devbhoomi,Uttarakhand, August 16, 2009, 06:12:20 AM

Devbhoomi,Uttarakhand

गुलदार देखे जाने पर ग्रामीणों में दहशत
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देवप्रयाग : नगर क्षेत्र के समीप पिछले कुछ दिनों से गुलदार देखे जाने से क्षेत्र में काफी दहशत बन गई है। लोगों ने वन विभाग से सुरक्षा की व्यवस्था करने की गुहार लगाई है।

बीते दो दिनों शाम को मोटर स्टेशन से लगे डंडाणा गांव में गुलदार घुस गया था। वहीं, देर शाम विमल पंचपुरी, सुभाष पंचपुरी, महावीर के घरों के आसपास गुलदार ने डेरा जमा लिया था। आदमखोर गुलदार की मौजूदगी काफी दिनों से भरपूर पट्टी में होने से यहां लोग काफी दहशत में हैं। डंडाणा में गुलदार के आ पहुंचने से नगर क्षेत्र में गुलदार को लेकर भय बन गया है। नगरवासियों व निकटवर्ती ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार से सुरक्षा के लिए यहां वन कर्मियों की तैनाती किए जाने की मांग की है।

Source Dainik jagran

Devbhoomi,Uttarakhand

सरपंच के घर में घुसा गुलदार
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कालाढूंगी रेंज के अंतिम छोर पर फतेहपुर ग्राम पंचायत के खाणी तोक में वन पंचायत के सरपंच के घर में गुलदार घुस आया। दिन दहाड़े घटना से गांव में दहशत फैल गई। गुलदार को बेहोश करने के लिए वन महकमे की टीम मौके पर पहुंची मगर वह तेजी से जंगल की ओर भाग निकला।

घटना रामनगर वन प्रभाग की है। कोटाबाग के समीप खाणी तोक निवासी सरपंच देवी दत्त कत्यूरा के घर में शुक्रवार को गुलदार घुस आया। सूचना पर उप प्रभागीय वनाधिकारी फतेहपुर रमाकांत तिवारी, वन क्षेत्राधिकारी कालाढूंगी त्रिलोक सिंह साही, पूरन चंद्र जोशी, वन क्षेत्राधिकारी देचोरी पूरन सिंह खनायत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।

बाद में रामनगर से ट्रेंकुलाइज गन के साथ चिकित्सक मथुरा दत्त मेवाड़ी को भी बुलवाया गया ताकि गुलदार को बेहोश कर पकड़ा जा सके। मगर वह जंगल की ओर भाग झाड़ियों में जा छिपा। इस बीच टीम ने उस पर निशाना भी साधा मगर वह दूर भाग निकला। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया, क्षेत्र में कड़ी निगरानी की जा रही है।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_6346280.html

Devbhoomi,Uttarakhand

गोशाला में घुसा गुलदार पिंजरे में किया कैद
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हसील कर्णप्रयाग के खोला (डिम्मर)गांव में शुक्रवार रात गुलदार एक गोशाला में घुस गया और दो मवेशियों को निवाला बना दिया। गुलदार जब शनिवार सुबह तक गोशाला में ही रहा तो पशुपालक ने घटना कि सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलने पर वन विभाग ने मौके पर पिंजरा लगाया और गुलदार को पिंजरे में कैद कर जिला मुख्यालय गोपेश्वर पहुंचाया।

खोला गांव की नंदी देवी शनिवार प्रात: रोजमर्रा की भांति गोशाला पहुंची तो उसने देखा कि गोशाला का दरवाजा आधा खुला है जैसे ही वह भीतर जाने लगी तो पहले से मौजूद गुलदार दहाड़ने लगा किसी तरह से गोशाला के दरवाजों को बंद किया और इसकी सूचना तहसीलदार सीएस चौहान, बदरीनाथ वन प्रभाग के नंदप्रयाग रेंज के उप वन क्षेत्राधिकारी कमला लाल भारती को दी, इसके बाद वन विभाग के अधिकारियों ने गोशाला के दरवाजे पर पिंजरा लगाया, और जैसे ही गोशाला का दरवाजा खोला गया तो गुलदार पिंजरे में कैद हो गया।

पशुपालक नंदी देवी ने बताया कि गोशाला में बंधे दो बेल गुलदार ने मार दिये हैं। पशुचिकित्साधिकारी डॉ.मनोज तिवाड़ी व वन कर्मियों ने बताया कि आठ वर्ष के इस गुलदार के शरीर पर जख्म के निशान हैं। इससे वह खुंखार बना हुआ है उसका उपचार किया जाना जरूरी है इसके लिए उसे जिला मुख्यालय गोपेश्वर भेज दिया गया है।
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8152167.html

Devbhoomi,Uttarakhand

गुलदारों की दहाड़ से गूंजा पंपापुरी


रामनगर: पंपापुरी का इलाका शुक्रवार की रात गुलदारों की दहाड़ से गूंजता रहा। भगाने के बावजूद रात भर अड्डा जमाए गुलदार का जोड़ा भोर खुलते ही रौब के साथ जंगल की ओर निकल गया। इधर मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने आबादी क्षेत्र में अनावश्यक झाड़ियां काटने के निर्देश दिए। ताकि गुलदार अथवा बाघों को छिपने का मौका न मिले। साथ ही रात्रि गश्त बढ़ा दी गई है।
वन विभाग व वन निगम की सीमा से सटे पंपापुरी में बीती रात गुलदार का जोड़ा घुस आया। अचानक दोनों दहाड़े तो लोग सहम से गए। काफी देर तक जब वे शांत न हुए तो ग्रामीणों ने पटाखे व शोर मचाकर उन्हें भगाने का प्रयास किया। मगर वे और जोर से दहाड़ने लगे। सुबह होने के बाद गुलदार खुद ही जंगल की ओर निकल पड़े।
इधर रात्रि गश्त में लगे वन कर्मियों ने भी पूरा मंजर देखा और रेंजर लक्ष्मण सिंह अधिकारी को इत्तला दी। श्री सिंह ने क्षेत्र में पहुंच अनावश्यक झाडि़यां तत्काल काटने कहा। उन्होंने कहा, जन सुरक्षा के मद्देनजर रात्रि गश्त बढ़ाई जाएगी।



http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8263826.html

   

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


आंगन में टहलता बालक बना गुलदार का निवाला
Sep 29, 06:29 pm
बताएं

देवाल, निज प्रतिनिधि : बुधवार देर सांय देवाल के सरकोट गांव में दस वर्षीय बालक को गुलदार ने घर के आंगन में ही मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत बनी हुई है। राजस्व की टीम ने मौके पर पहुंच कर शव पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। क्षेत्रवासियों ने आदमखोर गुलदार को मारने की मांग वन विभाग व प्रशासन से की है।

मिली जानकारी के अनुसार बीती बुधवार सांय 7 बजे सरकोट गांव निवासी अंकित (10) पुत्र रमेश राम उम्र अपने घर के आंगन में अकेला टहल रहा था कि घात लगाये गुलदार ने अचानक उसपर हमला कर उसे झाड़ियों में फेंक दिया और बाद में उसे मौत के घाट उतार दिया। परिवारजनों व ग्रामीणों के शोरगुल के बाद बाघ शव को छोड़ भाग गया। सूचना देर रात्रि थराली तहसील को दी गई जिसपर मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी थराली राहुल गोयल, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी व वन विभाग की टीम ने घटना का जायजा लेते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय गोपेश्वर भेज दिया। जिला पंचायत सदस्य महेश शंकर त्रिकोटी, आशा देवी, हरेन्द्र बिष्ट, महिपत सिंह, हरेन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने की मांग की है।

घटना के बाद रातभर पटवारी नलधूरा एसपी सती सहित ग्रामीण पीड़ित के घर पर रहे। छोटे भाई की मौत से अन्य दो भाई बहिन व उनकी मां का रो-रोकर बुरा हाल था।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8286456.html

Devbhoomi,Uttarakhand

तेंदुआ बालिका पर झपटा, भर्ती
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भीमताल: विकासखंड धारी के तोक कलरखां में आदमखोर तेंदुए ने दस्तक दे दी है। आंगन में छोटी बहन के साथ बर्तन धो रही बालिका पर तेंदुए ने हमला बोल दिया। इस दौरान बच्ची गड्ढे में जा गिरी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मामला ग्राम सभा सरना के तोक कलरखां का है। देर सायं चंद्रलाल की 12 वर्षीय बबिता अपनी छोटी बहन उर्मिला के साथ बर्तन धोने के लिए आंगन की ओर जा रही थी। इसी बीच घात लगाए बैठे तेंदुए ने दोनों बहनों पर हमला बोल दिया।

झपटने से लगा झटका बबिता बर्दाश्त नहीं कर सकी और वह समीप ही आठ फुट गहरे गड्ढे में जा गिरी। उसे बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ब्लॉक प्रमुख कृपाल सिंह मेहरा व जिला पंचायत सदस्य तारा दत्त पांडे ने वन क्षेत्राधिकारी तथा प्रशासनिक अधिकारियों से तेंदुए को पकड़ने व बच्ची के परिजनों को मुआवजे का आग्रह किया है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8308733.html

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बुरुवा में गुलदार ने दस मवेशी मार डाले
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ऊखीमठ : तहसील ऊखीमठ के अन्तर्गत ग्राम सभा बुरुवा में गुलदार का आतंक बना हुआ है। गुलदार अभी तक ग्रामीणों के दस मवेशियों को मौत के घाट उतार चुका है। लगातार बढ़ी रही घटनाओं से क्षेत्रीय लोगों में खासा दहशत का माहौल बना हुआ है।

ग्राम सभा बुरुवा में कई दिनों से गुलदार के आतंक के कारण लोग शाम होते ही अपने-अपने घरों में दुबकने को मजबूर हैं। अभी तक गुलदार ग्रामीणों के दस मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। मवेशियों पर लगातार हो रहे हमले के चलते लोग काफी सहमे हुए हैं। खासकर दूरस्थ स्कूलों में पड़ने वाले नौनिहालों तथा जंगल घास लेने जा रही महिलाओं को अत्यधिक खतरा बना हुआ है।

क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता रामदत्त खेड़वाल ने बताया कि गुलदार के भय के कारण लोग अपने बच्चों को बाहर नहीं जाने दे रहे हैं।बताया कि गुलदार रात्रि के समय लोगों की गौशालाओं को तोड़कर मवेशियों पर हमला कर रहा है। उन्होंने वन विभाग से तत्काल क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की है।


http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8370362.html

Devbhoomi,Uttarakhand

भालू के हमले          से एक घायल
कर्णप्रयाग। प्रखंड के ग्राम कोटी में भालू ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णप्रयाग में भर्ती कराया गया है।

रविवार को कोटी गांव निवासी मगन लाल (44) गांव के समीप जंगल में अपने मवेशियों को चुगाने ले गया था। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे भालू ने अचानक उस पर हमला कर दिया।

साथ में गए अन्य लोगों के शोर-शराबा करने पर भालू भाग गया। परिजन वीरेंद्र लाल, गोपाल राम और हरीश लाल ने बताया कि मगन के पेट और पैर पर गहरे जख्म आए हैं।





Amarujala

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पलायन का मन बना रहे ग्रामीण
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डीडीहाट क्षेत्र के अधिकांश गांवों में इन दिनों जंगली सुअरों और बंदरों का आतंक छाया हुआ है। ग्रामीणों का दिन बंदरों को भगाने तथा रात सुअरों को खदड़ने में बीत रही है। खेतों में फसलों और पेड़ों में फलों से हाथ धो रहे परेशान ग्रामीण गांव छोड़ने का मन बना रहे हैं।

डीडीहाट तहसील के हाट, थर्प, चौबाटी, भालूउडियार, गर्खा, सिंगाली, अस्कोट, तल्लाबगड़, कूटा जमतड़ी मुनस्यारी के तल्ला जोहार के भैंस्कोट, बांसबगड़ क दर्जनों गांवों में बंदरों और सुअरों का आतंक बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार दिन भर बंदरों की फौज गांवों में डेरा डाले हुए रहती है। बंदर घरों के अंदर घुस कर सामान ले जा रहे हैं। इस मौसम में इस क्षेत्र में संतरा, माल्टा, नींबू आदि तैयार फल बंदरों द्वारा उजाड़ दिये गये हैं।

बाराकोट गांव निवासी उन्नत काश्तकार दिनेश जोशी ने बताया कि बंदरों के आतंक के चलते कच्चे संतरे और माल्टा पेड़ों से तोड़ने पड़े हैं। इसके अलावा बीते दिनों खेतों में तैयार सोयाबीन बंदरों ने नष्ट कर दी थी। ऐसी हालत में क्षेत्र में कृषि और बागवानी को अलाभकारी बताते हुए इससे तौबा करने का निर्णय लिया है।

वहीं रात को सुअरों का आतंक रहता है। सुअरों द्वारा खेतों में तैयार अरबी साफ कर दी गई है। झुंडों में आने वाले सुअर रात को ही खेतों का हुलिया बिगाड़ रहे हैं। काश्तकारों द्वारा इसकी शिकायत प्रशासन और वन विभाग से किये जाने के बाद भी कोई कदम नहीं उठाये जाने से ग्रामीण गांव छोड़ने का मन बना चुके हैं।


Dainik jagran

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आदमखोर गुलदार को मारने के आदेश
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पिथौरागढ़: हल्दू क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को वन विभाग ने मारने के आदेश जारी कर दिये हैं। गुलदार अब तक इस क्षेत्र में तीन लोगों को मार चुका है। गुलदार को आमदखोर घोषित करने की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने वन विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन किया।

मालूम हो पांच रोज पूर्व हल्दू में गुलदार ने एक 10 वर्षीय बालक प्रदीप सिंह को हमला कर मार डाला था। इससे पूर्व भी गुलदार दो लोगों को मार चुका था। सोमवार को विधायक मयूख महर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। इस दौरान हुई सभा में विधायक मयूख महर ने कहा गुलदार के भय से हल्दू क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोग घरों से नहीं निकल पा रहे हैं। स्कूली बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। इस समस्या को देखते हुए क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को तत्काल मारा जाये, ताकि लोग भयमुक्त हो सकें। विधायक महर ने इस मामले में मुख्य वन संरक्षक से भी दूरभाष पर वार्ता की। इसके बाद मुख्य वन संरक्षक ने गुलदार को मारने के आदेश प्रभागीय वनाधिकारी डी सम्पद्म कार्यालय को जारी किये।

http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttranchal/4_5_8490095.html