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शेर दा अनपढ -उत्तराखंड के प्रसिद्ध कवि-SHER DA ANPAD-FAMOUS POET OF UTTARAKHAND

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, October 25, 2007, 01:55:05 PM

हलिया

शेरदा की एक कविता के अंश:  

पार्भति को मैतुडा देश:, मेरो मुलुक कतुक प्यारा,
  डान काना में जुन हंसछ:, पर्वतों में चरनि तारा.
                हौसिया छ्न डाना पर्वत
                हौसिया छ्न भरौ क भाडा
                मन में बसौ मेरो मुलुक,
                आंख में रिटौ "मेरो पहाड."
     ख्वरा मुकुट ह्यूं चमकौ, खुट चमकौ गंगा धारा
    पार्भति को मैतुडा देश:, मेरो मुलुक कतुक प्यारा .
               धुरा जंगल, बांज पतेलि,
               फ़ल काफ़ल क्या झुलि रूनि.
               धन हिसालू, धन किल्मोडी,
               फ़ूल बुरांज फ़ुली रूनि.
   हरिया स्यारि मन खै जाछ: हौस लगुनी स्यर सिन्गारा
  पार्भति को मैतुडा देश:, मेरो मुलुक कतुक प्यारा .

         
         

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Quote from: राजु दा on November 26, 2007, 01:20:29 PM
शेरदा की एक कविता के अंश:  

पार्भति को मैतुडा देश:, मेरो मुलुक कतुक प्यारा,
  डान काना में जुन हंसछ:, पर्वतों में चरनि तारा.
                हौसिया छ्न डाना पर्वत
                हौसिया छ्न भरौ क भाडा
                मन में बसौ मेरो मुलुक,
                आंख में रिटौ "मेरो पहाड."
     ख्वरा मुकुट ह्यूं चमकौ, खुट चमकौ गंगा धारा
    पार्भति को मैतुडा देश:, मेरो मुलुक कतुक प्यारा .
               धुरा जंगल, बांज पतेलि,
               फ़ल काफ़ल क्या झुलि रूनि.
               धन हिसालू, धन किल्मोडी,
               फ़ूल बुरांज फ़ुली रूनि.
   हरिया स्यारि मन खै जाछ: हौस लगुनी स्यर सिन्गारा
  पार्भति को मैतुडा देश:, मेरो मुलुक कतुक प्यारा .

         
         

Raju Da,

Great information. It is really enjoyable. (1 karma to you)

Waise Shera Da ka pura name. Sher Singh Bisht hai.



पंकज सिंह महर

Quote from: राजु दा on November 26, 2007, 01:20:29 PM
शेरदा की एक कविता के अंश:  

पार्भति को मैतुडा देश:, मेरो मुलुक कतुक प्यारा,
  डान काना में जुन हंसछ:, पर्वतों में चरनि तारा.
                हौसिया छ्न डाना पर्वत
                हौसिया छ्न भरौ क भाडा
                मन में बसौ मेरो मुलुक,
                आंख में रिटौ "मेरो पहाड."
     ख्वरा मुकुट ह्यूं चमकौ, खुट चमकौ गंगा धारा
    पार्भति को मैतुडा देश:, मेरो मुलुक कतुक प्यारा .
               धुरा जंगल, बांज पतेलि,
               फ़ल काफ़ल क्या झुलि रूनि.
               धन हिसालू, धन किल्मोडी,
               फ़ूल बुरांज फ़ुली रूनि.
   हरिया स्यारि मन खै जाछ: हौस लगुनी स्यर सिन्गारा
  पार्भति को मैतुडा देश:, मेरो मुलुक कतुक प्यारा .

         
         

राजु दा +१ तुमु कें, उसी तुमर पुर नाम कि छः? अपन परिचय दिया दाज्यू http://www.merapahad.com/forum/index.php/topic,2.0.html

vklohani

dajyu logo,

sherdaki ek kavita chhi " bhekvaki sikaur jaisi chyapandi ko chhai tu"

agar aap logon ke paas hai to please upload kar dena.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Lohani Ji,

Namaskar,

Sure, we would try to put this poem on forum .

thanx for visting us.


Quote from: vklohani on November 26, 2007, 03:34:17 PM
dajyu logo,

sherdaki ek kavita chhi " bhekvaki sikaur jaisi chyapandi ko chhai tu"

agar aap logon ke paas hai to please upload kar dena.

हलिया

[quote author=पंकज सिंह महर l   

राजु दा +१ तुमु कें, उसी तुमर पुर नाम कि छः? अपन परिचय दिया दाज्यू http://www.merapahad.com/forum/index.php/topic,2.0.html
[/quote]

भायौ कोप कुछीं भल, नाम में के धरि राखौ - काम देखौ.  उसिकै गोरु, बाकारन क दागडा ग्वाला पनि ऊन-जान में असली नाम लेकै भुलि जसो गयूं.  गौं का सयाना "रजुवा" कुनी और नाना-तिना कुनी "राजुदा" ततुकै याद रैगौ महाराज. तैले काम चलै ल्हिया हो.  परिचय पैली दी राखौ पै आजि दी दिनूं डबल ज के लागनई. ;D
http://www.merapahad.com/forum/index.php/topic,2.120.html

हपुरा बजानि धुरा, बानर रुख्यारो
मन मेरो हौसिया छियो, करम दुख्यारो.

महर ज्यू भल है रया महाराज,


Risky Pathak

One Of best By Sher da....
अघिल जमान देखोल, यस  होल  धाव
बुड घागेरी लागल, बुदी  लग्याल  सुराव

Risky Pathak

आम कूणे सुन नाती, बुब  के गे थिर!!!!!
च्योल बाबुक शांख थामल, जुव खातिर!!!!
मे बाबू दुश्मन होल, उडेरी च्योल!!!!!
सैणीक  इशारों पे उ, कदु जे नाचोल!!!!!