Author Topic: Uttarakhandi Films & Music Albums Lyrics - म्यूजिक एल्बम के गीतो के बोल  (Read 7773 times)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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बरखा चुप व्हैजा
स्वर प्रीती रणाकोटी, गुंजन डंगवाल
गीत शांति भूषण
धन्यवाद अमित सागर
संगीत सुमंत पंवार
एल्बम गंजो मेरा गोँ कि
लेबल MGV DIGITAL
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैजा
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैजा
ना बारखि बरख ना बारखि
ना बारखि रणुमणुम झणुमणुम कैकि चुप व्हैजा
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैजा
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैजा
भौल सुबेर मिल दूर चली जाण
ऊँकी अनवर मिल कै मा खोजाण
भौल सुबेर मिल दूर चली जाण
ऊँकी अनवर मिल कै मा खोजाण
मेल्दी आँखि मेल्दी आँखि आंसूधारा बगेना
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैजा
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैजा
ऊँ का बाना करर्युं साज सिंगार र
थोत ख्याल जरा बरखा रिसाड
ऊँ का बाना करर्युं साज सिंगार र
अरे थोत ख्याल जरा बरखा रिसाड
परीत माया परीत माया अध बाटा छुपै ना
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैजा
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैजा
ईकुली बिंदूल सुर मा पंधेर बगीगे
खिलियु खिलियु रूप रंग और सजीगे
कुंगली गात स्युंदी फूंदी रुझिगे
जल्मो जल्मो की तिस बुझिगे
रणुमणुम झणुमणुम
रणुमणुम झणुमणुम लगि रै रुकी ना
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैना
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैना
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैना
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैना
उत्तराखंडी गीत है
बरखा हाथ जोड्यां मेरी दगड्या चुप व्हैना
उत्तराखंडी भाषा को बढ़वा देने के लिये
चल चित्र के निचे गीत लिखा है बस
उत्तराखंड मनोरंजन तुम थै कंण लग जी?
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारना

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

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तेरी मेरी प्रीत को बंधन सोंजडया ..
तेरी मेरी प्रीत को बंधन सोंजडया ..
टूट्या न कभी ....
टूट्या न कभी ...टूट्या न कभी ..

तन मन मा चढ़यु यो रंग सोंजडया..
तन मन मा चढ़यु यो रंग सोंजडया..
छुट्या न कभी .... छुट्या न कभी ....
छुट्या न कभी ....

तेरी मेरी प्रीत को बंधन सोंजडया
तेरी मेरी प्रीत को बंधन सोंजडया
तन मन मा चढ़यु यो रंग सोंज्द्या..
तन मन मा चढ़यु यो रंग सोंज्द्या..

तिन लगेनी बडुली.......हो हो ..
मै पाणी पीन्दी रो ...हो..हो...
तिन लगेनी बडुली....... मै पाणी पीन्दी रो
तिन पठेनी पराज , मै खुट्यु कनुदी रो ..
मिन त आंखी नि बूझी ,
तू स्वीणु में सी माया भिंडे दे ..

तेरी मेरी प्रीत को बंधन सोंजडया
तेरी मेरी प्रीत को बंधन सोंजडया
तन मन मा चढ़यु यो रंग सोंज्द्या..
तन मन मा चढ़यु यो रंग सोंज्द्या..

तेरी मुखुड़ी दिखेंदी .....हो हो ..
जन फ्योलड़ी को फूल ..हो हो ..

तेरी मुखुड़ी दिखेंदी .....जन फ्योलड़ी को फूल ..
तेरी दत्युरी की ढोल जन सोबना की डोल..
आंखी आंख्यु न मंशा लगाये तिन . लगाये तिन ...
तन मन मा चढ़यु यो रंग सोंज्द्या..
तेरी मेरी प्रीत को बंधन सोंजडया

तेरु प्रेम सुआ यनु ...हो हो ..
मेरा मन बसी ग्यायी ....हो हो ..
तेरु प्रेम सुआ यनु ...मेरा मन बसी ग्यायी ....
छुटी गैनी धाण काज सुद बुद हर्ची ग्यायी ..
कखी बैरी दुनिया तेरी मेरी छुई न सरै दे ..

तेरी आंख्युं का किनारा....हो हो ..
तू बोल त बेठ्यु रो ..हो हो ..
तेरी आंख्युं का किनारा.... तू बोल त बेठ्यु रो ..
जब तलक छ ज्यू मा जानतब तलक बेठ्यु रो ..
खेरी विपदा का आंशु थमोंदी रो ...थमोंदी रो ..

उत्तराखंडी गीत है
तेरी मेरी प्रीत को बंधन सोंजडया ..
उत्तराखंडी भाषा को बढ़वा देने के लिये
चल चित्र के निचे गीत लिखा है बस
उत्तराखंड मनोरंजन तुम थै कंण लग जी?
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ

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मेरी जल्मभूमि मेरो पहाड़
मेरी जल्मभूमि मेरो पहाड़ ... २
गंगा जमोना यखी बद्रीकेदार
मेरी जल्म भूमि मेरो पहाड़... २
फूल खिलन्दी न फूलों की घाटी
रौंस जगांदी न हिवंली कंठी ... २
नंदा की छ्या ....... अ . अ ..आ जगेशवर धाम
नंदा की छ्या जगेशवर धाम
पञ्चप्रयाग यखी हिमकुंड साहब
अौली को मुख यखी हरि-हरिद्वार
मेरी जल्मभूमि मेरो पहाड़ ... २
लाम मा दटया छन हमरा लाल
राण का जितार छन बैरियों का काल ... २
सुमन माधोसिंग ....... अ . अ ..आ तुमरो बलिदान
सुमन माधोसिंग तुमरो बलिदान
केसरी चन्द्रसिंग देश की शान
रमी गौर और्र तिलो जनि नार
मेरी जल्मभूमि मेरो पहाड़ ... २
ग्वैनि घसैनियों को मायलु पारण
बन मा ग्वैरों की बसुंली की तान ... २
थड्या झुमैलो ....... अ . अ ..आ गीत खुदेड
थड्या झुमैलो गीत खुदेड
हुड़की मस्क ढोल दमु की ताल
नैनीताल यखी मसूरी बजार
मेरी जल्मभूमि मेरो पहाड़ ... २
औ हो हो औ हो हो ला ल ला ला ल ला ल ल ला
हो हो औ औ हो हो औ औ ला ल ला ला ल ला ल ल ला
उत्तराखंडी गीत है
मेरी जल्मभूमि मेरो पहाड़
उत्तराखंडी भाषा को बढ़वा देने के लिये
चल चित्र के निचे गीत लिखा है बस
उत्तराखंड मनोरंजन तुम थै कंण लग जी?
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ

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माथा टेकना बातें दोहराना
मुझे सब अब निराशा दे गया
नाम का अपना बनकर वो मुझे
जीने का झूठा बहाना दे गया
पत्थर दिल से इनायत की थी मैंने
वो मुझे जुदाई का सहारा दे गया
वो दोस्त था मेरा बस मेरा मुझे
जलन का पूरा सजो सामान दे गया
अंत में हुआ कुछ ऐसा साथ मेरे
वो सबसे ऊँचा मुझे मकाम दे गया
ग़म का अंधेरा ऐसा देकर मुझे वो
मेरे वीराने को वो रोशन कर गया
प्रतिबिंब ढूंढ़ता है अब उसका
जिसने सौंर्दय जिस्म नाकारा कर गया
पहाड़ों का पत्थर बन बैठा हूँ अब मैं
मेरे अहंभाव का वो किनारा बन गया
अस्तित्व की कश्ती में मुझे बिठाकर
काल्पनिक यथार्थ में वो भेद कर गया
मिथ्या जीवन की बस यही पहचान है
उन रस्ते में मुझे वो बेसहारा कर के गया
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http://balkrishna-dhyani.blogspot.in/search/
http://www.merapahadforum.com/
में पूर्व प्रकाशित -सर्वाधिकार सुरक्षित
समाप्त

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कब आलू हो ....
यो गयो जमानो प्रीति को
कया दिन छ्या वा कया रात वा
बस होंदी छ्या तेरी ही बात वा
कब आलू हो ....
तू और्री मि दूजो ना कुई और्री
गदनी जनि बगदि पियार
होंदी छ्या मुलकात अपरि
कब और्री कख हर्चि गै हुलु सब
कब और कन परती को आलो अब
यो गयो जमानो प्रीति को ....
हैंसदरी तेरी मुखडी
कब अब देख्याली भग्यानी
ऊ ऊकाली उंदारु का बाटा मा
कब तू अब आली जाली भग्यानी
बैठ्युं छों आसा मा की कब आलो
यो गयो जमानो प्रीति को ....
तू ही मेरी बुरांसि की डाली को
ऊ लाल लाल बुरांस साथी
ऊ फ्योंली जनि छ्या अपरू साथ
किंगोडा काफलों को आस पास
फिरदा छ्या हम ऊंका साथ
हिट दा हिट दा गयौ अब कख
यो गयो जमानो प्रीति को ....
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
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अब नि रैनु गांऊँ मा
दाज्यू छन कुमाओं मा
भजि च अमाओं मा
छूटीगियू पहाड़ मयलु पहाड़
रंगीलो पहाड़ छबीलो पहाड़

खटीमा मै मन लगा
अब नि रैनु गांऊँ मा
दाज्यू छन कुमाओं मा
भजि च अमाओं मा
छूटीगियू पहाड़ मयलु पहाड़
रंगीलो पहाड़ छबीलो पहाड़

ब्वारी लिलु घर मै रुलि
इस सोची छे ससु ले
ब्वारी को मन बिजलीगयू
भाबरी या हवेली ,भाबरी या हवेली
दाज्यू की मेवालि

खटीमा मै मन लगा
अब नि रैनु गांऊँ मा
दाज्यू छन कुमाओं मा
भजि च अमाओं मा
छूटीगियू पहाड़ मयलु पहाड़
रंगीलो पहाड़ छबीलो पहाड़

सासु को नि नत बुललो
मै अगला बरस मै
ब्वारी चढ़े अरस में तो
सासु ऐगै फरस में
ऐ टी ऐमा दाज्यू को,ऐ टी ऐमा दाज्यू को
भौजी का परस मै

खटीमा मै मन लगा
अब नि रैनु गांऊँ मा
दाज्यू छन कुमाओं मा
भजि च अमाओं मा
छूटीगियू पहाड़ मयलु पहाड़
रंगीलो पहाड़ छबीलो पहाड़

भौजील मा सेदि करो
अगिनि हनीमून रे
मई मा जबैर दज्यु
छूटी एग्या जून रे
जों रयां सुखी रयां ,जों रयां बची रयां
बुढ बड़ों को खून रै

खटीमा मै मन लगा
अब नि रैनु गांऊँ मा
दाज्यू छन कुमाओं मा
भजि च अमाओं मा
छूटीगियू पहाड़ मयलु पहाड़
रंगीलो पहाड़ छबीलो पहाड़

उत्तराखंडी गीत है
रंगीलो पहाड़ छबीलो पहाड़
उत्तराखंडी भाषा को बढ़वा देने के लिये
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उत्तराखंड मनोरंजन तुम थै कंण लग जी?
बालकृष्ण डी ध्यानी
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आंदी जांदी सांस छे तू
आंदी जांदी सांस छे तू
मेरा जियूंणा की आस छे तू
आंदी जांदी सांस छे तू
मेरा जियूंणा की आस छे तू
आंदी जांदी सांस छे तू .....
कट ही जाला खैरी का दिन
कट ही जाला खैरी का दिन
कट ही जाला खैरी का दिन
हे मन किलै उदास छे तू
आंदी जांदी सांस छे तू ....
ऐ दिन दुनिया देउ देबता
ऐ दिन दुनिया देउ देबता
ऐ दिन दुनिया देउ देबता
सब चुलै की ख़ास छे तू
आंदी जांदी सांस छे तू ....
ई दुनिया की आणि च स्ड्याण
ई दुनिया की आणि च स्ड्याण
ई दुनिया की आणि च स्ड्याण
सौदा फूलो की बास छे तू
आंदी जांदी सांस छे तू ....
त्वै बिगेर लास छों मि
त्वै बिगेर लास छों मि
त्वै बिगेर लास छों मि
मेरी जियु जान छे तू
आंदी जांदी सांस छे तू ....
आंदी जांदी सांस छे तू
आंदी जांदी सांस छे तू
मेरा जियूंणा की आस छे तू
मेरा जियूंणा की आस छे तू
आंदी जांदी सांस छे तू
मेरा जियूंणा की आस छे तू
उत्तराखंडी गीत है
आंदी जांदी सांस छे तू
उत्तराखंडी भाषा को बढ़वा देने के लिये
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उत्तराखंड मनोरंजन तुम थै कंण लग जी?
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मेरी जल्मभूमि मेरो पहाड़
मेरी जल्मभूमि मेरो पहाड़ ... २
गंगा जमोना यखी बद्रीकेदार
मेरी जल्म भूमि मेरो पहाड़... २
फूल खिलन्दी न फूलों की घाटी
रौंस जगांदी न हिवंली कंठी ... २
नंदा की छ्या ....... अ . अ ..आ जगेशवर धाम
नंदा की छ्या जगेशवर धाम
पञ्चप्रयाग यखी हिमकुंड साहब
अौली को मुख यखी हरि-हरिद्वार
मेरी जल्मभूमि मेरो पहाड़ ... २
लाम मा दटया छन हमरा लाल
राण का जितार छन बैरियों का काल ... २
सुमन माधोसिंग ....... अ . अ ..आ तुमरो बलिदान
सुमन माधोसिंग तुमरो बलिदान
केसरी चन्द्रसिंग देश की शान
रमी गौर और्र तिलो जनि नार
मेरी जल्मभूमि मेरो पहाड़ ... २
ग्वैनि घसैनियों को मायलु पारण
बन मा ग्वैरों की बसुंली की तान ... २
थड्या झुमैलो ....... अ . अ ..आ गीत खुदेड
थड्या झुमैलो गीत खुदेड
हुड़की मस्क ढोल दमु की ताल
नैनीताल यखी मसूरी बजार
मेरी जल्मभूमि मेरो पहाड़ ... २
औ हो हो औ हो हो ला ल ला ला ल ला ल ल ला
हो हो औ औ हो हो औ औ ला ल ला ला ल ला ल ल ला
उत्तराखंडी गीत है
मेरी जल्मभूमि मेरो पहाड़
उत्तराखंडी भाषा को बढ़वा देने के लिये
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उत्तराखंड मनोरंजन तुम थै कंण लग जी?
बालकृष्ण डी ध्यानी
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तेरु रूप
लेटेस्ट गढ़वाली देजे सोंग २०१६
स्वर अमर सेमल्टी और साथी
संगीत संजय कुमोला
संपादक विकास खत्री
न्यू ऐज ग्रुप मीडिया इनचार्ज प्रेमचंद्रा
https://youtu.be/l3z3pffW_KY?t=114
तेरु रूप
हे हे हे ..... अ अअ
पौड़ी टेहरी चमोली उत्तरकाशी देहरादून
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
पौड़ी टेहरी चमोली उत्तरकाशी देहरादून
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
सैरु पहाड़ तिन रूप मा ठगै
अरे सैरु गढ़वाल तैंन अंग अंग समै
हे रुपाली बांद तेरु रूप मा सकून
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
कोरस
हे रुपाली बांद तेरु रूप मा सकून
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
गंगा जल सी तेरु छालू मन
आग लगुण्या तन मन जोबन
हाँ ..गंगा जल सी तेरु छालू मन
आग लगुण्या तन मन जोबन
दही कि परोठी छोरी ईनि माया मोल
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
कोरस
दही कि परोठी छोरी ईनि माया मोल
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
जब हिटदी तू रैंदी सबू की नजर
मन कंठी कां तेरी बालि उमर
हे..जब हिटदी तू रैंदी सबू की नजर
मन कंठी कां तेरी बालि उमर
सरी दुनिया चकोर अर तू कंठा मा की जून
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
कोरस
सरी दुनिया चकोर अर तू कंठा मा की जून
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
कॉलेज मा तू छोरों कि जां
सड़कीयों मा तू आंदा जांदू पराण
हे ...कॉलेज मा तू छोरों कि जां
सड़कीयों मा तू आंदा जांदू पराण
गुंदक्यालि हथि खुथि मुखडी जनि नौंण
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
कोरस
गुंदक्यालि हथि खुथि मुखडी जनि नौंण
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
रुपाली बांद तू इतगा बिंदयाल
बण मायादार बात सुणायाल
हो ....रुपाली बान तू इतगा जणायाल
बण मायादार बात सुणायाल
सरया गढ़वाल घुम्या अब तेर जनि नि पोँण
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
कोरस
सरया गढ़वाल घुम्या अब तेर जनि नि पोँण
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
पौड़ी टेहरी चमोली उत्तरकाशी देहरादून
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
पौड़ी टेहरी चमोली उत्तरकाशी देहरादून
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
सैरु पहाड़ तिन रूप मा ठगै
अरे सैरु गढ़वाल तैंन अंग अंग समै
हे रुपाली बांद तेरु रूप मा सकून
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
कोरस
हे रुपाली बांद तेरु रूप मा सकून
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
हे रुपाली बांद तेरु रूप मा सकून
हे रुपाली बांद तेरु रूप अब कया बून
उत्तराखंडी गीत है
उत्तराखंडी भाषा को बढ़वा देने के लिये
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बालकृष्ण डी ध्यानी
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मन भरमैगे मेरी ..सुधबुध ख्वेगे,
मन भरमैगे मेरी ..सुधबुध ख्वेगे,
सुणी तेरी बांसुरी सुर,
सुणी तेरी बांसुरी सुर,
बण मा सुरे-सुर बांसुरी...बण मा सुरे सुर !!
भौंरा-पुतला फूल छोड़ीक,
चखुला अपणा घोर छोड़ीक
रंगमत हवेकी अंगना तेरी धुन सुणीक,
सुरीली धुन सुणीक
गोरू-बखरों की टोली तखी हुण लेगे,
सुणी तेरी बांसुरी सुर
बण मा सुरे-सुर बांसुरी...बण मा सुरे सुर !!
बण मा सुरे-सुर बांसुरी...बण मा सुरे सुर !!
डाली बोटी सबी झुमि झुमिक
धरती पे देखा चुमी चुमीक
मै मौल्यार लेण लगन तेरी धुन सुणीक
रसीली धुन सुणीक
हिंवाली कंठी यों गलण लेगे
हिंवाली कंठी यों गलण लेगे
सुणी तेरी बांसुरी सुर
बण मा सुरे-सुर बांसुरी...बण मा सुरे सुर !!
बण मा सुरे-सुर बांसुरी...बण मा सुरे सुर !!
कोंपल फुटीयू बा मूळ मूळ
हैंसण लगेंन बणि ते फूल
मठ मठ हवा चलण लगे सुणी बांसुरी सुर
सुणी बांसुरी सुर
गढ़ा गदनियों सियू साठ तम हुण लेगे
सुणी तेरी बांसुरी सुर
बण मा सुरे-सुर बांसुरी...बण मा सुरे सुर !!
बण मा सुरे-सुर बांसुरी...बण मा सुरे सुर !!
उत्तराखंडी गीत है
भरमैगे मेरु..सुधबुध ख्वेगे,
उत्तराखंडी भाषा को बढ़वा देने के लिये
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उत्तराखंड मनोरंजन तुम थै कंण लग जी?
बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
एल्बम : मन भरमैगे
गायिका : लता मंगेशकर

 

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