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उत्तराखंड के शहीदों के स्मारक, Martyrs Memorial in Uttarakhand

Started by Devbhoomi,Uttarakhand, October 02, 2011, 03:40:37 PM

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दोस्तों जैसा हम जानते हैं की देवभूमि उत्तराखंड
की महान विभूतियों ने अपने प्राणों की आहुति दी हैं और कई  महान ब्यक्ति उत्तराखंड को बनाने में शहीद हो गए है,उन में कुछ ऐसे भी भी हैं जो की किताबों में शहीद बनकर रहे गए हैं ओर्र आजतक उनका कोई भी कहीं भी शहीद स्मारक नहीं बना है !

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संघर्ष समिति सदस्यों ने रामपुर तिराहा गोलीकांड में शहीद हुए आंदोलनकारियों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।और उत्तराखंड राज्य आन्दोलन और वीर सैनिक तथा उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाने में शहीद हुए हैं !


उत्तराखंड में जल्द ही विभिन्न स्थानों पर छह शहीद स्मारक अस्तित्व में आ जाएंगे। शासन ने इनके निर्माण को 66.18 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। स्वतंत्रता सेनानियों व शहीद जवानों के शहीद स्मारक बनाने हैं !
शहीद स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शहीदों के सपनों का उत्तराखंड राज्य अब तक नहीं बन पाया है। चौ. ओमप्रकाश, वेदप्रकाश शर्मा, शांता राणा, गंभीर सिंह मेवाड़, दर्शन लाल कंडवाल और संजय शास्त्री आदि उपस्थित थे। उक्रांद महिला प्रकोष्ठ ने आइडीपीएल धरना स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर रामेश्वरी चौहान, वीरा कठैत, लक्ष्मी कठैत, सरोजनी रावत, पद्मा रावत आदि उपस्थित थे। उत्तराखंड विकास पार्टी ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। बैठक में डॉ. पंकज बिजल्वाण, हिमांशु गर्ग, सलिल रावत, राम पुरोहित आदि उपस्थित थे।

डोईवाला: भानियावाला हरिद्वार तिराहे व जौलीग्रांट अठूरवाला राजेश नेगी शहीद स्मारक पर उक्रांद के जिला महामंत्री केंद्रपाल तोपवाल ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान हरदयाल सिंह सैनी, नरेंद्र नेगी, संजय डोभाल, स्वयंवर कंडवाल, जयेंद्र तोपवाल, शांति डोभाल और गोपाल सिंह आदि उपस्थित थे। नेता शिर्फ़ घोषणा करते हैं की स्मारक बनेगा !

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दोस्तों अगर आपके पास कुछ जानकारी और उत्तराखंड के शहीदों के स्मारक की फोटो हो तो आप यहाँ पोस्ट करें ! उत्तराखंड राज्य बनाने को लेकर देवभूमि के लोगों ने आंदोलन किया था।

उत्तराखंड आंदोलन के दौरान एक सितंबर 1994 को खटीमा में पुलिस गोलीकांड में छह लोग शहीद हुए थे। इनमें सलीम अहमद, गोपी चंद, रामपाल सिंह, धर्मानंद भट्टं, प्रताप सिंह मनोला व परमजीत सिंह ने कुर्बानी दी थी।

नौ नवंबर 2000 को नवोदित राज्य उत्तराखंड का निर्माण हुआ। राज्य आंदोलनकारियों ने मुख्य चौराहे के समीप पुरानी तहसील की खाली पड़ी भूमि को शहीद स्मारक बनाने की मांग की।

  भूमि के लिए अन्य विभाग की मांग की वजह से शहीद स्मारक का प्रस्ताव शासन में रुक गया, लेकिन अब शासन ने पुरानी तहसील की खाली पड़ी 24 बीघा भूमि में 0.098 हेक्टेयर भूमि शहीद स्मारक को मंजूर कर दी है।

सैनिक विश्राम गृह के लिए पूर्व सैनिकों ने शासन को प्रस्ताव भेजा है।पटवारियों ने भी बैठने के लिए कुछ जगह शासन से मांगी है। एसडीएम बीएस चलाल ने बताया कि पुरानी तहसील में शहीद स्मारक बनाने के लिए शासन से प्रस्ताव पास हो गया है।

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स्वतंत्रता संग्रामी श्री देब सुमन स्मारक   टिहरी के पट्टी बमुंड, जौलगाँव


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वीर चंदर सिंह गड्वाली पेशावर का महा नायक का स्मारक 


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वीर चन्द्र सिंह गढ़वाल जी का स्मारक कोटद्वार


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भारत रत्न,श्री गोविन्द बलभ पन्त जी का स्मारक