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Uttarayani घुघुतिया उत्तरायणी (मकर संक्रान्ति) उत्तराखण्ड का सबसे बड़ा पर्व

Started by पंकज सिंह महर, January 08, 2008, 12:52:56 PM

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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

छपेली, घूमर व डांडिया ने ठंड में गर्मी का अहसास कराया दर्शकों कोJan 18, 02:37 am

बागेश्वर। उत्तरायणी मेले के दौरान मुख्य मंच में अनवरत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी है। बुधवार की रात्रि बमनस्वाल, लोहाघाट व गीत नाटय प्रभाग लखनऊ के कलाकारों के नाम रही। कार्यक्रम में कुमाऊंनी छपेली समेत घूमर, डांडिया, छंद पसेरी व गजलों ने दर्शकों को सर्द हवाओं में भी गर्मी का अहसास करा दिया। परिणाम स्वरूप दर्शक ठंड के बाद भी जमे रहे।

बुधवार की सायं सांस्कृतिक मंच बमनस्वाल के कलाकारों ने मंच संभाला व वंदना के साथ कार्यक्रम का प्रारम्भ किया। इसके बाद कलाकारों ने एक के बाद एक कुमाऊंनी, नेपाली व गढ़वाली गीतों में दर्शकों को थिरकाया। लोहाघाट के कलाकारों ने भी दर्शकों की काफी वाहवाही लूटी। रात्रि में गीत एवं नाटय प्रभाग लखनऊ के कलाकारों ने मंच संभाला तो मंच में राज्य के विभिन्न प्रांतों की सांस्कृतिक छटा का प्रदर्शन देखने को मिला। सुनील कुमार द्वारा गाई गजल 'बहुत गुजर चुकी थोड़ी सी रात बाकी है, तुम आ जाओ, अभी दिल की बात बाकी है' दर्शकों द्वारा काफी सराही गई। इसके बाद कलाकारों ने राजस्थानी, हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश के प्रांतों के नृत्य व गीतों के साथ दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। संचालन प्रभाग के कार्यक्रम अधिकारी नरेद्र श्रीवास्तव ने किया।

पंकज सिंह महर

इस अवसर पर मेर पहाड़ ने "विरासत" नामक स्मारिका का विमोचन किया गया है, जिसकी विस्स्तृत जानकारी हेम दा से अपेक्षित है।

राजेश जोशी/rajesh.joshee

महाराज,
कल घुगूतिया त्यार ठैरा आप सभी को घुघूतिया त्यार और मकर संक्रान्ति की शुभकामनाऎं

मेरा पहाड़ / Mera Pahad

Mera Pahad ke sabhi sadasyon ko Ghghutia aur Makar Sakranti ki haardik Shubhkamnaen.

Quote from: rajesh.joshee on January 13, 2009, 09:56:35 AM
महाराज,
कल घुगूतिया त्यार ठैरा आप सभी को घुघूतिया त्यार और मकर संक्रान्ति की शुभकामनाऎं


खीमसिंह रावत

उत्तरैनी की हार्दिक बधाई
साथ ही साथ हेम जी से बागेश्वर उत्तरैनी कौत्तिक की फोटो चाहते हैं /

खीमसिंह रावत

Quote from: एम् एस मेहता /M S Mehta on January 18, 2008, 09:38:28 AM
छपेली, घूमर व डांडिया ने ठंड में गर्मी का अहसास कराया दर्शकों कोJan 18, 02:37 am


बागेश्वर जाने का सौभाग्य तो नही मिला चलो इन्टरनेट की दुनिया से ही सही मेहता जी ने बागेश्वर  पंहुचा दिया है/

पंकज सिंह महर

"काले कौव्वा का-का, पूष की रोटी माघे खा"     
ये आवाजें कल सुबह ही पिथौरागढ़ और बागेश्वर में सुनाईं देंगी।



उत्तरैनी की हार्दिक बधाई

कल सुबे सुरु हो जायेगा फिर.. काले कौवा काले..

हेम पन्त

आज पूष (पौष) मास का अन्तिम दिन है, आज बनाये गये घुघुते और पुवे कल सुबह(माघ में) खाये जायेंगे. बच्चे कव्वों को इस आवाज से न्यौता देंगे.

काले कव्वा का-का, पूष कि रोटी माघ खा...

आप सभी को उत्तरायणी पर्व की शुभकामनायें