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CONDOLENCE - शोक संदेश

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 21, 2008, 10:56:11 AM

पंकज सिंह महर

साथियो,
       बड़े दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे फोरम के एक सदस्य चारु त्रिपाठी का दिनांक १५ अगस्त, २००९ को देहरादून में आकस्मिक निधन हो गया। वे 26 वर्ष के थे, श्री त्रिपाठी कुमाऊं वि०वि० से जियोलाजी में परास्नातक करने के बाद देहरादून में शोध कार्य(Ph.D.) कर रहे थे। श्री त्रिपाठी स्व० श्री विपिन चन्द्र त्रिपाठी जी पुत्र एवं द्वाराहाट के विधायक श्री पुष्पेश त्रिपाठी और हमारे फोरम के सक्रिय और ऊर्जावान सदस्य श्री शैलेश त्रिपाठी के छोटे भाई थे।

मेरा पहाड़ परिवार स्व० श्री चारु त्रिपाठी जी की आत्मा की शांति के लिये परम पिता परमेश्वर से प्रार्थना करता है और यह कामना करता है कि उनके परिवारीजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।

इस दुःख की घड़ी में मेरा पहाड़ परिवार स्व० त्रिपाठी जी के परिवार के साथ समान रुप से सहभागी है।

खीमसिंह रावत

समाचार पा कर स्तब्ध हूँ /  फोरम में चारू जी की कमी हमेशा बनी रहेगी / उसे पूरा करना सम्मभव नहीं है/

मै प्राथर्ना करता हू कि इश्वर मृत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें / विपत्ति कि घडी में परिवार को धौर्य धारण करने कि शक्ति दें /



शोकाकुल
मेरा पहाड़ परिवार

Meena Rawat

bhagwan unki atma ko shanti de!!!

or unke pariwar walo ko shakti de

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This is very-2 sad news.

We pray to Almighty to give stregnth the family of late Charu Tripathi to bear this loss.

May his soul rest in peace .

Risky Pathak

Very Sad News. Bhagwan Mrit Aatama Ko Shanti De

मेरा पहाड़ / Mera Pahad

Is dukh ki ghadi main samast Mera Pahad parivaar Tripathi ji ke parivaar ke saath hai. Bhagwaan mritaatma ko shaanti se.

हेम पन्त


अनुजतुल्य चारु की असामयिक मृत्यु के समाचार पर यकीन करने का अभी भी मन नहीं हो रहा है... चारु से मेरी कई बार मुलाक़ात और फोन पर बात हुई है... सामाजिक सरोकारों के प्रति उसका रुझान तो उसके संस्कारों में ही था, साथ ही वह बहुत विनम्र और विचारशील भी था... भगवान चारु की आत्मा को शान्ति दे... पुष्पेश जी, शैलेश भाई व परिवार के अन्य सदस्य इस भारी दुःख को कैसे सह पायेंगे समझ में नहीं आता, लेकिन क्या करें?  दुःख की इस बेला में हम आपके साथ हैं...

पंकज सिंह महर

वयोवृद्ध राज्य आंदोलनकारी, समाजसेवी, पत्रकार, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष हुकुम सिंह पंवार का निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे। उन्होंने सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे आखिरी सांस ली। उनके घर में दो बेटे, पुत्रवधु व पत्नी हैं। उनकी अंत्येष्टि मंगलवार को हरिद्वार में होगी। मसूरी में विकास पुरुष के नाम से प्रसिद्ध रहे हुकुम सिंह पंवार का जन्म जौनपुर प्रखंड के थान-भवान में 14 अगस्त 1925 को हुआ था। उनकी प्राइमरी शिक्षा मसूरी में हुई। उच्च शिक्षा देहरादून व लखनऊ में हुई। राज्य आंदोलन में उनकी भूमिका अग्रणी रही। आंदोलन में कई बार वे जेल गए। 1994 में वे बरेली जेल रहे। लंबे समय तक उत्तराखंड संघर्ष समिति के संयोजक रहे पंवार के नेतृत्व में राज्य आंदोलन चरम पर पहुंचा। वे उक्रांद के संस्थापक सदस्य रहे। उक्रांद का जन्म एक प्रकार से उनके ही घर पर हुआ था। वे आजादी के आंदोलन में भी सक्रिय रहे। टिहरी रियासत के खिलाफ प्रजामंडल में भी सक्रिय रहे हुकुम सिंह पंवार 1952 से 75 तक मसूरी नगरपालिका में सभासद रहे। 1967 से 71 तक तक वे पालिका अध्यक्ष रहे। अध्यक्ष का उनका स्वर्णिम कार्यकाल रहा। मसूरी के पर्यटन विकास में उनकी अद्वितीय भूमिका रही। मसूरी में रोपवे उन्हीं की देन है। यह उत्तर भारत का पहला रोपवे है। उन्होंने कंपनी बाग झील विकसित कराई। लंबे समय तक उन्होंने मसूरी टाइम्स का संपादन किया। वे कई सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़े रहे। होटल एसोसियेशन, बार एसोसियेशन, पत्रकार परिषद मसूरी के संस्थापक अध्यक्ष भी वे रहे। उनके पूरे परिवार की राज्य आंदोलन में अहम भूमिका रही। उनके ज्येष्ठ पुत्र राजेंद्र पंवार मसूरी गोलीकांड में बुरी तरह जख्मी हुए थे।

उनके निधन से उत्तराखण्ड को अपूरणीय क्षति  हुई है, उनके निधन से उत्पन्न हुई रिक्तता को कभी भरा नहीं जा सकता है। मेरा पहाड़ परिवार उन्हें अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता है और परमपिता परमेश्वर से उनकी आत्मा की शांति तथा उनके परिवारीजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना करता है।

हेम पन्त

प्रख्यात आन्दोलनकारी व समाजसेवी हुकुम सिंह पंवार  जी को "मेरा पहाड़" की तरफ़ से हार्दिक श्रद्धांजली.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


May the departed soul rest in peace !

Quote from: पंकज सिंह on September 08, 2009, 10:52:43 AM
वयोवृद्ध राज्य आंदोलनकारी, समाजसेवी, पत्रकार, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष हुकुम सिंह पंवार का निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे। उन्होंने सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे आखिरी सांस ली। उनके घर में दो बेटे, पुत्रवधु व पत्नी हैं। उनकी अंत्येष्टि मंगलवार को हरिद्वार में होगी। मसूरी में विकास पुरुष के नाम से प्रसिद्ध रहे हुकुम सिंह पंवार का जन्म जौनपुर प्रखंड के थान-भवान में 14 अगस्त 1925 को हुआ था। उनकी प्राइमरी शिक्षा मसूरी में हुई। उच्च शिक्षा देहरादून व लखनऊ में हुई। राज्य आंदोलन में उनकी भूमिका अग्रणी रही। आंदोलन में कई बार वे जेल गए। 1994 में वे बरेली जेल रहे। लंबे समय तक उत्तराखंड संघर्ष समिति के संयोजक रहे पंवार के नेतृत्व में राज्य आंदोलन चरम पर पहुंचा। वे उक्रांद के संस्थापक सदस्य रहे। उक्रांद का जन्म एक प्रकार से उनके ही घर पर हुआ था। वे आजादी के आंदोलन में भी सक्रिय रहे। टिहरी रियासत के खिलाफ प्रजामंडल में भी सक्रिय रहे हुकुम सिंह पंवार 1952 से 75 तक मसूरी नगरपालिका में सभासद रहे। 1967 से 71 तक तक वे पालिका अध्यक्ष रहे। अध्यक्ष का उनका स्वर्णिम कार्यकाल रहा। मसूरी के पर्यटन विकास में उनकी अद्वितीय भूमिका रही। मसूरी में रोपवे उन्हीं की देन है। यह उत्तर भारत का पहला रोपवे है। उन्होंने कंपनी बाग झील विकसित कराई। लंबे समय तक उन्होंने मसूरी टाइम्स का संपादन किया। वे कई सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़े रहे। होटल एसोसियेशन, बार एसोसियेशन, पत्रकार परिषद मसूरी के संस्थापक अध्यक्ष भी वे रहे। उनके पूरे परिवार की राज्य आंदोलन में अहम भूमिका रही। उनके ज्येष्ठ पुत्र राजेंद्र पंवार मसूरी गोलीकांड में बुरी तरह जख्मी हुए थे।

उनके निधन से उत्तराखण्ड को अपूरणीय क्षति  हुई है, उनके निधन से उत्पन्न हुई रिक्तता को कभी भरा नहीं जा सकता है। मेरा पहाड़ परिवार उन्हें अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता है और परमपिता परमेश्वर से उनकी आत्मा की शांति तथा उनके परिवारीजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना करता है।