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CONDOLENCE - शोक संदेश

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, January 21, 2008, 10:56:11 AM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Very very sad news..

May God the departed soul rest in peace.

Quote from: Rajneesh on June 20, 2009, 11:54:12 PM
Hi everyone,

I was shocked to hear of the sad demise of Mr.Niralaji (Husband of famous Folk singer Ms Anuradha Niarala ji)

My heartfelt condolences to Anuradhaji & Family.

I pray to the Almighty Lord to give her courage,strength and support.

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पंकज सिंह महर

कृपया इस दुखःद समाचार को पढ़े-
बादल फटा:43 जिंदा दफन
मुनस्यारी, जागरण संवाददाता: गहरी नींद में सो रहे तीन गांवों पर शनिवार को तड़के प्रकृति ने कहर बरपा दिया। बादल फटे और नदी-नाले उफन गए। कई घर मलवे में तब्दील हो गए। मलवे में 43 लोग जिंदा दफन हो गए। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में यह तीनों गांव आपस में लगे हुए हैं। देर शाम तक 15 लोगों के शव निकाले जा चुके थे। मलवे में दबे लोगों के जिंदा बचने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई है। राहत कार्य में स्थानीय लोगों और प्रशासन के साथ-साथ एसएसबी और आईटीबीपी भी जुटी हुई है। पिथौरागढ़ की सुदूरवर्ती तहसील मुनस्यारी के तीन गांव ला, पनलिया तोक और रुनीतोला तोक में शनिवार को तड़के करीब ढाई बजे बादल फट पड़ा। ला और पनलिया गांवों के आसपास बहने वाले सुकलिया और झिकाला नाले उफन कर बस्ती की ओर रुख कर गए। विनाश का पर्याय बने दोनों नालों ने पलक झपकते ही ला में आठ और पनलिया में चार मकानों को लील लिया। नतीजतन 38 ग्रामीण मलबे में विलीन हो गए। इसी दौरान रुनीतोला गांव में भी दो मकान ध्वस्त हो गए और पांच लोग मलबे में दब गए। यहां तीन ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। शनिवार को प्रात: सात बजे ला गांव के निकट रहने वाले राम सिंह ने इसकी सूचना तहसील प्रशासन मुनस्यारी को दी। जिला मुख्यालय में सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। उधर 7वीं, 14वीं वाहिनी आईटीबीपी और 11वीं वाहिनी एसएसबी के 70 जवानों का दल मौके पर पहुंच गया। जहां शवों को ढूंढ़ने का कार्य शुरू किया गया। शाम तक 15 शव निकाले जा चुके थे। कुछ शवों के पानी में बह जाने की आशंका है। एक शव डोर गांव के पास और सिर कटा शव नाचनी के पास देखा गया। देर शाम तक शवों की खोजबीन जारी थी। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्यरे का जायजा लिया। प्रशासन के साथ ही पुलिस और सुरक्षा बलों के अधिकारी घटनास्थल पर डटे हुए हैं।



यह एक प्राकृतिक आपदा थी और इस आपदा के सामने हमेशा मानव हारा ही है और उत्तराखण्ड का यह दुर्भाग्य है कि दैवीय/प्राकृतिक आपदाओं और हमारा चोली दामन का साथ रहा है। मेरा पहाड़ परिवार इस हृदय विदारक दुर्घटना में मृत लोगों की आत्मा की शांति के लिये तथा उनके संबंधियों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने हेतु परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता हैं। साथ ही यह भी कामना करता है कि आगे से ऐसा न हो, क्योंकि इससे बचाव के लिये हम चाहकर भी कुछ नहीं कर सकते।

हेम पन्त

नाचनी की इस हृदय विदारक घटना ने पूरे पिथौरागढ जिले और उत्तराखण्ड राज्य को हिला कर रख दिया है. इस घटना में 2 गांवों का अस्तित्व पूरी तरह से मिट गया है, और उस गांव के सभी निवासी और मवेशी जान गंवा बैठे हैं.

हमारी सदभावनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं. भगवान मृत आत्माओं को शान्ति दे.. हम तो भगवान से यही प्रार्थना कर सकते हैं कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से उत्तराखण्ड की रक्षा करे..



पिथौरागड के नाचिनी मे हुयी प्रकर्तिक अपदा मे म्रतको के परिवार वालो को भगवान इस दुख को सहन करने की ताकत दे.. और म्रतको की अत्मा को शान्ति  दे..

Pawan Pahari/पवन पहाडी

पिथोरागद जिले की इस दुखद घटना से पूरा उत्तराखंड शोक मैं डूबा है.  हम उन सभी मृतकों को श्रद्धांजलि  अर्पित करते है. तथा भगवान् से उनकी आत्मा की शान्ति के लिए प्रार्थना करते है.

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

is prakratik aapda main maare gaye logon ki aatma ko bhagwaan shaanti de.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This is the photographs of rescue operation. 


पंकज सिंह महर


Risky Pathak

Bahot hi dukhad ghatnaa ghatit hui.. kudrat ke aage insaan ka koi bas nahi.. Nachni ki is praakratik aapda me maare gye logo ki atma ko bhgwaan shaanti de... sath hi unke parijano ko is dukh se ubarne me shaytaa karein..

Pratap Mehta

Ishwar mrit atmao ko shanti de aur shokakul pariwaron ko is pida ko sahen karne ki shakti pradan kare.