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Today's Thought - पहाड़ के मुहावरों/कथाओं एवं लोक गीतों पर आधारित: आज का विचार

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, May 08, 2008, 02:02:13 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

आज का विचार "

सासू ले ब्वारी के कौ,
ब्वारी के च्याल के कौ,
च्याळ के कुकुर के कौ,
कुकर ले पिछोड़ हिला दी!

इसका मतलब है -
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अपना काम स्वयं न करना, एक दुसरे को पास करते रहना और अंत में कार्य न होना!

इस लिए अपना काम दुसरो पर नहीं टालना चाहिए!

यह - मुहावरा .. हमारे सदस्य - अनिल जी फोरम में डाला है



एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


एक सपुक स्वाद, एक झलक संसार

यानी - एक ही ग्रास में स्वाद में पहचनना

(एक नजर में पहचान )

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Today's Though is this Poem (By Ashok Pandey)

कब आये पहाड़ से ?
क्या लाये हमारे लिए ?
कैसी कहे कि घर की मरम्मत
बीमार माँ ,कमजोर मरणासन्न मवेशी ,
बहन की ससुराल,
और आवारा भाई
पहाड़ नहीं होते
कैसे कहे सूटकेस की परतो के बीच
तहाकर रखे गए
दो चार नाशपाती ,खुबानी के दाने
नहीं होते पहाड़ की पहचान
कैसे कहे -गया ही कौन था पहाड़ ?
कब आये पहाड़ से
क्या लाये हमारे लिए
(अशोक पाण्डे )

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


भंडार भर्यां छन
पेट खाली छन
गिच्चु जुठ्ठु भि नि करी
पर भोजन खयाली

(डा० नागेन्द्र जगूड़ी नीलाम्बरम)
हमारी लोकशाहीन भी-
अपड़ी मंजिल पयाली।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

भलि छे सुवा भली छे, भलि बतौनि भलि हे, जस छे सुवा उसि छे।

" इसका अर्थ है सुन्दरी की प्रसंशा करते हुये हमेशा कहा जाता रहा कि तू बहुत अच्छी है, सभी बताते हैं वह अच्छी है, लेकिन अपनी जैसी ही है।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


दुन्या

Today's Thought
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साधोसिंह नेगी


ईं दुन्या का मेला मा,
सुधि फुक्यंा ठेला मां,
कैन बूति कैन बाई
अर क्वी, धाण कैरि गे

खेलियूं मां मिसैकि हमतैं
सट्ट-वो लीगीं थौला मा°,
गौड़ि- भैंसी हमरि लैन्दी,
वू°थै घ्यू कि कमोˇि चैन्दी,
कट्वा कुक्कुरू° घ्यू खवैकि,
हम बैठ्या° छौं छैला मा।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720



सैΣब- कुछ
द्यखणा छा
पर..........
कुछ नि कैरि सकणां छा !
बंद्यां गोरू जन
बस्.........
रमणां छा !!
बस्

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मन

मन थै अपड़ा इना उना करण नि चैंदू
इना अगर ∫वैगी त उना हंुण नि चैंदू।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


TODAY'S THOUGHT IS THIS SONG  OF NARENDRA SINGH NEGI,
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हाथन व्हिस्की पिलाई फूलन पिलायो रमहाथन व्हिस्की पिलाई फूलन पिलायो रम-२
छोटा मोटा निर्दाली दिदोन कच्ची मा टरकायां हम-२
ऐंसू चुनाव मा मजा ही मजा हो हो हो हो हो
ऐंसू चुनाव मा मजा ही मजा, दारू भी रुपया भी ठम ठम
  हाथन व्हिस्की पिलाई फूलन पिलायो रम-२ [ch...]

सबेर पैक पे घडी दगडी, दिन का पैक साईकिल मा चडी
दिन का पैक साईकिल मा चडी-२ {च..}
ब्याखुनी खुर्सी मा तम् तम् पड़ी, राती कु हाथी मा बैठी की तड़ी
राती कु हाथी मा बैठी की तड़ी-२{च..}
ऐंसू चुनाव मा ठाट ही ठाट हो हो हो हो हो
ऐंसू चुनाव मा ठाट ही ठाट, प्रत्यासी पैदल आर घोड़ा मा हम

हाथन व्हिस्की पिलाई फूलन पिलायो रम-२ {च...}

मुर्गों की टांग च बखरों की रान च, हाथ मा सिगरेट गिच्चा मा पान च
हाथ मा सिगरेट गिच्चा मा पान च-२{च..}
जुगराज रै मेरा लोकतंत्र, तेरा प्रताप गरीब किसान च
तेरा प्रताप गरीब किसान च-२{च..}
पैली नि छौ पता अब चलिगे होहो होहो हो
भोट की चोट मा कदगा दम

हाथन व्हिस्की पिलाई फूलन पिलायो रम-२ {च...}

आज ये दल मा भोल वे दल मा, दल बदली नेतोन हर पल मा
दल बदली नेतोन हर पल मा-२{च...}
हमारी भी दारू का ब्रांड बदलेनी, कभी सोडा कोक मा कभी गंगाजल मा
कभी सोडा कोक मा कभी गंगाजल मा-२{च..}
ऐंसू चुनाव मा ऐश ही ऐश होहो होहो हो
ऐंसू चुनाव मा ऐश ही ऐश, देश बिदेश लोकल अजम

हाथन व्हिस्की पिलाई फूलन पिलायो रम-२ {च...}

हवेगे चुनाव सरकार बणीगे, क्वी मवाशी बणी क्वी उजिडिगे
क्वी मवाशी बणी क्वी उजिडिगे-२{च..}
अब नि दिखेणा पीलोंण वोला कखी, खाली हवे बोतल नशा उतिरिगे
खाली हवे बोतल नशा उतिरिगे-२{च..}
चिफ्ला का राज कई मौज करेनी होहो होहो हो
चिफ्ला का राज कई मौज करेनी, जुंगो का राज मा ठम ठम

हाथन व्हिस्की पिलाई फूलन पिलायो रम-२ {च...}

हाथन व्हिस्की पिलाई फूलन पिलायो रम-२
छोटा मोटा निर्दाली दिदोन कच्ची मा टरकायां हम-२
ऐंसू चुनाव मा मजा ही मजा हो हो हो हो हो
ऐंसू चुनाव मा मजा ही मजा, दारू भी रुपया भी ठम ठम

हाथन व्हिस्की पिलाई फूलन पिलायो रम-२ {ch...}

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बड़ा लोग
गजेन्द्र नौटियाल 
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बड़ा लोग
बडु भोग
बडु रोग
बडु सेठ
बडु पेट
बडु गेट
दगड़ा मा बडु रेट
बड़ोकि बड़ि छ्वी
बींगि नि साकु क्वी
बडु मुख बड़ि बात
छ्वटु पराण पडु गात
बड़ि अकल बड़ि जात
बडु काज बडु हात
पण दगड्यों
चोरि चकोरि त् छ्वट-छ्वट करदीं
वोत् मुलुक थैं बि बेचिक
सिर्फ जनसेवा का वास्ता
चन्दा का रूप मा
थोड़ा भौत कमीशन ही त् खंदी।