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Harela Festival Of Uttarakhand - हरेला(हरयाव)

Started by Risky Pathak, July 12, 2008, 09:18:39 PM

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एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

'लाग हरियाव, लाग दशैं, लाग बग्वाव,
ज़ी रया, जागी रया,
य दिन, य महैण कैं नित-नित भ्यटनै रया।
बेर जस फ़ल जया,
दुब जस पंगुर जया।
स्याव जसि बुद्धि है जौ,
स्यूं जस तराण ऐ जौ। "

तुम सब कैं सपरिवार हरियाव (हरेला) त्यार कि भौत-भौत बधै।

टीम : www.MeraPahadForum.com

विनोद सिंह गढ़िया

आप सभी को लोक पर्व 'हरेला' की हार्दिक बधाई और शुभकामना.



Harela

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

! लाग हरियाव !! लाग दशै !! लाग बग्वाल !!
जी रया, जागी रया ,
यौं दिन मास नित नित भेटने रया ,
बेर जस फल रया
दुब जस पंगुर जया
श्याव जसी बुद्धि है जौ
स्यूं जस तराण ऐजौ ,

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Hema Uniyal
3 hrs ·
सुप्रभात ---दोस्तो, आज प्रसिद्द लोक पर्व ''हरेला/हर्याव का पावन दिवस है। इस पर्व की आप सभी को हार्दिक व अनन्त शुभकामनायें।इस पवित्र दिन घर के भीतर विधि -विधान पूर्वक बोई गई 9 दिन पूर्व हरियाली को प्रतिष्ठा कर काटा जाता है। सर्वप्रथम मंदिर आदि में अर्पित करने के बाद अपने परिवार जनों,इष्ट -मित्रों के सिर पर रखकर यह आशीर्वचन दिया जाता है -----
लाग हर्याव, लाग दशैं ,लाग बग्वाव
जी रया,जागी रया,बची रया
य दिन य मास भेटनें रया ------
सांकेतिक रूप से इस पर्व को मनाए जाने का उद्देश्य अपने बीच प्रकृति को उन्नत व हरियाली युक्त बनाए रखना है। सुन्दरतम प्रकृति व लहलहाती फसलों के बीच जीवन की संवृद्धि व वातावरण की शुद्धि निश्चित है। आज के दिन प्रकृति को सदा हरा -भरा रखने हेतु ''पेड़'' लगाए जाने का भी अति महत्व है।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Wishing one and all HAPPY HARELA.....to my mind one of the two most significant festivals of Uttarakhand..May this "Kark Sankranti" be a harbinger of growth and prosperity to the society,specially to the hapless farmers, who have been crippled by consecutive failed monsoons,or nonseasonal rains......and the Mother Nature too has played ball this time around....been raining profusely in "the rainy season"....good tidings for the paddy croppers....

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

जी रया जाग रया, य दिन य मास भेंट नै रया,
लाख हरयाव लाख बगाव लाख सिर पंचम चढूनै रया,
दुप जै पुगर जाया, पाति जै हुंगर जाया,
शेर बराबर ताकत आ जाओ, स्याव बराबर बुद्धि आ जाओ,
तितर बराबर चालाक है जाये,
इक्ल-इक्ल झन खाये, हमन कलै याद करनै रैया,
य हरियाव त्यार हमेसा-हमेसा लिजि पूजैनै रया,।

विनोद सिंह गढ़िया

Harela
हरेला


Happy Harela.

आप सभी को लोक पर्व 'हरेला' की हार्दिक शुभकामनायें.


Raje Singh Karakoti

Quote from: Risky Pathak on July 12, 2008, 09:18:39 PM
हरेला: हरयाव

हरेला उत्तराखंड का १ प्रमुख त्यौहार है| हरेला उत्तराखंड की संस्कृति का १ विभिन्न अंग है| ये त्यौहार सामाजिक सोहार्द के साथ  साथ कृषि व मौसम से भी सम्बन्ध रखता है|

हरेला: भिन्न प्रकार के खाद्यानों के बीजो को एक साथ उगाकर, दस दिन के बाद काटा जाता है| 

हरेला साल में तीन बार मनाया जाता है|

१. चैत्र: चैत्र मास के प्रथम दिन बोया जाता है और नवमी को काटा जाता है|
२. श्रावण: श्रावन लगने से नौ दिन पहले अषअड़ में बोया जाता है और १० दिन बाद काटा  जाता है|
३. आशिवन: आश्विन  नवरात्र के पहले दिन बोया जाता है और दशहरा  के दिन काटा जाता है|

पिठां (तिलक), चन्दन और अक्षत के साथ थाली में रखा हुआ हरेला..

Thanks for this valuable information brother Risky .....

Rajender Singh

दाज्यू लोगो हरियाव कदिन छू ?