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उत्तराखंड पर कवितायें : POEMS ON UTTARAKHAND ~!!!

Started by Dinesh Bijalwan, August 05, 2008, 02:18:42 PM

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

बालकृष्ण डी ध्यानी
21 hours ago
लिख रहा हूँ खुद ही खुद से अब मैं मिटा रहा हूँ
जिंदगी मेरा पन्ना अब कौन लिखता जा रहा है

ध्यानी

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Garhwali Classes "गढ़वाली छुई"
June 18
हे भुल्ला तु घौर जाणी छै त,
हे भुल्ला तु गढ़वाल जाणी छै त,
द्वी मेली चाणों की एक मिठे कु
डब्बा
मेरा घौर भी पौंछे दे।
मिली जाली मेरी ब्वे त्वे
रस्ता मा
छुणख्याळी दथुड़ी होली हाथो मा
मुंड मा मुन्यसु अर
कुछ्ली गात होली।
जाणी होली सारी घासु बटी
ज्वा ब्याखुनी धौं
सबसी रात होली ।
हाँ भुला वा मेरी माँ होली
पछ्याण जाण तिन
पौछे दे मेरु मीठे कु डब्बा
अर द्वी बीज चाणों का।
पुछली त बोली दे
राजी खुसी च
अगला मैना घार आलू।।
त्वे खुण धोती अर
बाबा कु फंची ल्यालु।।
अतुल गुसाईं (जाखी)
(सर्वाधिकार सुरक्षित)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Garhwali Classes "गढ़वाली छुई"
June 17
तख सैड्डी दुनिया पर फुटबौल कु बुखार चढ्यूं च
कि "ब्राजील" जितलो कि "अर्जनटीना"..

यख हमारा गढवाल पर प्रधान का चुनौ कु बुखार चढ्युं च
कि मथ्या खोला कु "दिन्नु दरोल्या" जितलु
या बेल्या खोला कु "जग्गु जुआरि" ......... येपडि बैका

#BOLYA

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

गढ़वाली भाषा पार्ट-२
क्यों इतने सालो से नेगी जी की सीडी नहीं आई... गढ़वाली भाषा पार्ट-२
अगर आप गढ़वाली भाषा बोलते है तो जरूर देखे और शेयर करे

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मछली जल की रानी है .ये कु घर्या वर्जिन..

कज्याणी घर की राणी चा,
करदी अपणी मनमानी चा,
काम बतावा त चिढ़ जाणी चा,
अर
सीरियल दिखावा त खिल जाणी चा... Yepadi beka,.....

#BOLYA

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Garhwali Classes "गढ़वाली छुई"
June 20
न त सरग,न सरकार बरखणी।
ज्युन्दा आदिमा कि आत्मा च भटकणी।
कले दे होलू भला दीन का चक्कर मा वोट
आज बात दिल मा च खटकणी।।
मनमोहन का राज मा कंस जन राज देखी,
ये राम राज्य मा भी,जिंदगी लटकणी।
वाss मैंगे की मार, जिंदगी उदार
जिकुड़ी डौरा कु धक धक धडकणी।

अतुल गुसाईं(सर्वाधिकार सुरक्षित)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Garhwali Classes "गढ़वाली छुई"
June 18
हे भुल्ला तु घौर जाणी छै त,
हे भुल्ला तु गढ़वाल जाणी छै त,
द्वी मेली चाणों की एक मिठे कु
डब्बा
मेरा घौर भी पौंछे दे।
मिली जाली मेरी ब्वे त्वे
रस्ता मा
छुणख्याळी दथुड़ी होली हाथो मा
मुंड मा मुन्यसु अर
कुछ्ली गात होली।
जाणी होली सारी घासु बटी
ज्वा ब्याखुनी धौं
सबसी रात होली ।
हाँ भुला वा मेरी माँ होली
पछ्याण जाण तिन
पौछे दे मेरु मीठे कु डब्बा
अर द्वी बीज चाणों का।
पुछली त बोली दे
राजी खुसी च
अगला मैना घार आलू।।
त्वे खुण धोती अर
बाबा कु फंची ल्यालु।।
अतुल गुसाईं (जाखी)
(सर्वाधिकार सुरक्षित)

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

Garhwali Classes "गढ़वाली छुई"
June 17
तख सैड्डी दुनिया पर फुटबौल कु बुखार चढ्यूं च
कि "ब्राजील" जितलो कि "अर्जनटीना"..

यख हमारा गढवाल पर प्रधान का चुनौ कु बुखार चढ्युं च
कि मथ्या खोला कु "दिन्नु दरोल्या" जितलु
या बेल्या खोला कु "जग्गु जुआरि" ......... येपडि बैका

#BOLYA

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

मछली जल की रानी है .ये कु घर्या वर्जिन..

कज्याणी घर की राणी चा,
करदी अपणी मनमानी चा,
काम बतावा त चिढ़ जाणी चा,
अर
सीरियल दिखावा त खिल जाणी चा... Yepadi beka,.....

#BOLYA

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

कविता उत्तराखंड की बालकृष्ण डी ध्यानी
June 13
कैल लेकियूं हुलु इंन यूँ का भाग

कैल लेकियूं हुलु इंन यूँ का भाग
एक हात दिनी एक हाती रात

ना जागी पैई ना सै पैई
ना थिक से अन्न ईं पुट्गी गैई

मेरा पाडे कि वा बेटी ब्वारी
वा रे इंन हाथों की दाती

क़मरी कसी मोंड साफा लिप्टयूं
थग्ल्यू धतुली बोूलज्या सिल्युं

ना कै चीजा कि फरमाइश करींचा
जो मिल्युं चा वा संभलयूं धरयूं

मेरा पाडे कि वा बेटी ब्वारी
कबि थाकि की कबि ना उफा कैरीं च

जित्ग मि यूँ परी लिखयुलू
उत्गा बि मेरु लिख्युं काम पड़लु

मेर पाडे की भगवती बाल कुँवारी
यूँ रक्षा कैर जागृत देब्तों कु ठों हमारी

मेरा पाडे कि वा बेटी ब्वारी
उत्तराखंड गढ़वाल कुमो की नारी

कैल लेकियूं हुलु इंन यूँ का भाग
एक हात दिनी एक हाती रात

आभार फूटो: श्री महि सिंग मेहता भूल

एक उत्तराखंडी

बालकृष्ण डी ध्यानी
देवभूमि बद्री-केदारनाथ
मेरा ब्लोग्स
http:// balkrishna_dhyani.blogspot.com
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