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Give Temple Details - यहाँ दीजिये अपने क्षेत्र के छोटे-२ मंदिरों का विवरण

Started by एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720, February 13, 2009, 11:08:06 AM

पंकज सिंह महर

मां भगवती मन्दिर, जमतड़

डीडीहाट तहसील के अन्तर्गत जौरासी के पास एक छोटा सा गांव है जमतड़, उसी गांव में स्थित है मां भगवती का मन्दिर। बजानी गांव से बांज के जंगलों से निकली नदी के किनारे यह मन्दिर स्थित है। जनश्रुति है कि एक बार मां भगवती किसी राक्षस का पीछा करते हुये यहां पहुंची, राक्षस दुर्गा से बचने के लिये नदी के अन्दर ताल में छुप गया और मां भगवती ने राक्षस का पानी से बाहर निकलने का इंतजार यहां पर बैठकर किया और जब राक्षस बाहर निकला तो मां ने उसका वध कर दिया। मां भगवती जिस उद्देश्य से निकली थी, वह पूरा हो गया और यह स्थान भी उन्हें पसंद आ गया तो मां ने यहीं पर अपना आवास बना लिया।
    स्थानीय लोगों में इस देवी के प्रति बहुत श्रद्धा है, चैत्र तथा कार्तिक नवरात्र में यहां पर नौर्त बैठते है और कार्तिक मास की पंचमी को यहां पर मेला भी लगता है।
मंदिर-

नदी, जिसमें राक्षस छुप गया था-

इस मंदिर में एक पत्थर भी रखा हुआ है, जिसे एक व्यक्ति नहीं उठा सकता लेकिन नौ लोग अपनी अनामिका से एक साथ इस पत्थर को उठायें तो, आसानी से यह पत्थर उठ जाता है।

मंदिर की धूनी

मंदिर में लगी घंटियां

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Bhagwati Maata Temple in Kanaar area of Pithoragarh

There is a famous temple of Maata Bhagwati near Bram (Munsiyari) line. It is said that childless couple visit this temple. As the Bar (vardan) people ask for fulfilment of their wishes here .

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720

I have given details of some of the prominent temples details of our villages areas.

Bhadrakali near Kamedi Devi. \
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There is famous temple of Bhadrakali near Kamedi Devi. The exact place is called Tangnaar. It is the said the temple of Mata in cave where a river also flows.

Risky Pathak

KaaliNaag Devta Mandir

This temple is situated at top of a peak in Pithoragarh District under Berinaag Block. Near by places are Thal, Kotgari Mandir, Chaokori, Pankhu etc.

Females are not allowed in this temple. Several areas can be seen through this peak.

Risky Pathak

Kotgaari Devi Mandir:

This Temple is situated in pithoragarh district in didihaat tehsil. Near by places are Thal, Chaokori, Pankhu etc.

Kotgaari devi is know as goddess of justice i.e. 'Nyaay Ki Devi'.

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720




गढ़देवी सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। क्षेत्र के ग्राम गुरुड़ा me.
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There is temple of Mata in Someshwar area of Almora District.


गढ़देवी मंदिर में बैसी जिसमें क्षेत्र ही नहीं सुदूर गांवों से भी भक्तजन पूजा अर्चना के लिए आते है। उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के ग्रामीण अपनी कुलदेवी गढ़ीदेवी को प्रसन्न करने के लिए दर्जनों बकरों की बलि देते है। बैसी में कुलदेवी के साथ-साथ ग्राम देवताओं की पूजा अर्चना भी की जाती है। ग्यारह दिनों तक 22 बार देवताओं का आह्वान किया जाता है। जागर के समय धूनी में डंगरियों के शरीर में देवता प्रवेश करते है तथा ग्रामवासियों को सुख-समृद्धि का आर्शीवाद देते है। देवता ग्रामवासियों की समस्याओं के समाधान का उपाय भी बताते है।

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


This is the photo of Bhagwati Mata Temple of my village Jarti, District Bageshwar area.

This temple is in the centre of the village where devotees perform Poja on Navaratras and other occassions.



Photo by : Pratp Mehta

मोहन जोशी

Sapoke namaskaar,
AAj mee le yaa aafu eelak Khirmanday baar main lekhan chaa. Jaa charo aur bhot saa mandir chan.  Khairmanday mai meli dhar main Maa Jawala Ulka Mandir chu, ja peli bathi Nandaasthmi din Raat k Meyaal lagchi. Vishaal Raakh le ber eelak waal raakh ke mandir pujuchi, Dur dur Ganglihat Seraghat, Ganai bathi dukaan dar mela main dukaan laguchi, magar saribiyo maar kaate wajeli tu miyaaw dhumil padi giyo.

मोहन जोशी

इसी तरह खीर्मांडे मैं मतोली गाँव को चोटी मैं भगवान् भोले नाथ का बहुत पुराना लंकेश्वर महादेव मंदिर है कहावत है के मतोली के ब्रह्मण ने एक बार यहाँ के लिंग के बार मैं पूजा करते वक़्त कहा था की ये बहुत ऊचा है इतना कहेते ही वो लिंग जमीन मैं धसने लगा था लेकीन पुजारी ने उसे कश कर जहा पकडा वो वही रुक गया यहाँ भोले नाथ सदियों से विराजमान है  कहा जाता है की यहाँ ३ गुप्त नौले भी है जो पहले यहाँ रहने वाले बाबा जी को ही दीखाई  पड़ते थे वो वह से पानी भर कर लाते मगर औरो को नहीं दीखता था यहाँ पीने का पानी बहुत निचे से या वारिश का जल संचय करना होता है कियोकी चोटी मैं होने से जल मिलना दूभर हो जाता है पर भोले की किरपा हो तो किया बात मैं हर दिन हजारो लोग यहाँ आते है खासकर असोज मैं यहाँ नई फसल की चवल की सीक चडाई जाती है यहाँ बोरानी इलाके से खीर्मांडे से गंगोलीहाट से तथा रईआगर से लोग जाते है गर्मियों मैं यहाँ ठण्ड लगती है कहते है आधिक ऊँचाई मैं होने से यहाँ से नैनीताल अल्मोरा चम्पावत एवं पिथोरागढ़ की पहारियो तक नज़र जाती है यहाँ सर्दियों मैं सब्से पहेल वरफ पड़ी है और अचानक मौसम भी बदल जाता है बरीस भी अचानक हो जाती है यही झंडी दार भी है ये मंदिर दूर दूर से दीखता है कभी गंगोलीहाट जाये तो ये मंदिर रा इ का से दिख जाता है ये मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है बहुत से पर्यटक यहाँ आते है चाहे हिंदुस्तान से या विदेशो से आप भी जाये भगवान भोले शंकर की पावन भूमि मैं - जय जय लंकेश्वर महादेव

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


Devi Temple in Daanpur area of Bageshwsar.
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It said Mata Bhagwati killed Shumbh- Nishumbh devil in Shumbhgarh area where there is a temple of Mata Bhagwati.