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Tribute To Movement Martyrs - उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि

Started by Anubhav / अनुभव उपाध्याय, October 03, 2007, 02:14:22 PM

हेम पन्त

उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान खटीमा में १ सितम्बर १९९४ को गोली काण्ड हुआ और अगले ही दिन २ सितम्बर को मसूरी में. इन दोनों गोलीकाण्डों के बाद उत्तराखण्ड के जनमानस के बीच एक उबाल आ गया. हम लोग सङकों पर यह नारा लगाते हुए घूमते थे

खटीमा-मसूरी के हत्यारों को, गोली मारो सालों को...

अफसोस है कि सिर्फ १४ साल में ही हम इन आन्दोलनकारियो के बलिदान को भूल गये.

अश्रुपूर्ण श्रद्धांजली


पंकज सिंह महर

मसूरी, जागरण कार्यालय: मसूरी गोलीकांड के शहीदों की 14वीं बरसी पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गयी। शहीदों के परिजनों समेत मसूरी देहरादून से सैकड़ों आंदोलनकारी, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने शहीदों को अश्रुपूरित पुष्पांजलि दी। शहीद स्थल पर सुबह से ही श्रद्धांजलि देने वालों को तांता लगा रहा। प्रदेश के काबीना मंत्री दिवाकर भट्ट ने कहा कि आंदोलनकारियों के चिह्निकरण के प्रति सरकार गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों की भावना के अनुरूप ही काम करेगी। मंगलवार सुबह नौ बजे से शहीद स्थल झूलाघर पर 2 सितंबर 1994 के गोलीकांड में मारे गये छ: आंदोलनकारियों की 14वीं बरसी पर शहीदों के परिजन समेत नगर के आंदोलनकारी जमा हुए। देहरादून से भी भारी संख्या में महिलाओं ने हिस्सेदारी की। आज सुबह शहीदों के परिजन में हंसा धनाई के पति भगवान सिंह धनाई व परिजन, राय सिंह बंगारी के पुत्र रविराज बंगारी, धनपत व पुत्र व बलवीर के पिता भगवान सिंह नेगी समेत अनेक लोगों ने अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने वालों में प्रमुख रूप से देहरादून के मेयर विनोद चमोली, आंदोलनकारी सम्मान परिषद की अध्यक्षा सुशीला बलूनी, युवा परिषद उपाध्यक्ष रविंद्र जुगरान, मसूरी क्षेत्र के विधायक जोत सिंह गुनसोला,पूर्व विधायक प्रीतम सिंह पंवार, पालिकाध्यक्ष ओ पी उनियाल, पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, भगवती प्रसाद सकलानी, उत्तराखंड आंदोलनकारी मंच मसूरी के अध्यक्ष देवी प्रसाद गोदियाल, जयप्रकाश उत्तराखंडी, देवेंद्र मित्तल, भागीरथी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष बी डी रतूड़ी, उक्रांद नेता विवेक खंडूरी, सुशीला ध्यानी, सरोजनी कैंतुरा, पालिका सभासद नंदलाल, सुभाषिनी बत्र्वाल, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमवीर राघव समेत भारी संख्या में महिलायें शामिल थीं। शाम को शहीद स्थल झूलाघर में मोमबत्तियां जलायी गयी।

देहरादून, जागरण संवाददाता: मसूरी गोलीकांड की 14वीं वर्षगांठ पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने गोलीकांड के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मंच ने शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए प्रत्येक राज्यवासी से प्रदेश के विकास में एकजुट प्रयास करने का आहवान किया। मसूरी गोलीकांड की 14वीं बरसी पर राज्य आंदोलनकारी मंच के कार्यकर्ता सुबह कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर एकत्र हो गए। उन्होंने गोलीकांड के शहीदों को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्य आंदोलनकारी कल्याण परिषद की अध्यक्ष सुशीला बलूनी ने कहा कि शहीदों के त्याग व बलिदान के बूते ही राज्य गठन का आंदोलन सफल हुआ। लंबे संघर्ष के बाद मिले इस राज्य को चहुमुखी विकास के पथ पर अग्रसर करना ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राज्य युवा कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष रवींद्र जुगरान ने कहा कि छात्र, मातृशक्ति, पूर्व सैनिकों का आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। रणजीत सिंह वर्मा व विवेक खंडूड़ी ने शहीदों के सपनों को पूरा करने के लिए प्रत्येक नागरिक को प्रदेश की बेहतरी के लिए एकजुट प्रयास करने होंगे। श्रद्धांजलि सभा में मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, प्रवक्ता रामलाल खंडूड़ी, प्रदीप कुकरेती, पूर्ण सिंह, राकेश नौटियाल, प्रमोद पंत, डीएस गुसाई आदि मौजूद थे। उधर, अमर शहीद दस्तावेज धरोहर सुरक्षा समिति ने भी मसूरी गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। राजपुर स्थित समिति कार्यालय में आयोजित बैठक में संस्थापक अध्यक्ष बीएल सकलानी ने शहीदों के बलिदान से जुड़ी निशानियों व यादों को सुरक्षित व संग्रहित किए जाने की अपील की। साथ ही, शहीद स्मारकों की बदहाली पर रोष भी जताया। बैठक में गीता उनियाल, चिंतन, द्वारिका देवी, कुंदनी सकलानी, एसएन जोशी, रामचंद्र आदि उपस्थित थे। उधर, सांसद विजय बहुगुणा ने भी गोलीकांड के शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में श्री बहुगुणा ने कहा कि राज्य गठन में शहीदों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उत्तराखंड का सुसंगठित व समग्र विकास ही शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उधर, राहुल प्रियंका ब्रिगेड ने भी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर शहीदों को याद किया। आंदोलनकारी कल्याण परिषद के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने खटीमा व मसूरी कांड को राज्य आंदोलन के इतिहास का मील का पत्थर बताया। उन्होंने राज्य सरकार पर आंदोलनकारियों की उपेक्षा का आरोप भी लगाया।

sanjupahari

Can we plan something for 2OCt,
thnx

हेम पन्त

Sanju da, we are organizing a meet on 2nd oct. We are planning to go one step ahead this time. Not only a condolence will be held, we will also discuss about how we can spread the message and dreams of our martyrs to the new generataion...

Anubhav / अनुभव उपाध्याय

bilkul Hem bhai kuch decide hua hai to venue aur time ki info daalo.

Quote from: H.Pant on September 30, 2008, 10:30:42 AM
Sanju da, we are organizing a meet on 2nd oct. We are planning to go one step ahead this time. Not only a condolence will be held, we will also discuss about how we can spread the message and dreams of our martyrs to the new generataion...

एम.एस. मेहता /M S Mehta 9910532720


02 Oct is celeberated as Birthday of father of nation Matama Gandhi and late Prime Minister Lal Bahadur Shastri but for Uttarakhandi this day reminds as a Black day. On 02 Oct 1994 a tragic incident took place in Mujafarnagar where a lot of agitators were killed in police firing when they were going to delhi in connection with a separte state Uttarkahand.

There was lukewarm response all over the UK yesterday to remind those who sacrified their lives for separate state.

We should not forget the sacrification of those by virture of which we have got a new state.

हेम पन्त

मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर 1 व 2 अक्टूबर, 1994 की रात उत्तराखण्ड आन्दोलनकारियों पर गोलीकाण्ड की 15वीं बरसी के दिन कल २ अक्टूबर को दिल्ली में एक छोटी सी सभा का आयोजन किया गया. जिसमें आन्दोलन में सक्रिय भागीदारी करने वाले श्री चारु तिवारी जी ने आन्दोलन की तत्कालीन स्थिति के बारे में सभा में उपस्थित युवा लोगों को जानकारी दी. इस अवसर पर गैरसैण को उत्तराखण्ड की राजधानी बनाने की जरुरत पर भी गंभीरता से विचार किया गया.

यह भी निश्चय किया गया कि गैरसैण राजधानी और उत्तराखण्ड के शहीदों द्वारा दी गयी शहादतों के बारे में फोरम के माध्यम से विश्व में फैले उत्तराखण्ड समाज में जागरुकता फैलाने का प्रयास किया जायेगा.

Anubhav / अनुभव उपाध्याय


Anubhav / अनुभव उपाध्याय


Anubhav / अनुभव उपाध्याय

Dayal bhai harmonium pai Lashka Kamar baandha gaate hue: